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गरीबी सोने नहीं देता है क्या करना पड़ेगा क्या आप यूट्यूब पर जाकर मैसेज कर सकते हो गरीबी सोने नहीं देता है क्या करना पड़ेगा क्या आप यूट्यूब पर जाकर मैसेज कर सकते हो

5 hrs ago
user_Rajaram
Rajaram
Artist शेखोपुर सराय, शेखपुरा, बिहार•
5 hrs ago

गरीबी सोने नहीं देता है क्या करना पड़ेगा क्या आप यूट्यूब पर जाकर मैसेज कर सकते हो गरीबी सोने नहीं देता है क्या करना पड़ेगा क्या आप यूट्यूब पर जाकर मैसेज कर सकते हो

  • user_Rajaram
    Rajaram
    शेखोपुर सराय, शेखपुरा, बिहार
    hi
    3 hrs ago
  • user_Sharan Kumar
    Sharan Kumar
    Sheikhpura, Sheikhpura
    👏
    3 hrs ago
More news from बिहार and nearby areas
  • गरीबी सोने नहीं देता है क्या करना पड़ेगा क्या आप यूट्यूब पर जाकर मैसेज कर सकते हो
    1
    गरीबी सोने नहीं देता है क्या करना पड़ेगा क्या आप यूट्यूब पर जाकर मैसेज कर सकते हो
    user_Rajaram
    Rajaram
    Artist शेखोपुर सराय, शेखपुरा, बिहार•
    5 hrs ago
  • आधी रात छज्जू मोहल्ला में डकैती, महिला से मारपीट कर लाखों लूट! नकाबपोश बदमाशों का तांडव, CCTV में कैद डकै!!
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    आधी रात छज्जू मोहल्ला में डकैती, महिला से मारपीट कर लाखों लूट!
नकाबपोश बदमाशों का तांडव, CCTV में कैद डकै!!
    user_PRANSHI TV
    PRANSHI TV
    Media company बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    20 min ago
  • Post by VN News Bihar
    1
    Post by VN News Bihar
    user_VN News Bihar
    VN News Bihar
    Bihar Sharif, Nalanda•
    1 hr ago
  • बिहार: 700 गाड़ियां, 80 ड्रोन, लौंडा डांस, पोतों ने ऐसे निकाली दादी की शव यात्रा, ताकते रहे लोग मामला बिहार के भोजपुर जिले का है. शुक्रवार को यह शव यात्रा निकली थी. अब इसकी खूब चर्चा हो रही है. शव यात्रा घर से श्मशान घाट तक लगभग चार किलोमीटर लंबी थी. बिहार में एक ऐसी शव यात्रा निकली है कि यह चर्चा का विषय बन गया है. मामला भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के दिलमनपुर गांव का है. यहां बीते शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को 95 वर्षीय कौशल्या देवी के निधन के बाद पोतों ने उन्हें यादगार विदाई दी. इस अंतिम यात्रा में करीब 700 गाड़ियों का काफिला दिखा. 3500 लोगों की भीड़ शामिल हुई. कैंसर से जूझ रही थीं कौशल्या देवी बताया जाता है कि कौशल्या देवी करीब तीन साल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं. उनकी इच्छा थी कि उनकी अंतिम विदाई धूमधाम से हो. परिवार ने उनकी इसी इच्छा को पूरा करने का निर्णय लिया और शव यात्रा को अलग रूप दिया. चार किलोमीटर लंबी थी शव यात्रा यह शव यात्रा कौशल्या देवी के घर से श्मशान घाट तक लगभग चार किलोमीटर लंबी थी. इस दौरान पूरे रास्ते को फूलों से सजाया गया था. 30 से अधिक पिकअप वैन पर लाउडस्पीकर लगाए गए थे. 10 से अधिक डांसर और 30 से ज्यादा बैंड भी इस यात्रा का हिस्सा बने.
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    बिहार: 700 गाड़ियां, 80 ड्रोन, लौंडा डांस, पोतों ने ऐसे निकाली दादी की शव यात्रा, ताकते रहे लोग
मामला बिहार के भोजपुर जिले का है. शुक्रवार को यह शव यात्रा निकली थी. अब इसकी खूब चर्चा हो रही है. शव यात्रा घर से श्मशान घाट तक लगभग चार किलोमीटर लंबी थी.
बिहार में एक ऐसी शव यात्रा निकली है कि यह चर्चा का विषय बन गया है. मामला भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के दिलमनपुर गांव का है. यहां बीते शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को 95 वर्षीय कौशल्या देवी के निधन के बाद पोतों ने उन्हें यादगार विदाई दी. इस अंतिम यात्रा में करीब 700 गाड़ियों का काफिला दिखा. 3500 लोगों की भीड़ शामिल हुई. 
कैंसर से जूझ रही थीं कौशल्या देवी
बताया जाता है कि कौशल्या देवी करीब तीन साल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं. उनकी इच्छा थी कि उनकी अंतिम विदाई धूमधाम से हो. परिवार ने उनकी इसी इच्छा को पूरा करने का निर्णय लिया और शव यात्रा को अलग रूप दिया.
चार किलोमीटर लंबी थी शव यात्रा
यह शव यात्रा कौशल्या देवी के घर से श्मशान घाट तक लगभग चार किलोमीटर लंबी थी. इस दौरान पूरे रास्ते को फूलों से सजाया गया था. 30 से अधिक पिकअप वैन पर लाउडस्पीकर लगाए गए थे. 10 से अधिक डांसर और 30 से ज्यादा बैंड भी इस यात्रा का हिस्सा बने.
    user_Pooja pathak
    Pooja pathak
    BJP karyakrta Bihar Sharif, Nalanda•
    4 hrs ago
  • शीर्षक: शेखपुरा के चिवारा प्रखंड में सीओ ऑफिस की लापरवाही से जनता परेशान 📍 बिहार के शेखपुरा जिला के चिवारा प्रखंड स्थित सीओ ऑफिस में आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। 👉 ज़मीनी विवाद का मामला जनता दरबार में देने के बावजूद कागज गुम हो जाना बेहद चिंताजनक है। 👉 सीओ साहब द्वारा बार-बार “हो जाएगा” कहकर टालना और स्टाफ का समय पर उपस्थित न होना सिस्टम की कमजोरी दिखाता है। 👉 ऑफिस का टाइमिंग फिक्स नहीं है—स्टाफ 12 बजे या 1 बजे तक आते हैं, जिससे आम लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। 👉 उच्च अधिकारियों (ADM, DMO) से शिकायत करने के बावजूद कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। ⚠️ सवाल ये है: जब सरकार कहती है कि राजस्व विभाग में कोई भ्रष्टाचार नहीं है, तो ज़मीनी स्तर पर ये लापरवाही क्यों? 📢 हमारी मांग: ✔️ सीओ ऑफिस में समय पर स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए ✔️ जनता की शिकायतों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए ✔️ ज़मीनी विवादों का समय पर समाधान हो ✔️ दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई हो
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    शीर्षक: शेखपुरा के चिवारा प्रखंड में सीओ ऑफिस की लापरवाही से जनता परेशान
📍 बिहार के शेखपुरा जिला के चिवारा प्रखंड स्थित सीओ ऑफिस में आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
👉 ज़मीनी विवाद का मामला जनता दरबार में देने के बावजूद कागज गुम हो जाना बेहद चिंताजनक है।
👉 सीओ साहब द्वारा बार-बार “हो जाएगा” कहकर टालना और स्टाफ का समय पर उपस्थित न होना सिस्टम की कमजोरी दिखाता है।
👉 ऑफिस का टाइमिंग फिक्स नहीं है—स्टाफ 12 बजे या 1 बजे तक आते हैं, जिससे आम लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है।
👉 उच्च अधिकारियों (ADM, DMO) से शिकायत करने के बावजूद कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।
⚠️ सवाल ये है:
जब सरकार कहती है कि राजस्व विभाग में कोई भ्रष्टाचार नहीं है, तो ज़मीनी स्तर पर ये लापरवाही क्यों?
📢 हमारी मांग:
✔️ सीओ ऑफिस में समय पर स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए
✔️ जनता की शिकायतों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए
✔️ ज़मीनी विवादों का समय पर समाधान हो
✔️ दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई हो
    user_S.K SINGH
    S.K SINGH
    Medical Lab शेखपुरा, शेखपुरा, बिहार•
    4 hrs ago
  • Post by मिथिलेश कुमार
    1
    Post by मिथिलेश कुमार
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    शेखपुरा, शेखपुरा, बिहार•
    7 hrs ago
  • Happy to meet these youngsters in Kashi today morning.
    1
    Happy to meet these youngsters in Kashi today morning.
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    9 hrs ago
  • आपकी बात एक गंभीर और वास्तविक समस्या को उठाती है—किसानों पर कर्ज का बोझ और उससे जुड़ी कानूनी व प्रशासनिक परेशानियाँ। लेकिन एक बात साफ करना जरूरी है: बड़े उद्योगपतियों और किसानों के मामलों में कानून अलग नहीं होता, फर्क अक्सर प्रक्रिया, संसाधन और पहुंच का होता है। इसलिए समाधान भावनात्मक अपील के साथ-साथ व्यावहारिक होना चाहिए। आप जो मांग रख रहे हैं—पंचायत स्तर पर समाधान तंत्र—यह काफी मजबूत और ज़मीन से जुड़ा आइडिया है। इसे थोड़ा व्यवस्थित तरीके से रखा जाए तो सरकार पर प्रभाव भी ज्यादा पड़ेगा। आपकी बात को मजबूत रूप में ऐसे पेश किया जा सकता है: मुख्य समस्या: समय पर कर्ज न चुकाने पर किसानों को नोटिस, कुर्की/जब्ती का डर अदालतों में भीड़ और खराब व्यवहार गरीब किसान के पास कानूनी लड़ाई लड़ने के साधन नहीं मांग/समाधान: पंचायत स्तर पर “किसान कर्ज समाधान समिति” बने जिसमें पंचायत प्रतिनिधि, बैंक अधिकारी और प्रशासन शामिल हों छोटे किसानों के लिए कर्ज पुनर्गठन (Loan Restructuring) आसान किस्तें, समय बढ़ाना किसानों के लिए लोक अदालत/कैम्प कोर्ट पंचायत में ही लगे ताकि उन्हें जिला कोर्ट के चक्कर न काटने पड़ें कर्ज माफी या राहत योजना (जरूरतमंद किसानों के लिए) बैंक और प्रशासन को मानवीय व्यवहार का निर्देश पोस्टर/अपील के लिए दमदार लाइनें: हेडलाइन: 👉 "किसान पर कर्ज का बोझ क्यों? समाधान पंचायत स्तर पर हो!" सबहेडिंग: 👉 "नोटिस और जब्ती नहीं, सम्मान और समाधान चाहिए!" मुख्य लाइन: 👉 "किसान खुशहाल होगा तभी भारत खुशहाल होगा" अपील: 👉 "बिहार सरकार और भारत सरकार से मांग – हर पंचायत में किसान कर्ज समाधान समिति बनाई जाए"
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    आपकी बात एक गंभीर और वास्तविक समस्या को उठाती है—किसानों पर कर्ज का बोझ और उससे जुड़ी कानूनी व प्रशासनिक परेशानियाँ। लेकिन एक बात साफ करना जरूरी है: बड़े उद्योगपतियों और किसानों के मामलों में कानून अलग नहीं होता, फर्क अक्सर प्रक्रिया, संसाधन और पहुंच का होता है। इसलिए समाधान भावनात्मक अपील के साथ-साथ व्यावहारिक होना चाहिए।
आप जो मांग रख रहे हैं—पंचायत स्तर पर समाधान तंत्र—यह काफी मजबूत और ज़मीन से जुड़ा आइडिया है। इसे थोड़ा व्यवस्थित तरीके से रखा जाए तो सरकार पर प्रभाव भी ज्यादा पड़ेगा।
आपकी बात को मजबूत रूप में ऐसे पेश किया जा सकता है:
मुख्य समस्या:
समय पर कर्ज न चुकाने पर किसानों को नोटिस, कुर्की/जब्ती का डर
अदालतों में भीड़ और खराब व्यवहार
गरीब किसान के पास कानूनी लड़ाई लड़ने के साधन नहीं
मांग/समाधान:
पंचायत स्तर पर “किसान कर्ज समाधान समिति” बने
जिसमें पंचायत प्रतिनिधि, बैंक अधिकारी और प्रशासन शामिल हों
छोटे किसानों के लिए कर्ज पुनर्गठन (Loan Restructuring)
आसान किस्तें, समय बढ़ाना
किसानों के लिए लोक अदालत/कैम्प कोर्ट पंचायत में ही लगे
ताकि उन्हें जिला कोर्ट के चक्कर न काटने पड़ें
कर्ज माफी या राहत योजना (जरूरतमंद किसानों के लिए)
बैंक और प्रशासन को मानवीय व्यवहार का निर्देश
पोस्टर/अपील के लिए दमदार लाइनें:
हेडलाइन: 👉 "किसान पर कर्ज का बोझ क्यों? समाधान पंचायत स्तर पर हो!"
सबहेडिंग: 👉 "नोटिस और जब्ती नहीं, सम्मान और समाधान चाहिए!"
मुख्य लाइन: 👉 "किसान खुशहाल होगा तभी भारत खुशहाल होगा"
अपील: 👉 "बिहार सरकार और भारत सरकार से मांग – हर पंचायत में किसान कर्ज समाधान समिति बनाई जाए"
    user_S.K SINGH
    S.K SINGH
    Medical Lab शेखपुरा, शेखपुरा, बिहार•
    5 hrs ago
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