रीवा में आज हुई अतिवृष्टि एवं राहत कार्यों की समीक्षा उपरांत माननीय मुख्य मंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा निम्न निर्देश दिए गए :- बाढ़ राहत जहां अभी भी बाढ़ का पानी है वहां राहत कैंप अच्छी तरह से संचालित किए जाएं। राहत कैंपों में समुचित मात्रा में खाद्य सामग्री, पीने के पानी एवं चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करें। यदि लोगों का खाने पीने का सामान, घर इत्यादि नष्ट हो गए हों उन्हें तत्काल आरबीसी 64 के तहत सहायता उपलब्ध कराएं। शिविरों में साफ सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाए। जहां बाढ़ का पानी उतर गया है वहां शासकीय अमले को भेजें, लोगों को खाने-पीने की किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। पीने के पानी की शुद्धता के लिए सभी जल स्रोतों एवं हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर इत्यादि से क्लोरिनेशन कराएं। ऐसे सभी गांव में और नगरी क्षेत्र के वार्डों में जहां बाढ़ का प्रकोप रहा है वहां विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करें। बुखार एवं सर्दी जुकाम के मरीज को भी गंभीरता से लिया जाए, किसी तरह की महामारी की स्थिति निर्मित ना हो। जिन गांवों में अति वर्षा से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई हो उसे तत्काल बहाल करें। पशु चिकित्सा विभाग को भी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में जानवरों के इलाज में भेजें, किसी तरह की महामारी नहीं फैलनी चाहिए और यदि पशुओं की मृत्यु हुई हो तो उनका वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोजल करें। गौशालाओं इत्यादि में पशुओं के खाने-पीने एवं चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। यदि फसल क्षति की सूचना हो तो वहां तत्काल सर्वे कराएं। यदि बुवाई वगैरा प्रारंभिक अवस्था में हो तो उसके नष्ट होने पर बीज इत्यादि की व्यवस्था करें। राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, चिकित्सा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, कृषि विभाग इत्यादि के अधिकारी एवं कर्मचारियों को उनके कार्य स्थल/फील्ड में रहना सुनिश्चित करवाएं। इनके दल बनाकर प्रभावित क्षेत्रों में भेजें। सभी नगरी निकायों एवं गांव में साफ सफाई का एक विशेष अभियान प्रारंभ करें ताकि किसी तरह की बीमारी न फैले।
रीवा में आज हुई अतिवृष्टि एवं राहत कार्यों की समीक्षा उपरांत माननीय मुख्य मंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा निम्न निर्देश दिए गए :- बाढ़ राहत जहां अभी भी बाढ़ का पानी है वहां राहत कैंप अच्छी तरह से संचालित किए जाएं। राहत कैंपों में समुचित मात्रा में खाद्य सामग्री, पीने के पानी एवं चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करें। यदि लोगों का खाने पीने का सामान, घर इत्यादि नष्ट हो गए हों उन्हें तत्काल आरबीसी 64 के तहत सहायता उपलब्ध कराएं। शिविरों में साफ सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाए। जहां बाढ़ का पानी उतर गया है वहां शासकीय अमले को भेजें, लोगों को खाने-पीने की किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। पीने के पानी की शुद्धता के लिए सभी जल स्रोतों एवं हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर इत्यादि से क्लोरिनेशन कराएं। ऐसे सभी गांव में और नगरी क्षेत्र के वार्डों में जहां बाढ़ का प्रकोप रहा है वहां विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करें। बुखार एवं सर्दी जुकाम के मरीज को भी गंभीरता से लिया जाए, किसी तरह की महामारी की स्थिति निर्मित ना हो। जिन गांवों में अति वर्षा से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई हो उसे तत्काल बहाल करें। पशु चिकित्सा विभाग को भी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में जानवरों के इलाज में भेजें, किसी तरह की महामारी नहीं फैलनी चाहिए और यदि पशुओं की मृत्यु हुई हो तो उनका वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोजल करें। गौशालाओं इत्यादि में पशुओं के खाने-पीने एवं चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। यदि फसल क्षति की सूचना हो तो वहां तत्काल सर्वे कराएं। यदि बुवाई वगैरा प्रारंभिक अवस्था में हो तो उसके नष्ट होने पर बीज इत्यादि की व्यवस्था करें। राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, चिकित्सा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, कृषि विभाग इत्यादि के अधिकारी एवं कर्मचारियों को उनके कार्य स्थल/फील्ड में रहना सुनिश्चित करवाएं। इनके दल बनाकर प्रभावित क्षेत्रों में भेजें। सभी नगरी निकायों एवं गांव में साफ सफाई का एक विशेष अभियान प्रारंभ करें ताकि किसी तरह की बीमारी न फैले।
- सीएम हेल्पलाइन में सभी विभाग ए ग्रेड में आना सुनिश्चित करें- कलेक्टर === आवेदनों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें तथा गलत जवाब नहीं भरें === कलेक्टर ने की सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा पत्रों की समीक्षा ==== 50 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश ==== सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के दिए निर्देश शहडोल 24 अगस्त 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में आयोजित बैठक में सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा के लंबित पत्रों की विभागवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 100 दिवस या उससे अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बी, सी एवं डी ग्रेड में आने वाले विभाग प्रकरणों के निराकरण करने में तेजी लाएं तथा ए गेड में आना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने वाणिज्यककर विभाग, लोक निर्माण विभाग, जनजातीय कार्य विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कहा कि जिन विभागों में 50 दिवस से अधिक समय से शिकायतें लंबित हैं, उनके विभाग प्रमुख स्वयं नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें तथा शिकायतों के निराकरण संबंधी जवाब एल-1 अधिकारी के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत अनअटेंडेड नहीं रहनी चाहिए तथा प्रत्येक शिकायत का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समय-सीमा के पत्रों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी आकांक्षा पोर्टल में एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से जवाब दर्ज कराएं। इसी तरह सीएम हाउस मॉनिट, सीएम मॉनिट तथा विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों का जवाब समय-सीमा में प्रस्तुत किया जाए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, श्रीमती मिनिषा पाण्डेय, एसडीएम जयसिंहनगर सुश्री काजोल सिंह, एसडीएम श्रीमती अमृता गर्ग, एसडीएम ब्योहारी सुश्री अर्चना मिश्रा, एसडीएम जैतपुर श्री दीपक मंडावी, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरे, श्रीमती अन्तोनिआ एक्का, श्री अंकित ऊके सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। सीएम हेल्पलाइन में सभी विभाग ए ग्रेड में आना सुनिश्चित करें- कलेक्टर === आवेदनों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें तथा गलत जवाब नहीं भरें === कलेक्टर ने की सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा पत्रों की समीक्षा ==== 50 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश ==== सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के दिए निर्देश शहडोल 24 अगस्त 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में आयोजित बैठक में सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा के लंबित पत्रों की विभागवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 100 दिवस या उससे अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बी, सी एवं डी ग्रेड में आने वाले विभाग प्रकरणों के निराकरण करने में तेजी लाएं तथा ए गेड में आना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने वाणिज्यककर विभाग, लोक निर्माण विभाग, जनजातीय कार्य विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कहा कि जिन विभागों में 50 दिवस से अधिक समय से शिकायतें लंबित हैं, उनके विभाग प्रमुख स्वयं नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें तथा शिकायतों के निराकरण संबंधी जवाब एल-1 अधिकारी के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत अनअटेंडेड नहीं रहनी चाहिए तथा प्रत्येक शिकायत का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समय-सीमा के पत्रों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी आकांक्षा पोर्टल में एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से जवाब दर्ज कराएं। इसी तरह सीएम हाउस मॉनिट, सीएम मॉनिट तथा विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों का जवाब समय-सीमा में प्रस्तुत किया जाए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, श्रीमती मिनिषा पाण्डेय, एसडीएम जयसिंहनगर सुश्री काजोल सिंह, एसडीएम श्रीमती अमृता गर्ग, एसडीएम ब्योहारी सुश्री अर्चना मिश्रा, एसडीएम जैतपुर श्री दीपक मंडावी, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरे, श्रीमती अन्तोनिआ एक्का, श्री अंकित ऊके सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।1
- अमलाई पुलिस को मिली बड़ी सफलता: सूने मकान में ताला तोड़कर चोरी करने वाले 3 शातिर चोर गिरफ्तार, शत-प्रतिशत माल बरामद शहडोल (अमलाई)। शहडोल पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर रोकथाम और अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अमलाई पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 48 घंटे के भीतर एक सूने मकान में हुई चोरी का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ताला तोड़कर उड़ा ले गए थे टीवी, इन्वर्टर और बर्तन घटना 23 अगस्त 2026 की दरमियानी रात की है, जहां अमलाई थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 10 (टंडन दफाई) स्थित एक मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने एल.ई.डी. टीवी, इन्वर्टर, बैटरी और घरेलू बर्तन सहित लगभग ₹35,000 मूल्य के सामान पर हाथ साफ कर दिया था। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तत्काल विवेचना शुरू की। घेराबंदी कर पकड़े गए तीनों आरोपी विवेचना के दौरान मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने 25 अगस्त 2026 को वार्ड क्रमांक 13, अमराडाण्डी निवासी तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उनके कब्जे से चोरी गया शत-प्रतिशत मशरूका बरामद कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण: राहुल चौधरी (35 वर्ष), पिता- राजेश चौधरी सूरज दीवान (24 वर्ष), पिता- रामराज दीवान रवि सिंह (24 वर्ष), पिता- फूल सिंह (तीनों निवासी: वार्ड क्रमांक 13, अमराडाण्डी, थाना अमलाई, जिला शहडोल) आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस त्वरित और सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी अमलाई के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक जयवेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक पुष्पेन्द्र सिंह एवं प्रधान आरक्षक मुकेश कुमार की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।1
- थाना अमलाई पुलिस को बड़ी सफलता: चोरी का किया खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार, 35 हजार का मशरूका बरामद शहडोल/अमलाई । पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना अमलाई पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना अमलाई क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 10, टंडन दफाई स्थित एक मकान में दिनांक 23/08/2026 की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर घर में रखे एल.ई.डी. टीवी, इन्वर्टर, बैटरी एवं घरेलू बर्तन सहित करीब 35,000 रुपये का सामान चोरी कर लिया था। मामले में फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अमलाई में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान मुखबिर की सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पतासाजी करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को दिनांक 25/08/2026 को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी: राहुल चौधरी पिता राजेश चौधरी, उम्र 35 वर्ष सूरज दीवान पिता रामराज दीवान, उम्र 24 वर्ष रवि सिंह पिता फूल सिंह, उम्र 24 वर्ष तीनों निवासी - वार्ड क्रमांक 13, अमराडण्डी, थाना अमलाई, जिला शहडोल आरोपियों के कब्जे से चोरी गया सम्पूर्ण मशरूका बरामद कर लिया गया है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। उक्त कार्यवाही थाना प्रभारी अमलाई भूपेंद्र मणी पांडे के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक जयवेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक पुषेन्द्र सिंह एवं प्रधान आरक्षक मुकेश कुमार की सराहनीय भूमिका रही।2
- बिरसिंहपुर पाली, जिला उमरिया में खरीफ फसल सीजन में मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय किसान उत्पादक संगठन बिरसिंहपुर पाली द्वारा किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामला पाली तहसील के बिरसिंहपुर स्थित मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय, किसान उत्पादक संगठन (FPO) का है। जहां किसानों से 267 रुपये की यूरिया बोरी के एवज में जबरन 733 रुपये की जिंक और कुल 1000 रुपये वसूले जाने की शिकायत किसानों ने प्रशासन से की थी। किसानों का आरोप है कि जब वे यूरिया लेने केन्द्र पर पहुंचते हैं तो संचालक द्वारा कहा जाता है कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है। बिना जिंक के यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसानों जिंक लेना पड़ रहा है पढ़ रहा है और जिंक का पैकेट लेने के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि उनके खेतों में जिंक की कोई जरूरत नहीं है इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मामले की शिकायत कुछ किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसील कार्यालय में की थी। इसके अलावा जान दुनिया पेपर में इसका प्रकाशन भी किया गया था शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज पाली तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मां बिरासिनी खाद बीज भंडार बिरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, रेट लिस्ट और खाद के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान ना तो स्टॉक की जानकारी दी गई ना तो किसानों की गिनती बताई गई नाही रजिस्टर में किसानों का सही दिनांक और नाम एंट्री पाया गया कई अनियमितताएं सामने आने की बात पाई गई तहसीलदार एवं पटवारी फोन के माध्यम से किसानों के बयान भी दर्ज किए। बयान उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है वहां पर कुछ किसान उपस्थित की थी जिन्होंने अपना लिखित बयान दर्ज करवाया पंचनामा बनवाया कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही को 26. 8.2026 दिन बुधवार के लिए आगे कर दी गई तहसीलदार द्वारा कृषि विभाग के उपसंचालक से फोन द्वारा यह भी कहा गया कि कल जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनके द्वारा बिरसिंहपुर पाली की सभी दुकान एवं उनके द्वारा बनाए गए गोदाम की लिस्ट उपस्थित करने के लिए कहा गया और नयब तहसीलदार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी कि 267 रुपये की यूरिया के साथ जिंक का पैकेट टैगिंग कर 1000 रुपये में बेचा जा रहा है। मौके पर जांच की गई है। टैगिंग और अधिक दर पर बिक्री का मामला सही पाया गया है कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कल आएंगे और उनके द्वारा इनकी दुकान का लाइसेंस गोदाम की जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित भंडार संचालक और एफपीओ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक दाम लिया जाता है तो तत्काल तहसील कार्यालय या कृषि विभाग को सूचना दें। वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस बिरसिंहपुर पाली, जिला उमरिया में खरीफ फसल सीजन में मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय किसान उत्पादक संगठन बिरसिंहपुर पाली द्वारा किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामला पाली तहसील के बिरसिंहपुर स्थित मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय, किसान उत्पादक संगठन (FPO) का है। जहां किसानों से 267 रुपये की यूरिया बोरी के एवज में जबरन 733 रुपये की जिंक और कुल 1000 रुपये वसूले जाने की शिकायत किसानों ने प्रशासन से की थी। किसानों का आरोप है कि जब वे यूरिया लेने केन्द्र पर पहुंचते हैं तो संचालक द्वारा कहा जाता है कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है। बिना जिंक के यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसानों जिंक लेना पड़ रहा है पढ़ रहा है और जिंक का पैकेट लेने के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि उनके खेतों में जिंक की कोई जरूरत नहीं है इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मामले की शिकायत कुछ किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसील कार्यालय में की थी। इसके अलावा जान दुनिया पेपर में इसका प्रकाशन भी किया गया था शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज पाली तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मां बिरासिनी खाद बीज भंडार बिरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, रेट लिस्ट और खाद के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान ना तो स्टॉक की जानकारी दी गई ना तो किसानों की गिनती बताई गई नाही रजिस्टर में किसानों का सही दिनांक और नाम एंट्री पाया गया कई अनियमितताएं सामने आने की बात पाई गई तहसीलदार एवं पटवारी फोन के माध्यम से किसानों के बयान भी दर्ज किए। बयान उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है वहां पर कुछ किसान उपस्थित की थी जिन्होंने अपना लिखित बयान दर्ज करवाया पंचनामा बनवाया कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही को 26. 8.2026 दिन बुधवार के लिए आगे कर दी गई तहसीलदार द्वारा कृषि विभाग के उपसंचालक से फोन द्वारा यह भी कहा गया कि कल जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनके द्वारा बिरसिंहपुर पाली की सभी दुकान एवं उनके द्वारा बनाए गए गोदाम की लिस्ट उपस्थित करने के लिए कहा गया और नयब तहसीलदार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी कि 267 रुपये की यूरिया के साथ जिंक का पैकेट टैगिंग कर 1000 रुपये में बेचा जा रहा है। मौके पर जांच की गई है। टैगिंग और अधिक दर पर बिक्री का मामला सही पाया गया है कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कल आएंगे और उनके द्वारा इनकी दुकान का लाइसेंस गोदाम की जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित भंडार संचालक और एफपीओ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक दाम लिया जाता है तो तत्काल तहसील कार्यालय या कृषि विभाग को सूचना दें। वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस4
- लोकेशन जिला उमरिया*जिले के समस्त महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था ठप* *कॉलेज बस संचालन की मांग बढ़े बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान* *भारी छात्र-छात्राओं के साथ NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा—शिक्षकों की कमी से लेकर भवन और मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल व्यवस्था से हो रहे परेशान*3
- जेन अल्फा का अनोखा विरोध,स्कूल ड्रेस में कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे, बोले सड़क चाहिए उमरिया। हाथों में किताबें, शरीर पर स्कूल की ड्रेस और मन में पढ़ाई का सपना लेकर पटपरिहाटोला के बच्चे मंगलवार को स्कूल की जगह कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यह कोई छुट्टी या शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि अपने गांव की सड़क की समस्या को लेकर जेन अल्फा की सीधी दस्तक थी। बच्चों ने कलेक्टर राखी सहाय से मुलाकात कर कहा कि बारिश में कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, इसलिए गांव से हाईस्कूल तक पक्की सड़क बनवाई जाए। किताबों से पहले सड़क की चिंता जनपद पंचायत करकेली के ग्राम पंचायत बड़ागांव अंतर्गत पटपरिहाटोला में बारिश के दौरान कच्चा रास्ता बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। पानी और कीचड़ से रास्ता भर जाने के कारण कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। स्कूल ड्रेस खराब होने और चोट लगने के डर से कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते। छात्रा राशि पाल ने बताया कि बरसात में रास्ते की हालत इतनी खराब हो जाती है कि स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। कई बार ड्रेस खराब होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है। इसका सीधा असर उनकी स्कूल उपस्थिति और पढ़ाई पर पड़ रहा है। 'गिरते हैं, चोट भी लगती है' छात्र रविंद्र सोनी ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण कई बार बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बारिश के दिनों में स्कूल पहुंचना सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की। 2.5 किलोमीटर सड़क के लिए आवाज ग्रामीणों के अनुसार NH-43 मसूरपानी रोड से मदन सोलंकी के घर होते हुए पटपरिहाटोला से हाईस्कूल तक करीब 2.5 किलोमीटर पक्की सड़क की जरूरत है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का सर्वे कराया जा चुका है। ग्रामीण वर्ष 2023 से इस सड़क की मांग कर रहे हैं। कलेक्टर ने कहा, प्रस्ताव भोपाल भेजा कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि बच्चे सड़क सहित विद्यालय की अन्य समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट आए थे। विद्यालय से जुड़ी समस्याओं को जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया है। सड़क का सर्वे पहले ही कराया जा चुका है और निर्माण का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने तक बच्चों को परेशानी से बचाने के लिए सड़क पर अस्थायी व्यवस्था कराई जाएगी। जेन अल्फा ने दिखाया अपना अंदाज पटपरिहाटोला के बच्चों का कलेक्ट्रेट पहुंचना इस बात का संकेत भी है कि नई पीढ़ी अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक हो रही है। इन बच्चों ने शिकायत सिर्फ कागज पर नहीं छोड़ी, बल्कि खुद प्रशासन तक पहुंचकर अपनी बात रखी। अब बच्चों को इंतजार है कि जिस सड़क के लिए उन्होंने आवाज उठाई है, वह कब उनके स्कूल जाने का आसान रास्ता बनेगी।4
- पीएम आवास निर्माण के रूके कार्यो की पूर्णता के प्रभावी प्रयास सुनिश्चित करने सीईओ जिला पंचायत ने दिए निर्देश अनूपपुर - सीएम हेल्पलाइन शिकायतो के संतुष्टि से निराकरण के संबंध में जिला पंचायत सीईओ ने दिए निर्देश जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस एवं जनमन आवासों के रुके हुए निमार्ण की पूर्णता के संबंध में समीक्षा कर कार्यो में प्रगति लाकर आवास पूर्णता के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला पंचायत सभागार में आवास निर्माण की पीसीओ कलस्टर वार समीक्षा करते हुए एक-एक कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। जिला पंचायत सीईओ ने सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत लंबित शिकायतों के निराकरण की समीक्षा करते हुए पंचायत समन्वयक अधिकारियों को प्रकरणों का संतुष्टि पूर्वक निराकरण करने तथा शिकायतों के कारणो में जाकर समस्याओं का निदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पंचायत समन्वयक अधिकारियों को अपने कलस्टर की ग्राम पंचायतो के कार्यों का पर्यवेक्षण कर जन समस्याओं का निराकरण प्रभावी रूप से करने के निर्देश दिए हैं उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान- 2026 की मूल भावना के अनुसार कार्य कर बेहतर परिणाम परिलक्षित करें। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत को नल जल योजनाओं के संचालन, संधारण, प्रबंधन की जिम्मेदारी शासन द्वारा दी गई है इसके अनुरूप समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ग्राम पंचायत क्षेत्र की सड़कों के रखरखाव के लिए आवश्यक कार्य करने के भी निर्देश दिए है।1
- रीवा में आज हुई अतिवृष्टि एवं राहत कार्यों की समीक्षा उपरांत माननीय मुख्य मंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा निम्न निर्देश दिए गए :- बाढ़ राहत जहां अभी भी बाढ़ का पानी है वहां राहत कैंप अच्छी तरह से संचालित किए जाएं। राहत कैंपों में समुचित मात्रा में खाद्य सामग्री, पीने के पानी एवं चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करें। यदि लोगों का खाने पीने का सामान, घर इत्यादि नष्ट हो गए हों उन्हें तत्काल आरबीसी 64 के तहत सहायता उपलब्ध कराएं। शिविरों में साफ सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाए। जहां बाढ़ का पानी उतर गया है वहां शासकीय अमले को भेजें, लोगों को खाने-पीने की किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। पीने के पानी की शुद्धता के लिए सभी जल स्रोतों एवं हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर इत्यादि से क्लोरिनेशन कराएं। ऐसे सभी गांव में और नगरी क्षेत्र के वार्डों में जहां बाढ़ का प्रकोप रहा है वहां विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करें। बुखार एवं सर्दी जुकाम के मरीज को भी गंभीरता से लिया जाए, किसी तरह की महामारी की स्थिति निर्मित ना हो। जिन गांवों में अति वर्षा से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई हो उसे तत्काल बहाल करें। पशु चिकित्सा विभाग को भी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में जानवरों के इलाज में भेजें, किसी तरह की महामारी नहीं फैलनी चाहिए और यदि पशुओं की मृत्यु हुई हो तो उनका वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोजल करें। गौशालाओं इत्यादि में पशुओं के खाने-पीने एवं चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। यदि फसल क्षति की सूचना हो तो वहां तत्काल सर्वे कराएं। यदि बुवाई वगैरा प्रारंभिक अवस्था में हो तो उसके नष्ट होने पर बीज इत्यादि की व्यवस्था करें। राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, चिकित्सा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, कृषि विभाग इत्यादि के अधिकारी एवं कर्मचारियों को उनके कार्य स्थल/फील्ड में रहना सुनिश्चित करवाएं। इनके दल बनाकर प्रभावित क्षेत्रों में भेजें। सभी नगरी निकायों एवं गांव में साफ सफाई का एक विशेष अभियान प्रारंभ करें ताकि किसी तरह की बीमारी न फैले।1