दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) के विभिन्न यूनिटों — मैथन, चंद्रपुरा, हजारीबाग, मयजिया, बोकारो और दुर्गापुर सहित अन्य क्षेत्रों के कैजुअल कर्मी अपनी जायज़ मांगों को लेकर 22 जून 2026 से चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं। आंदोलनकारियों में अकेले मैथन यूनिट से 200 से अधिक कैजुअल कर्मी शामिल हैं, जो 'समान काम का समान वेतन' दिए जाने की मांग कर रहे हैं। धरनारत कर्मियों का कहना है कि वे वर्षों से स्थायी प्रकृति के कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें थर्मल वेज बोर्ड के प्रावधानों के अनुसार वेतनमान एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं। कर्मियों ने आरोप लगाया है कि डीवीसी वर्तमान में कैजुअल कर्मचारियों को मात्र 18 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान कर रहा है, जो बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की आवश्यकताओं को देखते हुए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने इस स्थिति को वर्षों से चला आ रहा आर्थिक और सामाजिक शोषण बताया है। आंदोलनकारी कर्मियों का कहना है कि जब देश के अन्य क्षेत्रों में कर्मचारियों को बेहतर वेतनमान और सुविधाएं मिल रही हैं, तो डीवीसी के कैजुअल कर्मियों को भी सम्मानजनक वेतन और उचित अधिकार मिलने चाहिए। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन से जल्द वार्ता कर उनकी मांगों का समाधान करने की अपील की है।
दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) के विभिन्न यूनिटों — मैथन, चंद्रपुरा, हजारीबाग, मयजिया, बोकारो और दुर्गापुर सहित अन्य क्षेत्रों के कैजुअल कर्मी अपनी जायज़ मांगों को लेकर 22 जून 2026 से चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं। आंदोलनकारियों
में अकेले मैथन यूनिट से 200 से अधिक कैजुअल कर्मी शामिल हैं, जो 'समान काम का समान वेतन' दिए जाने की मांग कर रहे हैं। धरनारत कर्मियों का कहना है कि वे वर्षों से स्थायी प्रकृति के कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं,
लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें थर्मल वेज बोर्ड के प्रावधानों के अनुसार वेतनमान एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं। कर्मियों ने आरोप लगाया है कि डीवीसी वर्तमान में कैजुअल
कर्मचारियों को मात्र 18 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान कर रहा है, जो बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की आवश्यकताओं को देखते हुए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने इस स्थिति को वर्षों से चला आ रहा आर्थिक और सामाजिक शोषण बताया है।
आंदोलनकारी कर्मियों का कहना है कि जब देश के अन्य क्षेत्रों में कर्मचारियों को बेहतर वेतनमान और सुविधाएं मिल रही हैं, तो डीवीसी के कैजुअल कर्मियों को भी सम्मानजनक वेतन और उचित अधिकार मिलने चाहिए। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक
उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन से जल्द वार्ता कर उनकी मांगों का समाधान करने की अपील की है।
- धनबाद के गोविंदपुर स्थित लक्ष्मी नर्सिंग होम में एक नवजात शिशु की मां के गर्भ में ही मृत्यु होने के बाद जमकर हंगामा हुआ। आज सुबह नवजात की मृत्यु की खबर मिलने पर परिजनों और आसपास के ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में इकट्ठा होकर अस्पताल प्रबंधन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया। डॉ. अंजना इस नर्सिंग होम में कार्यरत बताई जा रही हैं। परिजनों का कहना है कि कल शाम तक बच्चा पूरी तरह से ठीक था, लेकिन अचानक आज सुबह उसकी मौत की खबर मिली। उन्होंने इसे सीधे तौर पर डॉक्टर और नर्सिंग होम की लापरवाही का नतीजा बताया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी इसी अस्पताल में एक महिला की मृत्यु पर लापरवाही के इल्जाम लग चुके हैं, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। बार-बार इस तरह की घटनाओं से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने माननीय स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर डॉक्टर की डिग्री की जांच कराने की मांग की है।4
- KCNTVINDIA ने शिशीर कुमार मिश्रा द्वारा प्रस्तुत एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट जारी की है।1
- धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने का दिशा-निर्देश दिया है।1
- जनता दरबार के दौरान, डीसी ने आम लोगों की जनसमस्याओं को सुना। इस पहल के परिणामस्वरूप, कई मामलों का मौके पर ही त्वरित निष्पादन किया गया।1
- आकाशीय बिजली के कहर के कारण एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसमें वज्रपात की चपेट में आने से दो मवेशियों की मौत हो गई। इस घटना के चलते एक किसान को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।1
- धनबाद में 100 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 8 लेन सड़क इस समय बेहद बदहाल स्थिति में है। इस महत्वपूर्ण मार्ग पर बनी स्ट्रीट लाइटें भी पूरी तरह से बंद पड़ी हैं, जिससे सड़क की मौजूदा खराब हालत और भी गंभीर हो गई है।1
- दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) के विभिन्न यूनिटों — मैथन, चंद्रपुरा, हजारीबाग, मयजिया, बोकारो और दुर्गापुर सहित अन्य क्षेत्रों के कैजुअल कर्मी अपनी जायज़ मांगों को लेकर 22 जून 2026 से चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं। आंदोलनकारियों में अकेले मैथन यूनिट से 200 से अधिक कैजुअल कर्मी शामिल हैं, जो 'समान काम का समान वेतन' दिए जाने की मांग कर रहे हैं। धरनारत कर्मियों का कहना है कि वे वर्षों से स्थायी प्रकृति के कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें थर्मल वेज बोर्ड के प्रावधानों के अनुसार वेतनमान एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं। कर्मियों ने आरोप लगाया है कि डीवीसी वर्तमान में कैजुअल कर्मचारियों को मात्र 18 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान कर रहा है, जो बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की आवश्यकताओं को देखते हुए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने इस स्थिति को वर्षों से चला आ रहा आर्थिक और सामाजिक शोषण बताया है। आंदोलनकारी कर्मियों का कहना है कि जब देश के अन्य क्षेत्रों में कर्मचारियों को बेहतर वेतनमान और सुविधाएं मिल रही हैं, तो डीवीसी के कैजुअल कर्मियों को भी सम्मानजनक वेतन और उचित अधिकार मिलने चाहिए। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन से जल्द वार्ता कर उनकी मांगों का समाधान करने की अपील की है।6
- झारखंड के जामताड़ा जिले में एक व्यक्ति द्वारा पिस्तौल तानकर आतंक मचाने और एक युवक की जान लेने की कोशिश किए जाने की घटना सामने आई है। इस प्रयास के कारण पूरे इलाके में सनसनी और दहशत का माहौल फैल गया है।1