प्रार्थी के साथ रास्ते मे रोककर लूटपाट व मारपीट करने के क्रम मे तथा जाति सूचक शब्दो से अपमानित करने प्रार्थी के साथ रास्ते मे रोककर लूटपाट व मारपीट करने के क्रम मे तथा जाति सूचक शब्दो से अपमानित करने बाढ मिलकपुर थाना सदर गंगापुर सिटी का रहने वाला है दिनांक 04/03/2026 को सांय 4 बजे गांव से अपनी बच्ची को लेने तलावडा महात्मा गांधी स्कूल मे गया था रास्ते मे एकान्त मे विक्रम पुत्र सुरज्ञान, प्रेमसिंह पुत्र मोहनलाल, सुखराम पुत्र कैलाश, निवासी जयसिंहपुरा थाना सदर गंगापुर सिटी व 8-10 अन्य व्यक्तियो ने घेर लिया, मोबाईल छीन लिया सोने की अंगूठी लूट ली तथा चाकू से सीधे पैर के टकने मे तथा सीधे हाथ की बीच वाली अंगूली मे चाकू से मारी तथा जाति सूचक शब्दो से अपमानित कर ढेड चमार कहकर, गाली गलौच कर भाग गये। मै जान बचाकर तलावडा चौकी गया जहां से सदर थाने जाने : को कहा मै सीधे सदर थाना पहुँचा तो मेरी रिपोर्ट लेकर रख ली जिसे अभी तक दर्ज नही की ना ही मेरा मेडिकल कराया गया फिर रात्री 10 बजे मेरा मोबाईल इन्ही मे से कुछछ आरोपी मेरे घर पर फेक गये। व रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की
प्रार्थी के साथ रास्ते मे रोककर लूटपाट व मारपीट करने के क्रम मे तथा जाति सूचक शब्दो से अपमानित करने प्रार्थी के साथ रास्ते मे रोककर लूटपाट व मारपीट करने के क्रम मे तथा जाति सूचक शब्दो से अपमानित करने बाढ मिलकपुर थाना सदर गंगापुर सिटी का रहने वाला है दिनांक 04/03/2026 को सांय 4 बजे गांव से अपनी बच्ची को लेने तलावडा महात्मा गांधी स्कूल मे गया था रास्ते मे एकान्त मे विक्रम पुत्र सुरज्ञान, प्रेमसिंह पुत्र मोहनलाल, सुखराम पुत्र कैलाश, निवासी जयसिंहपुरा थाना सदर गंगापुर सिटी व 8-10 अन्य व्यक्तियो ने घेर लिया, मोबाईल छीन लिया सोने की अंगूठी लूट ली तथा चाकू से सीधे पैर के टकने मे तथा सीधे हाथ की बीच वाली अंगूली मे चाकू से मारी तथा जाति सूचक शब्दो से अपमानित कर ढेड चमार कहकर, गाली गलौच कर भाग गये। मै जान बचाकर तलावडा चौकी गया जहां से सदर थाने जाने : को कहा मै सीधे सदर थाना पहुँचा तो मेरी रिपोर्ट लेकर रख ली जिसे अभी तक दर्ज नही की ना ही मेरा मेडिकल कराया गया फिर रात्री 10 बजे मेरा मोबाईल इन्ही मे से कुछछ आरोपी मेरे घर पर फेक गये। व रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की
- गंगापुर सिटी। गंगापुर सिटी के समीपवर्ती गांव सहजपुरा में शुक्रवार देर रात एक अज्ञात जंगली जानवर ने भेड़ों के बाड़े में घुसकर हमला कर दिया। इस हमले में करीब 160 भेड़ों और उनके बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई भेड़ें घायल हो गईं। घटना के बाद गांव में दहशत और शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार गांव निवासी बनवारी गुर्जर और भीम सिंह गुर्जर सगे भाई हैं और भेड़ पालन कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। दोनों भाइयों ने कर्ज लेकर यह व्यवसाय शुरू किया था और यही उनकी आय का मुख्य साधन है। परिवार में सात छोटे बच्चे हैं और पूरा परिवार इसी काम पर निर्भर है। पीड़ित परिवार ने बताया कि देर रात करीब 12 बजे के बाद कोई अज्ञात जंगली जानवर घर के पास बने भेड़ों के बाड़े में घुस गया और हमला कर दिया। जब तक परिवार को घटना का पता चला, तब तक बड़ी संख्या में भेड़ों की मौत हो चुकी थी। हमले में करीब 140 बड़ी भेड़ें और लगभग 20 भेड़ों के बच्चे मारे गए, जबकि कई अन्य भेड़ें घायल हो गईं। शनिवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। बाड़े में मृत भेड़ों का ढेर देखकर ग्रामीण भी स्तब्ध रह गए। पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि इस घटना से करीब 15 लाख रुपए का नुकसान हुआ है और अब उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। सूचना मिलने पर तहसीलदार मुकेश शर्मा और पटवारी मौके पर पहुंचे तथा नुकसान का आकलन किया। वहीं वन विभाग की टीम ने पशु चिकित्सकों के साथ मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम कराया, ताकि हमले के कारण और जंगली जानवर की पहचान की जा सके। इस बीच गांव के भामाशाह भी मदद के लिए आगे आए। समाजसेवी मुकेश सिराधना और विश्राम गुर्जर ने परिवार को 11-11 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा देने और जंगली जानवर को पकड़ने की मांग की है।3
- अवध 19037 मे अवैध वेंडर, अवैध वेंडर पर नहीं है रेलवे द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि रेलवे के अधिकारी करते हैं बड़े-बड़े दावे की हमने इतने अवैध बंदों पर करवाई है।1
- न्यूज़: गंगापुर सिटी। गंगापुर सिटी के जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि शहर के अंदर प्लास्टिक की पॉलिथीन, पाउच और विभिन्न प्रकार की प्लास्टिक पैकिंग पर सख्ती से रोक लगाई जाए। लोगों का कहना है कि शहर में बढ़ता प्लास्टिक कचरा अब पर्यावरण और पशुओं के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार शहर की सड़कों, गलियों और बाजारों में जगह-जगह प्लास्टिक कचरा फैला हुआ दिखाई देता है। यही प्लास्टिक नालियों में जाकर जाम की समस्या पैदा कर रहा है, जिससे गंदगी और जलभराव की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा खेतों में भी प्लास्टिक कचरा पहुंच रहा है, जिससे जमीन की उर्वरता और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि खुले में घूमने वाली गायें और अन्य पशु इस प्लास्टिक को खाने के कारण बीमार हो रहे हैं और कई मामलों में उनकी मौत भी हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार प्लास्टिक को नष्ट होने में सैकड़ों साल लगते हैं, जिसकी वजह से यह लंबे समय तक पर्यावरण को प्रदूषित करता रहता है। गंगापुर सिटी के नागरिकों ने जिला कलेक्टर और एसडीएम से निवेदन किया है कि शहर में प्लास्टिक पॉलिथीन और सिंगल-यूज प्लास्टिक पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाए तथा इसके स्थान पर कपड़े या कागज के थैलों को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही बाजारों में नियमित जांच और जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में शहर की स्वच्छता, पर्यावरण और पशुधन पर गंभीर असर पड़ सकता है। अंत में नागरिकों की अपील: “स्वच्छ और स्वस्थ गंगापुर सिटी के लिए प्लास्टिक मुक्त शहर बनाना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”1
- Post by Meena ji Meenaji1
- Post by RK LIVE KARAULI1
- करौली जिले के निर्वाचन क्षेत्र सपोटरा के गांव कोटा मामचारी की सड़को पर पानी भरा होने की वजह से पूरे रस्ते में कीचड़ है नालियों की कोई सुविधा नहीं है सड़के भी खराब है इस लिए माननीय विधायक हंसराज मीणा जी से निवेदन है कि जल्दी से जल्दी इस पर कराने की कृपा करें4
- ये रास्ता करौली जिले की ग्राम पंचायत काशीपुरा में है जहां पर रास्ता कितना खराब है इसके बारे मे हमने शिकायत कर दी अखबार में भी खबर दे दी लेकिन कुछ भी नहीं हुआ ये रास्ता बरसातो में कैसा हो जाता है और गर्मियों में कैसा हो जाता है ये तुम वीडियो के माध्यम से देख सकते है मेरा ये कहना है कि सरकार बिल्कुल मर चुकी है या जीवित है वीडियो में देखना रास्ते के साइड से कितने घर है एक स्कूल भी है जहां पर बच्चे बैठे है और मिट्टी कितनी उड़ती है आप खुद देख लो बरसातो में एक गांव से दूसरे गांव बच्चे पड़ने जाते है वो कैसे जाते होंगे । एक बार आ कर तो देखो ये कैसा अन्याय चल रहा हैं हमने सरपंच से कही बार कह दिया स्क्रेटरी,वीडीओ सब से कह दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई अब तक ।।4
- पंचम ब्लॉक शिक्षा संकुल जयपुर में शिक्षामंत्री एवं शिक्षा सचिव महोदय की उपस्थिति में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई जिसमें प्रमुख मुद्दा नवीन शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किए जाने,प्रवेशोत्सव,गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,विद्यायल एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा,विद्यालय संचालन पर विस्तृत चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने बैठक में कहा कि शिक्षकों के बच्चे सरकारी स्कूलों में ही पड़े राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के प्रदेश महामंत्री नवीन कुमार शर्मा ने मांग रखी कि अगला सत्र जल्द शुरू करने से वर्तमान सत्र में परेशानियों का सामना करना पड़ा है लेकिन फिर भी आगामी सत्र 1 अप्रैल से शुरू होते ही FTB पुस्तके,शिक्षक डायरी,निःशुल्क कपड़े आदि समय पर मिल जाए तो ये कदम बहुत विद्यार्थियों के लिए कारगार साबित होगा और हर सत्र में ऐसी निरंतरता बनी रहेगी।अच्छा निर्णय है डेड महीने पढ़ाई-लिखाई उसके बाद कुछ होमवर्क देकर छुट्टी का सदुपयोग किया जा सकेगा सरकार ग्रीष्मावकाश में 10 दिन की कटौती नहीं कर ग्रीष्मावकाश को यथावत रखें। शिक्षकों से केवल शैक्षणिक कार्य करवाया जाए इसके अलावा गैर शैक्षणिक कार्यों से पूर्णतः मुक्त रखा जाए राजकोष से वेतन लेने वाले सभी के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ने चाहिए बोर्ड परीक्षा के दौरान स्थानांतरित किए गए थे वो ग़लत हमेशा गर्मियों की छुट्टी में ट्रांसफर किए जाने चाहिए प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने बताया कि विद्यालयों में सप्ताह में मनाए जाने वाले सभी उत्सवों को केवल शनिवार को ही मनाया जाए,पदोन्नति के बाद तुंरत स्कूलों में पदस्थापन दिया जाए,जनगणना में प्रत्येक विद्यालय से 25% से अधिक स्टाफ को नहीं लगाया जाए,बाड़मेर जिले में तृतीय श्रेणी भर्ती 2022 के अध्यापकों का जल्द स्थाईकरण किया जाए प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रामदयाल मीणा ने मांग रखी कि नवीन सत्र प्रारंभ होने पूर्व वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता की लंबित तीन सत्रों की पदोन्नति को पूर्ण करवाया जाए,तृतीय श्रेणी अध्यापकों की 6 सत्रों से लंबित पदोन्नति को सरकार द्वारा कोर्ट में उचित पैरवी करते हुए जल्द सम्पन्न कराया जावे, सभी क्रमोन्नत स्कूलों में व्याख्याता पदों की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाए। अन्य संगठनों ने भी अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा।1