वनमण्डल अधिकारी ईश्वर जरांडे के निर्देशन में बीट सुहेला में अनुभूति कार्यक्रम संपन्न विद्यालय के छात्र/छात्राओं को वन संरक्षण , संवर्धन तथा वन्य जीवों की रक्षा के प्रति जागरूक किया गया संपूर्ण जिले में अनुभूति कार्यक्रमो के आयोजनों का दौर जारी अनुभूति कार्यक्रम में रेंजर विक्रम चौधरी ने दी छात्र-छात्राओं को रोचक जानकारी दैनिक हिंदुस्तान समाज दमोह ब्यूरो विजय यादव दमोह : वन विभाग व इको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा आयोजित अनुभूति कार्यक्रम वन मंडल अधिकारी ईश्वर जरांडे एवं उपवनमंडल अधिकारी एम.डी. मानिकपुरी के निर्देशन में दमोह रेंजर विक्रम चौधरी के मार्गदर्शन में दमोह रेंज के सुहेला बीट आर. एफ. 130 "सिद्धबाबा धाम" में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शासकीय उ. मा. विद्यालय टौरी, शासकीय उ. मा. विद्यालय मनका एवं इमलियाघाट से 130 छात्र/छात्राएं सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्राकृतिक नजारों का अनुभव कराया गया और अनुभूति के विशेष गीतों का आनंद उठाया गया। विद्यार्थियों को जंगल में वन भ्रमण कराया गया, जहां रेंजर विक्रम चौधरी, वन स्टॉफ एवं मास्टर ट्रेनर के द्वारा वनों में पाई जाने वाले औषधी पेड़ों की जानकारी दी गई। वन भ्रमण के दौरान मिले वन्य जीवों (खरा एवं चौसिंगा) की दिखाया गया जिससे छात्र-छात्राएं प्राकृतिक व रोचक जानकारी पाकर बहुत ही उत्साहित व खुश नजर आए। उन्होंने प्रश्नों को वन स्टॉप के समक्ष रखा जिनका रेंजर विक्रम चौधरी व मास्टर ट्रेनर के द्वारा समाधान किया गया। जंगल में विभित्र वन्य जीवों के पद चिन्ह से भी छात्र, छात्राओं को रूबरू कराया। अनुभूति बुक के माध्यम से जंगल भ्रमण के उपरांत अवगत कराया गया और पुनः सभी छात्र /छात्राएं सुहेला बीट आर. एफ. 130 "सिद्धबाबा धाम" वन भ्रमण के बाद एकत्रित हुये। समरस भोज आयोजित किया गया। मास्टर ट्रेनर बी एल रोहित के द्वारा अनुभूति कार्यक्रम की थीम "हम हैं धरती के दूत एवं हम है बदलाब" तथा "मैं हूं बाघ "के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया हमें अपने जंगलों का संरक्षण करना है, यदि कोई भी जंगली जानवर या जंगल को नुकसान पहुंचता है, तो उनकी जानकारी अपने नजदीकी वन अधिकारी को दी जानी चाहिये। जिस प्रकार बाघ जंगल की रक्षा करते है, हमें भी बाघ बनकर जंगल की रक्षा करना है तथा साथ ही विभिन्न प्रतियोगितायें आयोजित की गई और प्रतिभागी छात्र/छात्राओं को पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मास्टर ट्रेनर बीएल रोहित द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सरपंच इमलिया प्रेमसींग एवं सरपंच मनका श्रीमती बबीता बाई, उ.मा. विद्यालय मनका एवं इमलियाघाट से उपस्थित शिक्षकगण कुमारी तनु अहिरवार, कृष्णा सिंह लोधी, शंकर आठ्या, आकाश दीप यादव, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टौरी से उपस्थित शिक्षकगण श्रीमती नीलमणि उपाध्याय, राघवेन्द्र रॉयल, अनुप्रिया भोजक, शंकर अहिरवार, सोनम ठाकुर, दमोह वन परिक्षेत्र से वनपाल आशीष श्रीवास्त, उप वन क्षेत्रपाल तनवीर खान, वनपाल श्रीमती नजमा खान, वनरक्षक ईश्वर कांत मिश्रा, वनरक्षक अमान सिंह, वनरक्षक अमित तिवारी, वनरक्षक मूलसिंह गौंड, श्रीमती आकांक्षा विश्वकर्मा, वनरक्षक श्रीमती अंकिता कच्छवाहा, वनरक्षक श्रीमती मनीषा गौंड, वनरक्षक कुमारी साक्षी अवस्थी, वनरक्षक कुमारी रागिनी पाठक, वनरक्षक कौशल सिंह ठाकुर, वनरक्षक हर्ष राजपूत की उपस्थिति रही।
वनमण्डल अधिकारी ईश्वर जरांडे के निर्देशन में बीट सुहेला में अनुभूति कार्यक्रम संपन्न विद्यालय के छात्र/छात्राओं को वन संरक्षण , संवर्धन तथा वन्य जीवों की रक्षा के प्रति जागरूक किया गया संपूर्ण जिले में अनुभूति कार्यक्रमो के आयोजनों का दौर जारी अनुभूति कार्यक्रम में रेंजर विक्रम चौधरी ने दी छात्र-छात्राओं को रोचक जानकारी दैनिक हिंदुस्तान समाज दमोह ब्यूरो विजय यादव दमोह : वन विभाग व इको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा आयोजित अनुभूति कार्यक्रम वन मंडल अधिकारी ईश्वर जरांडे एवं उपवनमंडल अधिकारी एम.डी. मानिकपुरी के निर्देशन में दमोह रेंजर विक्रम चौधरी के मार्गदर्शन में दमोह रेंज के सुहेला बीट आर. एफ. 130 "सिद्धबाबा धाम" में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शासकीय उ. मा. विद्यालय टौरी, शासकीय उ. मा. विद्यालय मनका एवं इमलियाघाट से 130 छात्र/छात्राएं सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्राकृतिक नजारों का अनुभव कराया गया और अनुभूति के विशेष गीतों का आनंद उठाया गया। विद्यार्थियों को जंगल में वन भ्रमण कराया गया, जहां रेंजर विक्रम चौधरी, वन स्टॉफ एवं मास्टर ट्रेनर के द्वारा वनों में पाई जाने वाले औषधी पेड़ों की जानकारी दी गई। वन भ्रमण के दौरान मिले वन्य जीवों (खरा एवं चौसिंगा) की दिखाया गया जिससे छात्र-छात्राएं प्राकृतिक व रोचक जानकारी पाकर बहुत ही उत्साहित व खुश नजर आए। उन्होंने प्रश्नों को वन स्टॉप के समक्ष रखा जिनका रेंजर विक्रम चौधरी व मास्टर ट्रेनर के द्वारा समाधान किया गया। जंगल में विभित्र वन्य जीवों के पद चिन्ह से भी छात्र, छात्राओं को रूबरू कराया। अनुभूति बुक के माध्यम से जंगल भ्रमण के उपरांत अवगत कराया गया और पुनः सभी छात्र /छात्राएं सुहेला बीट आर. एफ. 130 "सिद्धबाबा धाम" वन भ्रमण के बाद एकत्रित हुये। समरस भोज आयोजित किया गया। मास्टर ट्रेनर बी एल रोहित के द्वारा अनुभूति कार्यक्रम की थीम "हम हैं धरती के दूत एवं हम है बदलाब" तथा "मैं हूं बाघ "के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया हमें अपने जंगलों का संरक्षण करना है, यदि कोई भी जंगली जानवर या जंगल को नुकसान पहुंचता है, तो उनकी जानकारी अपने नजदीकी वन अधिकारी को दी जानी चाहिये। जिस प्रकार बाघ जंगल की रक्षा करते है, हमें भी बाघ बनकर जंगल की रक्षा करना है तथा साथ ही विभिन्न प्रतियोगितायें आयोजित की गई और प्रतिभागी छात्र/छात्राओं को पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मास्टर ट्रेनर बीएल रोहित द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सरपंच इमलिया प्रेमसींग एवं सरपंच मनका श्रीमती बबीता बाई, उ.मा. विद्यालय मनका एवं इमलियाघाट से उपस्थित शिक्षकगण कुमारी तनु अहिरवार, कृष्णा सिंह लोधी, शंकर आठ्या, आकाश दीप यादव, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टौरी से उपस्थित शिक्षकगण श्रीमती नीलमणि उपाध्याय, राघवेन्द्र रॉयल, अनुप्रिया भोजक, शंकर अहिरवार, सोनम ठाकुर, दमोह वन परिक्षेत्र से वनपाल आशीष श्रीवास्त, उप वन क्षेत्रपाल तनवीर खान, वनपाल श्रीमती नजमा खान, वनरक्षक ईश्वर कांत मिश्रा, वनरक्षक अमान सिंह, वनरक्षक अमित तिवारी, वनरक्षक मूलसिंह गौंड, श्रीमती आकांक्षा विश्वकर्मा, वनरक्षक श्रीमती अंकिता कच्छवाहा, वनरक्षक श्रीमती मनीषा गौंड, वनरक्षक कुमारी साक्षी अवस्थी, वनरक्षक कुमारी रागिनी पाठक, वनरक्षक कौशल सिंह ठाकुर, वनरक्षक हर्ष राजपूत की उपस्थिति रही।
- अनुभूति कार्यक्रम मे छात्रों ने जंगल की सैर और वन की सुरक्षा का कर्तव्य निभाएंगे कुम्हारी - वन विभाग के द्वारा अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन सलैया वन चौकी मे हुआ जिसमें छात्र-छात्राओं ने जंगल में 5 किलोमीटर तक पेड़ पौधे जंगली जानवर पेड़ों की प्रजाति आदि से जुड़ी हुई जानकारी वन विभाग की टीम के द्वारा उन्हें बताई गई वन हमारे लिए जीवन देने वाले मानव सभ्यता में वन की अहम भूमिका है | वन से ही पर्यावरण वर्षा निर्भर होती है वनों की सुरक्षा का दायित्व हमारा मुख्य उद्देश्य होता है अधिक से अधिक हम पौधे लगाए और उनकी देखभाल करे ताकि पर्यावरण का संतुलन सही रहे अनुभूति कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर बी एल रोहित रिटायर्ड शिक्षक जिन्हें 2013 में राष्ट्रपति, राज्यपाल, पुरस्कार दोनों से सम्मानित जिन्होंने छात्र-छात्राओं को वन सभ्यता से जुड़ी जानकारी और वातावरण को दूषित करने में प्लास्टिक की अहम भूमिका होती है जो 400 वर्षों तक जीवित रहती है जो हमारी मिट्टी को भी दूषित करती है उसका उपयोग हम बिल्कुल भी ना करें अनुभूति कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगिताओं में प्रथम द्वितीय तृतीय छात्र जिन्होंने अपने स्थान पाया उन्हें पुरस्कार के रूप में प्रमाण पत्र दिया गया कार्यक्रम में रेंजर अखिलेश चौरसिया डिप्टी रेंजर मुकेश पाराशर, जगदीश समदड़िया, अब्दुल सईद बलवंत सिंह, रसीद कुरैशी, वनपाल दुर्गेशअहिरवारआदि स्टॉफ वही विद्यालय प्रबंधन से प्रभारी प्राचार्य हरिशंकर लोधी भरत सिंह अमित जैन, राकेश झरिया,सपना ताम्रकार,मीना जैन, लोकेन्द्र सीग आदि की उपस्थिति रही अनुभूति कार्यक्रम में 130 छात्र-छात्राओं ने भ्रमण किया और जंगल के प्रति हमारा क्या दायित्व है,क्या कर्तव्य है, संबंधित जानकारी सनी बड़ों से मिलने वाली औषधि जो हमारे लिए जीवनदायनी होती हैं उनका संरक्षण सुरक्षा करना मानव का मुख्य कर्तव्य है |1
- सिविल अस्पताल हटा में बहिन को उपचार के लिए लाए भाई ने डॉक्टर के साथ की अभद्रता1
- रिपोर्ट - पुष्पेंद्र रैकवार गणतंत्र दिवस की तैयारियो को लेकर समीक्षा बैठक संपन्न मानवाधिकार मीडिया मध्य प्रदेश सच आप तक पहुंचे1
- https://youtu.be/9slbnEpTuxs?si=mgCiy73z7CaCFuPM पूरा वीडियो यूट्यूब चैनल पर... 1 से 3 लाख रुपए तक की यह फसल प्रति एकड़ में निकलती है।1
- सत्ता का दबाव तेंदूखेड़ा क्षेत्र में भाजपा मंडल अध्यक्ष पर सरपंचों के गंभीर आरोप ➡️ सरपंचों का सवाल “यह मामला अब केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि पंचायती राज व्यवस्था की स्वतंत्रता और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल बन गया है। ➡️ ऑडियो वायरल, कार्रवाई शून्य भाजपा तारादेही मंडल अध्यक्ष का एक ऑडियो वायरल बताया जा रहा है। हालांकि हम ऑडियो रिकॉर्डिंग की पुष्टि नहीं करते, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ➡️ निष्पक्ष जांच की मांग सरपंचों ने सरकार और पार्टी संगठन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- भट्टा मोहल्ला में भूजल पर हमला! इंडियन कॉफी हाउस के पीछे खदान को मलबे से भरने का खेल, प्रशासनिक आदेशों की उड़ाई धज्जियां कटनी। भट्टा मोहल्ला स्थित इंडियन कॉफी हाउस के पीछे मौजूद पुरानी खदान को सीवर लाइन खुदाई से निकले मलबे से भरा जा रहा है, जबकि प्रशासन द्वारा स्पष्ट आदेश जारी हैं कि खदानों को पाटना पूर्णतः प्रतिबंधित है। कारण साफ है—ये खदानें वॉटर चार्जिंग जोन के रूप में कार्य करती हैं और भूजल संचयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद नगर निगम क्षेत्र में खुलेआम खनन स्थल को डंपिंग यार्ड में तब्दील किया जा रहा है, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आने वाले समय में जल संकट को भी न्योता दे सकता है। ⚠️ भूजल संचयन खत्म करने की साजिश? विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी खदानें वर्षा जल को धरती में समाहित कर जलस्तर बनाए रखने में सहायक होती हैं। इन्हें मलबे से भरना सीधे तौर पर भूजल स्रोतों की हत्या के समान है। 🤝 नगर निगम–नेता गठजोड़ की बू? स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीवर लाइन खुदाई से निकले मलबे को जानबूझकर खदान में डलवाया जा रहा है, जो नगर निगम के कुछ अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। यदि प्रशासन के आदेश स्पष्ट हैं, तो फिर यह कार्य किसकी अनुमति से हो रहा है—यह बड़ा सवाल है। ❓ प्रशासन की चुप्पी क्यों? क्या पर्यावरण नियम केवल कागजों तक सीमित हैं? क्या खदान भरने के बदले किसी प्रकार का लाभ लिया जा रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? 📢 जनहित में तत्काल कार्रवाई की मांग स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से तत्काल हस्तक्षेप, मलबा डालने पर तुरंत रोक और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका खामियाजा पूरे शहर को जल संकट के रूप में भुगतना पड़ेगा।1
- लंच टाइम हो गया है लंच कर रहे हैं सब लोग1
- 🙏🙏🙏🙏🙏 💯🇮🇳🎈🌹💐💐🌹🌹1