पुरियाखेड़ी में पैंथर की दस्तक से ग्रामीणों में छाई दहशत, आबादी के पास श्वान को बनाया शिकार, पिंजरा लगाने की मांग उदयपुर जिले के पुरियाखेड़ी गांव में पैंथर की दस्तक ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। आबादी क्षेत्र के करीब पैंथर द्वारा एक श्वान का शिकार करने के बाद पूरे गांव में भय का माहौल व्याप्त हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पैंथर ने बीती रात को आबादी क्षेत्र में दस्तक दी। इस दौरान घरों के समीप विचरण कर रहे एक श्वान को अपना शिकार बना लिया। सुबह जब ग्रामीण खेतों की तरफ निकले, तो घरों से कुछ ही दूरी पर श्वान का क्षत-विक्षत शव पड़ा हुआ मिला। छानबीन के दौरान ग्रामीणों को खेतों में मिट्टी पर पैंथर के पगमार्क दिखाई दिए। गांव में पेंथर की दस्तक के बाद ग्रामीणों ने पिंजरा लगाने की मांग की है। गांव के रिहायशी इलाके में पैंथर की दस्तक से ग्रामीण अपने बच्चों एवं पशुधन की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को सूचित किया। जिससे वह विभाग के कार्मिक मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने पैंथर को पकड़ने के लिए क्षेत्र में जल्द से जल्द पिंजरा लगाने की मांग की। साथ ही वन कर्मियों द्वारा क्षेत्र में नियमित गश्त लगाने की भी मांग की है। इस घटना के बाद ग्रामीण शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।
पुरियाखेड़ी में पैंथर की दस्तक से ग्रामीणों में छाई दहशत, आबादी के पास श्वान को बनाया शिकार, पिंजरा लगाने की मांग उदयपुर जिले के पुरियाखेड़ी गांव में पैंथर की दस्तक ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। आबादी क्षेत्र के करीब पैंथर द्वारा एक श्वान का शिकार करने के बाद पूरे गांव में भय का माहौल व्याप्त हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पैंथर ने बीती रात को आबादी क्षेत्र में दस्तक दी। इस दौरान घरों के समीप विचरण कर रहे एक श्वान को अपना शिकार बना लिया। सुबह जब ग्रामीण खेतों की तरफ निकले, तो घरों से कुछ ही दूरी पर श्वान का क्षत-विक्षत शव पड़ा हुआ मिला। छानबीन के दौरान ग्रामीणों को खेतों में मिट्टी पर पैंथर के पगमार्क दिखाई दिए। गांव में पेंथर की दस्तक के बाद ग्रामीणों ने पिंजरा लगाने की मांग की है। गांव के रिहायशी इलाके में पैंथर की दस्तक से ग्रामीण अपने बच्चों एवं पशुधन की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को सूचित किया। जिससे वह विभाग के कार्मिक मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने पैंथर को पकड़ने के लिए क्षेत्र में जल्द से जल्द पिंजरा लगाने की मांग की। साथ ही वन कर्मियों द्वारा क्षेत्र में नियमित गश्त लगाने की भी मांग की है। इस घटना के बाद ग्रामीण शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।
- न्यूज़ प्रेस रिलीज़ ड्राफ्ट आयुष हॉस्पिटल, चित्तौड़गढ़ – समर्पित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवा का विश्वसनीय केंद्र चित्तौड़गढ़। शहर के आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर स्थित आयुष हॉस्पिटल आज क्षेत्र में समग्र (होलिस्टिक) आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं के लिए एक विश्वसनीय नाम बन चुका है। आधुनिक सुविधाओं एवं पारंपरिक आयुर्वेदिक सिद्धांतों के समन्वय से यह अस्पताल रोगियों को सुरक्षित, प्रभावी और स्थायी उपचार प्रदान कर रहा है। आयुष हॉस्पिटल एक NABH सर्टिफाइड आयुर्वेदिक अस्पताल है, जहाँ अनुभवी आयुर्वेदाचार्यों की टीम द्वारा रोग की जड़ तक पहुँचकर उपचार किया जाता है। यहाँ पंचकर्म चिकित्सा विशेष रूप से की जाती है, जो शरीर की शुद्धि, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और पुराने रोगों में लाभकारी सिद्ध हो रही है। 🏥 अस्पताल की प्रमुख सेवाएँ: • पंचकर्म थेरेपी (वमन, विरेचन, बस्ती, नस्य, रक्तमोक्षण) • जोड़ों का दर्द, सर्वाइकल, स्लिप डिस्क एवं सायटिका उपचार • मोटापा, थायरॉइड एवं डायबिटीज प्रबंधन • त्वचा रोग एवं एलर्जी उपचार • माइग्रेन, अनिद्रा एवं मानसिक तनाव प्रबंधन • स्त्री एवं पुरुष रोगों की आयुर्वेदिक चिकित्सा • आवासीय (IPD) एवं ओपीडी सुविधा • बॉडी डिटॉक्स एवं लाइफस्टाइल करेक्शन प्रोग्राम अस्पताल में स्वच्छ, शांत एवं प्राकृतिक वातावरण में मरीजों की देखभाल की जाती है। व्यक्तिगत प्रकृति (प्रकृति परीक्षा) के आधार पर आहार-विहार एवं औषधि परामर्श दिया जाता है, जिससे रोगों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को संपूर्ण रूप से स्वस्थ बनाना है। “स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ समाज की नींव है” – इसी संकल्प के साथ आयुष हॉस्पिटल निरंतर जनसेवा में कार्यरत है। 📍 पता: आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) 📞 संपर्क: 94618 08623 | 83020 83835 स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए आयुष हॉस्पिटल से संपर्क कर परामर्श लिया जा सकता है।1
- Post by Lucky sukhwal1
- चित्तौडगढ 25 फरवरी। बीकानेर जिले के बज्जू उपतहसील क्षेत्र के गाँव रणजीतपुरा गांव कुंडली में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। देवीलाल जी सेन की बेटी वसुंधरा सेन कक्षा 8वीं उम्र 13 वर्ष परीक्षा देने विद्यालय के लिए घर से निकली, लेकिन विद्यालय पहुँची ही नहीं। परिजनों द्वारा तलाश करने के बाद मासूम बच्ची का अर्धनग्न शव थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर मिला। समस्त सेन समाज जिला-चित्तौड़गढ़ ने मांग की कि अपराधी को शीघ्र से शीघ्र गिरफ्तार फांसी की सजा दिलाने की मांग की। ज्ञापन सौपते समय नन्दकिशोर सकवाया, बंशीलाल सेन, निर्मल बारबर, सत्यनारायण सेन शारीरिक शिक्षक, हंसराज सेन उर्फ गुड्डू सेन, जगदीश जालमपुरा, जमनालाल देवरी, सुनील सेन, लक्ष्मण सेन, कैलाश सेन, राजु गहलोत, गोपाल सेन, प्रहलाद सेन, दिलीप सेन, राकेश, देवराज सेन, राजकुमार सेन, राधेश्याम सेन पंचदेवला, धीरज सेन राशमी, पप्पु सेन, मोहन सेन, लवकुमार सेन, सोनम सेन, आदि समाजजन मौजुद थे।2
- राजस्थान के निम्बाहेड़ा में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली बीड़ी बनाने और पैकिंग करने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने भारत बीड़ी वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड, मेंगलुरु के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी चेतन जैन को गिरफ्तार किया। मौके से लाखों रुपये का कच्चा माल और नामी ब्रांड्स के नकली रैपर बरामद किए गए। आरोपी पहले भी नकली गुटखा मामले में पकड़ा जा चुका है, जहाँ सीआईडी, जयपुर ने कार्रवाई की थी। क्या इस बार पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसेगा? क्या आयकर और जीएसटी विभाग भी करेंगे बड़ी जांच? #Nimbahera #FakeBeedi #RajasthanNews #CrimeNews #BreakingNews #BeediFactory #ChetanJain #PoliceAction #IllegalBusiness #IndiaNews #HindiNews #GST #IncomeTax #NewsUpdate1
- samoda bhagal me rode bhot Karab he1
- छोटी सादड़ी में पुलिसकर्मियों द्वारा निकाला मार्च पास्ट2
- चित्तौड़गढ़। शहर के आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर स्थित आयुष हॉस्पिटल आज क्षेत्र में समग्र (होलिस्टिक) आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं के लिए एक विश्वसनीय नाम बन चुका है। आधुनिक सुविधाओं एवं पारंपरिक आयुर्वेदिक सिद्धांतों के समन्वय से यह अस्पताल रोगियों को सुरक्षित, प्रभावी और स्थायी उपचार प्रदान कर रहा है। आयुष हॉस्पिटल एक NABH सर्टिफाइड आयुर्वेदिक अस्पताल है, जहाँ अनुभवी आयुर्वेदाचार्यों की टीम द्वारा रोग की जड़ तक पहुँचकर उपचार किया जाता है। यहाँ पंचकर्म चिकित्सा विशेष रूप से की जाती है, जो शरीर की शुद्धि, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और पुराने रोगों में लाभकारी सिद्ध हो रही है। 🏥 अस्पताल की प्रमुख सेवाएँ: • पंचकर्म थेरेपी (वमन, विरेचन, बस्ती, नस्य, रक्तमोक्षण) • जोड़ों का दर्द, सर्वाइकल, स्लिप डिस्क एवं सायटिका उपचार • मोटापा, थायरॉइड एवं डायबिटीज प्रबंधन • त्वचा रोग एवं एलर्जी उपचार • माइग्रेन, अनिद्रा एवं मानसिक तनाव प्रबंधन • स्त्री एवं पुरुष रोगों की आयुर्वेदिक चिकित्सा • आवासीय (IPD) एवं ओपीडी सुविधा • बॉडी डिटॉक्स एवं लाइफस्टाइल करेक्शन प्रोग्राम अस्पताल में स्वच्छ, शांत एवं प्राकृतिक वातावरण में मरीजों की देखभाल की जाती है। व्यक्तिगत प्रकृति (प्रकृति परीक्षा) के आधार पर आहार-विहार एवं औषधि परामर्श दिया जाता है, जिससे रोगों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को संपूर्ण रूप से स्वस्थ बनाना है। “स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ समाज की नींव है” – इसी संकल्प के साथ आयुष हॉस्पिटल निरंतर जनसेवा में कार्यरत है। 📍 पता: आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) 📞 संपर्क: 94618 08623 | 83020 83835 स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए आयुष हॉस्पिटल से संपर्क कर परामर्श लिया जा सकता है।1
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- Post by Narendra kumar Regar1