बजट से कर्मचारी नाराज़, 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल—लाखों कर्मचारी उतरेंगे सड़कों पर राज्य के प्रस्तुत बजट को लेकर प्रदेशभर के कर्मचारियों, संविदा कार्मिकों, मानदेय कार्मिकों एवं पेंशनरों में भारी आक्रोश व निराशा है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ जयपुर ने बजट को कर्मचारियों के प्रति घोर निराशाजनक बताया। महासंघ के अनुसार बजट भाषण में कर्मचारियों के मुद्दों पर मात्र कुछ मिनट चर्चा हुई, लेकिन न पदोन्नति विसंगति, न वेतन विसंगति और न ही आठवें वेतन आयोग को लेकर कोई ठोस घोषणा की गई। केवल समितियों के गठन की बात कर सरकार ने कर्मचारियों को भ्रमित किया है। प्रदेश के 8.50 लाख कर्मचारियों, 5 लाख संविदा कर्मियों एवं 2.5 लाख से अधिक मानदेय कर्मियों के हित में कोई ठोस निर्णय नहीं होने से रोष और बढ़ गया है। महासंघ ने इसे सरकार की असंवेदनशीलता व संवादहीनता बताया। इसी के चलते अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर तले 12 फरवरी 2026 को प्रदेश के लाखों कर्मचारी हड़ताल पर रहकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल को पूरी ताकत से सफल करेंगे तथा जिला मुख्यालयों पर बजट की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराएंगे।
बजट से कर्मचारी नाराज़, 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल—लाखों कर्मचारी उतरेंगे सड़कों पर राज्य के प्रस्तुत बजट को लेकर प्रदेशभर के कर्मचारियों, संविदा कार्मिकों, मानदेय कार्मिकों एवं पेंशनरों में भारी आक्रोश व निराशा है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ जयपुर ने बजट को कर्मचारियों के प्रति घोर निराशाजनक बताया। महासंघ के अनुसार बजट भाषण में कर्मचारियों के मुद्दों पर मात्र कुछ मिनट चर्चा हुई, लेकिन न पदोन्नति विसंगति, न वेतन विसंगति और न ही आठवें वेतन आयोग को लेकर कोई ठोस घोषणा की गई। केवल समितियों के गठन की बात कर सरकार ने कर्मचारियों को भ्रमित किया है। प्रदेश के 8.50 लाख कर्मचारियों, 5 लाख संविदा कर्मियों एवं 2.5 लाख से अधिक मानदेय कर्मियों के हित में कोई ठोस निर्णय नहीं होने से रोष और बढ़ गया है। महासंघ ने इसे सरकार की असंवेदनशीलता व संवादहीनता बताया। इसी के चलते अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर तले 12 फरवरी 2026 को प्रदेश के लाखों कर्मचारी हड़ताल पर रहकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल को पूरी ताकत से सफल करेंगे तथा जिला मुख्यालयों पर बजट की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराएंगे।
- बांसवाड़ा लिओ सर्कल पर 100बाईक बिना हेलमेट के कर रहे थे साफ़ आधिकारीयो ने रोका टोका,पूछा क्यू नहीं लगाते हेलमेट,फिर बाईक सवार को हाथों से पहनाया हेलमेट1
- राज्य के प्रस्तुत बजट को लेकर प्रदेशभर के कर्मचारियों, संविदा कार्मिकों, मानदेय कार्मिकों एवं पेंशनरों में भारी आक्रोश व निराशा है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ जयपुर ने बजट को कर्मचारियों के प्रति घोर निराशाजनक बताया। महासंघ के अनुसार बजट भाषण में कर्मचारियों के मुद्दों पर मात्र कुछ मिनट चर्चा हुई, लेकिन न पदोन्नति विसंगति, न वेतन विसंगति और न ही आठवें वेतन आयोग को लेकर कोई ठोस घोषणा की गई। केवल समितियों के गठन की बात कर सरकार ने कर्मचारियों को भ्रमित किया है। प्रदेश के 8.50 लाख कर्मचारियों, 5 लाख संविदा कर्मियों एवं 2.5 लाख से अधिक मानदेय कर्मियों के हित में कोई ठोस निर्णय नहीं होने से रोष और बढ़ गया है। महासंघ ने इसे सरकार की असंवेदनशीलता व संवादहीनता बताया। इसी के चलते अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर तले 12 फरवरी 2026 को प्रदेश के लाखों कर्मचारी हड़ताल पर रहकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल को पूरी ताकत से सफल करेंगे तथा जिला मुख्यालयों पर बजट की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराएंगे।1
- Post by Rdx raj ra फ्री1
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (खबर का हुआं असर) कुशलगढ़ से मध्यप्रदेश सिमा भेरुपछाट तक शुरू हुआ पेंच वर्क हमने प्रमुखता से चलाई थी खबर राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ से मध्यप्रदेश की 15किलोमीटर तक का खस्ताहाल डामरी करण जगह जगह उखड़ा वाहन धारी हो रहे खासे परेशान की हमने प्रमुखता से खबर दिखाई राजस्थान व प्रसासन व सार्वजनिक निर्माण विभाग ने कुशलगढ़ से मध्यप्रदेश सिमा भेरुपछाट तक डामरीकरण रोड़ पर बने गड्ढों की पेंच वर्क शुरू होने से लोगों में खुशी का माहोल नजर आने लगा है4
- Post by कान्हा भगोरा ♥️❤️❤️ मोबाइल4
- Post by राघवेन्द्र सिंह2
- बांसवाड़ा देशभर में सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों की प्रमुख संगठन फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन्स ऑफ इंडिया ने राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का समर्थन किया। संगठन ने श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख एल. मंडाविया को ज्ञापन भेजकर चार श्रम संहिताओं लेबर कोड को समाप्त करने की मांग उठाई है। ज्ञापन में कहा गया कि इन श्रम कानूनों के लागू होने से सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए 1976 के सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉइज कंडीशंस ऑफ सर्विस अधिनियम को सुरक्षित रखा जाए। संगठन के महासचिव पार्था रक्षित ने मंत्री से हस्तक्षेप कर लाखों कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। यह हड़ताल केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और औद्योगिक संगठनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के कर्मचारी शामिल हुए। ज्ञापन में सरकार से कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है।1