जनता यह सवाल उठा रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के उत्तर प्रदेश में पहले दौरे के दौरान जनता ने 'चढ़ावा-चंदा-दान चोरी' के आक्रोश के चलते उनका बहिष्कार तो किया ही है, लेकिन क्या इस सन्नाटे की एक वजह 'डबल इंजन' की टकराहट भी है? दरअसल, उत्तर प्रदेश का भाजपा संगठन जन-आक्रोश के डर से अपने घरों में दुबका हुआ है या प्रदेश छोड़कर भाग गया है, क्योंकि अन्यथा कुछ लोग तो ज़रूर दिखाई देते। ऐसा न होने के कारण 'नव-निर्मित अध्यक्ष जी' हाथ हिलाने के लिए तरसते हुए प्रतीत हुए। इस घटना से उन्हें भी आज पता चला होगा कि '5' बड़ा है या '7'। भगवान से धोखा करने वालों का दुर्भाग्य स्पष्ट है, क्योंकि 'दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी' होने का दावा करने वालों के लिए अब झंडा उठाने वाला भी कोई नहीं बचा है, और जो लोग लाए भी गए, वे भी किराये पर ही थे। यह सब दर्शाते हुए, उत्तर प्रदेश ने भाजपा की 'रिटर्न टिकट' कन्फ़र्म कर दी है।
जनता यह सवाल उठा रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के उत्तर प्रदेश में पहले दौरे के दौरान जनता ने 'चढ़ावा-चंदा-दान चोरी' के आक्रोश के चलते उनका बहिष्कार तो किया ही है, लेकिन क्या इस सन्नाटे की एक वजह 'डबल इंजन' की टकराहट भी है? दरअसल, उत्तर प्रदेश का भाजपा संगठन जन-आक्रोश के डर से अपने घरों में दुबका हुआ है या प्रदेश छोड़कर भाग गया है, क्योंकि अन्यथा कुछ लोग तो ज़रूर दिखाई देते। ऐसा न होने के कारण 'नव-निर्मित अध्यक्ष जी' हाथ हिलाने के लिए तरसते हुए प्रतीत हुए। इस घटना से उन्हें भी आज पता चला होगा कि '5' बड़ा है या '7'। भगवान से धोखा करने वालों का दुर्भाग्य स्पष्ट है, क्योंकि 'दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी' होने का दावा करने वालों के लिए अब झंडा उठाने वाला भी कोई नहीं बचा है, और जो लोग लाए भी गए, वे भी किराये पर ही थे। यह सब दर्शाते हुए, उत्तर प्रदेश ने भाजपा की 'रिटर्न टिकट' कन्फ़र्म कर दी है।
- जनता ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के उत्तर प्रदेश के पहले दौरे का बहिष्कार किया है, जिसका मुख्य कारण 'चढ़ावा-चंदा-दान चोरी' पर जनता का गुस्सा बताया गया है। जनता यह भी सवाल उठा रही है कि क्या 'डबल इंजन' की टकराहट भी इस सन्नाटे की वजह है। आरोप है कि उत्तर प्रदेश का भाजपा संगठन जन-आक्रोश के डर से या तो अपने घरों में दुबका हुआ है या प्रदेश से बाहर भाग गया है, जिसके चलते राष्ट्रीय अध्यक्ष हाथ हिलाने के लिए तरसते हुए दिखाई दिए। कहा गया है कि आज उन्हें भी यह पता चल गया होगा कि '5' बड़ा या '7'। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वालों के पास अब अपना झंडा उठाने वाला भी कोई नहीं बचा है, और जो लोग दिखाई दिए, वे भी किराए पर लाए गए थे। इस घटनाक्रम के बाद, यह दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश ने भाजपा की वापसी की टिकट कन्फर्म कर दी है।1
- मूल संदेश में इस आध्यात्मिक सत्य पर बल दिया गया है कि जो व्यक्ति राम के नाम का निरंतर गुणगान करता है और उसे अपने हृदय में धारण करता है, वह निश्चित रूप से अपने जीवन में अत्यधिक सुख और शांति का अनुभव प्राप्त करता है। यह भक्तिपूर्ण विचार जीवन में राम नाम के स्मरण की महिमा और उससे मिलने वाले गहरे संतोष व आनंद को अभिव्यक्त करता है, जो भक्त के जीवन को सकारात्मक ऊर्जा और कल्याण से भर देता है।1
- यशपाल यादव ने बताया है कि बिहार में भी भरत तिवारी से मिलता-जुलता एक मामला देखा जा रहा है।1
- एक पोस्ट में बेहद मुखर और सीधा आरोप लगाते हुए कहा गया है कि 'गुस्ताखी माफ हो' लेकिन 'मोदी' और 'चंपत' की दोस्ती दरअसल 'भगवान राम से गद्दारी' है। यह बयान 'मोदी' और 'चंपत' के संबंधों को भगवान राम के प्रति विश्वासघात के तौर पर पेश करता है।1
- बिहारशरीफ में भाकपा-माले ने एक राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत जोरदार विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन मॉब लिंचिंग की घटनाओं, कथित फर्जी मुठभेड़ों, बुलडोजर कार्रवाई और राज्य में लगातार बढ़ते अपराध के खिलाफ था। इस दौरान पार्टी के नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने विशेष रूप से राजगीर दलित हत्याकांड, हरनौत हत्याकांड और नगरनौसा डिग्री कॉलेज आंदोलन जैसे कई महत्वपूर्ण मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान एक पांच सूत्री मांगपत्र भी जारी किया गया, जिसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि अपराध, हिंसा और दमन पर प्रभावी ढंग से रोक नहीं लगाई गई, तो यह आंदोलन और अधिक तीव्र किया जाएगा।1
- Post by1
- यह संदेश भगवान शिव को समर्पित है, जिसमें 'श्री श्री 108', 'ऊं नमः शिवाय', और 'हर हर महादेव' जैसे पवित्र मंत्रों का उच्चारण किया गया है। इसमें सभी के जीवन के मंगलमय होने और खुशियों की बरसात होने की प्रार्थना की गई है। संदेश 'जय बाबा शिव गुरु' के उद्घोष के साथ समाप्त होता है और इसमें एक वीडियो संख्या, 'विडियो न0-545' का भी उल्लेख है।1
- जनता यह सवाल उठा रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के उत्तर प्रदेश में पहले दौरे के दौरान जनता ने 'चढ़ावा-चंदा-दान चोरी' के आक्रोश के चलते उनका बहिष्कार तो किया ही है, लेकिन क्या इस सन्नाटे की एक वजह 'डबल इंजन' की टकराहट भी है? दरअसल, उत्तर प्रदेश का भाजपा संगठन जन-आक्रोश के डर से अपने घरों में दुबका हुआ है या प्रदेश छोड़कर भाग गया है, क्योंकि अन्यथा कुछ लोग तो ज़रूर दिखाई देते। ऐसा न होने के कारण 'नव-निर्मित अध्यक्ष जी' हाथ हिलाने के लिए तरसते हुए प्रतीत हुए। इस घटना से उन्हें भी आज पता चला होगा कि '5' बड़ा है या '7'। भगवान से धोखा करने वालों का दुर्भाग्य स्पष्ट है, क्योंकि 'दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी' होने का दावा करने वालों के लिए अब झंडा उठाने वाला भी कोई नहीं बचा है, और जो लोग लाए भी गए, वे भी किराये पर ही थे। यह सब दर्शाते हुए, उत्तर प्रदेश ने भाजपा की 'रिटर्न टिकट' कन्फ़र्म कर दी है।1