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पुलिस का संदेश चाइनीस धागे से पतंग ना उड़ावे
Dinesh Chandra Rathore
पुलिस का संदेश चाइनीस धागे से पतंग ना उड़ावे
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- पुलिस का संदेश चाइनीस धागे से पतंग ना उड़ावे1
- नया भारत 🇮🇳 ❤️ 🔹अमेरिका ने भारत को पहले कभी इतना मजबूत नहीं देखा… 🔹ये अनुभव उसे पहली बार हो रहा है… ऐसा पहली बार है कि भारत अमेरिका की सुन ही नहीं रहा है… 🔹और ट्रम्प की झुंझलाहट की असली वजह यही है… 👉 क्योंकि ये 2014 से पहले वाला भारत नहीं है... 👉 ये स्वयंम निर्णय निर्णय लेने वाला सक्षम भारत है... 👉 ये “मोदी का भारत” है। 🇮🇳 ⸻ 🔹 1️⃣ रक्षा सौदे: अब भारत मजबूर नहीं, सक्षम है। ▪️ अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत ने रूस से S-400 खरीदा। ▪️ अमेरिका की CAATSA धमकी बेअसर रही। ▪️ अब भारत सिर्फ खरीदार नहीं, बल्कि डिफेंस मैन्युफैक्चरर हब बन रहा है। ▪️ ब्रह्मोस, तेजस, आकाश भारत हथियार निर्यात भी कर रहा है। ⸻ 🔹 2️⃣ सस्ता तेल: राष्ट्रहित सर्वोपरि... ▪️ अमेरिका के मना करने के बावजूद भारत रूस से सस्ता तेल खरीद रहा है। ▪️ 50% टैरिफ की धमकी भी भारत को नहीं डिगा पाई। ▪️ कारण साफ है, महंगाई से देशवासियों को बचाना। ▪️ भारत ने दिखा दिया: विदेश नीति भावनाओं से नहीं, हितों से चलती है। ⸻ 🔹 3️⃣ अर्थव्यवस्था: दुनियां की नजर भारत पर। ▪️ भारत दुनियां की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था। ▪️ यूके को पीछे छोंड़कर Top-5 Economy... ▪️ IMF–World Bank की रिपोर्टें भारत के पक्ष में। ▪️ अमेरिका जानता है अगला आर्थिक सुपरपावर भारत है। ⸻ 🔹 4️⃣ एग्रीकल्चर और डेयरी पर: भारत की लाल रेखा। ▪️ अमेरिका चाहता है कि भारत कृषि और डेयरी सेक्टर खोले। ▪️ लेकिन भारत ने साफ़ कहा किसानों से समझौता नहीं। ▪️ MSP, दूध, छोटे किसान भारत की आत्मा। ▪️ मोदी सरकार ने WTO तक भारत का पक्ष मजबूती से रखा। ⸻ 🔹 5️⃣ मेक इन इंडिया: आत्मनिर्भर भारत ▪️ मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, सेमीकंडक्टर। ▪️ भारत अब सिर्फ मार्केट नहीं, मैन्युफैक्चरिंग हब है। ▪️ दुनियां पर भारत की निर्भरता घट रही है। ▪️ यही बात पश्चिमी देशों को सबसे ज्यादा चुभ रही है। ⸻ 🔹 6️⃣ विदेश नीति: अब भारत आदेश नहीं सुनता। ▪️ अमेरिका के बुलावे को भारत का पीएम ना कह सकता है। ▪️ QUAD हो या BRICS भारत अपनी शर्तों पर चलता है। ▪️ यूक्रेन–रूस युद्ध में भारत ने न्यूट्रल लेकिन मजबूत स्टैंड लिया। ▪️ “This is not India of past” ये संदेश दुनिया तक गया। ⸻ 🔹 7️⃣ ट्रेड डील: फोन कॉल से नहीं, शर्तों से। ▪️ भारत–अमेरिका ट्रेड डील अटकी है। ▪️ कारण: भारत जल्दबाज़ी में समझौता नहीं करता है। ▪️ मोदी ट्रम्प को फोन नहीं कर रहे हैं, क्योंकि... 👉 भारत अब बराबरी की भाषा समझता है। ⸻ 🔹 8️⃣ Global South का नेता भारत। ▪️ G20 में अफ्रीकी यूनियन की एंट्री भारत की पहल। ▪️ वैक्सीन मैत्री से दुनियां को मदद। ▪️ गरीब देशों की आवाज़ बना भारत। ▪️ अमेरिका को ये लीडरशिप पच नहीं रही है। ⸻ 🔹 9️⃣ भारत अब दबाव में नहीं झुकता है। ▪️ न अमेरिका ▪️ न यूरोप ▪️ न IMF 👉 फैसले भारत के नागरिकों के हित में होते हैं। ⸻ अमेरिका ने इस “नए भारत” के बारे में कभी सोंचा ही नहीं था… ये उसके लिए बिल्कुल नया अनुभव है… और वो समझ नहीं पा रहा कि 👉 इस “मोदी के भारत” को कैसे हैंडल करे…!! 🇮🇳 ये नया भारत है जो झुकता नहीं, बिकता नहीं, डरता नहीं और मोदी अब नंबर वन वर्ल्ड लीडर हैं। 🇮🇳 सही कहा ना ??? जय श्रीराम 🙏🚩 वन्देमातरम् 🚩 जय हिन्द जय भारत 🇮🇳❤️1
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- 2026 बाजा रेस के 19 में संस्करण का हुआ समापन जो जीते उनकी बल्ले बल्ले जो हार गए उन्होंने लिया सबक ईबाजा और एच बाजा एसएईइंडिया 2026 पीथमपुर के 5वें दिन चार घंटे की धीरज प्रतियोगिता में भाग लेने वाली 53 टीमों की अंतिम प्रतियोगिता, 11 जनवरी 2026 को बाजार एसएई इंडिया 2026 की पांच दिवसीय यात्रा की प्रतीक्षा की गई, जो 91 टीम के पंजीकरण के साथ शुरू हुई और आज प्रशिक्षण समापन पर पहुंची, जिसने भारत की इलेक्ट्रिक गतिशीलता और इंजीनियरिंग नवाचार में एक और मील का पत्थर बनाया, नैट्र एक्स पीथमपुर में आयोजित किया गया, अंतिम दिन गहन सहनशक्ति ग्राउंड ब्रेकिंग का गवाह बना। नवाचार और इस वर्ष के चैंपियनों की ताजपोशी की गई ए बज के फाइनल मुकाबले में जो सिटी में जीती उन्होंने नेटरेक्स से मैदान पर खूब जश्न मनाया और जो टीमें हार गई वह मायूस होकर यहां से गई लेकिन उन्होंने इस रेस से सबक लिया के आगे अपने व्हीकल में और क्या क्या इनोवेशन करें जिससे कि वह जीत सके भारत के भावी इंजीनियरों ने इस रेस से यह सीखा कि हमें हमारे व्हीकल में और क्या सुधार करना चाहिए जिससे कि हम जीत सकें इस मौके पर इस रेस के करता ks वोहरा ने अपना उपदेश इस तरह दिया जबकि होस्ट करने वाले एक्रोपोलिस कॉलेज की टीम बहुत बढ़िया रेस में अपना मुकाम बनाए हुए थे लेकिन व्हीकल की चाबी गुम होने से उन्हें मायूस होना पड़ा एक जरा सी गलती ने जीत की ओर पहुंचते हुए भी उन्हें पीछे धकेल दिया जब इस बारे में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के( एचओडी )हेमंत मरमट से बात की गई उन्होंने कहा मामूली सी गलती भी हमें पीछे ले जा सकती है हमें मायूस नहीं होना चाहिए और अगले साल ऐसी गलती ना हो ऐसा हम प्रयास करेंगे बड़ों से भी गलती होती है फिर यह तो बच्चे हैं मुश्ताक शेख की रिपोर्ट1
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