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जब देश में बच्चे तक अपनी आवाज़ न उठा सकें, तो इसे आज़ाद वतन कैसे कहा जा सकता है। आज स्थिति यह है कि भाजपा के कट्टर समर्थक भी शर्मिंदा हैं और पश्चाताप तथा प्रायश्चित की आग में जल रहे हैं, क्योंकि उनके पास भी परिवार है और बच्चों के वर्तमान व भविष्य का सवाल है। जब वर्तमान में ही जनता भाजपा से पूरी तरह नाउम्मीद हो चुकी है, तो उससे भविष्य की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। आज हर उम्र के लाखों लोगों ने बेखौफ होकर भाजपा के विरोध में अपनी एकजुटता दिखाई है। इस व्यापक जन-आक्रोश को देखकर भाजपाई और उनके संगी-साथी बेहद डर गए हैं। यह वह आम जनता है जिसे अब सरकार की किसी भी एजेंसी का कोई भय नहीं है।
राजीव यादव पत्रकार सह संपादक
जब देश में बच्चे तक अपनी आवाज़ न उठा सकें, तो इसे आज़ाद वतन कैसे कहा जा सकता है। आज स्थिति यह है कि भाजपा के कट्टर समर्थक भी शर्मिंदा हैं और पश्चाताप तथा प्रायश्चित की आग में जल रहे हैं, क्योंकि उनके पास भी परिवार है और बच्चों के वर्तमान व भविष्य का सवाल है। जब वर्तमान में ही जनता भाजपा से पूरी तरह नाउम्मीद हो चुकी है, तो उससे भविष्य की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। आज हर उम्र के लाखों लोगों ने बेखौफ होकर भाजपा के विरोध में अपनी एकजुटता दिखाई है। इस व्यापक जन-आक्रोश को देखकर भाजपाई और उनके संगी-साथी बेहद डर गए हैं। यह वह आम जनता है जिसे अब सरकार की किसी भी एजेंसी का कोई भय नहीं है।
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- हरदोई जनपद के सुरसा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जीतपुरवा (मजरा खजराहा) में सोहित कुमार (पुत्र कोमिल) के सिर पर वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना की सूचना 24 जुलाई 2026 को डायल 112 के माध्यम से मिलने पर स्थानीय पुलिस ने घायल सोहित को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों की तहरीर के अनुसार, गांव के ही अमर सिंह (पुत्र रामरूप) और जितेन्द्र (पुत्र परशुराम) की सोहित से कहासुनी हुई थी, जिसके बाद धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है और आरोपी जितेन्द्र को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मृतक के शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है। इस प्रकरण में क्षेत्राधिकारी नगर श्री अजीत चौहान द्वारा भी जानकारी दी गई है और अन्य आवश्यक कार्रवाई प्रचलित है।1
- हरदोई जनपद के सुरसा थाना अंतर्गत ग्राम जीतपुरवा मजरा खजराहा में 24 जुलाई को डायल 112 पर सूचना मिली कि सोहित कुमार (पुत्र कोमिल) के सिर पर वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने घायल सोहित को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि गांव के ही अमर सिंह (पुत्र रामरूप) और जितेन्द्र (पुत्र परशुराम) से कहासुनी होने के बाद दोनों ने सोहित पर धारदार हथियार से वार कर दिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। मामले में सुरसा थाने में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपी जितेन्द्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके साथ ही मृतक के शव का नियमानुसार पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है और अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में बद्री विशाल डिग्री कॉलेज के सामने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय को बचाने की मांग उठाई। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना था कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है और इसके ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई से शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी पक्षों को सुनने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी भी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। अभियान के दौरान कई राहगीरों और स्थानीय लोगों ने भी अपने हस्ताक्षर कर समर्थन जताया। इस दौरान एक छोटी बच्ची भी कार्यकर्ताओं के समर्थन में पहुंची, जिसे सपा कार्यकर्ताओं ने जनसमर्थन का प्रतीक बताया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जहां सपा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और वे इसी तरह जनता से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेंगे।2
- हरदोई जनपद के थाना सुरसा क्षेत्र स्थित ग्राम जीतपुरवा में कहासुनी के बाद सोहित कुमार (पुत्र कोमिल) पर धारदार हथियार से वार कर उनकी हत्या कर दी गई। 24 जुलाई 2026 को डायल 112 के माध्यम से घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने गंभीर रूप से घायल सोहित को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, गांव के ही अमर सिंह (पुत्र रामरूप) और जितेन्द्र (पुत्र परशुराम) की सोहित से कहासुनी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस संबंध में संबंधित थाने में सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने आरोपी जितेन्द्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने मृतक के शव का नियमानुसार पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। मामले में अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है और क्षेत्राधिकारी नगर श्री अजीत चौहान द्वारा प्रकरण की जानकारी दी गई है।1
- हरदोई जनपद के थाना सुरसा क्षेत्र स्थित ग्राम जीतपुरवा में शुक्रवार को एक युवक की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान ग्राम जीतपुरवा मजरा खजराहा निवासी सोहित कुमार, पुत्र कोमिल के रूप में हुई है। डायल 112 पर सूचना मिली थी कि सोहित के सिर पर किसी व्यक्ति ने धारदार हथियार से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने गांव के ही अमर सिंह (पुत्र रामरूप) और जितेन्द्र (पुत्र परशुराम) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि कहासुनी के बाद दोनों ने धारदार हथियार से हमला कर सोहित की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी जितेन्द्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- फर्रुखाबाद के कादरी गेट थाना क्षेत्र स्थित आवास विकास कॉलोनी में महात्मा गांधी कार्यालय के पीछे संचालित एक निजी अस्पताल में इलाज में गंभीर लापरवाही के चलते प्रसूता और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद शुक्रवार को आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नवाबगंज थाना क्षेत्र के सिरौली नवादा गांव निवासी 22 वर्षीय शिवानी (पत्नी अभिषेक प्रजापति) को गुरुवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर गांव की दो आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे शिवानी ने एक पुत्री को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही समय बाद नवजात की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान चिकित्सकों द्वारा आवश्यक सावधानियां नहीं बरती गईं और ऑपरेशन में हुई लापरवाही के कारण अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। स्थिति नाजुक होने पर अस्पताल का पूरा स्टाफ और दोनों आशा कार्यकर्ता मौके से फरार हो गए। परिजन शिवानी को निजी वाहन से कानपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उत्तरीपुरा के पास चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजन शव लेकर वापस अस्पताल पहुंचे और संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग पर अड़ गए। कादरी गेट थाना पुलिस ने शवों को पंचनामा व पोस्टमार्टम के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल भिजवाया। नोएडा में निजी कंपनी में कार्यरत मृतका के पति अभिषेक प्रजापति ने बताया कि उनकी शादी अप्रैल 2025 में हुई थी। वहीं, अस्पताल सील किए जाने के कारण वहां पहले से भर्ती अन्य मरीजों के परिजन भी परेशान रहे; शाहजहांपुर के मदनापुर निवासी धर्मवीर ने बताया कि उनकी भर्ती बहन संगीता अंदर ही फंसी रह गईं। पुलिस के अनुसार, पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।2
- शाहजहाँपुर के जलालाबाद क्षेत्र में एक गली में पिछले लगभग दो-तीन महीने से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। जलजमाव के कारण लोगों का आना-जाना बेहद कठिन हो गया है और जो भी यहाँ से गुजरता है, उसे पानी के बीच से ही होकर जाना पड़ रहा है। इसके बावजूद न तो कोई ग्राम प्रधान इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी समस्या को सुन रहा है। स्थानीय स्तर पर इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्यवाही करने तथा इस कच्ची सड़क को पक्की गली में परिवर्तित करवाने की पुरजोर माँग की गई है।1
- जब देश में बच्चे तक अपनी आवाज़ न उठा सकें, तो इसे आज़ाद वतन कैसे कहा जा सकता है। आज स्थिति यह है कि भाजपा के कट्टर समर्थक भी शर्मिंदा हैं और पश्चाताप तथा प्रायश्चित की आग में जल रहे हैं, क्योंकि उनके पास भी परिवार है और बच्चों के वर्तमान व भविष्य का सवाल है। जब वर्तमान में ही जनता भाजपा से पूरी तरह नाउम्मीद हो चुकी है, तो उससे भविष्य की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। आज हर उम्र के लाखों लोगों ने बेखौफ होकर भाजपा के विरोध में अपनी एकजुटता दिखाई है। इस व्यापक जन-आक्रोश को देखकर भाजपाई और उनके संगी-साथी बेहद डर गए हैं। यह वह आम जनता है जिसे अब सरकार की किसी भी एजेंसी का कोई भय नहीं है।1