गुमला जिले के सिसई थाना अंतर्गत झटंगीटोली स्थित जोहार विद्यालय के बच्चों से भरी एक ऑटो पलटने से उसमें सवार 10 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। शनिवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद अंबेरा गांव के बच्चों को विद्यालय की ऑटो से उनके घर पहुंचाया जा रहा था। इसी दौरान विद्यालय से करीब एक किलोमीटर दूर करंज मार्ग पर अचानक दो बैल सड़क पर आ गए, जिन्हें बचाने के चक्कर में चालक ने नियंत्रण खो दिया और लगभग 15 से 20 बच्चों से भरी ऑटो पलट गई। स्थानीय ग्रामीणों और शिक्षकों के सहयोग से सभी घायल बच्चों को सिसई लाया गया। इनमें से 9 बच्चों को सिसई के एक निजी ऑर्थो केयर हॉस्पिटल और एक बच्चे को रेफरल अस्पताल सिसई ले जाया गया। रेफरल अस्पताल में भर्ती 9 वर्षीय आदित्य उरांव (पिता मंगलेश्वर उरांव) के सिर में गंभीर चोट आने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया गया। वहीं निजी अस्पताल में भर्ती 9 बच्चों में से तीन के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला परिषद अध्यक्ष किरण बाड़ा, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सिसई रमेश कुमार यादव, समाजसेवी मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, आकाश लाल और बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंचे। इस दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक अस्पताल में भीड़ को देखकर अपना फोन बंद कर वहां से भाग गए, जिससे दुर्घटना की सही जानकारी नहीं मिल सकी। स्कूल प्रबंधक का यह रवैया उनकी घोर लापरवाही को दर्शाता है। जिला परिषद अध्यक्ष किरण बाड़ा ने रेफरल अस्पताल की बदहाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ नाम का अस्पताल रह गया है और कोई सुविधा न होने के कारण गरीब जनता निजी अस्पतालों में भारी-भरकम फीस देकर इलाज कराने को विवश है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की बात कही।
गुमला जिले के सिसई थाना अंतर्गत झटंगीटोली स्थित जोहार विद्यालय के बच्चों से भरी एक ऑटो पलटने से उसमें सवार 10 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। शनिवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद अंबेरा गांव के बच्चों को विद्यालय की ऑटो से उनके घर पहुंचाया जा रहा था। इसी दौरान विद्यालय से करीब एक किलोमीटर दूर करंज मार्ग पर अचानक दो बैल सड़क पर आ गए, जिन्हें बचाने के चक्कर में चालक ने नियंत्रण खो दिया और
लगभग 15 से 20 बच्चों से भरी ऑटो पलट गई। स्थानीय ग्रामीणों और शिक्षकों के सहयोग से सभी घायल बच्चों को सिसई लाया गया। इनमें से 9 बच्चों को सिसई के एक निजी ऑर्थो केयर हॉस्पिटल और एक बच्चे को रेफरल अस्पताल सिसई ले जाया गया। रेफरल अस्पताल में भर्ती 9 वर्षीय आदित्य उरांव (पिता मंगलेश्वर उरांव) के सिर में गंभीर चोट आने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया गया। वहीं निजी अस्पताल में
भर्ती 9 बच्चों में से तीन के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला परिषद अध्यक्ष किरण बाड़ा, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सिसई रमेश कुमार यादव, समाजसेवी मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, आकाश लाल और बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंचे। इस दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक अस्पताल में भीड़ को देखकर अपना फोन बंद कर वहां से भाग गए, जिससे दुर्घटना की सही जानकारी
नहीं मिल सकी। स्कूल प्रबंधक का यह रवैया उनकी घोर लापरवाही को दर्शाता है। जिला परिषद अध्यक्ष किरण बाड़ा ने रेफरल अस्पताल की बदहाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ नाम का अस्पताल रह गया है और कोई सुविधा न होने के कारण गरीब जनता निजी अस्पतालों में भारी-भरकम फीस देकर इलाज कराने को विवश है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की बात कही।
- गुमला जिले के सिसई थाना अंतर्गत झटंगीटोली स्थित जोहार विद्यालय के बच्चों से भरी एक ऑटो पलटने से उसमें सवार 10 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। शनिवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद अंबेरा गांव के बच्चों को विद्यालय की ऑटो से उनके घर पहुंचाया जा रहा था। इसी दौरान विद्यालय से करीब एक किलोमीटर दूर करंज मार्ग पर अचानक दो बैल सड़क पर आ गए, जिन्हें बचाने के चक्कर में चालक ने नियंत्रण खो दिया और लगभग 15 से 20 बच्चों से भरी ऑटो पलट गई। स्थानीय ग्रामीणों और शिक्षकों के सहयोग से सभी घायल बच्चों को सिसई लाया गया। इनमें से 9 बच्चों को सिसई के एक निजी ऑर्थो केयर हॉस्पिटल और एक बच्चे को रेफरल अस्पताल सिसई ले जाया गया। रेफरल अस्पताल में भर्ती 9 वर्षीय आदित्य उरांव (पिता मंगलेश्वर उरांव) के सिर में गंभीर चोट आने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया गया। वहीं निजी अस्पताल में भर्ती 9 बच्चों में से तीन के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला परिषद अध्यक्ष किरण बाड़ा, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सिसई रमेश कुमार यादव, समाजसेवी मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, आकाश लाल और बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंचे। इस दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक अस्पताल में भीड़ को देखकर अपना फोन बंद कर वहां से भाग गए, जिससे दुर्घटना की सही जानकारी नहीं मिल सकी। स्कूल प्रबंधक का यह रवैया उनकी घोर लापरवाही को दर्शाता है। जिला परिषद अध्यक्ष किरण बाड़ा ने रेफरल अस्पताल की बदहाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ नाम का अस्पताल रह गया है और कोई सुविधा न होने के कारण गरीब जनता निजी अस्पतालों में भारी-भरकम फीस देकर इलाज कराने को विवश है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की बात कही।4
- रांची में 18 जुलाई 2026 को हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर नगर निगम के दावों और शहर के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल कर रख दी है। अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़ जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित चापुटोली चौक के पास लगभग 200 मीटर का रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो गया है और सड़क पर लबालब पानी भरने से यह तालाब जैसी नजर आ रही है। इस जलजमाव के कारण व्यस्त मार्ग पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई है और वे रेंगते नजर आ रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है क्योंकि पानी के नीचे सड़क के गड्ढे पूरी तरह छिप चुके हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका काफी बढ़ गई है। वहीं, बड़े वाहनों के गुजरने से उठने वाली पानी की ऊंची लहरें पैदल चलने वालों और दुकानदारों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई हैं। इस अव्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों और राहगीरों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि जल निकासी की सही व्यवस्था न होने के कारण हल्की या भारी बारिश के बाद यह मुख्य मार्ग कुछ ही मिनटों में 'टापू' में तब्दील हो जाता है। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से इस समस्या का जल्द से जल्द कोई स्थायी समाधान निकालने की माँग की है ताकि उन्हें इस आए दिन की फजीहत से राहत मिल सके।1
- रांची के अपर बाज़ार में बारिश के बाद सड़क का हाल बेहद खराब नजर आ रहा है। यहाँ बारिश होने के बाद सड़क पर पानी का बहाव इस कदर तेज है कि पूरी सड़क किसी उफनती हुई नदी जैसी दिखाई दे रही है।1
- लोहरदगा के किस्को में एक घर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें पहले पक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद दूसरे पक्ष ने भी अपनी बात रखी है। दूसरे पक्ष का कहना है कि उनका जन्म उसी घर में हुआ था और उन्होंने अपना पहला चुनाव भी उसी घर से लड़ा था। इस पूरे मामले पर पूर्व वार्ड कमिश्नर शशि वर्मा ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे बचपन से ही उसी घर में रहते आ रहे हैं।1
- लोहरदगा में किसानों का शोषण लगातार जारी है। इस स्थिति के बीच अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर किसानों को कौन लूट रहा है।1
- लोहरदगा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की हालत बेहद खराब है, जहां सड़क बनते ही टूट जाती है। ग्रामीण इलाकों में सड़क निर्माण के तुरंत बाद ही सड़कों के टूटने का सिलसिला शुरू हो जाता है।1
- खूंटी जिला के मूरहू सदर पंचायत स्थित एक शराब दुकान में चोरी की घटना सामने आई है। यहाँ चोरों ने दुकान का वेंटिलेटर तोड़कर इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया।1
- गुमला के सिसई थाना अंतर्गत झटगीटोली गांव में स्कूल की छुट्टी होने के बाद घर जा रहे जोहार विद्यालय के बच्चों से भरी एक ऑटो बीच रास्ते में ही पलट गई। इस हादसे में ऑटो में सवार 10 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और शिक्षकों के सहयोग से आनन-फानन में 9 बच्चों को आर्थो केयर हॉस्पिटल सिसई और 1 बच्चे को रेफरल अस्पताल सिसई पहुंचाया गया। रेफरल अस्पताल में भर्ती 9 वर्षीय आदित्य उरांव (पिता मंगलेश्वर उरांव) के सिर के ऊपरी हिस्से में गंभीर चोट आने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया गया। वहीं, बाकी 9 घायल बच्चों का आर्थो केयर हॉस्पिटल में ही डॉक्टरों की देखरेख में इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही बीडीओ, जिप अध्यक्ष और समाजसेवी भी बच्चों का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे।1