राजस्थान विधानसभा में खैरथल-तिजारा जिले के मुख्यालय को लेकर चल रही अटकलों पर अब पूर्णविराम लग गया है। माननीय विधायक श्री दीपचंद खैरिय द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला मुख्यालय को स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद, जिला बचाओ संघर्ष समिति ने अपने 318वें दिन के धरने पर बड़ी संख्या में लोगों के साथ विचार-विमर्श किया। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक नगरपरिषद खैरथल जिला मुख्यालय का पट्टा सार्वजनिक नहीं करती और मुख्यालय निर्माण के लिए भूमि पूजन नहीं हो जाता, तब तक उनका संघर्ष और धरना जारी रहेगा। समिति ने खैरथल-तिजारा की जनता की अपेक्षाओं को देखते हुए नगर परिषद से त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि नए जिले के विकास के लिए मिलने वाला पैसा पिछले साल की तरह लैप्स न हो। समिति के सदस्य गिरीश डाटा ने कहा कि धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा और उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री एवं सांसद भूपेंद्र यादव, व जिले के विधायक से मुख्यालय की जमीन का भूमि पूजन करने की अपील की, जिसके लिए पूरे जिले के लोग उनका आभार व्यक्त करेंगे। नेता प्रतिपक्ष विक्की चौधरी ने भी जोर दिया कि जिला मुख्यालय खैरथल में ही स्थिर होने की पुष्टि के बाद, स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद को बिना किसी देरी के जनहित में कार्य करना चाहिए। समिति के सदस्य ओमप्रकाश रोघा ने विश्वास व्यक्त किया कि स्थानीय निकाय अब संवेदनशीलता दिखाते हुए इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करेगा, जिससे आमजन को मिल रही सुविधाओं का विस्तार और जिले का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। आज की बैठक में विधायक दीपचंद खैरिय सहित गिरीश डाटा, पंकज रोघा, अखिलेश कौशिक, शिवचरण गुप्ता, वीर सिंह ढिल्लन, विक्की चौधरी, अरविंद रोहिल्ला, ओमप्रकाश रोघा, जयप्रकाश हेडाऊ, रामचंद्र कामरेड, वेद प्रकाश कौशिक, श्यामलाल शर्मा, महेंद्र जांगिड़, पूर्ण सैनी, जमालुद्दीन, मातादीन बिरासिया, रामबाबू चौधरी, सुरेश कौशिक, हरदयाल हुसैनपुर और रोहताश समेत शहर व गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
राजस्थान विधानसभा में खैरथल-तिजारा जिले के मुख्यालय को लेकर चल रही अटकलों पर अब पूर्णविराम लग गया है। माननीय विधायक श्री दीपचंद खैरिय द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला मुख्यालय को स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद, जिला बचाओ संघर्ष समिति ने अपने 318वें दिन के धरने पर बड़ी संख्या में लोगों के साथ विचार-विमर्श किया। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक नगरपरिषद खैरथल जिला मुख्यालय का पट्टा सार्वजनिक नहीं करती और मुख्यालय निर्माण के लिए भूमि पूजन नहीं हो जाता, तब तक उनका संघर्ष और धरना जारी रहेगा। समिति ने खैरथल-तिजारा की जनता की अपेक्षाओं को देखते हुए नगर परिषद से त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि नए जिले के विकास के लिए मिलने वाला पैसा पिछले साल की तरह लैप्स न हो। समिति के सदस्य गिरीश डाटा ने कहा कि धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा और उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री एवं सांसद भूपेंद्र यादव, व जिले के विधायक से मुख्यालय की जमीन का भूमि पूजन करने की अपील की, जिसके लिए पूरे जिले के लोग उनका आभार व्यक्त करेंगे। नेता प्रतिपक्ष विक्की चौधरी ने भी जोर दिया कि जिला मुख्यालय खैरथल में ही स्थिर होने की पुष्टि के बाद, स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद को बिना किसी देरी के जनहित में कार्य करना चाहिए। समिति के सदस्य ओमप्रकाश रोघा ने विश्वास व्यक्त किया कि स्थानीय निकाय अब संवेदनशीलता दिखाते हुए इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करेगा, जिससे आमजन को मिल रही सुविधाओं का विस्तार और जिले का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। आज की बैठक में विधायक दीपचंद खैरिय सहित गिरीश डाटा, पंकज रोघा, अखिलेश कौशिक, शिवचरण गुप्ता, वीर सिंह ढिल्लन, विक्की चौधरी, अरविंद रोहिल्ला, ओमप्रकाश रोघा, जयप्रकाश हेडाऊ, रामचंद्र कामरेड, वेद प्रकाश कौशिक, श्यामलाल शर्मा, महेंद्र जांगिड़, पूर्ण सैनी, जमालुद्दीन, मातादीन बिरासिया, रामबाबू चौधरी, सुरेश कौशिक, हरदयाल हुसैनपुर और रोहताश समेत शहर व गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
- राजस्थान विधानसभा में खैरथल-तिजारा जिले के मुख्यालय को लेकर चल रही अटकलों पर अब पूर्णविराम लग गया है। माननीय विधायक श्री दीपचंद खैरिय द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला मुख्यालय को स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद, जिला बचाओ संघर्ष समिति ने अपने 318वें दिन के धरने पर बड़ी संख्या में लोगों के साथ विचार-विमर्श किया। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक नगरपरिषद खैरथल जिला मुख्यालय का पट्टा सार्वजनिक नहीं करती और मुख्यालय निर्माण के लिए भूमि पूजन नहीं हो जाता, तब तक उनका संघर्ष और धरना जारी रहेगा। समिति ने खैरथल-तिजारा की जनता की अपेक्षाओं को देखते हुए नगर परिषद से त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि नए जिले के विकास के लिए मिलने वाला पैसा पिछले साल की तरह लैप्स न हो। समिति के सदस्य गिरीश डाटा ने कहा कि धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा और उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री एवं सांसद भूपेंद्र यादव, व जिले के विधायक से मुख्यालय की जमीन का भूमि पूजन करने की अपील की, जिसके लिए पूरे जिले के लोग उनका आभार व्यक्त करेंगे। नेता प्रतिपक्ष विक्की चौधरी ने भी जोर दिया कि जिला मुख्यालय खैरथल में ही स्थिर होने की पुष्टि के बाद, स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद को बिना किसी देरी के जनहित में कार्य करना चाहिए। समिति के सदस्य ओमप्रकाश रोघा ने विश्वास व्यक्त किया कि स्थानीय निकाय अब संवेदनशीलता दिखाते हुए इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करेगा, जिससे आमजन को मिल रही सुविधाओं का विस्तार और जिले का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। आज की बैठक में विधायक दीपचंद खैरिय सहित गिरीश डाटा, पंकज रोघा, अखिलेश कौशिक, शिवचरण गुप्ता, वीर सिंह ढिल्लन, विक्की चौधरी, अरविंद रोहिल्ला, ओमप्रकाश रोघा, जयप्रकाश हेडाऊ, रामचंद्र कामरेड, वेद प्रकाश कौशिक, श्यामलाल शर्मा, महेंद्र जांगिड़, पूर्ण सैनी, जमालुद्दीन, मातादीन बिरासिया, रामबाबू चौधरी, सुरेश कौशिक, हरदयाल हुसैनपुर और रोहताश समेत शहर व गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- मीडिया ने मनोज तिवारी से भोजपुरी गानों से जुड़े कई सवाल पूछे। इन सवालों के जवाब में मनोज तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। हालांकि, उन्होंने क्या कहा, यह जानने के लिए पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है।1
- अलवर जिले के मुबारिकपुर गाँव के ग्रामीणों ने अपनी दैनिक आवागमन की समस्या को उजागर करते हुए मुबारिकपुर से अलवर के लिए बंद पड़ी बस सेवा को तुरंत फिर से शुरू करने की जोरदार मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि मुबारिकपुर से बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी, व्यापारी सहित अन्य लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं, और बस सुविधा के अभाव में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने बस स्टैंड पर भी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया है। इन समस्याओं के समाधान के लिए, ग्रामीणों ने मत्स्यनगर आगार के मुख्य प्रबंधक को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें बस संचालन को तत्काल बहाल करने और बस स्टैंड का सौंदर्यीकरण कराने की अपील की गई है।1
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- नीमराना की आशियाना आंगन सोसायटी में 10 जून को दिनदहाड़े हुई चोरी की घटना के बाद निवासियों में भारी आक्रोश देखा गया है। सोसायटी के लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रबंधन के खिलाफ रविवार को मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया और सुरक्षा को मजबूत करने की मांग उठाई। सोसायटी निवासी विकास कुमार ने बताया कि 10 जून को उनके फ्लैट से करीब 25 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी दिनदहाड़े चोरी हो गए थे। दिन के समय हुई इस घटना से लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। निवासियों का आरोप है कि इतनी बड़ी चोरी के बावजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं किया गया, जिससे चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि भारी मेंटेनेंस देने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था बिल्कुल खराब है, और प्रवेश द्वार के पास सिक्योरिटी रूम के नजदीक मंदिर से भी पहले दिनदहाड़े चोरी हो चुकी है। उनका यह भी कहना है कि सोसाइटी के अंदर आए दिन कई चोरियां हो चुकी हैं, और पुलिस भी अभी तक कोई खुलासा नहीं कर पाई है, न ही सोसायटी प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम उठाया है। प्रदर्शन के दौरान सोसायटी के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा व्यवस्था को शीघ्र सुदृढ़ नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। उन्होंने सोसायटी प्रबंधन से सीसीटीवी कैमरों की प्रभावी निगरानी, सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने और प्रवेश-निकास व्यवस्था को और कड़ा करने की मांग की। इसके साथ ही, निवासियों ने प्रशासन और पुलिस से मामले की जल्द से जल्द जांच कर चोरी का खुलासा करने तथा आरोपियों को गिरफ्तार करने की भी मांग की। निवासियों का कहना है कि सुरक्षित आवास का दावा करने वाली सोसायटी में इस प्रकार की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शन में आशीष मलिक, पूर्व अध्यक्ष के के शर्मा, विकास कुमार, नवीन कुमार, मनोज कुमार सरपंच, संदीप यादव, नरेंद्र, पूनम, नीत, प्रिया, दीपक, योगेश, हरविंदर, राजेंद्र, अमित सहित बड़ी संख्या में सोसायटी के महिला-पुरुष मौजूद रहे, जिन्होंने सुरक्षा को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।4
- रविवार को नूंह स्थित रेस्ट हाउस में मेवात विकास सभा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता सभा के अध्यक्ष फकरुद्दीन चेयरमैन ने की। इस बैठक में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन), शिक्षा और क्षेत्र में बढ़ रही सामाजिक बुराइयों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि लोगों को एसआईआर के प्रति जागरूक करने तथा अधिक से अधिक नागरिकों तक इसकी जानकारी पहुँचाने के उद्देश्य से एक सेंट्रल बॉडी का गठन किया जाए। यह सेंट्रल बॉडी विभिन्न ब्लॉकों में कार्य करते हुए लोगों को जागरूक करने का काम करेगी।1
- पोस्ट में घरेलू मीडिया की कार्यप्रणाली पर तीखी आलोचना की गई है, जिसमें नॉर्वे को 'फ्रीडम नंबर 1' बताया गया है। संदेश में इस बात पर चिंता व्यक्त की गई है कि 'हमारे देश' की मीडिया 'कुछ भी खबर चला सकती है', जो उसकी विश्वसनीयता या जवाबदेही पर सवाल उठाता है। पोस्ट में इस मीडिया के रवैये को लेकर निराशा और हताशा प्रकट की गई है, यह पूछते हुए कि ऐसी मीडिया के बारे में क्या कहा जाए।1
- रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ क्षेत्र में एक घटना सामने आई है, जहाँ गली में खेल रहे एक मासूम बच्चे पर एक गाय ने हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले के बाद, मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और बच्चे की जान बचाने में सफल रहे।1