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उत्तर प्रदेश के कानपुर में कचहरी के पास सिविल लाइंस जैसे व्यस्त इलाके में कानून-व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ बीच सड़क पर एक वकील और एक पुलिसकर्मी के बीच जमकर लात-घूंसे चले, जिसने इलाके में व्यवस्था की साख को तार-तार कर दिया। इस घटना में आरोपी सिपाही को लेकर यह आरोप है कि वह नशे में धुत था और उसने खाकी वर्दी पहनकर सरेआम गुंडागर्दी और अशोभनीय आचरण किया। घटना के बाद आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया है।
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में कचहरी के पास सिविल लाइंस जैसे व्यस्त इलाके में कानून-व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ बीच सड़क पर एक वकील और एक पुलिसकर्मी के बीच जमकर लात-घूंसे चले, जिसने इलाके में व्यवस्था की साख को तार-तार कर दिया। इस घटना में आरोपी सिपाही को लेकर यह आरोप है कि वह नशे में धुत था और उसने खाकी वर्दी पहनकर सरेआम गुंडागर्दी और अशोभनीय आचरण किया। घटना के बाद आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया है।
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- अंबेडकरनगर में तैनात इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी से बचते हुए एक पीड़ित पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाने पहुंचा था। वहां तैनात पीआरओ जितेन्द्र रघुवंशी ने इसकी सूचना तत्काल टांडा कोतवाली पुलिस को दे दी। इसके बाद टांडा कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बिना किसी एफआईआर के ही पीड़ित को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में पीड़ित सड़क पर ही सो गया, जिसके बाद वहां मौजूद सक्रिय लोगों ने इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया और किसी तरह पीड़ित पुलिस के चंगुल से बच सका। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीओ सिटी अकबरपुर का एक बयान सामने आया है। सीओ का कहना है कि इस पीड़ित व्यक्ति का आपराधिक इतिहास है। वहीं दूसरी तरफ, पीड़ित ने पुलिस के इस दावे को खुला चैलेंज दिया है। पीड़ित का कहना है कि उसके ऊपर केवल एक ही मुकदमा दर्ज है, जिसे खुद इसी इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने दर्ज किया है और इसके अलावा उसका कोई दूसरा आपराधिक इतिहास नहीं है। पीड़ित का आरोप है कि इस गरीब का दोष सिर्फ इतना ही है कि वह एक व्यक्ति से अपने बकाया ₹3 लाख बार-बार मांग रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है। इस पूरे मामले को लेकर तीखा तंज कसते हुए कहा गया है कि बुजुर्ग कहते थे कि गरीबों की हाय नहीं लेनी चाहिए। इसके साथ ही सीओ साहब को चुनौती दी गई है कि वे तत्काल प्रभाव से उस मुकदमे का क्राइम नंबर भी सार्वजनिक करें, जिसके आधार पर उन्होंने पीड़ित का आपराधिक इतिहास होने का दावा किया था।1
- अयोध्या जनपद की मिल्कीपुर विधानसभा के कुमारगंज क्षेत्र से गुजर रही शारदा सहायक नहर की पटरी अब हादसों का रास्ता बन चुकी है। लगभग 1000 मीटर लंबी इस सड़क पर 500 से अधिक गहरे और जानलेवा गड्ढे बन गए हैं, जिनकी गहराई दो फुट तक है। इस बदहाल स्थिति के कारण वहां से गुजरने वाले ग्रामीणों, किसानों, छात्रों और वाहन चालकों की जान हर पल जोखिम में बनी हुई है। बरसात के कारण इन गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी विकट हो गई है, जिससे राहगीरों के गिरकर चोटिल होने की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को लेकर गहरा आक्रोश है। जनता जन प्रतिनिधियों की इस चुप्पी पर भी लगातार सवाल उठा रही है और उनका आरोप है कि सड़क की यह दुर्दशा विकास के दावों की पोल खोल रही है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़ी अनहोनी के होने से पहले नहर पटरी की तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि आवागमन को सुरक्षित बनाया जा सके।2
- लखनऊ में रिमझिम बारिश के चलते मौसम सुहाना बना हुआ है। इस सुहावने मौसम का आनंद लेते हुए किसान भाई खेतों में धान की रोपाई के कार्य में जुटे हुए हैं। इस बारिश से किसानों को काफी फायदा हो रहा है। लाल चंद सोनी ने आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ की ओर से यह जानकारी दी है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने अयोध्या दौरे के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान समाजवादी पार्टी ने पावन भूमि अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज़ पढ़वाने का काम किया था। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जोर दिया कि उनकी सरकार अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए यह टिप्पणी की है। इस बयान के बाद अब प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज होने के कयास लगाए जा रहे हैं।1
- अयोध्या के देवकाली बाईपास चौराहे पर नगर निगम के प्रवर्तन दल की एक गाड़ी का वीडियो सामने आया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो में नगर निगम की गाड़ी भीषण जाम के बीच यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए उल्टी दिशा से हूटर बजाकर निकलती हुई दिखाई दे रही है। जिस समय यह घटना हुई, वहां आम लोग पहले से ही लंबे समय से ट्रैफिक जाम में फंसे हुए थे। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि जहां आम नागरिकों पर यातायात के नियम सख्ती से लागू किए जाते हैं, वहीं सरकारी वाहनों को नियम तोड़ते हुए देखा जा रहा है। देवकाली बाईपास पर पहले से ही भारी ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है, जिससे आम जनता खासी परेशान है।1
- अयोध्या में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से नगरवासियों को राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने एक विशेष कंट्रोल रूम की स्थापना की है। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी और नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से इसका शुभारंभ किया। इस कंट्रोल रूम का उद्देश्य शहर को जलभराव मुक्त रखना और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इस व्यवस्था को 24 घंटे संचालित करने के लिए कर्मचारियों को तीन शिफ्टों में तैनात किया गया है। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश पांडे ने जानकारी दी कि शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित जोन की टीम को तत्काल मौके पर भेजा जाएगा और 24 घंटे के भीतर समस्या का निस्तारण किया जाएगा। नागरिक जलभराव संबंधी अपनी शिकायतें 1533 या टोल-फ्री नंबर 1800-313-1277 पर दर्ज करा सकते हैं। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, पार्षद बृजेंद्र सिंह, चंदन सिंह, धर्मेंद्र मिश्र, सूर्यकुमार तिवारी सूर्या, सुनील यादव, जगत नारायण यादव और सहायक अभियंता राजपति यादव सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।2
- उत्तर प्रदेश के कानपुर में कचहरी के पास सिविल लाइंस जैसे व्यस्त इलाके में कानून-व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ बीच सड़क पर एक वकील और एक पुलिसकर्मी के बीच जमकर लात-घूंसे चले, जिसने इलाके में व्यवस्था की साख को तार-तार कर दिया। इस घटना में आरोपी सिपाही को लेकर यह आरोप है कि वह नशे में धुत था और उसने खाकी वर्दी पहनकर सरेआम गुंडागर्दी और अशोभनीय आचरण किया। घटना के बाद आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया है।1