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बनारस में एक युवक ने गंभीर आरोप लगाया है कि कुछ फर्जी किन्नरों द्वारा उसे किन्नर बनने के लिए मजबूर किया जा रहा है। युवक का कहना है कि इनकार करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई है। इसके साथ ही, युवक पर देह व्यापार में शामिल होने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर युवक ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई है।
आवाज News
बनारस में एक युवक ने गंभीर आरोप लगाया है कि कुछ फर्जी किन्नरों द्वारा उसे किन्नर बनने के लिए मजबूर किया जा रहा है। युवक का कहना है कि इनकार करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई है। इसके साथ ही, युवक पर देह व्यापार में शामिल होने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर युवक ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई है।
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- मंगलवार को वाराणसी के अस्सी घाट पर 'जन-जन का हो यही प्रयास, स्वच्छ रहे हर गंगा घाट' के उद्घोष के साथ एक स्वच्छता अभियान चलाया गया। 'नमामि गंगे' के स्वयंसेवकों ने मां गंगा की निर्मलता के आग्रह को लेकर गंगा तट की साफ-सफाई की। इस दौरान घाट की सीढ़ियों और किनारों से पॉलीथिन व अन्य प्रदूषित सामग्रियों को हटाकर उन्हें कूड़ेदान तक पहुँचाया गया। इस अभियान का संयोजन नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने किया। अभियान के अंतर्गत स्थानीय नागरिकों, पुरोहितों, दुकानदारों और पर्यटकों से इस जन-अभियान में शामिल होने की अपील की गई। आम जनता को पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली में शामिल करने और गंगा को निर्मल बनाए रखने के लिए जागरूक करते हुए कपड़े के झोले भी वितरित किए गए। स्वयंसेवकों ने हाथों में 'गंदगी है तो बीमारी है, सफाई है तो स्वास्थ्य है' और 'सबका साथ हो, गंगा साफ हो' जैसे नारों वाली तख्तियां लेकर घाट पर स्वच्छता की अलख जगाई। अभियान के दौरान विशेष रूप से उपस्थित उत्तर प्रदेश नमामि गंगे विभाग के संयोजक श्रीकृष्ण दीक्षित ने कहा कि धर्म तभी सार्थक होता है जब हम प्रकृति और अपनी गंगा माँ का सम्मान करें, और आस्था का सम्मान ही स्वच्छता का संकल्प है। उन्होंने गंगा को हमारी धरोहर बताते हुए इसकी निर्मलता बनाए रखने को परम कर्तव्य कहा। गंगा सेवक एवं नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने जोर दिया कि गंगा की स्वच्छता केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और जीवनदायिनी धरोहर से जुड़ा विषय है। उन्होंने इसे निर्मल बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य बताते हुए कहा कि गंगा सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि हमारी आस्था, हमारी पहचान और हमारी जीवनरेखा है, और छोटी-छोटी पहल ही मिलकर बड़े बदलाव लाती हैं। इस श्रमदान अभियान में महानगर सहसंयोजक सारिका गुप्ता, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, गीता दीक्षित, अतुल गुप्ता, अनूप भदौरिया, मनीष बाजपेयी, विधि दीक्षित और राहुल खन्ना सहित कई अन्य स्वयंसेवक उपस्थित रहे।1
- वाराणसी के अस्सी घाट पर मंगलवार को नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने 'जन-जन का हो यही प्रयास, स्वच्छ रहे हर गंगा घाट' के नारे के साथ एक स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान देश को एक सूत्र में बांधने वाली मां गंगा की निर्मलता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के संयोजन में इस जन-अभियान में स्थानीय नागरिकों, पुरोहितों, दुकानदारों और पर्यटकों को शामिल होने की अपील की गई। अभियान के तहत स्वयंसेवकों ने घाट की सीढ़ियों और किनारों से पॉलीथिन तथा अन्य प्रदूषित सामग्रियों को हटाकर कूड़ेदान तक पहुँचाया। साथ ही, आम जनता को पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली में अपनाने और गंगा को निर्मल बनाए रखने के लिए जागरूक करने हेतु कपड़े के झोले भी वितरित किए गए। स्वयंसेवकों ने हाथों में 'गंदगी है तो बीमारी है, सफाई है तो स्वास्थ्य है' और 'सबका साथ हो, गंगा साफ हो' जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर घाट पर स्वच्छता की अलख जगाई। इस श्रमदान में महानगर सहसंयोजक सारिका गुप्ता, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, गीता दीक्षित, अतुल गुप्ता, अनूप भदौरिया, मनीष बाजपेयी, विधि दीक्षित और राहुल खन्ना सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित उत्तर प्रदेश नमामि गंगे विभाग के संयोजक श्रीकृष्ण दीक्षित ने इस बात पर जोर दिया कि धर्म तभी सार्थक होता है जब प्रकृति और अपनी गंगा माँ का सम्मान किया जाए। उन्होंने कहा कि आस्था का सम्मान, स्वच्छता का संकल्प है और गंगा हमारी धरोहर है जिसकी निर्मलता बनाए रखना हमारा परम कर्तव्य है। गंगा सेवक नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने भी कहा कि गंगा की स्वच्छता केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हमारी आस्था, संस्कृति और जीवनदायिनी धरोहर से जुड़ा विषय है। उन्होंने इसे निर्मल बनाए रखने को हर नागरिक का कर्तव्य बताते हुए कहा कि गंगा सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि हमारी आस्था, हमारी पहचान और हमारी जीवनरेखा है और छोटी-छोटी पहल ही मिलकर बड़े बदलाव लाती हैं।1
- वाराणसी के टांडा-कैथी में पीपा पुल को हटा दिया गया है। इस बदलाव के बाद, अब यहां यात्रियों के लिए मुफ्त सरकारी नाव सेवा का संचालन शुरू कर दिया गया है। स्थानीय जनता अब भी एक स्थायी पक्के पुल के निर्माण की उम्मीद लगाए हुए है।1
- वाराणसी में सारनाथ पुलिस टीम ने एक व्यक्ति को अवैध असलहे के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान 32 वर्षीय बृजेश मिश्रा के रूप में हुई है, जो सारनाथ थाना क्षेत्र का निवासी है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी पंकज कुमार त्रिपाठी, उपनिरीक्षक जितेंद्र पाल सिंह, उप निरीक्षक अनुज कुमार शुक्ला, कांस्टेबल पंकज सिंह और कांस्टेबल मुन्ना यादव शामिल थे। अवैध असलहे के साथ अभियुक्त को सफलतापूर्वक गिरफ्तार करने वाली इस पुलिस टीम को ₹1000 का इनाम देकर पुरस्कृत किया गया है।1
- चंदौली जिले में आयोजित दिशा की बैठक में पत्रकारों को प्रवेश नहीं दिया गया, जिस पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के जिला अध्यक्ष घनश्याम प्रधान ने एक बड़ा बयान जारी किया है।1
- जौनपुर जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र के सराय दुर्गादास (नखतपुर) गाँव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ धान की बुआई करने गए 41 वर्षीय किसान रामलाल गौतम की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना का कारण खेत में लगी एक झटका मशीन से प्रवाहित करंट को बताया जा रहा है, जिसकी चपेट में आने के बाद किसान ने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पीड़ित परिजनों में कोहराम मच गया है और पूरे गाँव में शोक की लहर फैल गई है। ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और मृतक किसान के परिवार को उचित मुआवजा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है।1
- बनारस में एक युवक ने गंभीर आरोप लगाया है कि कुछ फर्जी किन्नरों द्वारा उसे किन्नर बनने के लिए मजबूर किया जा रहा है। युवक का कहना है कि इनकार करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई है। इसके साथ ही, युवक पर देह व्यापार में शामिल होने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर युवक ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई है।1
- उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ सुल्तानपुर में लोगों पर पुलिस की मौजूदगी में ही जानलेवा हमला किया गया। इस घटना के दौरान पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप है। मूल पोस्ट में तीखे शब्दों में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज नहीं बची है और राज्य में कानून व्यवस्था लगातार बदतर होती जा रही है।1