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आगामी रामनवमी मेला आयोजन के पुर अरु में विवाद की संभावना पर प्रशासन अलर्ट आयोजित हुआ शांति समिति की बैठक
आलोक कुमार
आगामी रामनवमी मेला आयोजन के पुर अरु में विवाद की संभावना पर प्रशासन अलर्ट आयोजित हुआ शांति समिति की बैठक
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- Post by AAM JANATA1
- गुमला जिला अंतर्गत चैनपुर प्रखंड के जनावल गांव के प्रवासी मजदूर सुनील तिर्की की मौत कर्नाटक के बंगार पेट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से हो गयी. वह मजदूरी करने कर्नाटक गया था और घर लौटते समय हादसे का शिकार हुआ. घटना की जानकारी चैनपुर थाना द्वारा परिजनों को दी गयी. मृतक की पत्नी सुखमनी केरकेट्टा ने मजदूर संघ सीएफटीयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष जुम्मन खान से संपर्क किया. जुम्मन खान ने तुरंत पहल करते हुए गुमला बुलाकर श्रम अधीक्षक को लिखित आवेदन दिया और शव मंगवाने की अपील की. श्रम अधीक्षक ने हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया. सुनील तिर्की के पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं. मजदूर संघ ने प्रवासी मजदूरों की लगातार हो रही मौतों पर चिंता जताते हुए कहा कि उनकी आवाज राज्य और केंद्र सरकार तक पहुंचनी चाहिए, ताकि प्रवासी मजदूरों को सुरक्षा और सहयोग मिल सके। बाइट, जुम्मन खान, मजदूर नेता।2
- लातेहार सरयू पथ पर तरवाडीह हरिजन टोला के समीप वेगनर कार और मोपेड में भीषण टक्कर हो जाने से मोपेड चालक हरि सोनी बर्तन विक्रेता गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे स्थानीय लोगों की मदद से सदर अस्पताल लातेहार भेज कर इलाज कराया जा रहा है। घटना इतना जबरदस्त था कि मोपेड का पहला छक्का एवं वैगन आर का दाहिने साइड का चक्का पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया6
- आज चैती छठ पूजा व्रत के दौरान राँची छठ घाट पर व्रती भगवान भास्कर की संध्या अर्ध अर्पित करते हुवे परिवार की खुशहाल जीवन की कामना करते हुए विभिन्न घाटों पर पूजा अर्चना करते हुए दिखाई दिए।1
- चैनपुर – रामनवमी के पावन अवसर पर पहले मंगलवार को चैनपुर मुख्यालय पूरी तरह भक्ति के रंग में रंग गया। रामनवमी पूजा केंद्रीय समिति के तत्वावधान में भव्य मंगलवारी शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 70 गांवों से हजारों की संख्या में राम भक्त शामिल हुए। “जय श्री राम” के गगनभेदी नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा और माहौल भक्तिमय बन गया।1
- चैनपुर:– रामनवमी के पावन अवसर पर मंगलवार को चैनपुर मुख्यालय पूरी तरह से भक्ति और शौर्य के रंग में रंगा नजर आया। रामनवमी पूजा समिति के तत्वावधान में निकाली गई भव्य शोभायात्रा में करीब 105 गांवों से सैकड़ों रामभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे क्षेत्र में गूंजते जय श्री राम के गगनभेदी नारों और ढोल-नगाड़ों की थाप ने वातावरण को पूरी तरह से गुंजायमान कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक तरीके से श्रद्धालुओं के भव्य स्वागत के साथ हुआ। दूर-दराज से पहुंचे राम भक्तों के बीच शरबत और प्रसाद का वितरण किया गया। इसके बाद एक विशाल सामूहिक भोज (भंडारे) का आयोजन हुआ जहां सभी ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन समाज में आपसी भाईचारे और समरसता का अद्भुत संदेश दे रहा था। नगर भ्रमण और अखाड़ों का शौर्य प्रदर्शन सामूहिक भोज के पश्चात चैनपुर दुर्गा मंडप से एक विशाल और आकर्षक शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा मेन रोड, पीपल चौक, थाना रोड, ब्लॉक चौक, चर्च रोड, सोहन चौक, अल्बर्ट एक्का चौक और बस स्टैंड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची। इस दौरान विभिन्न अखाड़ों ने अपने पारंपरिक हथियारों के साथ हैरतअंगेज करतबों और युद्ध कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। सड़क के दोनों ओर इन वीरों का करतब देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर पहुंचने के बाद सभी अखाड़ों के कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों का जोरदार प्रदर्शन किया। करतबों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 9 अखाड़ों को पुरस्कार स्वरूप ड्रम भेंट किया गया, जबकि अन्य सभी प्रतिभागी अखाड़ों के बीच पारंपरिक तलवार का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि व जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने अपने जोशीले संबोधन में सभी अखाड़े के लोगों और राम भक्तों की जमकर हौसला अफजाई की। उन्होंने युवाओं के जोश उनके अनुशासन और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति उनके समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेरी लकड़ा,संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी, विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा, सर्किल इंस्पेक्टर जितेंद्र राम एवं थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंच पर रामनवमी पूजा समिति के संरक्षक यमुना प्रसाद केसरी, रघुनंदन प्रसाद एवं त्रिभुवन प्रसाद सहित अन्य गणमान्य अतिथियों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। आयोजन को ऐतिहासिक और सफल बनाने में पूजा समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह, संदीप कुमार और मनोज साहू सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने अपनी अहम भूमिका निभाई। इस भव्य शोभायात्रा ने चैनपुर में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।9
- Post by AAM JANATA1
- विश्व जल दिवस के अवसर पर “जहाँ पानी बहता है, वहाँ समानता बढ़ती है” थीम के अंतर्गत संत जेवियर महाविद्यालय, महुआडांड़ में एक व्यापक जल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मिलकर जल संरक्षण और लैंगिक समानता के महत्व को समाज तक पहुँचाने का सराहनीय प्रयास किया। कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय प्रांगण से एक विशाल रैली निकाली गई, जो कॉलेज गेट, आर.पी.एस. स्कूल होते हुए राजडंडा गाँव तक पहुँची। रैली में शामिल विद्यार्थियों ने “जल है तो कल है”, “जल बचाओ, जीवन बचाओ” और “समान जल, समान अधिकार” जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। विद्यार्थियों के हाथों में संदेश लिखे पोस्टर एवं बैनर थे, जो जल संरक्षण के साथ-साथ समाज में समानता की आवश्यकता को भी दर्शा रहे थे। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो. शेफाली प्रकाश, प्रो. रोजी सुष्मिता, प्रो. शालिनी बाड़ा एवं प्रो. अंशु अंकिता ने किया। अपने संबोधन में प्रो. शालिनी बाड़ा ने कहा कि जल संकट का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और ग्रामीण समुदायों पर पड़ता है, इसलिए जल संरक्षण के साथ-साथ इसके समान वितरण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। प्रो. अंशु अंकिता ने कहा, “जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि प्रत्येक जीवन का मूल अधिकार है—इसे बचाना और समान रूप से बाँटना हम सभी की जिम्मेदारी है।” वहीं, प्रो. शेफाली प्रकाश ने जल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “जल केवल जीवन का आधार ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक विकास का प्रमुख साधन भी है।” महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोस ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आज हम जल संरक्षण के प्रति सजग नहीं हुए, तो भविष्य में गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सभी को जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को जल के सही उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा जल स्रोतों की सुरक्षा के विषय में जानकारी दी और जल संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के उपप्राचार्य फादर समीर टोप्पो, फादर लियो, सिस्टर चन्द्रोदया, फादर राजीप, प्रो. मनीषा, प्रो. बंसति, प्रो. अंकिता, प्रो. आदिति, प्रो. रेचेल, प्रो. सुष्मिता, प्रो. सुकुट, प्रो. रोनित, प्रो. शशि, प्रो. मन्नू, प्रो. जामेश, प्रो. मोनिका सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। अंततः यह कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि समाज को यह महत्वपूर्ण संदेश देने में भी प्रभावी सिद्ध हुआ कि जल का समान उपयोग ही सच्चे अर्थों में समानता और समृद्धि की आधारशिला है।5
- बसिया (गुमला): शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और पाठकों को पुस्तकों से जोड़ने के उद्देश्य से बसिया के कोनबीर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुस्तकालय परिसर में एक भव्य पुस्तक मेले का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अनुमंडल प्रशासन, बसिया और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। *सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मोहा मन* मेले का मुख्य आकर्षण सावित्रीबाई फुले और ज्योतिबा फुले की जीवनी पर आधारित नाटक रहा। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से उनके संघर्ष और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को जीवंत कर दिया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। कार्यक्रम में एसडीओ जयवंती देवगम, जिप सदस्य बसंती डूंगडूंग, एलआरडीसी शेखर कुमार ,बीडीओ सुप्रिया भगत सीओ नरेश कुमार मुंडा, कामडारा सीओ सुप्रिया एक्का, ब्रदर सुशील समेत अनेक गण्यमान्य व्यक्ति ओर छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। *छात्र-छात्राओं में दिखा उत्साह* इस मेले में प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों से आए सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। बच्चों ने न केवल विभिन्न स्टालों पर सजी पुस्तकों का अवलोकन किया, बल्कि ज्ञान-विज्ञान और साहित्य से जुड़ी जानकारियों में भी रुचि दिखाई। स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।2