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लोहरदगा में CO से बातचीत के बाद ग्रामीणों को मिली राहत,आगे पेपर बोलेगा ? #jameen #vivad #sarkari #lohardaga
AAM JANATA
लोहरदगा में CO से बातचीत के बाद ग्रामीणों को मिली राहत,आगे पेपर बोलेगा ? #jameen #vivad #sarkari #lohardaga
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- Post by AAM JANATA1
- विश्व जल दिवस के अवसर पर “जहाँ पानी बहता है, वहाँ समानता बढ़ती है” थीम के अंतर्गत संत जेवियर महाविद्यालय, महुआडांड़ में एक व्यापक जल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मिलकर जल संरक्षण और लैंगिक समानता के महत्व को समाज तक पहुँचाने का सराहनीय प्रयास किया। कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय प्रांगण से एक विशाल रैली निकाली गई, जो कॉलेज गेट, आर.पी.एस. स्कूल होते हुए राजडंडा गाँव तक पहुँची। रैली में शामिल विद्यार्थियों ने “जल है तो कल है”, “जल बचाओ, जीवन बचाओ” और “समान जल, समान अधिकार” जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। विद्यार्थियों के हाथों में संदेश लिखे पोस्टर एवं बैनर थे, जो जल संरक्षण के साथ-साथ समाज में समानता की आवश्यकता को भी दर्शा रहे थे। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो. शेफाली प्रकाश, प्रो. रोजी सुष्मिता, प्रो. शालिनी बाड़ा एवं प्रो. अंशु अंकिता ने किया। अपने संबोधन में प्रो. शालिनी बाड़ा ने कहा कि जल संकट का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और ग्रामीण समुदायों पर पड़ता है, इसलिए जल संरक्षण के साथ-साथ इसके समान वितरण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। प्रो. अंशु अंकिता ने कहा, “जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि प्रत्येक जीवन का मूल अधिकार है—इसे बचाना और समान रूप से बाँटना हम सभी की जिम्मेदारी है।” वहीं, प्रो. शेफाली प्रकाश ने जल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “जल केवल जीवन का आधार ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक विकास का प्रमुख साधन भी है।” महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोस ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आज हम जल संरक्षण के प्रति सजग नहीं हुए, तो भविष्य में गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सभी को जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को जल के सही उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा जल स्रोतों की सुरक्षा के विषय में जानकारी दी और जल संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के उपप्राचार्य फादर समीर टोप्पो, फादर लियो, सिस्टर चन्द्रोदया, फादर राजीप, प्रो. मनीषा, प्रो. बंसति, प्रो. अंकिता, प्रो. आदिति, प्रो. रेचेल, प्रो. सुष्मिता, प्रो. सुकुट, प्रो. रोनित, प्रो. शशि, प्रो. मन्नू, प्रो. जामेश, प्रो. मोनिका सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। अंततः यह कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि समाज को यह महत्वपूर्ण संदेश देने में भी प्रभावी सिद्ध हुआ कि जल का समान उपयोग ही सच्चे अर्थों में समानता और समृद्धि की आधारशिला है।5
- बुढ़मू, आदिवासी सरना समिति बुढ़मू के बैनर तले मंगलवार को भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम में प्रखंड स्तरीय सरहुल मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। बुढ़मू, चकमे, उमेदंडा, मक्का सहित प्रखंड के दर्जनों गांवों से आदिवासी एवं लोहरा आदिवासी समाज के लोग गाजे-बाजे के साथ नाचते-गाते स्टेडियम पहुंचे, जहां समिति ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। मुखिया गंगोत्री देवी, अनूपा उरांव व देवंती देवी ने अतिथियों का गुलाल लगाकर व साल वृक्ष के फूल खोंसकर स्वागत किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सुरेश बैठा ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरहुल जैसे प्रकृति पर्व से आदिवासी समाज व झारखंड की देशव्यापी पहचान बनी है। उन्होंने कहा कि हमारा समाज आज भी प्रकृति से गहराई से जुड़ा है। साथ ही स्टेडियम परिसर में बिरसा मुंडा प्रतिमा के सौंदर्यीकरण व विश्व आदिवासी दिवस पर हुई दुर्घटना में मृत तीन बच्चों की प्रतिमा लगवाने की घोषणा की। विशिष्ट अतिथियों में प्रमुख सत्यनारायण मुंडा, बीडीओ धीरज कुमार, सीओ सच्चिदानंद वर्मा, विधायक प्रतिनिधि गोपाल तिवारी व शमीम बड़ेहार, उपप्रमुख हरदेव साहू, पूर्व जिप उपाध्यक्ष पार्वती देवी, सारले पंचायत मुखिया, विनोद मुंडा, रामवृक्ष मुंडा शामिल हुए। समारोह की अध्यक्षता झिबरा मुंडा ने की तथा संचालन शिवनंदन मुंडा ने किया। सफल आयोजन में सचिव हरिश्चंद्र पहान, कोषाध्यक्ष धर्मेश भगत, प्रमुख सत्यनारायण मुंडा, राजेंद्र सोन तिर्की, मदन गंझू व संतोष यादव, तपेश्वर मिश्रा सहित अन्य का योगदान सराहनीय रहा।1
- आज चैती छठ पूजा व्रत के दौरान राँची छठ घाट पर व्रती भगवान भास्कर की संध्या अर्ध अर्पित करते हुवे परिवार की खुशहाल जीवन की कामना करते हुए विभिन्न घाटों पर पूजा अर्चना करते हुए दिखाई दिए।1
- हमारे यहां हर तरह के टैटू बनए एवं मिटाए जाते हैं और साथ ही चेहरे के दाग धब्बे उच्च तकनीक लेजर मशीन द्वारा हटाए जाते है1
- गुमला सदर थाना क्षेत्र के असनी पंचायत के नदीटोली गांव में नदी में डूबने से एक 14 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। जिसकी पहचान खपई उरांव पिता सोमा उरांव के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि उसे मिर्गी की बीमारी थी और हमेशा दोस्तों के साथ नदी नहाने जाता था लेकिन कल अकेले नहाने के लिए नदी गया था जहां पानी में डूब गया। काफी समय बीत जाने के बाद जब नहीं लौटा तो नदी में जाकर देखने पर पता चला नदी में गिरा हुआ था।इसके बाद आनंन फानन में ऑटो से सदर अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सक असीम मिंज ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।2
- Post by AAM JANATA1
- आस्था व भक्ति का महापर्व चैती छठ पूजा का आज मंगलवार को उमेडंडा तलाब में संध्या अर्घ दिया गया। छठ का समस्त अनुष्ठान पंडित रविंद्र मिश्रा व प्रमोद मिश्रा के द्वारा विधिवत संपन्न कराया गया। मौके पर समाजसेवी राजू सिंह, शिक्षाविद् जागेश्वर मुंडा, भूतपूर्व सैनिक अनिल सिंह, सतेंद्र देव सिंह, रघुवीर जयसवाल सहित सैकड़ों महिलाएं व पुरुष भक्तों ने तलाब घाट पर संध्या अर्घ चढ़ाया। चैती छठ को सूर्य भगवान की उपासना का विशेष पर्व माना जाता है, जो वासंती नववर्ष की शुरुआत में मनाया जाता है। इस अवसर पर भक्तों ने 36 घंटे का निर्जल व्रत रखकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। कल बुधवार को प्रातः काल में उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत समाप्ति का विधान है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पूजा फसल की अच्छी पैदावार व पारिवारिक सुख-समृद्धि की कामना के लिए की जाती है। कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था पूर्ण रूप से चुस्त रही।1
- गुमला जिला अंतर्गत चैनपुर प्रखंड के जनावल गांव के प्रवासी मजदूर सुनील तिर्की की मौत कर्नाटक के बंगार पेट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से हो गयी. वह मजदूरी करने कर्नाटक गया था और घर लौटते समय हादसे का शिकार हुआ. घटना की जानकारी चैनपुर थाना द्वारा परिजनों को दी गयी. मृतक की पत्नी सुखमनी केरकेट्टा ने मजदूर संघ सीएफटीयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष जुम्मन खान से संपर्क किया. जुम्मन खान ने तुरंत पहल करते हुए गुमला बुलाकर श्रम अधीक्षक को लिखित आवेदन दिया और शव मंगवाने की अपील की. श्रम अधीक्षक ने हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया. सुनील तिर्की के पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं. मजदूर संघ ने प्रवासी मजदूरों की लगातार हो रही मौतों पर चिंता जताते हुए कहा कि उनकी आवाज राज्य और केंद्र सरकार तक पहुंचनी चाहिए, ताकि प्रवासी मजदूरों को सुरक्षा और सहयोग मिल सके। बाइट, जुम्मन खान, मजदूर नेता।2