खाद्य विभाग की छापेमारी से चरथावल बाजार कलां में मचा हड़कंप, कई दुकानदार दुकानें बंद कर हुए फरार मुज़फ्फरनगर। राष्ट्रीय वार्षिक निगरानी (द्वितीय चरण) योजना के तहत गुरुवार को कस्बा चरथावल में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी की। अचानक हुई कार्रवाई से बाजार में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर मौके से रफूचक्कर हो गए। फूड इंस्पेक्टर वैभव शर्मा के नेतृत्व में टीम ने मेन बाजार स्थित कई किराना दुकानों पर जांच अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करते हुए चायपत्ती, अरहर दाल, धुली मूंग दाल और हल्दी के दो-दो कुल 08 सर्विलांस नमूने नियमानुसार संग्रहित कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे। बताया गया कि विभाग को मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने दुकानों पर रखे खाद्य उत्पादों की जांच की और संदेह होने पर नमूने सुरक्षित कर लिए। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य पदार्थ मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग की छापेमारी से चरथावल बाजार कलां में मचा हड़कंप, कई दुकानदार दुकानें बंद कर हुए फरार मुज़फ्फरनगर। राष्ट्रीय वार्षिक निगरानी (द्वितीय चरण) योजना के तहत गुरुवार को कस्बा चरथावल में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी की। अचानक हुई कार्रवाई से बाजार में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर मौके से रफूचक्कर हो गए। फूड इंस्पेक्टर वैभव शर्मा के नेतृत्व में टीम ने मेन बाजार स्थित कई किराना दुकानों पर जांच अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करते हुए चायपत्ती, अरहर दाल, धुली मूंग दाल
और हल्दी के दो-दो कुल 08 सर्विलांस नमूने नियमानुसार संग्रहित कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे। बताया गया कि विभाग को मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने दुकानों पर रखे खाद्य उत्पादों की जांच की और संदेह होने पर नमूने सुरक्षित कर लिए। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य पदार्थ मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- मुजफ्फरनगर के गांधी कॉलोनी गांधी वाटिका में नारी शक्ति वंदन अधिनियम कार्यक्रम में मातृशक्ति के सम्मान में भाजपा जिला उपाध्यक्ष विशाल गर्ग ने रखें अपने विचार भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा लाए गए महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभा में33% रिजर्वेशन से भारत की मातृशक्ति को मिला एक बहुत बड़ा उपहार,अब भारतीय राजनीति में होगी महिलाओं की भागीदारी1
- Post by Ankit rana7
- मुजफ्फरनगर: पुलिस दबिश के दौरान हंगामा, टीम पर हमला मुजफ्फरनगर में एनडीपीएस एक्ट के मामले में वांछित आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर परिजनों ने हमला कर दिया। हंगामे के बीच आरोपी को पुलिस से छुड़ा लिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद स्थित खतौली क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ दहेज के दानवों ने न केवल एक महिला की ममता को लहूलुहान किया, बल्कि एक अजन्मे बच्चे की जान भी ले ली। पीड़िता ने ससुराल पक्ष पर ₹4 लाख की अतिरिक्त मांग को लेकर बर्बरता और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं पीड़िता खुशबू पंवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उसका प्रेम विवाह 8 जनवरी 2022 को खतौली निवासी शगुन उर्फ बंटी के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। खुशबू को उम्मीद थी कि प्रेम विवाह के बाद उसे खुशहाल जीवन मिलेगा, लेकिन आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति, सास, ससुर और देवर ने ₹4 लाख की अतिरिक्त दहेज मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। बताते चले कि 21 मार्च और 8 अप्रैल को खुशबू के साथ बुरी तरह मारपीट की गई। जुल्म की इंतहा 11 अप्रैल को तब हुई जब ससुराल वालों ने उसे जबरन दबोच लिया। पीड़िता का आरोप है कि पति ने उसके मुंह में कोई जहरीला तरल पदार्थ डाल दिया और उसे कमरे में बंद कर दिया। मौत और जिंदगी के बीच जूझ रही खुशबू ने किसी तरह 112 और महिला हेल्पलाइन 1090 पर सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे कमरे से बाहर निकाला पुलिस ने पीड़िता को पहले खतौली के सरकारी अस्पताल और फिर गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के परीक्षण में सामने आया कि पेट पर आई गंभीर चोटों के कारण महिला का गर्भ नहीं बच सका। 14 अप्रैल को अस्पताल में पीड़िता का गर्भपात हो गया, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। एक अजन्मे बच्चे की मौत ने ससुराल पक्ष की क्रूरता को बेनकाब कर दिया है पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है1
- Post by Khulasha news1
- दहेज और घरेलू हिंसा की हद पार! गर्भवती महिला के साथ बेरहमी, अस्पताल तक पहुंचा मामला मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र में एक महिला ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि शादी के बाद से ही उस पर दहेज के लिए दबाव बनाया जा रहा था।1
- मुजफ्फरनगर के बघरा क्षेत्र में मुरादपुरा के पास एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक घायल हो गया, जिसकी पहचान विनोद कश्यप के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक नशे की हालत में बाइक चला रहा था, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई और हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार और लापरवाही इस दुर्घटना की मुख्य वजह मानी जा रही है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को तत्काल अस्पताल भिजवाया, जहां उसका उपचार चल रहा है। इस घटना के बाद समाजसेवी रजब अली ने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से नशे की हालत में वाहन न चलाने की हिदायत दी, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।1
- थानाक्षेत्र खतौली के अंतर्गत थाना खतौली पर पंजीकृत एनडीपीएस एक्ट के अभियोग में वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु थाना खतौली पुलिस अभियुक्त के मसकन पर दबिश देने के लिये गयी थी। जहां अभियुक्तत के परिजनों द्वारा अभियुक्त को पुलिस अभिरक्षा से छुडा लिया गया। थाना खतौली पुलिस द्वारा उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है तथा अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमों का गठन कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। प्रकरण के सम्बन्ध में सहायक पुलिस अधीक्षक क्षेत्राधिकारी खतौली श्री रामआशीष यादव ने दी जानकारी1
- BJP और चुनाव आयोग की मिलीभगत से SIR प्रक्रिया के ज़रिए पश्चिम बंगाल में लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। वोट का अधिकार छीनना - लोकतंत्र में आपकी आवाज़ छीनना है। यह बाबासाहेब के संविधान पर सीधा हमला है। जिनके नाम हटाए गए - मेरा वादा है, हर नाम वापस जोड़ा जाएगा। आपका संवैधानिक अधिकार आपको वापस मिलेगा। मैंने पहले भी कहा है - वोट चोरी एक Anti-National Act है। जिन्होंने भी ये किया है, उनपर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी और इस देश विरोधी अपराध की कीमत चुकानी होगी।1