भक्ति, शक्ति और शिवत्व का दिव्य संगम: भैरव धाम से निकली अलौकिक शिव बारात आजमगढ़। महाशिवरात्रि के पुण्य अवसर पर नगर स्थित भैरव धाम से भगवान भोलेनाथ की भव्य एवं अलौकिक शिव बारात श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास के साथ निकाली गई। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के गगनभेदी जयघोष से समूचा क्षेत्र शिवमय हो उठा। वातावरण में भक्ति की ऐसी दिव्यता व्याप्त थी मानो स्वयं कैलाश धरा पर अवतरित हो गया हो। शिव बारात में भगवान शिव, माता पार्वती, श्रीगणेश, कार्तिकेय सहित विविध देवी-देवताओं की मनोहारी झांकियां सुसज्जित की गई थीं, जिन्होंने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। विशेष रूप से शिव तांडव की जीवंत प्रस्तुति तथा नंदी पर विराजमान शिव-पार्वती की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। नन्हें बालकों ने भी शिवगण, नंदी और भोलेनाथ का स्वरूप धारण कर कार्यक्रम में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। बारात भैरव धाम से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों—बजरंग चौक, पंडित लक्ष्मीकांत चौक एवं सहदेवगंज चौक—से होते हुए थाना परिसर पहुंची, जहां प्रभारी निरीक्षक केदारनाथ मौर्य द्वारा श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया। तत्पश्चात पुनः मंदिर परिसर में विधिवत आरती एवं प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ। मार्ग में अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शिव बारात का अभिनंदन किया, जिससे वातावरण और अधिक भक्तिमय हो उठा। आदि पुरुष भगवान शिव एवं आदिशक्ति माता पार्वती के दिव्य परिणय का यह महापर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, नैतिकता और सृष्टि के संतुलन का शाश्वत संदेश है। प्रकृति और शक्ति के इस अद्वितीय मिलन का प्रतीक महाशिवरात्रि मानवता को संयम, समर्पण और साधना का मार्ग प्रशस्त करती है। विवाह समारोह में ब्रह्मा, विष्णु एवं अन्य देवताओं की भूमिकाओं में कलाकारों ने प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध रहे। नगर के प्रमुख चौराहों एवं मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा और यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखा गया। आयोजकों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी शिव बारात शांतिपूर्ण एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। इस दिव्य आयोजन ने समूचे नगर में शिवत्व की चेतना जागृत करते हुए आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संचार कर दिया।
भक्ति, शक्ति और शिवत्व का दिव्य संगम: भैरव धाम से निकली अलौकिक शिव बारात आजमगढ़। महाशिवरात्रि के पुण्य अवसर पर नगर स्थित भैरव धाम से भगवान भोलेनाथ की भव्य एवं अलौकिक शिव बारात श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास के साथ निकाली गई। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के गगनभेदी जयघोष से समूचा क्षेत्र शिवमय हो उठा। वातावरण में भक्ति की ऐसी दिव्यता व्याप्त थी मानो स्वयं कैलाश धरा पर अवतरित हो गया हो। शिव बारात में भगवान शिव, माता पार्वती, श्रीगणेश, कार्तिकेय सहित विविध देवी-देवताओं की मनोहारी झांकियां सुसज्जित की गई थीं, जिन्होंने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। विशेष रूप से शिव तांडव की जीवंत प्रस्तुति तथा नंदी पर विराजमान शिव-पार्वती की झांकी आकर्षण
का केंद्र रही। नन्हें बालकों ने भी शिवगण, नंदी और भोलेनाथ का स्वरूप धारण कर कार्यक्रम में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। बारात भैरव धाम से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों—बजरंग चौक, पंडित लक्ष्मीकांत चौक एवं सहदेवगंज चौक—से होते हुए थाना परिसर पहुंची, जहां प्रभारी निरीक्षक केदारनाथ मौर्य द्वारा श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया। तत्पश्चात पुनः मंदिर परिसर में विधिवत आरती एवं प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ। मार्ग में अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शिव बारात का अभिनंदन किया, जिससे वातावरण और अधिक भक्तिमय हो उठा। आदि पुरुष भगवान शिव एवं आदिशक्ति माता पार्वती के दिव्य परिणय का यह महापर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, नैतिकता और सृष्टि के संतुलन
का शाश्वत संदेश है। प्रकृति और शक्ति के इस अद्वितीय मिलन का प्रतीक महाशिवरात्रि मानवता को संयम, समर्पण और साधना का मार्ग प्रशस्त करती है। विवाह समारोह में ब्रह्मा, विष्णु एवं अन्य देवताओं की भूमिकाओं में कलाकारों ने प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध रहे। नगर के प्रमुख चौराहों एवं मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा और यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखा गया। आयोजकों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी शिव बारात शांतिपूर्ण एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। इस दिव्य आयोजन ने समूचे नगर में शिवत्व की चेतना जागृत करते हुए आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संचार कर दिया।
- आजमगढ़। महाशिवरात्रि के पुण्य अवसर पर नगर स्थित भैरव धाम से भगवान भोलेनाथ की भव्य एवं अलौकिक शिव बारात श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास के साथ निकाली गई। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के गगनभेदी जयघोष से समूचा क्षेत्र शिवमय हो उठा। वातावरण में भक्ति की ऐसी दिव्यता व्याप्त थी मानो स्वयं कैलाश धरा पर अवतरित हो गया हो। शिव बारात में भगवान शिव, माता पार्वती, श्रीगणेश, कार्तिकेय सहित विविध देवी-देवताओं की मनोहारी झांकियां सुसज्जित की गई थीं, जिन्होंने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। विशेष रूप से शिव तांडव की जीवंत प्रस्तुति तथा नंदी पर विराजमान शिव-पार्वती की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। नन्हें बालकों ने भी शिवगण, नंदी और भोलेनाथ का स्वरूप धारण कर कार्यक्रम में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। बारात भैरव धाम से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों—बजरंग चौक, पंडित लक्ष्मीकांत चौक एवं सहदेवगंज चौक—से होते हुए थाना परिसर पहुंची, जहां प्रभारी निरीक्षक केदारनाथ मौर्य द्वारा श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया। तत्पश्चात पुनः मंदिर परिसर में विधिवत आरती एवं प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ। मार्ग में अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शिव बारात का अभिनंदन किया, जिससे वातावरण और अधिक भक्तिमय हो उठा। आदि पुरुष भगवान शिव एवं आदिशक्ति माता पार्वती के दिव्य परिणय का यह महापर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, नैतिकता और सृष्टि के संतुलन का शाश्वत संदेश है। प्रकृति और शक्ति के इस अद्वितीय मिलन का प्रतीक महाशिवरात्रि मानवता को संयम, समर्पण और साधना का मार्ग प्रशस्त करती है। विवाह समारोह में ब्रह्मा, विष्णु एवं अन्य देवताओं की भूमिकाओं में कलाकारों ने प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध रहे। नगर के प्रमुख चौराहों एवं मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा और यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखा गया। आयोजकों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी शिव बारात शांतिपूर्ण एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। इस दिव्य आयोजन ने समूचे नगर में शिवत्व की चेतना जागृत करते हुए आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संचार कर दिया।3
- नगर पंचायत जहानागंज अंतर्गत मवेशी स्थित प्राचीन शिवमंदिर पर आज श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए दूर-दराज़ से श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन एवं स्वयंसेवक मुस्तैद नजर आए। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, बेलपत्र एवं दूध अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की। मेले जैसा दृश्य देखने को मिला, जहां प्रसाद एवं पूजा सामग्री की दुकानों पर भी काफी चहल-पहल रही। 📍 स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रत्येक वर्ष विशेष अवसरों पर भारी संख्या में भक्त जुटते हैं।1
- मऊ। जनपद के घोसी नगर के मझवारा मोड़ स्थित नरोखर पोखरा शिव मंदिर सहित कई मंदिरों का क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। बता दे कि महाशिवरात्रि के पर्व की वजह से सभी मंदिरों में आज श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सभी मंदिरों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।3
- मऊ महादेव धाम पर लेजर शो...! #दलजीतसिंहन्यूज़रिपोर्टर #daljeetsinghjournalist #maunews #maumahadev #महादेव #MAU #VistaarNews #वायरलवीडियोシ #shortsreels #reelsvideoシ1
- 35 लाख पौधों का सपना… और 5 आम के पेड़ों की सजा!” 🌳😢 अम्बेडकरनगर जनपद के टांडा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत फरीदपुर कुतुब में पक्की सड़क के किनारे, काली माता मंदिर के सामने इन दिनों एक अलग ही “हरित क्रांति” देखने को मिल रही है। फर्क बस इतना है कि यहाँ पौधे लगाए नहीं जा रहे… बल्कि हरे-भरे आम के पेड़ों की आरा मशीन से आरती उतारी जा रही है! सूत्र बताते हैं कि बैग में भरे गए हरे आम के करीब 5 पेड़ों को खुलेआम काटा जा रहा है। मज़ेदार (या दुखद?) बात यह है कि जब पूरे जनपद में 35 लाख से अधिक वृक्षारोपण का दावा किया जाता है, उसी जनपद में पेड़ों पर आरा मशीन ऐसे चल रही है जैसे कोई सीज़नल ऑफर चल रहा हो — “एक लगाओ, पाँच कटवाओ!” ग्रामीणों में चर्चा है कि यदि 35 लाख पौधे सच में ज़मीन पर दिख जाते, तो शायद इन 5 पेड़ों की जान बच जाती। लेकिन यहां तो हाल यह है कि पौधारोपण की गिनती फाइलों में हरी-भरी है और जमीन पर पेड़ सूखे पड़े हैं — या यूँ कहें कि कट रहे हैं। कहा जा रहा है कि वन विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। अब सवाल यह उठता है कि जब प्रशासन प्रदूषण कम करने के लिए अभियान चला रहा है, तो फिर आरा मशीनों को “ग्रीन सिग्नल” किसने दिया? फिलहाल गांव में यही चर्चा गर्म है कि “पौधे लगते कम हैं… कटते ज़्यादा हैं!” अब देखना यह है कि जिले के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में सख्त कदम उठाते हैं या फिर यह मामला भी कागज़ी हरियाली में दबकर रह जाएगा। *पेड़ बचेंगे तो सांस बचेगी… वरना रिपोर्ट ही ऑक्सीजन देती रहेगी!*1
- नमस्ते, मैं रंजीत यादव पिपरसाथ का रहने वाला हु , मेरे घर के ऊपर 11000 वोल्टेज की बिजली लाइन हैं । जिससे हमेशा हम लोग के ऊपर खतरा बना रहता हैं,मेरे घर को बनाने भी दिक्कत होती हैं,बंदर, बिल्ली, साट सर्किट , आग जलना , कभी भी खतरा हो जाता हैं ,एक बार का हम jei sahab को एप्लीकेशन दे चुके हैं सुनवाई नहीं हुई है , हम हाथ जोड़ के निवेदन करते हैं अपने जिला प्रबंधक सरकार से मेरी भाऊ नौ को समझ के इसको हटाने की कृपा करे2
- महा शिवरात्रि पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी और भगवान शिव को समर्पित किया जल1
- आजमगढ़। जिले के अहिरौला थाना क्षेत्र में एक महिला ने कुछ युवकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। पीड़िता के अनुसार, 25 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने उसके साथ और उसकी नाबालिग बेटी के साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। महिला का आरोप है कि घटना के दौरान उसकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया और अश्लील छेड़छाड़ की गई। विरोध करने पर आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन और सोने के आभूषण भी छीन लिए, जो अब तक वापस नहीं किए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद वह शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची, लेकिन वहां उसकी तहरीर नहीं ली गई और उसे डरा-धमकाकर वापस भेज दिया गया। महिला के अनुसार, पुलिस की निष्क्रियता के कारण आरोपियों के हौसले और बढ़ गए। पीड़िता ने बताया कि 7 फरवरी 2026 को सुबह करीब 8 बजे एक बार फिर आरोपियों ने उसके नाबालिग बेटे पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपियों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की, चोरी की और ताला लगा दिया, जिससे महिला और उसके बच्चे बाहर फंस गए। महिला का आरोप है कि उसे लगातार धमकियां दी जा रही हैं और वह अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है। पीड़िता ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले ने एक बार फिर पुलिस की संवेदनशीलता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।1