बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला स्थित जैव विविधता प्रशिक्षण केन्द्र में 61वें वनरक्षक प्रशिक्षण सत्र का दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक थे। समारोह में उप संचालक, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षण केन्द्र के अधिकारी-कर्मचारी और प्रशिक्षु वनरक्षक उपस्थित रहे। भोपाल स्थित कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक (मानव संसाधन विकास) के निर्देशानुसार आवंटित 40 प्रशिक्षणार्थियों में से बालाघाट वनवृत्त के विभिन्न वनमण्डलों से आए 36 वनरक्षकों ने प्रशिक्षण में हिस्सा लिया, जिनमें से एक को मूल वनमण्डल वापस भेजा गया और शेष 35 वनरक्षकों ने छह माह का दक्षता आधारित प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण केन्द्र के प्रभारी ने बताया कि यह संस्थान वर्ष 1980 में "गेमगार्ड प्रशिक्षण शाला, बांधवगढ़" के रूप में स्थापित हुआ था, जो अब "जैव विविधता प्रशिक्षण केन्द्र, ताला" के नाम से संचालित है। यह केन्द्र वनरक्षकों को वन्यप्राणी प्रबंधन, वन संरक्षण और आधुनिक वन प्रबंधन संबंधी विषयों का गहन प्रशिक्षण प्रदान करता है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान, वनरक्षकों को वन्यप्राणी प्रबंधन, वन संवर्धन, वन सुरक्षा एवं विधि, सूचना प्रौद्योगिकी, वन अभियांत्रिकी, वन सर्वेक्षण, सामुदायिक वानिकी, ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण, ईको-पर्यटन, लेखा एवं प्रक्रिया तथा प्राथमिक उपचार जैसे विभिन्न विषयों का सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षणार्थियों को 15 दिवसीय अंतरवृत्तीय अध्ययन भ्रमण पर विभिन्न वनमण्डलों में भेजा गया, जहाँ उन्होंने वन्यजीव प्रबंधन, वानिकी कार्य और काष्ठागार प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। उमरिया के पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र में तीन दिवसीय अग्नेय शस्त्र प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। साथ ही, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सभी नौ परिक्षेत्रों में वन्यप्राणी गणना तकनीक और फील्ड अध्ययन का विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान योगाभ्यास, ट्रैकिंग, बर्ड वॉचिंग, शारीरिक प्रशिक्षण, पी.टी. परेड और खेलकूद गतिविधियों का नियमित आयोजन कर प्रशिक्षणार्थियों के व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया गया। दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को सम्मानित किया गया और सभी सफल वनरक्षकों को प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। अपने संबोधन में क्षेत्र संचालक ने नवप्रशिक्षित वनरक्षकों को वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण के प्रति समर्पित होकर कार्य करने, कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने और जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वनरक्षक वन विभाग की आधारशिला हैं और वन एवं वन्यजीव संरक्षण की सफलता उनके समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा पर निर्भर करती है। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण केन्द्र ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और प्रशिक्षणार्थियों का आभार व्यक्त किया, और सभी नवप्रशिक्षित वनरक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला स्थित जैव विविधता प्रशिक्षण केन्द्र में 61वें वनरक्षक प्रशिक्षण सत्र का दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक थे। समारोह में उप संचालक, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षण केन्द्र के अधिकारी-कर्मचारी और प्रशिक्षु वनरक्षक उपस्थित रहे। भोपाल स्थित कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक (मानव संसाधन विकास) के निर्देशानुसार आवंटित 40 प्रशिक्षणार्थियों में से बालाघाट वनवृत्त के विभिन्न वनमण्डलों से आए 36 वनरक्षकों ने प्रशिक्षण में हिस्सा लिया, जिनमें से एक को मूल वनमण्डल वापस भेजा गया और शेष 35 वनरक्षकों ने छह माह का दक्षता आधारित
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण केन्द्र के प्रभारी ने बताया कि यह संस्थान वर्ष 1980 में "गेमगार्ड प्रशिक्षण शाला, बांधवगढ़" के रूप में स्थापित हुआ था, जो अब "जैव विविधता प्रशिक्षण केन्द्र, ताला" के नाम से संचालित है। यह केन्द्र वनरक्षकों को वन्यप्राणी प्रबंधन, वन संरक्षण और आधुनिक वन प्रबंधन संबंधी विषयों का गहन प्रशिक्षण प्रदान करता है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान, वनरक्षकों को वन्यप्राणी प्रबंधन, वन संवर्धन, वन सुरक्षा एवं विधि, सूचना प्रौद्योगिकी, वन अभियांत्रिकी, वन सर्वेक्षण, सामुदायिक वानिकी, ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण, ईको-पर्यटन, लेखा एवं प्रक्रिया तथा प्राथमिक उपचार जैसे विभिन्न विषयों का सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षणार्थियों को
15 दिवसीय अंतरवृत्तीय अध्ययन भ्रमण पर विभिन्न वनमण्डलों में भेजा गया, जहाँ उन्होंने वन्यजीव प्रबंधन, वानिकी कार्य और काष्ठागार प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। उमरिया के पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र में तीन दिवसीय अग्नेय शस्त्र प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। साथ ही, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सभी नौ परिक्षेत्रों में वन्यप्राणी गणना तकनीक और फील्ड अध्ययन का विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान योगाभ्यास, ट्रैकिंग, बर्ड वॉचिंग, शारीरिक प्रशिक्षण, पी.टी. परेड और खेलकूद गतिविधियों का नियमित आयोजन कर प्रशिक्षणार्थियों के व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया गया। दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को सम्मानित
किया गया और सभी सफल वनरक्षकों को प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। अपने संबोधन में क्षेत्र संचालक ने नवप्रशिक्षित वनरक्षकों को वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण के प्रति समर्पित होकर कार्य करने, कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने और जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वनरक्षक वन विभाग की आधारशिला हैं और वन एवं वन्यजीव संरक्षण की सफलता उनके समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा पर निर्भर करती है। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण केन्द्र ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और प्रशिक्षणार्थियों का आभार व्यक्त किया, और सभी नवप्रशिक्षित वनरक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- उमरिया जिले के ग्राम जरहा में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण वितरित किए। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ग्राम जरहा निवासी नरेश सिंह जी भी उपस्थित रहे। वितरित किए गए उपकरण पाकर दिव्यांगजन अत्यधिक प्रसन्न दिखाई दिए। यह पहल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश के तत्वावधान में जन कल्याण और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय की उपस्थिति में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान संचालक सामाजिक न्याय विभाग ने वहाँ मौजूद सभी लोगों को नशा नहीं करने की शपथ दिलाई, जिससे उन्हें व्यसनमुक्त रहने के लिए प्रेरित किया जा सके।1
- उमरिया जिले के अन्तिम छोर पर, अनुपपुर की सीमा से सटे तिवनी गांव के पास अमौदा बिजौरा में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए राहत और उपचार कार्यों की कमान संभाल ली है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर राखी सहाय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुंचकर घायल मरीजों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को सभी घायलों को गुणवत्तापूर्ण और समुचित उपचार प्रदान करने, साथ ही गंभीर रूप से घायल मरीजों की विशेष निगरानी रखने तथा उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। कलेक्टर ने पीड़ित परिवारों को हर संभव प्रशासनिक सहायता का भी भरोसा दिलाया। दूसरी ओर, पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे ने दुर्घटना से प्रभावित सभी व्यक्तियों का सत्यापित और लिखित विवरण तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा है। प्रशासनिक पुष्टि के अनुसार, इस हादसे में पड़मनिया निवासी भूपत सिंह (50 वर्ष), गिजरी निवासी बीर सिंह (60 वर्ष), पड़मनिया निवासी घनश्याम सिंह (45 वर्ष) और गिजरी निवासी सहबल बैगा (55 वर्ष) की दुखद मृत्यु हो गई है। वहीं, सूत्रों से यह सूचना भी मिली है कि मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दो अन्य घायलों का निधन हो गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस हृदयविदारक दुर्घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और राहत दल लगातार प्रभावित परिवारों की सहायता में जुटे हुए हैं, और पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक व संवेदना का वातावरण व्याप्त है।1
- उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम माला में 'जनता के द्वार, प्रशासन तैयार' की भावना के साथ एक रात्रि जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने सभी की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और उनके त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया।3
- शहडोल जिले के कोतवाली थाने में मारपीट और गाली-गलौज का एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शनिवार को लगभग 1:00 बजे जानकारी देते हुए बताया कि वार्ड क्रमांक 35 के फरियादी आकाश खटीक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आकाश खटीक की शिकायत के अनुसार, आरोपी बहीद मुसलमान ने आपसी बात को लेकर उनसे गाली-गलौज की और मारपीट की। पुलिस ने फरियादी की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है।1
- कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने उमरिया के ग्राम तिवनी में हुए सड़क हादसे में घायल हुए लोगों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुँचकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सभी घायलों का हालचाल जाना और स्वास्थ्यकर्मियों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। श्रीमती सहाय ने चिकित्सकों को घायलों के बेहतर उपचार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।1
- पूरा पटेल समाज मनीष पटेल के लिए न्याय की मांग कर रहा है। उनकी स्पष्ट चेतावनी है कि यदि मनीष पटेल को न्याय नहीं मिलता है, तो 'शुद्ध प्रदेश' में शासन-प्रशासन पर से जनता का भरोसा उठ जाएगा। समाज का कहना है कि जातिवाद के आधार पर एफ.आई.आर. दर्ज की जा रही हैं, जिसके खिलाफ आवाज उठाई गई है। पटेल समाज ने दृढ़ संकल्प लिया है कि जब तक मनीष पटेल को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। इस मांग के समर्थन में "पटेल एकता जिंदाबाद जिंदाबाद जय सरदार पटेल" के नारे भी लगाए गए हैं।1