शॉर्ट सर्किट से किसान का घर जलकर खाक, 70 हजार रुपये समेत पूरा सामान राख *दतिया बेर्किंग....* दतिया जिले के ग्राम खरग में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां किसान भगवान सिंह यादव के अस्थायी निवास में आग लगने से पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। घटना शाम करीब 7:00 से 8:00 बजे के बीच की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, किसान भगवान सिंह यादव का मकान निर्माण कार्य गांव की मुख्य पक्की सड़क के पास उनकी कृषि भूमि पर चल रहा था। इसी दौरान वे अस्थायी रूप से झोंपड़ी बनाकर परिवार सहित वहीं निवास कर रहे थे और घर का सारा सामान भी वहीं रखा हुआ था। बताया गया है कि अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण झोंपड़ी में आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे घर में रखा खाने-पीने का सामान, जरूरी दस्तावेज, फाइलें और पूरा घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया। सबसे बड़ी क्षति किसान को उस समय हुई जब हाल ही में बेची गई फसल के 70 हजार रुपये, जो लकड़ी की अलमारी में रखे थे, वह भी आग की भेंट चढ़ गए। मौके पर आधी जली हुई नोटों की गड्डियों के अवशेष मिले हैं। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। किसान परिवार ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है, ताकि इस भारी नुकसान की भरपाई हो सके।
शॉर्ट सर्किट से किसान का घर जलकर खाक, 70 हजार रुपये समेत पूरा सामान राख *दतिया बेर्किंग....* दतिया जिले के ग्राम खरग में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां किसान भगवान सिंह यादव के अस्थायी निवास में आग लगने से पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। घटना शाम करीब 7:00 से 8:00 बजे के बीच की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, किसान भगवान सिंह यादव का मकान निर्माण कार्य गांव की मुख्य पक्की सड़क के पास उनकी कृषि भूमि पर चल रहा था। इसी दौरान वे अस्थायी रूप से झोंपड़ी बनाकर परिवार सहित वहीं निवास कर रहे थे और घर का सारा सामान भी वहीं रखा हुआ था। बताया गया है कि अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण झोंपड़ी में आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे घर में रखा खाने-पीने का सामान, जरूरी दस्तावेज, फाइलें और पूरा घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया। सबसे बड़ी क्षति किसान को उस समय हुई जब हाल ही में बेची गई फसल के 70 हजार रुपये, जो लकड़ी की अलमारी में रखे थे, वह भी आग की भेंट चढ़ गए। मौके पर आधी जली हुई नोटों की गड्डियों के अवशेष मिले हैं। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। किसान परिवार ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है, ताकि इस भारी नुकसान की भरपाई हो सके।
- Post by Lakshya News tv1
- दतिया जिले के बीकर गांव में प्रशासन का अलग ही रूप देखने को मिला, जहां कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े और एसपी सूरज कुमार वर्मा ने खाट पर रात बिताकर ग्रामीणों के बीच समय गुजारा। दोनों अधिकारियों ने गांव में जन-चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों से भी आत्मीय संवाद किया और उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर और एसपी ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर गंभीर नजर आए और कई शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया। यह पूरा घटनाक्रम कुछ हद तक फिल्म नायक की तर्ज पर देखने को मिला, जहां प्रशासनिक अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान करते दिखे। ग्रामीणों ने अधिकारियों की इस कार्यशैली की जमकर सराहना की और इसे ज़मीनी स्तर पर जुड़कर काम करने का सकारात्मक उदाहरण बताया। बीकर गांव में कलेक्टर और एसपी का यह सादगीपूर्ण और संवेदनशील अंदाज़ चर्चा का विषय बना हुआ है।4
- दतिया में पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के माई कृपा निवास पर जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जहां उन्होंने क्षेत्रवासियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें बिजली, पानी, सड़क और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए। डॉ. मिश्रा ने प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश देते हुए समस्याओं के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि “जनता की सेवा ही मेरी प्राथमिकता है और हर समस्या का समाधान करना मेरा कर्तव्य है।” जनसुनवाई के दौरान लोगों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं और पूर्व गृहमंत्री द्वारा किए गए त्वरित हस्तक्षेप की सराहना की।1
- पूर्व गृह मंत्री के निवास माई कृपा पर जनता की समस्याओं के निराकरण एवं मिलने का समय हुआ निर्धारित.... दतिया। आज क्षेत्र के लोकप्रिय पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने जनता से सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं को सुनना और तत्काल समाधान कराया इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिनमें बिजली, पानी, सड़क और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। नरोत्तम मिश्रा मिश्रा ने हर व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश देकर समस्याओं के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि “जनता की सेवा ही मेरी प्राथमिकता है, और हर समस्या का समाधान करना मेरा कर्तव्य है।1
- डीपार थाना प्रभारी यादवेंद्र गुर्जर एवं उनकी टीम ने 24 घंटे में किया लूट का खुलासा @datiapolice @cmmadhyapradesh @datia__no.1 @breakingdatia1
- Post by Bablu Ramaiya1
- बिग ब्रेकिंग - धीरेंद्र शास्त्री के चार बच्चे पैदा करने वाले बयान पर ASP नेता दामोदर यादव मण्डल का पलटवार यादव ने कहा जिस RSS के कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री बोल रहे थे उस संगठन के नेताओं से पूछो वह कितने बच्चे पैदा करते हैं यादव ने कहा किसान गरीब मजदूर अगर चार बच्चे पैदा करे तो उसका पालन पोषण क्या धीरेंद्र शास्त्री या उनकी सरकार करेगी यादव ने कहा मेरे आरोप सही सिद्ध हुए धीरेंद्र शास्त्री योगी की तरह CM बनने का ख्वाब देख रहे इसलिए RSS के दरबार में लगा रहे हाजिरी अगर धीरेंद्र शास्त्री को राजनीति ही करना है तो भगवा वस्त्र उतार दें और खुलकर करें राजनीति हमारे बच्चे तथाकथित धर्म की भेंट चढ़ने के लिए नहीं हैं वह ख़ुद के बच्चे पैदा करके दे दें संघ को1
- Post by Lakshya News tv1
- दतिया जिले के ग्राम बीकर में “प्रशासन गांव की ओर” अभियान के तहत कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े और पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। चौपाल में पहुंचे अधिकारियों ने गांव के लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर वानखड़े ने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रशासन खुद गांवों तक पहुंचे और जनता की समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जाए। इस दौरान उन्होंने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, मूलभूत सुविधाओं और गांव की आवश्यकताओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने पूरे गांव का पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। ग्राम भ्रमण के दौरान उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा तथा उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही कलेक्टर मंदिर पहुंचे और स्थानीय दुकानदारों से भी संवाद कर उनके व्यवसाय और जरूरतों को समझा। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई और जनहित से जुड़े कार्यों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं और जल्द समाधान की उम्मीद जताई।4