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जयपुर के बस्सी क्षेत्र स्थित बांसखोह फाटक पर सोमवार सुबह करीब 9 बजकर 31 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक लगातार 11 ट्रेनों के आवागमन के कारण भीषण जाम लग गया। इस लंबे जाम की वजह से वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यह जाम दौसा से जयपुर की तरफ जाने वाली सड़क पर भी फैल गया, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। स्थानीय लोगों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि बांसखोह फाटक पर जल्द से जल्द एक ओवरब्रिज का निर्माण हो जाए, तो उन्हें इस दैनिक समस्या से निजात मिल सकेगी और आवागमन काफी सुगम हो जाएगा।
Yogesh Kumar Gupta
जयपुर के बस्सी क्षेत्र स्थित बांसखोह फाटक पर सोमवार सुबह करीब 9 बजकर 31 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक लगातार 11 ट्रेनों के आवागमन के कारण भीषण जाम लग गया। इस लंबे जाम की वजह से वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यह जाम दौसा से जयपुर की तरफ जाने वाली सड़क पर भी फैल गया, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। स्थानीय लोगों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि बांसखोह फाटक पर जल्द से जल्द एक ओवरब्रिज का निर्माण हो जाए, तो उन्हें इस दैनिक समस्या से निजात मिल सकेगी और आवागमन काफी सुगम हो जाएगा।
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- दौसा जिले के बसवा उपखंड क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत के महावर मोहल्ले में पिछले एक महीने से हैंडपंप खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पानी की किल्लत के चलते लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है, और उन्हें अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए दूर-दराज से पानी लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया है कि इस खराब हैंडपंप की सूचना कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी और जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता को भी समस्या से अवगत कराया, लेकिन इतने समय बाद भी इस दिशा में कोई समाधान नहीं हो पाया है। प्रशासन की इस निष्क्रियता से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत करके पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।3
- जयपुर के काबरी डुंगरी, मुड़ता स्थित प्रभादेवी मेमोरियल पीजी महाविद्यालय में छात्रों को उनकी परीक्षा का पेपर निर्धारित समय पर नहीं मिल पाया। जानकारी के अनुसार, परीक्षा दोपहर 3:00 बजे शुरू होनी थी, लेकिन शाम 4:00 बजे तक भी छात्रों को प्रश्न पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया। इस गंभीर लापरवाही के कारण छात्रों का भविष्य अंधकारमय बताया जा रहा है, और इस स्थिति के लिए जिम्मेदारी तय करने का सवाल उठाया गया है।1
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- मोदी जी ने सर शोभा सिंह की संपत्ति पर एक बड़ा एक्शन लिया है, जिन्हें मूल पाठ में 'आधी दिल्ली का मालिक', 'अंग्रेज़ों का दलाल' और 'भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी चढ़वाने में सहायता करने वाला' बताया गया है। इस महत्त्वपूर्ण कार्रवाई के बावजूद, यह सवाल उठाया जा रहा है कि फिर भी लोग कहते हैं कि मोदी जी ने आखिर क्या किया है।1
- शाहपुरा, जयपुर में आमजन ने नगर परिषद पर दोहरे मापदंड, भेदभावपूर्ण और एकतरफा कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे संविधान के अनुच्छेद 14 में निहित समानता के अधिकार का उल्लंघन होने का दावा किया गया है। लोगों का कहना है कि यह पूरा मामला पुराना दिल्ली रोड और चौपड़ बाजार के बीच एक तरह से सोने और लोहे के मुकाबले जैसा है, जहाँ कमजोर की कोई नहीं सुनता। आमजन के अनुसार, नगर परिषद ने हाल ही में पुराना दिल्ली रोड पर किले के नीचे स्थित मकानों और दुकानों के मालिकों को नोटिस जारी कर उन्हें 'अति प्राचीन धरोहर', 'हेरिटेज', 'बफर जोन' और 'पुरातत्व विभाग' की संपत्ति बताते हुए अतिक्रमण हटाने को कहा था। परिषद ने चेतावनी दी थी कि यदि अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाया गया तो वह कड़ा रुख अपनाएगी। इस पर पुराना दिल्ली रोड के निवासियों ने सवाल उठाया कि यदि वे गलत हैं, तो अमरसर दरवाजा, जो शाहपुरा की आन-बान-शान और प्राचीन धरोहर है, उसे तोड़कर एक 'सोनी' द्वारा मकान बनवा लेने पर नगर परिषद ने कार्रवाई क्यों नहीं की? निवासियों ने पूछा कि अमरसर दरवाजे के मामले में बफर जोन, पुरातत्व विभाग और अति प्राचीन धरोहर के नियम कहाँ गायब हो गए, और उस व्यक्ति को नोटिस क्यों नहीं दिया गया? उन्होंने इसे नगर परिषद की एकतरफा, भेदभावपूर्ण दोहरी नीतियों का स्पष्ट प्रमाण बताया, जिसे वे न्यायसंगत नहीं मानते। लोगों ने शाहपुरा के मनोहरपुर दरवाजा, दिल्ली दरवाजा, मोती महल दरवाजा और अमरसर दरवाजा—इन चारों को अति प्राचीन धरोहर और क्षेत्र की पहचान बताते हुए इनके संरक्षण और जीर्णोद्धार की उतनी ही आवश्यकता पर जोर दिया, जितना नेताओं का विकास होता है। रोष व्यक्त करते हुए आमजन ने नेताओं के चरित्र पर भी सवाल उठाया और कहा कि कमजोर व्यक्तियों के साथ उनके व्यवहार को जानने के लिए पुराना दिल्ली रोड की स्थिति देखी जा सकती है। आरोप लगाया गया कि पुराना दिल्ली रोड पर छोटे-मोटे व्यवसाय करने वाले हैं, जबकि अमरसर दरवाजा तोड़ने वाला 'सोना बेचने वाला' है, और चूंकि सोना आजकल महंगा है, इसलिए उसे संरक्षण देना समझ में आता है—जो सरासर भेदभाव है। आमजन ने मांग की है कि अमरसर दरवाजा खंडित करने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए ताकि समानता के अधिकारों का सही मायने में पालन हो, अन्यथा यह पूरी व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।1
- राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसे प्रदेश की जल उपलब्धता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसी के साथ, प्रदेश में मानसून ने भी रफ्तार पकड़ ली है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई जिलों में बारिश तथा आंधी की संभावना जताई है। राज्य के 1500 सरकारी स्कूलों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और खुशहाल शिक्षा वातावरण के लिए 'खुशीशाला' कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।1