दौसा जिले के बसवा उपखंड क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत के महावर मोहल्ले में पिछले एक महीने से हैंडपंप खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पानी की किल्लत के चलते लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है, और उन्हें अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए दूर-दराज से पानी लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया है कि इस खराब हैंडपंप की सूचना कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी और जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता को भी समस्या से अवगत कराया, लेकिन इतने समय बाद भी इस दिशा में कोई समाधान नहीं हो पाया है। प्रशासन की इस निष्क्रियता से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत करके पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
दौसा जिले के बसवा उपखंड क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत के महावर मोहल्ले में पिछले एक महीने से हैंडपंप खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पानी की किल्लत के चलते लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है, और उन्हें अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए दूर-दराज
से पानी लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया है कि इस खराब हैंडपंप की सूचना कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी और जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता को भी समस्या से अवगत कराया, लेकिन इतने समय बाद भी इस दिशा में कोई समाधान नहीं हो पाया है। प्रशासन की इस
निष्क्रियता से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत करके पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
- राजस्थान के दौसा जिले में सदर थाना क्षेत्र के तहत 40 वर्षीय रमेश बैरवा की हत्या के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मृतक का खून से लथपथ शव चावंड गांव के समीप मिला था, जिसके बाद पुलिस ने एफएसएल की मदद से साक्ष्य जुटाकर गहन जांच शुरू की थी। इस जांच में यह सामने आया कि रमेश को उसकी पत्नी ने ही मौत के घाट उतारा था। पुलिस के अनुसार, पति द्वारा पत्नी पर शक करने और लगातार गृह क्लेश से तंग आकर पत्नी ने इस वारदात को अंजाम दिया। हत्या में पत्नी ने अपने नाबालिग बेटे के साथ मिलकर पति को मारा। सदर थानाधिकारी मुकेश सेपट की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद घंटों के भीतर ही पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मृतक की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नाबालिग बेटे की संलिप्तता भी सामने आई है।1
- बांसखोह कस्बे में स्थित जगदीश जी महाराज के मंदिर में सोमवार को जलाभिषेक कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- राजगढ़ में रविवार को आदिवासी मीणा समाज का प्रतिभा सम्मान समारोह और कार्यालय भवन का लोकार्पण केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर आदिवासी सेवा संस्थान के कार्यालय भवन और सभागार का भी लोकार्पण किया गया। संस्था के कोषाध्यक्ष लल्लू राम खुर्द ने बताया कि यह प्रतिभा सम्मान समारोह वर्ष 2024, 2025 और 2026 के लिए एक साथ आयोजित किया गया। महासचिव जयनारायण खरखडा ने जानकारी दी कि इस दौरान समाज की कुल 320 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में थानागाजी विधायक कांति प्रसाद मीणा, राजगढ़ लक्ष्मणगढ़ विधायक मांगेलाल मीणा, जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर, डेयरी अध्यक्ष नितिन सांगवान और भाजपा विधायक प्रत्याशी बन्ना राम मीणा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि उनके द्वारा पूरे संसदीय क्षेत्र में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए जा रहे हैं और वे विकास कार्य कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके द्वारा 36 कौन का विकास बिना भेदभाव के किया जा रहा है। इस अवसर पर बन्ना राम मीणा ने सांसद एवं केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र यादव की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे हमेशा क्षेत्र के विकास के लिए प्रयासरत हैं और उनके द्वारा अब तक कराया गया विकास बहुत ही ज्यादा है।3
- टोडाभीम में एक किसान बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही अपने खेतों को बैलों की मदद से हल चलाकर तैयार कर रहा है।1
- देशभर के कई ट्रक ड्राइवरों ने यह गंभीर आरोप लगाया है कि विभिन्न बॉर्डर चेकिंग प्वाइंट्स पर उन्हें बार-बार रोका जाता है, जिससे बेवजह की परेशानी उठानी पड़ती है। ड्राइवरों के अनुसार, इन चेकिंग प्वाइंट्स पर उनके दस्तावेज़ों की लंबी और बार-बार जाँच होती है, उनसे घंटों पूछताछ की जाती है, और उन्हें लंबे समय तक इंतज़ार करना पड़ता है। ड्राइवरों का कहना है कि इस प्रक्रिया से न केवल उनका कीमती समय बर्बाद होता है, बल्कि माल की डिलीवरी में भी अनावश्यक देरी होती है, जिसका सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ता है। यह स्थिति एक बड़े सवाल को जन्म देती है कि क्या इस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है ताकि ईमानदार ट्रक ड्राइवरों को ऐसी अनावश्यक परेशानी से राहत मिल सके। जस्ट जयपुर लाइव 24×7 ने इस मुद्दे पर एक खास ग्राउंड रिपोर्ट दिखाई है और लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास भी ऐसे अनुभव या वीडियो हैं, तो वे उन्हें साझा करें। साथ ही, यह भी नोट किया गया है कि किसी भी विशेष घटना के दावे को संबंधित तथ्यों और पक्षों के साथ सत्यापित करना आवश्यक है।1
- यमुना जल समझौते के बाद, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उनके एक पुराने बयान की याद दिलाई। राठौड़ ने तीखे शब्दों में कहा कि जो लोग कल तक किसी काम को 'मुमकिन नहीं' बताते थे और पानी के मुद्दे पर राजनीति करते थे, आज वही इतिहास की गवाही और किए गए वादों की सच्चाई को देख रहे हैं। राठौड़ ने गहलोत के उस सार्वजनिक बयान को दोहराया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि यदि यमुना जल समझौता हो जाता है, तो वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को माला पहनाकर उनका अभिनंदन करेंगे। इस बयान को याद दिलाकर राठौड़ ने एक तरह से गहलोत को अपने कहे पर अमल करने की चुनौती दी है।1
- शाहपुरा, जयपुर में आमजन ने नगर परिषद पर दोहरे मापदंड, भेदभावपूर्ण और एकतरफा कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे संविधान के अनुच्छेद 14 में निहित समानता के अधिकार का उल्लंघन होने का दावा किया गया है। लोगों का कहना है कि यह पूरा मामला पुराना दिल्ली रोड और चौपड़ बाजार के बीच एक तरह से सोने और लोहे के मुकाबले जैसा है, जहाँ कमजोर की कोई नहीं सुनता। आमजन के अनुसार, नगर परिषद ने हाल ही में पुराना दिल्ली रोड पर किले के नीचे स्थित मकानों और दुकानों के मालिकों को नोटिस जारी कर उन्हें 'अति प्राचीन धरोहर', 'हेरिटेज', 'बफर जोन' और 'पुरातत्व विभाग' की संपत्ति बताते हुए अतिक्रमण हटाने को कहा था। परिषद ने चेतावनी दी थी कि यदि अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाया गया तो वह कड़ा रुख अपनाएगी। इस पर पुराना दिल्ली रोड के निवासियों ने सवाल उठाया कि यदि वे गलत हैं, तो अमरसर दरवाजा, जो शाहपुरा की आन-बान-शान और प्राचीन धरोहर है, उसे तोड़कर एक 'सोनी' द्वारा मकान बनवा लेने पर नगर परिषद ने कार्रवाई क्यों नहीं की? निवासियों ने पूछा कि अमरसर दरवाजे के मामले में बफर जोन, पुरातत्व विभाग और अति प्राचीन धरोहर के नियम कहाँ गायब हो गए, और उस व्यक्ति को नोटिस क्यों नहीं दिया गया? उन्होंने इसे नगर परिषद की एकतरफा, भेदभावपूर्ण दोहरी नीतियों का स्पष्ट प्रमाण बताया, जिसे वे न्यायसंगत नहीं मानते। लोगों ने शाहपुरा के मनोहरपुर दरवाजा, दिल्ली दरवाजा, मोती महल दरवाजा और अमरसर दरवाजा—इन चारों को अति प्राचीन धरोहर और क्षेत्र की पहचान बताते हुए इनके संरक्षण और जीर्णोद्धार की उतनी ही आवश्यकता पर जोर दिया, जितना नेताओं का विकास होता है। रोष व्यक्त करते हुए आमजन ने नेताओं के चरित्र पर भी सवाल उठाया और कहा कि कमजोर व्यक्तियों के साथ उनके व्यवहार को जानने के लिए पुराना दिल्ली रोड की स्थिति देखी जा सकती है। आरोप लगाया गया कि पुराना दिल्ली रोड पर छोटे-मोटे व्यवसाय करने वाले हैं, जबकि अमरसर दरवाजा तोड़ने वाला 'सोना बेचने वाला' है, और चूंकि सोना आजकल महंगा है, इसलिए उसे संरक्षण देना समझ में आता है—जो सरासर भेदभाव है। आमजन ने मांग की है कि अमरसर दरवाजा खंडित करने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए ताकि समानता के अधिकारों का सही मायने में पालन हो, अन्यथा यह पूरी व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।1
- पुलिस ने एक बड़े नकल रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसमें परीक्षाओं को पैसों में बेचा जा रहा था। इस पूरे गोरखधंधे का खुलासा 45 छात्रों की एक सूची, लाखों रुपये के लेनदेन के हिसाब और व्हाट्सऐप चैट के माध्यम से हुआ, जिसने नकल के इस काले खेल की पूरी सच्चाई सामने ला दी।1
- रविवार को जयपुर-दिल्ली रोड स्थित चंदवाजी के निर्माणाधीन अरावली रिजॉर्ट में एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ निर्माण कार्य के दौरान अचानक एक दीवार भरभराकर गिर गई। इस दुर्घटना में वहाँ काम कर रहे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। यह हादसा उस समय हुआ जब सीवरेज के गड्ढे को दुरुस्त करने का काम चल रहा था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँचे। बचाव दल ने मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुँचाया। इस दर्दनाक हादसे में दो महिला मजदूरों और एक पुरुष मजदूर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज जयपुर स्थित निम्स अस्पताल में जारी है। हादसे की जानकारी मिलते ही पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत, जमवारामगढ़ विधायक महेंद्र पाल मीणा और सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा निम्स अस्पताल पहुँचे। इन जनप्रतिनिधियों ने घायलों का हालचाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की। प्रारंभिक तौर पर पुलिस ने सुरक्षा मानकों में लापरवाही या तकनीकी खामी को इस हादसे का कारण बताया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर मामले की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है।3