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बांसखोह कस्बे में स्थित जगदीश जी महाराज के मंदिर में सोमवार को जलाभिषेक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
Yogesh Kumar Gupta
बांसखोह कस्बे में स्थित जगदीश जी महाराज के मंदिर में सोमवार को जलाभिषेक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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- बांसखोह कस्बे में स्थित जगदीश जी महाराज के मंदिर में सोमवार को जलाभिषेक कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- यूपी पुलिस - 112 के पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) को एक अनोखे अनुभव का सामना करना पड़ा, जब एक हिरण सड़क पर आ गया और आगे बढ़ने का रास्ता नहीं दे रहा था। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी लगातार उस हिरण को प्यार से समझाते रहे, कहते रहे—"हट जाओ, बाबू..." ताकि गाड़ी आगे बढ़ सके। यह घटना पुलिस के जीवन का हिस्सा है, जहाँ कर्तव्य के साथ-साथ ऐसे अनूठे और दिलचस्प पल भी देखने को मिलते हैं। इस पोस्ट में ऐसे 'जिद्दी मेहमानों' का जिक्र किया गया है, जो कभी-कभी ड्यूटी के दौरान मिल जाते हैं, और उम्मीद जताई गई है कि अगर लोगों को यह वीडियो पसंद आया हो तो वे अपनी प्रतिक्रिया दें।1
- यमुना जल समझौते के बाद, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उनके एक पुराने बयान की याद दिलाई। राठौड़ ने तीखे शब्दों में कहा कि जो लोग कल तक किसी काम को 'मुमकिन नहीं' बताते थे और पानी के मुद्दे पर राजनीति करते थे, आज वही इतिहास की गवाही और किए गए वादों की सच्चाई को देख रहे हैं। राठौड़ ने गहलोत के उस सार्वजनिक बयान को दोहराया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि यदि यमुना जल समझौता हो जाता है, तो वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को माला पहनाकर उनका अभिनंदन करेंगे। इस बयान को याद दिलाकर राठौड़ ने एक तरह से गहलोत को अपने कहे पर अमल करने की चुनौती दी है।1
- पुलिस ने एक बड़े नकल रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसमें परीक्षाओं को पैसों में बेचा जा रहा था। इस पूरे गोरखधंधे का खुलासा 45 छात्रों की एक सूची, लाखों रुपये के लेनदेन के हिसाब और व्हाट्सऐप चैट के माध्यम से हुआ, जिसने नकल के इस काले खेल की पूरी सच्चाई सामने ला दी।1
- दौसा में जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार, 29 जून को जिला कलक्ट्रेट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टों के निस्तारण और भू-उपयोग परिवर्तन सहित विभिन्न प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलक्टर ने स्पष्ट किया कि शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन को त्वरित राहत प्रदान करना है, इसलिए हर मामले का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। राज्य सरकार के निर्देशों के तहत चल रहे शहरी सेवा शिविरों में लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टों और भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में अपेक्षित प्रगति न होने पर डॉ. झा ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को सभी फ्री होल्ड आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, जिन आवेदनों में दस्तावेज़ों की कमी है, उन्हें तत्काल पूरा कराने और अपात्र आवेदनों का नियमानुसार निराकरण करने के भी निर्देश दिए गए। कलक्टर ने उपखंड अधिकारियों को शहरी सेवा शिविरों की नियमित और प्रभावी निगरानी करने का आदेश दिया, ताकि केवल नए ही नहीं, बल्कि पुराने लंबित मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो सके और ज़्यादा से ज़्यादा नागरिकों को लाभ मिल पाए। उन्होंने शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी ज़ोर दिया, ताकि आमजन अधिक संख्या में इनका लाभ उठा सकें। बैठक में जिला कलक्टर ने विभिन्न श्रेणियों में प्राप्त आवेदनों, उनके निस्तारण और लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने फायर एनओसी से संबंधित कार्रवाई की समीक्षा करते हुए उन भवनों के लिए नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिनके लिए फायर एनओसी ज़रूरी है और अभी तक प्राप्त नहीं की गई है। इसके अलावा, उन्होंने प्रगति संबंधी डेटा समय पर अपलोड करने, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू जातियों का सर्वेक्षण कर पात्र व्यक्तियों को पट्टे जारी करने तथा शिविरों के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट सुधार, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, भवन मानचित्र स्वीकृति और धारा 69-ए के तहत पट्टे जारी करने जैसे अन्य विभिन्न मामलों की भी समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (दौसा) अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (लालसोट) मनमोहन मीणा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदीचंद गंगवाल, उपखंड अधिकारी संजू मीणा और नगर विकास न्यास के सचिव गंगाधर मीणा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी उपखंड अधिकारी, नगर परिषद आयुक्त और नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए इस समीक्षा बैठक में शामिल हुए।1
- शाहपुरा, जयपुर में आमजन ने नगर परिषद पर दोहरे मापदंड, भेदभावपूर्ण और एकतरफा कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे संविधान के अनुच्छेद 14 में निहित समानता के अधिकार का उल्लंघन होने का दावा किया गया है। लोगों का कहना है कि यह पूरा मामला पुराना दिल्ली रोड और चौपड़ बाजार के बीच एक तरह से सोने और लोहे के मुकाबले जैसा है, जहाँ कमजोर की कोई नहीं सुनता। आमजन के अनुसार, नगर परिषद ने हाल ही में पुराना दिल्ली रोड पर किले के नीचे स्थित मकानों और दुकानों के मालिकों को नोटिस जारी कर उन्हें 'अति प्राचीन धरोहर', 'हेरिटेज', 'बफर जोन' और 'पुरातत्व विभाग' की संपत्ति बताते हुए अतिक्रमण हटाने को कहा था। परिषद ने चेतावनी दी थी कि यदि अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाया गया तो वह कड़ा रुख अपनाएगी। इस पर पुराना दिल्ली रोड के निवासियों ने सवाल उठाया कि यदि वे गलत हैं, तो अमरसर दरवाजा, जो शाहपुरा की आन-बान-शान और प्राचीन धरोहर है, उसे तोड़कर एक 'सोनी' द्वारा मकान बनवा लेने पर नगर परिषद ने कार्रवाई क्यों नहीं की? निवासियों ने पूछा कि अमरसर दरवाजे के मामले में बफर जोन, पुरातत्व विभाग और अति प्राचीन धरोहर के नियम कहाँ गायब हो गए, और उस व्यक्ति को नोटिस क्यों नहीं दिया गया? उन्होंने इसे नगर परिषद की एकतरफा, भेदभावपूर्ण दोहरी नीतियों का स्पष्ट प्रमाण बताया, जिसे वे न्यायसंगत नहीं मानते। लोगों ने शाहपुरा के मनोहरपुर दरवाजा, दिल्ली दरवाजा, मोती महल दरवाजा और अमरसर दरवाजा—इन चारों को अति प्राचीन धरोहर और क्षेत्र की पहचान बताते हुए इनके संरक्षण और जीर्णोद्धार की उतनी ही आवश्यकता पर जोर दिया, जितना नेताओं का विकास होता है। रोष व्यक्त करते हुए आमजन ने नेताओं के चरित्र पर भी सवाल उठाया और कहा कि कमजोर व्यक्तियों के साथ उनके व्यवहार को जानने के लिए पुराना दिल्ली रोड की स्थिति देखी जा सकती है। आरोप लगाया गया कि पुराना दिल्ली रोड पर छोटे-मोटे व्यवसाय करने वाले हैं, जबकि अमरसर दरवाजा तोड़ने वाला 'सोना बेचने वाला' है, और चूंकि सोना आजकल महंगा है, इसलिए उसे संरक्षण देना समझ में आता है—जो सरासर भेदभाव है। आमजन ने मांग की है कि अमरसर दरवाजा खंडित करने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए ताकि समानता के अधिकारों का सही मायने में पालन हो, अन्यथा यह पूरी व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।1
- राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसे प्रदेश की जल उपलब्धता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसी के साथ, प्रदेश में मानसून ने भी रफ्तार पकड़ ली है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई जिलों में बारिश तथा आंधी की संभावना जताई है। राज्य के 1500 सरकारी स्कूलों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और खुशहाल शिक्षा वातावरण के लिए 'खुशीशाला' कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।1