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चलती कार में बनी आग का गोला स्थानीय लोगो मे मची अफरा-तफरी. चलती कार में लगी आग, मची अफरा-तफरी गुरसहायगंज। थाना क्षेत्र के फर्रुखाबाद रोड पर रविवार को एक कार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते कार से आग की लपटे उठने लगीं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
Mujahid majidi
चलती कार में बनी आग का गोला स्थानीय लोगो मे मची अफरा-तफरी. चलती कार में लगी आग, मची अफरा-तफरी गुरसहायगंज। थाना क्षेत्र के फर्रुखाबाद रोड पर रविवार को एक कार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते कार से आग की लपटे उठने लगीं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
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- बारिश से ट्यूबवेल का कमरा समेत पूरा ढांचा जमींदोज, किसान को पांच लाख का नुकसान बारिश का कहर: ट्यूबवेल का कमरा समेत पूरा ढांचा जमींदोज, किसान को पांच लाख का नुकसान कन्नौज। चक्रवात के चलते लगातार 48 घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने जनपद में जमकर कहर बरपाया। जगह-जगह जलभराव और मकानों के गिरने के बीच ग्राम करनपुर निवासी किसान विनोद पाल का हाईवे से गंगापुर जाने वाले मार्ग पर स्थित समर सिविल ट्यूबवेल का कमरा समेत पूरा ढांचा भरभराकर जमीन में समा गया। हादसे में किसान को करीब पांच लाख रुपये के नुकसान की बात सामने आ रही है। बताया गया कि लगातार बारिश के कारण ट्यूबवेल के आसपास की जमीन में पानी भर गया थी। मिट्टी कमजोर होने के बाद ट्यूबवेल का कमरा समेत पूरा निर्माण अचानक ढह गया। ट्यूबवेल के जमींदोज होने से किसान की सिंचाई व्यवस्था को भी बड़ा झटका लगा है। किसान ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराकर आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है। लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र में पहले से ही जनजीवन प्रभावित है। ग्रामीण इलाकों में जलभराव के कारण आवागमन और खेती-किसानी से जुड़े कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।1
- लगातार बारिश से छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र में बिगड़े हालात, कई परिवार बेघर और फसलें बर्बाद आकाश शाक्य ने गांवों में पहुंचकर लिया जायजा, प्रशासन से तत्काल राहत, सर्वे और मुआवजे की मांग लगातार बारिश से छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र में बिगड़े हालात, कई परिवार बेघर और फसलें बर्बाद आकाश शाक्य ने गांवों में पहुंचकर लिया जायजा, प्रशासन से तत्काल राहत, सर्वे और मुआवजे की मांग कन्नौज। अर्नव चक्रवात के प्रभाव के चलते पिछले तीन दिनों से जनपद कन्नौज में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण कई कच्चे मकान गिर गए हैं, जिसके चलते अनेक परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं खेतों में पानी भरने से धान सहित अन्य फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आकाश शाक्य ने आज विधानसभा क्षेत्र रजलामऊ, तेराजाकेट, भूड़ा, सरायप्रयाग सहित कई गांवों में पहुंचकर बारिश से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और किसानों से फसलों को हुए नुकसान की जानकारी ली। आकाश शाक्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी हमेशा किसानों, गरीबों, मजदूरों और आम जनता के हितों की आवाज मजबूती से उठाते रहे हैं। समाजवादी पार्टी की विचारधारा भी संकट के समय समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के साथ खड़े होने की रही है। इसी भावना के साथ वह लगातार क्षेत्र के लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझने और प्रशासन के सामने रखने का प्रयास कर रहे हैं। आकाश शाक्य ने आगे कहा कि लगातार बारिश ने गरीब, मजदूर, किसान और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। कई जगह घरों में पानी भर गया है और कई कच्चे मकान गिरने से परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। ऐसे समय में प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की धान सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और राजस्व विभाग की टीमों को गांव-गांव भेजकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए। जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उन्हें नियमानुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदा की इस स्थिति में उन्हें कुछ राहत मिल सके। आकाश शाक्य ने प्रशासन से यह भी मांग की कि जिन परिवारों के कच्चे मकान बारिश में गिर गए हैं, उनकी तत्काल सूची तैयार कर उन्हें राहत सामग्री, सुरक्षित स्थान और आवश्यकतानुसार आवासीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता मिलने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जगह-जगह जलभराव के कारण अब जलजनित बीमारियों और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। लंबे समय तक जमा पानी और गंदगी के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसलिए प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सक्रिय होकर प्रभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान, जल निकासी, कीटनाशक एवं एंटी-लार्वा छिड़काव तथा आवश्यक स्वास्थ्य जांच और दवाओं की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिन गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों में जलभराव है, वहां पंप लगाकर पानी की निकासी कराई जाए तथा नालियों और सार्वजनिक स्थानों की तत्काल सफाई कराई जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जाएं, ताकि किसी भी बीमारी के फैलने से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें। आकाश शाक्य ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि मुश्किल में फंसे लोगों के साथ खड़े होने और उन्हें तत्काल राहत पहुंचाने का है। प्रशासन को कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर जमीन पर उतरकर वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए। उन्होंने कन्नौज प्रशासन से मांग की कि बारिश से हुए मकान, फसल, जलभराव एवं अन्य नुकसान का व्यापक और निष्पक्ष सर्वे तत्काल कराया जाए तथा प्रभावित परिवारों एवं किसानों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा और राहत उपलब्ध कराई जाए।4
- #हरदोई बिलग्राम के पुसेडा में बंद पुलिया से जलभराव, ब्लॉक अध्यक्ष के घर के सामने बना ‘स्विमिंग पूल’! ग्रामीणों का आरोप—कई बार ज्ञापन के बावजूद समाधान नहीं। #जलभराव #SadanTak #PWD #BreakingNews1
- अभिजीत दीपके के ऐलान के बाद चुनाव आयोग और अमित शाह मोदी की नींद उड़ी हुई ह1
- बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच आज रचना गौतम ने प्रभावित इलाकों का भ्रमण किया बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच आज रचना गौतम ने प्रभावित इलाकों का भ्रमण किया। उन्होंने घर-घर पहुंचकर बारिश से प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं और मौके पर स्थिति का जायजा लिया। कई गरीब परिवारों के कच्चे मकान गिरने से घर का सामान मलबे में दब गया और लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। रचना गौतम ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाते हुए प्रशासन से जल्द आर्थिक सहायता और आवास की व्यवस्था कराने की मांग की।1
- थाना रावतपुर क्षेत्र अंतर्गत करंट लगने से हुई मृत्यु एवं परिजनों से वार्ता/समझौते के संबंध में सूचना कानपुर।कल दिनांक 26.09.2026 को थाना क्षेत्र रावतपुर में एक दुखद घटना घटित हुई, जिसमें करंट लगने से दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई थी। पुलिस द्वारा शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम आदि आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कराई गई। पोस्टमार्टम उपरांत परिजनों द्वारा मुआवजे की मांग को लेकर शवों को रखकर विरोध प्रकट किया जा रहा था। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों पक्षों के मध्य वार्ता कराई गई। वार्ता के उपरांत दोनों पक्षों में निम्न बिंदुओं पर सहमति/समझौता हुआ: 1. स्कूल प्रबंधक द्वारा पीड़ित परिवारों को ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये) की आर्थिक सहायता/मुआवजा दिया जाएगा। 2. मृतक परिवार के एक सदस्य को नौकरी प्रदान की जाएगी। 3. परिवार के बच्चों को कक्षा 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। समझौते के उपरांत परिजन संतुष्ट होकर शवों को अंतिम संस्कार हेतु ले गए हैं। मौके पर शांति एवं कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है, किसी प्रकार की समस्या नहीं है।1
- अमिलिया गांव में प्लाटिंग कर पानी निकासी का मेन रास्ता किया गया बंद सकरी नाली से नहीं निकल पा रहा घरों में भरा पान प्लाटिंग करते समय नाले की दीवार गिर गयी थी जिसे अभी तक ठीक नहीं कराया गया है जिससे बरसात का पानी नाले से आगे न जाकर घरों मे घुस रहा ह बड़ी संख्या में पानी निकासी को लेकर ग्रामीण हुए एकत्रित पाल्टिंग कर्ता के विरोध करने पर ग्रामीणों ने बुलाई पुलिस मौके पर पहुंची पुलिस ने प्लाटिंग कर्ता को लगाई फटकार पानी निकासी के लिए नहीं खोला गया रास्ता तो लोगों के घरों में भरा रहेगा पानी1
- हरियाणा से बिहार जा रही लाखों कीमत की अवैध शराब कन्नौज पुलिस के हाथ लगी *बारिश ने मचाई तबाही, 19 फीट का सरकारी नाला सिमटा तो ठठिया बना तालाब, पांच फीट पानी में डूबे घर-दुकानें* आस-पास के गांवों में बारिश के पानी से मचा कोहराम कन्नौज संवाददाता। 48 घंटे से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने ठठिया कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। छह गांवों और सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि से बारिश का पानी निकालने वाला करीब 19 फीट चौड़ा सरकारी नाला अतिक्रमण और उपेक्षा के चलते कई स्थानों पर महज दो से तीन फीट चौड़ा रह गया है। नाले की जमीन पर कथित कब्जों के कारण बारिश का पानी नाले से निकलने के बजाय गलियों, सड़कों और खेतों में फैल रहा है। हालात यह हैं कि कस्बे के कई मोहल्ले और बाजार जलमग्न हो गए हैं। सबसे भयावह स्थिति टिकौरियनपुर्वा मोहल्ले में बनी हुई है। गुरुवार रात से लगातार हो रही बारिश के बाद यहां करीब पांच फीट तक पानी भर गया। लवकुश इंटर कॉलेज जाने वाला करीब 300 मीटर रास्ता पूरी तरह पानी में डूब गया। जलभराव के कारण विनोद सविता और आयुष सिंह बघेल के परिवार पिछले 48 घंटे से अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। मकान अपेक्षाकृत ऊंचे स्थान पर होने के बावजूद पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया। घरों के चारों ओर करीब पांच फीट पानी भरने से पूरा इलाका तालाब में तब्दील नजर आ रहा है। *नाले से 300 मीटर दूर तक तबाही, दुकानें और घर जलमग्न* जल निकासी व्यवस्था चौपट होने का असर नाले से करीब 300 मीटर दूर तक दिखाई दे रहा है। दर्जनों दुकानों और मकानों में पानी भर गया है। कस्बे में इंडियन बैंक के आसपास की दुकानों में करीब पांच फीट तक पानी भरने से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। लोग पंपसेट लगाकर दुकानों और घरों से पानी निकालने में जुटे हुए हैं। पानी दुकानों के अंदर घुसने से व्यापारियों का लाखों रुपये का सामान खराब होने की बात सामने आ रही है। लगातार बारिश के बीच जलभराव ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लोगों का कहना है कि यदि सरकारी नाले की वास्तविक चौड़ाई के अनुसार सफाई और जल निकासी सुनिश्चित की जाती तो इतनी बड़ी समस्या पैदा नहीं होती। नाले के संकरे होने से बारिश का पानी आगे निकलने के बजाय आसपास के आबादी वाले क्षेत्रों में फैल रहा है। *सिसैयनपुर्वा मड़िया में आठ परिवार 48 घंटे से पानी में फंसे* ठठिया थाना क्षेत्र की भदौसी ग्राम पंचायत के सिसैयनपुर्वा मड़िया गांव में भी बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यहां आठ परिवार 48 घंटे से अधिक समय से पानी में फंसे हुए हैं। गुड्डन यादव, बंटू यादव, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, दलवीर सिंह, लालू यादव, मस्ताना, बलवीर सिंह और नन्हें समेत ग्रामीणों को आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के मुताबिक लगातार बारिश के कारण रास्तों पर पानी भर जाने से घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। जरूरी सामान लाने और अन्य कामों के लिए भी लोगों को जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। *जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल* एक ओर लगातार बारिश से कस्बे और गांवों में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर वर्षों पुराने सरकारी नाले के सिकुड़ने ने जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 19 फीट चौड़े नाले का कई स्थानों पर दो से तीन फीट तक सिमट जाना बारिश के दौरान कस्बे के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। अब देखने वाली बात होगी कि जिम्मेदार विभाग नाले की वास्तविक स्थिति की जांच कर अतिक्रमण हटाने और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।1