खेड़ा में सरकारी दफ्तर में ही 'समानांतर' चुनाव का पाप!_ खेड़ा | नियम कहता है 'गुप्त मतदान', लेकिन खेड़ा होमगार्ड दफ्तर में चल रहा था 'जबरन मतदान'। एक तरफ चुनाव आयोग निष्पक्षता के दावे करता है, तो दूसरी तरफ सरकारी दफ्तर की चार दीवारी के बीच गत्ते के डिब्बे रखकर लोकतंत्र के चीरहरण की बात सामने आई है। खेड़ा में सरकारी दफ्तर में ही 'समानांतर' चुनाव का पाप!_ खेड़ा | नियम कहता है 'गुप्त मतदान', लेकिन खेड़ा होमगार्ड दफ्तर में चल रहा था 'जबरन मतदान'। एक तरफ चुनाव आयोग निष्पक्षता के दावे करता है, तो दूसरी तरफ सरकारी दफ्तर की चार दीवारी के बीच गत्ते के डिब्बे रखकर लोकतंत्र के चीरहरण की बात सामने आई है। *होमगार्ड दफ्तर या किसी पार्टी का कार्यालय?* आम तौर पर डाक मतपत्र (Ballot Paper) मतदाता को खुद पोस्ट करना होता है, लेकिन खेड़ा जिला होमगार्ड कमांडेंट प्रणव सागर के दफ्तर में कुछ अलग ही खेल चल रहा था: - *जुगाड़ू पोलिंग बूथ:* दफ्तर में गत्ते की मदद से नकली मतदान केंद्र और नकली मतपेटी तैयार की गई। * जवानों को व्यक्तिगत रूप से वोट देने के बजाय वहीं मौजूद रहकर सामूहिक रूप से मतदान करने पर मजबूर किया गया। - - *हुक्म का पालन या दबाव?:* - - आरोप है कि जवानों को किसी खास पार्टी का बटन दबाने का आदेश दिया गया था। क्या यह खाकी पर खाकी का ही जुल्म है? *मैदान में विपक्ष: चिराग परीख ने पोल खोली* वार्ड नं. 6 के कांग्रेस उम्मीदवार चिरागभाई परीख और छायाबेन प्रजापति ने इस 'नकली केंद्र' पर रेड मारकर पूरा मामला मीडिया और चुनाव अधिकारी के सामने लाया है। _"क्या यह प्रशासन की आपराधिक लापरवाही है या किसी बड़े आकाओं के इशारे पर हो रहा घोटाला?"_ – इस सवाल के साथ चिराग परीख ने चुनाव आयोग से जांच की मांग की है। - क्या जिला चुनाव अधिकारी की जानकारी के बिना यह नकली केंद्र बनाया गया? - - गत्ते की मतपेटी में डाले गए वोटों का अब क्या होगा? - - जवानों को धमकाने वाला 'मास्टरमाइंड' कौन है?
खेड़ा में सरकारी दफ्तर में ही 'समानांतर' चुनाव का पाप!_ खेड़ा | नियम कहता है 'गुप्त मतदान', लेकिन खेड़ा होमगार्ड दफ्तर में चल रहा था 'जबरन मतदान'। एक तरफ चुनाव आयोग निष्पक्षता के दावे करता है, तो दूसरी तरफ सरकारी दफ्तर की चार दीवारी के बीच गत्ते के डिब्बे रखकर लोकतंत्र के चीरहरण की बात सामने आई है। खेड़ा में सरकारी दफ्तर में ही 'समानांतर' चुनाव का पाप!_ खेड़ा | नियम कहता है 'गुप्त मतदान', लेकिन खेड़ा होमगार्ड दफ्तर में चल रहा था 'जबरन मतदान'। एक तरफ
चुनाव आयोग निष्पक्षता के दावे करता है, तो दूसरी तरफ सरकारी दफ्तर की चार दीवारी के बीच गत्ते के डिब्बे रखकर लोकतंत्र के चीरहरण की बात सामने आई है। *होमगार्ड दफ्तर या किसी पार्टी का कार्यालय?* आम तौर पर डाक मतपत्र (Ballot Paper) मतदाता को खुद पोस्ट करना होता है, लेकिन खेड़ा जिला होमगार्ड कमांडेंट प्रणव सागर के दफ्तर में कुछ अलग ही खेल चल रहा था: - *जुगाड़ू पोलिंग बूथ:* दफ्तर में गत्ते की मदद से नकली मतदान केंद्र और नकली मतपेटी तैयार की गई।
* जवानों को व्यक्तिगत रूप से वोट देने के बजाय वहीं मौजूद रहकर सामूहिक रूप से मतदान करने पर मजबूर किया गया। - - *हुक्म का पालन या दबाव?:* - - आरोप है कि जवानों को किसी खास पार्टी का बटन दबाने का आदेश दिया गया था। क्या यह खाकी पर खाकी का ही जुल्म है? *मैदान में विपक्ष: चिराग परीख ने पोल खोली* वार्ड नं. 6 के कांग्रेस उम्मीदवार चिरागभाई परीख और छायाबेन प्रजापति ने इस 'नकली केंद्र' पर रेड मारकर
पूरा मामला मीडिया और चुनाव अधिकारी के सामने लाया है। _"क्या यह प्रशासन की आपराधिक लापरवाही है या किसी बड़े आकाओं के इशारे पर हो रहा घोटाला?"_ – इस सवाल के साथ चिराग परीख ने चुनाव आयोग से जांच की मांग की है। - क्या जिला चुनाव अधिकारी की जानकारी के बिना यह नकली केंद्र बनाया गया? - - गत्ते की मतपेटी में डाले गए वोटों का अब क्या होगा? - - जवानों को धमकाने वाला 'मास्टरमाइंड' कौन है?
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- खेड़ा में सरकारी दफ्तर में ही 'समानांतर' चुनाव का पाप!_ खेड़ा | नियम कहता है 'गुप्त मतदान', लेकिन खेड़ा होमगार्ड दफ्तर में चल रहा था 'जबरन मतदान'। एक तरफ चुनाव आयोग निष्पक्षता के दावे करता है, तो दूसरी तरफ सरकारी दफ्तर की चार दीवारी के बीच गत्ते के डिब्बे रखकर लोकतंत्र के चीरहरण की बात सामने आई है। *होमगार्ड दफ्तर या किसी पार्टी का कार्यालय?* आम तौर पर डाक मतपत्र (Ballot Paper) मतदाता को खुद पोस्ट करना होता है, लेकिन खेड़ा जिला होमगार्ड कमांडेंट प्रणव सागर के दफ्तर में कुछ अलग ही खेल चल रहा था: - *जुगाड़ू पोलिंग बूथ:* दफ्तर में गत्ते की मदद से नकली मतदान केंद्र और नकली मतपेटी तैयार की गई। * जवानों को व्यक्तिगत रूप से वोट देने के बजाय वहीं मौजूद रहकर सामूहिक रूप से मतदान करने पर मजबूर किया गया। - - *हुक्म का पालन या दबाव?:* - - आरोप है कि जवानों को किसी खास पार्टी का बटन दबाने का आदेश दिया गया था। क्या यह खाकी पर खाकी का ही जुल्म है? *मैदान में विपक्ष: चिराग परीख ने पोल खोली* वार्ड नं. 6 के कांग्रेस उम्मीदवार चिरागभाई परीख और छायाबेन प्रजापति ने इस 'नकली केंद्र' पर रेड मारकर पूरा मामला मीडिया और चुनाव अधिकारी के सामने लाया है। _"क्या यह प्रशासन की आपराधिक लापरवाही है या किसी बड़े आकाओं के इशारे पर हो रहा घोटाला?"_ – इस सवाल के साथ चिराग परीख ने चुनाव आयोग से जांच की मांग की है। - क्या जिला चुनाव अधिकारी की जानकारी के बिना यह नकली केंद्र बनाया गया? - - गत्ते की मतपेटी में डाले गए वोटों का अब क्या होगा? - - जवानों को धमकाने वाला 'मास्टरमाइंड' कौन है?4
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