जो काम हमारे नेता जी नहीं कर पाए, वह काम हमारे #ᴇᴛᴇʀɴᴀʟʜᴏᴘᴇꜰᴏᴜɴᴅᴀᴛɪᴏɴ जो काम हमारे नेता जी नहीं कर पाए, वह काम हमारे #ᴇᴛᴇʀɴᴀʟʜᴏᴘᴇꜰᴏᴜɴᴅᴀᴛɪᴏɴ के सदस्य की तरफ से हमारे गांव सिसवनिया (भरता नगर) के एक छोटे बच्चे ने कर दिखाया। यह पुल काफी समय से टूटा हुआ था और यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती थीं। हमारे नेता सिर्फ विकास की बातें करते हैं, लेकिन जब उनके पास जाओ तो कहते हैं कि ‘यह हमारे क्षेत्र में नहीं आता’। तो उनसे एक सवाल है — यह काम इन छोटे बच्चों के क्षेत्र में भी नहीं आता, फिर भी उन्होंने कर दिखाया। अगर हौसला और नीयत हो तो ऐसा काम मुखिया जी, जिला परिषद या वार्ड सदस्य भी आसानी से करवा सकते थे।“आज तो आप हमारे पूर्वजों के नाम पर वोट मांग लेते हैं, लेकिन आने वाली पीढ़ी से आप किस नाम पर वोट मांगेंगे?” टूटे हुए पुल को ठीक करके इस बच्चे ने सबको यह सिखा दिया कि अगर इरादा मजबूत हो तो उम्र मायने नहीं रखती।
जो काम हमारे नेता जी नहीं कर पाए, वह काम हमारे #ᴇᴛᴇʀɴᴀʟʜᴏᴘᴇꜰᴏᴜɴᴅᴀᴛɪᴏɴ जो काम हमारे नेता जी नहीं कर पाए, वह काम हमारे #ᴇᴛᴇʀɴᴀʟʜᴏᴘᴇꜰᴏᴜɴᴅᴀᴛɪᴏɴ के सदस्य की तरफ से हमारे गांव सिसवनिया (भरता नगर) के एक छोटे बच्चे ने कर दिखाया। यह
पुल काफी समय से टूटा हुआ था और यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती थीं। हमारे नेता सिर्फ विकास की बातें करते हैं, लेकिन जब उनके पास जाओ तो कहते हैं कि ‘यह हमारे क्षेत्र में नहीं आता’। तो उनसे एक सवाल है —
यह काम इन छोटे बच्चों के क्षेत्र में भी नहीं आता, फिर भी उन्होंने कर दिखाया। अगर हौसला और नीयत हो तो ऐसा काम मुखिया जी, जिला परिषद या वार्ड सदस्य भी आसानी से करवा सकते थे।“आज तो आप हमारे पूर्वजों के
नाम पर वोट मांग लेते हैं, लेकिन आने वाली पीढ़ी से आप किस नाम पर वोट मांगेंगे?” टूटे हुए पुल को ठीक करके इस बच्चे ने सबको यह सिखा दिया कि अगर इरादा मजबूत हो तो उम्र मायने नहीं रखती।
- “आज सिसवनिया (भरता नगर) के बच्चों ने नेताओं को आईना दिखा दिया…” जिस पुल को ठीक करवाने के लिए गांव वाले सालों से मुखिया जी, वार्ड सदस्य, जिला परिषद और विधायक जी के पास जाते रहे, वह पुल आज भी टूटा हुआ पड़ा था। लोग रोज़ जान जोखिम में डालकर वहां से गुजरते थे। कई बार शिकायत हुई, कई बार गुहार लगी… लेकिन हर बार वही जवाब मिला — “यह हमारे क्षेत्र में नहीं आता।” आज वही काम हमारे गांव के कुछ छोटे-छोटे बच्चों ने अपने हाथों से शुरू कर दिया। न कोई सरकारी फंड, न कोई मशीन, न कोई बड़ी ताकत… सिर्फ हिम्मत और गांव के लिए जिम्मेदारी। आज इन बच्चों ने सिर्फ पुल नहीं सुधारा… बल्कि उन लोगों की सोच को भी बेनकाब कर दिया, जो हर चुनाव में बड़े-बड़े वादे करते हैं। एक सवाल है उन सभी नेताओं से — जब यह काम इन छोटे बच्चों के क्षेत्र में नहीं आता, फिर भी उन्होंने कर दिया… तो आपके क्षेत्र में आखिर आता क्या है? आज आप लोग हमारे बाप-दादाओं के नाम पर वोट मांग लेते हैं, लेकिन कल जब यही बच्चे बड़े होकर आपसे सवाल पूछेंगे — “आपने हमारे लिए क्या किया?” तब शायद जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि आज कुर्सी वालों ने नहीं… बल्कि गांव के बच्चों ने विकास का असली मतलब समझा दिया। 🙏 इन बच्चों को सलाम। अगर आपको भी लगता है कि असल बदलाव जनता ही लाती है, तो इस पोस्ट को जरूर शेयर करें, ताकि यह बात हर नेता तक पहुंचे।2
- चकिया (पूर्वी चंपारण): अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर चकिया आश्रय स्थल में नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में चकिया नगर परिषद द्वारा महिलाओं के सम्मान में विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 08 से 14 मार्च 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जा रहा है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया जा रहा है। इसके साथ ही स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में कार्य कर रही महिला समूहों और सफाई कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन नगर परिषद चकिया के सौजन्य से किया जा रहा है, जिसमें जन विकास समिति स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत सहयोग कर रही है। नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के योगदान को सम्मान देना और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।1
- डॉ. गोपाल कुमार M.P.T. (Neuro) क्लिनिक - ज्ञान बाबू चौक से दक्षिण, मिस्कौट, मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण #motihari #eastchamparan1
- Post by Talk On Chair1
- Post by RAJA KUMAR1
- habda pul1
- सुगौली प्रखंड के जीविका दीदियों का हुआ एकदिवसीय प्रशिक्षण। शहर के नन्द उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुआ प्रशिक्षण।1
- जो काम हमारे नेता जी नहीं कर पाए, वह काम हमारे #ᴇᴛᴇʀɴᴀʟʜᴏᴘᴇꜰᴏᴜɴᴅᴀᴛɪᴏɴ के सदस्य की तरफ से हमारे गांव सिसवनिया (भरता नगर) के एक छोटे बच्चे ने कर दिखाया। यह पुल काफी समय से टूटा हुआ था और यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती थीं। हमारे नेता सिर्फ विकास की बातें करते हैं, लेकिन जब उनके पास जाओ तो कहते हैं कि ‘यह हमारे क्षेत्र में नहीं आता’। तो उनसे एक सवाल है — यह काम इन छोटे बच्चों के क्षेत्र में भी नहीं आता, फिर भी उन्होंने कर दिखाया। अगर हौसला और नीयत हो तो ऐसा काम मुखिया जी, जिला परिषद या वार्ड सदस्य भी आसानी से करवा सकते थे।“आज तो आप हमारे पूर्वजों के नाम पर वोट मांग लेते हैं, लेकिन आने वाली पीढ़ी से आप किस नाम पर वोट मांगेंगे?” टूटे हुए पुल को ठीक करके इस बच्चे ने सबको यह सिखा दिया कि अगर इरादा मजबूत हो तो उम्र मायने नहीं रखती।3