पुल को ठीक करवाने के लिए गांव वाले सालों से मुखिया जी, वार्ड सदस्य, जिला परिषद और विधायक जी के पास जाते रहे, वह पुल आज भी टूटा हुआ पड़ा था। लोग रोज़ जान जोखिम में डालकर वहां से गुजरते थे। “आज सिसवनिया (भरता नगर) के बच्चों ने नेताओं को आईना दिखा दिया…” जिस पुल को ठीक करवाने के लिए गांव वाले सालों से मुखिया जी, वार्ड सदस्य, जिला परिषद और विधायक जी के पास जाते रहे, वह पुल आज भी टूटा हुआ पड़ा था। लोग रोज़ जान जोखिम में डालकर वहां से गुजरते थे। कई बार शिकायत हुई, कई बार गुहार लगी… लेकिन हर बार वही जवाब मिला — “यह हमारे क्षेत्र में नहीं आता।” आज वही काम हमारे गांव के कुछ छोटे-छोटे बच्चों ने अपने हाथों से शुरू कर दिया। न कोई सरकारी फंड, न कोई मशीन, न कोई बड़ी ताकत… सिर्फ हिम्मत और गांव के लिए जिम्मेदारी। आज इन बच्चों ने सिर्फ पुल नहीं सुधारा… बल्कि उन लोगों की सोच को भी बेनकाब कर दिया, जो हर चुनाव में बड़े-बड़े वादे करते हैं। एक सवाल है उन सभी नेताओं से — जब यह काम इन छोटे बच्चों के क्षेत्र में नहीं आता, फिर भी उन्होंने कर दिया… तो आपके क्षेत्र में आखिर आता क्या है? आज आप लोग हमारे बाप-दादाओं के नाम पर वोट मांग लेते हैं, लेकिन कल जब यही बच्चे बड़े होकर आपसे सवाल पूछेंगे — “आपने हमारे लिए क्या किया?” तब शायद जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि आज कुर्सी वालों ने नहीं… बल्कि गांव के बच्चों ने विकास का असली मतलब समझा दिया। 🙏 इन बच्चों को सलाम। अगर आपको भी लगता है कि असल बदलाव जनता ही लाती है, तो इस पोस्ट को जरूर शेयर करें, ताकि यह बात हर नेता तक पहुंचे।
पुल को ठीक करवाने के लिए गांव वाले सालों से मुखिया जी, वार्ड सदस्य, जिला परिषद और विधायक जी के पास जाते रहे, वह पुल आज भी टूटा हुआ पड़ा था। लोग रोज़ जान जोखिम में डालकर वहां से गुजरते थे। “आज सिसवनिया (भरता नगर) के बच्चों ने नेताओं को आईना दिखा दिया…” जिस पुल को ठीक करवाने के लिए गांव वाले सालों से मुखिया जी, वार्ड सदस्य, जिला परिषद और विधायक जी के पास जाते रहे, वह पुल आज भी टूटा हुआ पड़ा था। लोग रोज़ जान जोखिम में डालकर वहां से गुजरते थे। कई बार शिकायत हुई, कई बार गुहार लगी… लेकिन हर बार वही जवाब मिला — “यह हमारे क्षेत्र में नहीं आता।” आज वही काम हमारे गांव के कुछ छोटे-छोटे बच्चों ने अपने हाथों से शुरू कर दिया। न कोई सरकारी फंड, न कोई मशीन, न कोई बड़ी ताकत… सिर्फ हिम्मत
और गांव के लिए जिम्मेदारी। आज इन बच्चों ने सिर्फ पुल नहीं सुधारा… बल्कि उन लोगों की सोच को भी बेनकाब कर दिया, जो हर चुनाव में बड़े-बड़े वादे करते हैं। एक सवाल है उन सभी नेताओं से — जब यह काम इन छोटे बच्चों के क्षेत्र में नहीं आता, फिर भी उन्होंने कर दिया… तो आपके क्षेत्र में आखिर आता क्या है? आज आप लोग हमारे बाप-दादाओं के नाम पर वोट मांग लेते हैं, लेकिन कल जब यही बच्चे बड़े होकर आपसे सवाल पूछेंगे — “आपने हमारे लिए क्या किया?” तब शायद जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि आज कुर्सी वालों ने नहीं… बल्कि गांव के बच्चों ने विकास का असली मतलब समझा दिया। 🙏 इन बच्चों को सलाम। अगर आपको भी लगता है कि असल बदलाव जनता ही लाती है, तो इस पोस्ट को जरूर शेयर करें, ताकि यह बात हर नेता तक पहुंचे।
- शेयर बाजार 12 दिन में 10% से अधिक गिर चुका है क्योंकि हम आत्मनिर्भर देश बन चुके हैं हमें किसी देश के आगे झुकने की जरूरत नहीं पड़ रही है, और यह सब ताकत हमें चुनाव के वक्त रेवाड़ी बंथ के और रेवाड़ी का ऐलान करके ही मिला है - गैस डीजल पेट्रोल रोजी रोजगार उचित स्वास्थ्य यह सब तो सिर्फ जुमला है जय सियाराम1
- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के दौरान सहरसा में आज जनसभा को संबोधित किया, इस बीच फिर से नीतीश कुमार का चित-परिचित अंदाज देखने को मिला, जब नीतीश कुमार भाषण दे रहे थे, उस समय महिलाएं उनका भाषण सुनने के वजाय बाहर जा रही थी, ऐसे में जब नीतीश कुमार का नजर उन लोगों पर पड़ी तो उन्होंने इशारों ही इशारों में अपनी जगह पर बैठे रहने को कहा, उन्होने कहा- अरे भाग कह रहे हैं, एक एक बात सुनिए, हम देख रहे हैं की इधर-उधर जा रही है, अरे असली बतवा न सुनो, असली चीजवा न जानो, लालू राबड़ी कोई काम किया था, अभी हम अपना काम बता रहे हैं और आप इधर-उधर जा रहे हैं, आप इस वीडियो के माध्यम से देख सकते हैं क्या बोले नीतीश कुमार1
- train mein ham logon ke sath mein aise hi saman bechne wale sab karte hain ine logon Ko sab sikhaya jaaye1
- प्रखंड मुख्यालय स्थित मझौलिया बाजार में उस समय हड़कंप मच गया जब ड्रग इंस्पेक्टर नागेन्द्र कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने सारण ड्रग एजेंसी पर अचानक छापेमारी कर घंटों तक गहन जांच की। इस कार्रवाई के दौरान दवा दुकान के लाइसेंस, दवाओं के स्टॉक, खरीद-बिक्री के बिल तथा एक्सपायरी दवाओं की बारीकी से जांच की गई।ड्रग इंस्पेक्टर नागेन्द्र कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश के आलोक में यह जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान दवा दुकान में रखी दवाओं के कागजात का मिलान किया गया और स्टॉक रजिस्टर की भी जांच की गई, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।उन्होंने बताया कि इस जांच टीम में नरकटियागंज के ड्रग इंस्पेक्टर सतीष कुमार सिंह, बगहा से हरिकिशोर सिंह सहित पुलिस बल के जवान भी मौजूद थे। टीम ने दुकान में उपलब्ध कई दवाओं की जांच के बाद तीन दवाओं के सैंपल जब्त कर जांच के लिए भेज दिया है।ड्रग इंस्पेक्टर ने स्पष्ट कहा कि यदि जांच रिपोर्ट में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित दवा दुकान का लाइसेंस रद्द करने सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।अचानक हुई इस छापेमारी से बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के दवा दुकानदारों सहित अन्य व्यापारियों के बीच कार्रवाई की चर्चा होती रही। प्रशासन की इस कार्रवाई को दवा दुकानों की नियमित निगरानी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बता दे की यह हड़कंप गुरुवार के दिन मझौलिया बाजार में देखा गया।3
- ठकराहां में पहली बार दिव्यांगजनों को मिली बैट्री चालित ट्राईसाइकिल बेतिया: मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना ‘संबल’ के तहत ठकराहां प्रखंड में पहली बार चार दिव्यांगजनों को बैट्री चालित ट्राईसाइकिल वितरित की गई। इस योजना का लाभ जग मुखिया, संतोष गुप्ता, भृगुन राम और शगुन राम को मिला। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले लाभुकों को दिया जाता है, जिससे उन्हें आवागमन, रोजगार और शिक्षा में सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रखंड के चार अन्य दिव्यांगजनों के लिए भी ट्राईसाइकिल की स्वीकृति मिल चुकी है, जिसका वितरण इसी माह के अंत तक किया जाएगा। प्रखंड परिसर में 18 मार्च और अप्रैल में भी दिव्यांगता प्रमाण पत्र व यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए शिविर आयोजित किया जाएगा, ताकि पात्र दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।1
- विद्यालय स्वास्थ्य एवं आरोग्य कार्यक्रम के अन्तर्गत जिले के उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापक तथा दो शिक्षक समेत स्वास्थ्य कर्मी जिन्हें स्वास्थ्य एवं आरोग्य राजदूत के रूप में सम्मानित किया गया है। 13.03.2026.1
- जो काम हमारे नेता जी नहीं कर पाए, वह काम हमारे #ᴇᴛᴇʀɴᴀʟʜᴏᴘᴇꜰᴏᴜɴᴅᴀᴛɪᴏɴ के सदस्य की तरफ से हमारे गांव सिसवनिया (भरता नगर) के एक छोटे बच्चे ने कर दिखाया। यह पुल काफी समय से टूटा हुआ था और यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती थीं। हमारे नेता सिर्फ विकास की बातें करते हैं, लेकिन जब उनके पास जाओ तो कहते हैं कि ‘यह हमारे क्षेत्र में नहीं आता’। तो उनसे एक सवाल है — यह काम इन छोटे बच्चों के क्षेत्र में भी नहीं आता, फिर भी उन्होंने कर दिखाया। अगर हौसला और नीयत हो तो ऐसा काम मुखिया जी, जिला परिषद या वार्ड सदस्य भी आसानी से करवा सकते थे।“आज तो आप हमारे पूर्वजों के नाम पर वोट मांग लेते हैं, लेकिन आने वाली पीढ़ी से आप किस नाम पर वोट मांगेंगे?” टूटे हुए पुल को ठीक करके इस बच्चे ने सबको यह सिखा दिया कि अगर इरादा मजबूत हो तो उम्र मायने नहीं रखती।4
- मोबाइल, पेट्रोल, गैस, बीज — सब विदेशी… फिर आत्मनिर्भर कौन? भारत में आत्मनिर्भरता की बात पिछले कई वर्षों से हो रही है। लेकिन अगर हम रोज़मर्रा की चीज़ों को देखें — सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, पेट्रोल-डीजल, और रसोई गैस — तो आज भी भारत काफी हद तक बाहरी देशों पर निर्भर है। दवा कंपनियों को कच्चा माल और किसानों को यूरिया नहीं मिल पाता है, अगर चाय पकौड़ा का दुकान लगाना है आत्मनिर्भर भारत का पहचान है तब तो हम आत्मनिर्भर बन चुके हैं #AtmanirbharBharat #NarendraModi #IndiaEconomy #OilImport #LPGGas #SocialMediaDependence #IndianPolitics #NishpakshKhabren #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur1
- विद्यालय स्वास्थ्य एवं आरोग्य कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मी सम्मानित बेतिया: विद्यालय स्वास्थ्य एवं आरोग्य कार्यक्रम के तहत जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक व स्वास्थ्य कर्मियों को जिला स्तर पर आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया। समारोह में सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी रविंद्र कुमार ने स्मृति-चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। सिविल सर्जन ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना तथा विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना है। डीआईओ डॉ. अवधेश सिंह ने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत यह पहल 6 से 12वीं कक्षा तक के बच्चों के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए चलाई जा रही है। आरबीएसके डीसी डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि प्रथम पुरस्कार मो. जफर, एचएम, बेसिक स्कूल भगड़वा (मझौलिया), द्वितीय पुरस्कार सोहा राय उरांव, एचएम, उ.मा.वि. चरहिया (बगहा-2) तथा तृतीय पुरस्कार उमेश कुमार, एचएम, मोतीलाल हाई स्कूल (मझौलिया) को दिया गया। इसके अलावा 16 प्रधानाध्यापकों और 16 शिक्षकों सहित कई स्वास्थ्य कर्मियों को स्वास्थ्य एवं आरोग्य राजदूत के रूप में सम्मानित किया गया।1