मोबाइल, पेट्रोल, गैस, बीज — सब विदेशी… फिर आत्मनिर्भर कौन? भारत में आत्मनिर्भरता की बात पिछले कई वर्षों से हो रही है। लेकिन अगर हम रोज़मर्रा की चीज़ों को देखें — सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, पेट्रोल-डीजल, और रसोई गैस — तो आज भी भारत काफी हद तक बाहरी देशों पर निर्भर है। दवा कंपनियों को कच्चा माल और किसानों को यूरिया नहीं मिल पाता है, अगर चाय पकौड़ा का दुकान लगाना है आत्मनिर्भर भारत का पहचान है तब तो हम आत्मनिर्भर बन चुके हैं मोबाइल, पेट्रोल, गैस, बीज — सब विदेशी… फिर आत्मनिर्भर कौन? भारत में आत्मनिर्भरता की बात पिछले कई वर्षों से हो रही है। लेकिन अगर हम रोज़मर्रा की चीज़ों को देखें — सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, पेट्रोल-डीजल, और रसोई गैस — तो आज भी भारत काफी हद तक बाहरी देशों पर निर्भर है। दवा कंपनियों को कच्चा माल और किसानों को यूरिया नहीं मिल पाता है, अगर चाय पकौड़ा का दुकान लगाना है आत्मनिर्भर भारत का पहचान है तब तो हम आत्मनिर्भर बन चुके हैं #AtmanirbharBharat #NarendraModi #IndiaEconomy #OilImport #LPGGas #SocialMediaDependence #IndianPolitics #NishpakshKhabren #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur
मोबाइल, पेट्रोल, गैस, बीज — सब विदेशी… फिर आत्मनिर्भर कौन? भारत में आत्मनिर्भरता की बात पिछले कई वर्षों से हो रही है। लेकिन अगर हम रोज़मर्रा की चीज़ों को देखें — सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, पेट्रोल-डीजल, और रसोई गैस — तो आज भी भारत काफी हद तक बाहरी देशों पर निर्भर है। दवा कंपनियों को कच्चा माल और किसानों को यूरिया नहीं मिल पाता है, अगर चाय पकौड़ा का दुकान लगाना है आत्मनिर्भर भारत का पहचान है तब तो हम आत्मनिर्भर बन चुके हैं मोबाइल, पेट्रोल, गैस, बीज — सब विदेशी… फिर आत्मनिर्भर कौन? भारत में आत्मनिर्भरता की बात पिछले कई वर्षों से हो रही है। लेकिन अगर हम रोज़मर्रा की चीज़ों को देखें — सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, पेट्रोल-डीजल, और रसोई गैस — तो आज भी भारत काफी हद तक बाहरी देशों पर निर्भर है। दवा कंपनियों को कच्चा माल और किसानों को यूरिया नहीं मिल पाता है, अगर चाय पकौड़ा का दुकान लगाना है आत्मनिर्भर भारत का पहचान है तब तो हम आत्मनिर्भर बन चुके हैं #AtmanirbharBharat #NarendraModi #IndiaEconomy #OilImport #LPGGas #SocialMediaDependence #IndianPolitics #NishpakshKhabren #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur
- जो काम हमारे नेता जी नहीं कर पाए, वह काम हमारे #ᴇᴛᴇʀɴᴀʟʜᴏᴘᴇꜰᴏᴜɴᴅᴀᴛɪᴏɴ के सदस्य की तरफ से हमारे गांव सिसवनिया (भरता नगर) के एक छोटे बच्चे ने कर दिखाया। यह पुल काफी समय से टूटा हुआ था और यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती थीं। हमारे नेता सिर्फ विकास की बातें करते हैं, लेकिन जब उनके पास जाओ तो कहते हैं कि ‘यह हमारे क्षेत्र में नहीं आता’। तो उनसे एक सवाल है — यह काम इन छोटे बच्चों के क्षेत्र में भी नहीं आता, फिर भी उन्होंने कर दिखाया। अगर हौसला और नीयत हो तो ऐसा काम मुखिया जी, जिला परिषद या वार्ड सदस्य भी आसानी से करवा सकते थे।“आज तो आप हमारे पूर्वजों के नाम पर वोट मांग लेते हैं, लेकिन आने वाली पीढ़ी से आप किस नाम पर वोट मांगेंगे?” टूटे हुए पुल को ठीक करके इस बच्चे ने सबको यह सिखा दिया कि अगर इरादा मजबूत हो तो उम्र मायने नहीं रखती।3
- Post by RAJA KUMAR1
- नवलपुर से हरदी रोड खराब 5 साल से जादा दिन से खराब1
- IVF का कमाल: 50 सा'ल तक भी संभव है मां" बनने की खुशी” #TestTubeBaby #IVFTreatment #IVFSuccess #Motherhood #FertilityTreatment1
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- habda pul1
- जो काम हमारे नेता जी नहीं कर पाए, वह काम हमारे #ᴇᴛᴇʀɴᴀʟʜᴏᴘᴇꜰᴏᴜɴᴅᴀᴛɪᴏɴ के सदस्य की तरफ से हमारे गांव सिसवनिया (भरता नगर) के एक छोटे बच्चे ने कर दिखाया। यह पुल काफी समय से टूटा हुआ था और यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती थीं। हमारे नेता सिर्फ विकास की बातें करते हैं, लेकिन जब उनके पास जाओ तो कहते हैं कि ‘यह हमारे क्षेत्र में नहीं आता’। तो उनसे एक सवाल है — यह काम इन छोटे बच्चों के क्षेत्र में भी नहीं आता, फिर भी उन्होंने कर दिखाया। अगर हौसला और नीयत हो तो ऐसा काम मुखिया जी, जिला परिषद या वार्ड सदस्य भी आसानी से करवा सकते थे।“आज तो आप हमारे पूर्वजों के नाम पर वोट मांग लेते हैं, लेकिन आने वाली पीढ़ी से आप किस नाम पर वोट मांगेंगे?” टूटे हुए पुल को ठीक करके इस बच्चे ने सबको यह सिखा दिया कि अगर इरादा मजबूत हो तो उम्र मायने नहीं रखती।4
- अब उ,म्र नहीं बनेगी रुकावट! IVF से 50 साल तक महि'लाएं बन रही हैं मां”1
- उत्कर्ष चौहान, संपादक दैनिक बिहार शिवहर जिले के तरियानी प्रखंड में दिनांक 13 मार्च 2026 रोज़ शुक्रवार के दिन एक रोजगार सह मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया गया। इस मेले का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें कौशल विकास के बारे में मार्गदर्शन देना था। मेले में कई प्रमुख कंपनियों ने हिस्सा लिया। इनमें टेरियर सिक्यूरिटी सिस्टर, एल. एन. जे. स्किल्स, शिव शक्ति बायोटेक्नोलॉजी, सान्वी ग्रीन टेक प्राइवेट लिमिटेड, नव भारत फर्टिलाइजर, होप केयर सर्विस, टाटा मोटर्स / इलेक्ट्रॉनिक, पीपल ट्री बेंचर, पूजा एजुकेशन इम्प्रेशन, निर्मला जॉब, ऑपरेशन आत्मसम्मान फाउंडेशन और कलाईट ऑर्गनाइजेशन शामिल थीं। युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में भी अवगत कराया गया। RSETI (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) और DDU-GKY (दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना) के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। मेले में शामिल हुए युवाओं ने इसे अपने लिए काफी उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें रोजगार के नए अवसरों और कौशल विकास प्रशिक्षण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इस मेले का आयोजन पंचायत सरकार भवन, ग्राम पंचायत राज सलेमपुर, तरियानी में किया गया था।1