मध्य प्रदेश पुलिस ने डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से प्रदेशव्यापी "सेफ क्लिक-2026" अभियान का शुभारंभ किया है। यह विशेष जागरूकता अभियान 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके तहत जिलेभर में स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देशन में गठित विशेष टीमें लोगों को साइबर अपराधों के नए तरीकों और बचाव के उपायों की जानकारी देंगी। अभियान के पहले दिन, बजरंगगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार ने आजाद कोचिंग सेंटर में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लिंक, ओटीपी ठगी, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में छात्रों को साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई, ताकि आर्थिक नुकसान को रोका जा सके और अपराधियों तक पहुंचना आसान हो। साइबर सुरक्षा के अलावा, पुलिस अधिकारियों ने युवाओं द्वारा पूछे गए रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और कानून संबंधी सवालों के जवाब भी दिए, उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने इन विषयों में गहरी रुचि दिखाई, और आजाद कोचिंग सेंटर के संचालक ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। गुना पुलिस का मानना है कि साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई पूरे समाज की जिम्मेदारी है; इसी सोच के साथ "सेफ क्लिक-2026" अभियान के माध्यम से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसका लक्ष्य सुरक्षित डिजिटल वातावरण का निर्माण करना और नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाना है।
मध्य प्रदेश पुलिस ने डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से प्रदेशव्यापी "सेफ क्लिक-2026" अभियान का शुभारंभ किया है। यह विशेष जागरूकता अभियान 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके तहत जिलेभर में स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देशन में गठित विशेष टीमें लोगों को साइबर अपराधों के नए तरीकों और बचाव के उपायों की जानकारी देंगी। अभियान के पहले दिन, बजरंगगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार ने आजाद कोचिंग सेंटर में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लिंक, ओटीपी ठगी, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में
छात्रों को साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई, ताकि आर्थिक नुकसान को रोका जा सके और अपराधियों तक पहुंचना आसान हो। साइबर सुरक्षा के अलावा, पुलिस अधिकारियों ने युवाओं द्वारा पूछे गए रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और कानून संबंधी सवालों के जवाब भी दिए, उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने इन विषयों में गहरी रुचि दिखाई, और आजाद कोचिंग सेंटर के संचालक ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। गुना पुलिस का मानना है कि साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई पूरे समाज की जिम्मेदारी है; इसी सोच के साथ "सेफ क्लिक-2026" अभियान के माध्यम से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसका लक्ष्य सुरक्षित डिजिटल वातावरण का निर्माण करना और नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाना है।
- कस्बाथाना क्षेत्र में बुधवार सुबह करीब 8 बजे नेशनल हाईवे-27 पर शाहिया तलाई के पास एक सड़क हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, आगरा से सूरत जा रही एक कार में पांच लोग सवार थे। रास्ते में अचानक चालक को नींद का झोंका आने के कारण कार अनियंत्रित हो गई और हाईवे से नीचे उतरकर झाड़ियों में जा घुसी। हादसे की सूचना मिलते ही कस्बाथाना पुलिस और NHAI विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत राहत कार्य शुरू किया। सभी घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से कस्बाथाना अस्पताल पहुंचाया गया। इस दुर्घटना में प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश निवासी महिला प्राजी सिंह और विनोद सिंह को मामूली चोटें आईं, जिनका कस्बाथाना अस्पताल में उपचार किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- भिंडरा में एक निर्माणाधीन पुलिया के निर्माण को लेकर ग्रामीणों में गहरा विवाद उत्पन्न हो गया है और उनका गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बन रही पुलिया की ऊंचाई और चौड़ाई क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है, जिसके चलते भविष्य में गंभीर जलभराव और आवागमन की बड़ी समस्याएँ खड़ी हो सकती हैं। अपनी इन मांगों पर प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन शुरू कर देंगे। इस पूरे मामले पर अब सभी की नजरें प्रशासन और निर्माण एजेंसी के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।4
- शिवपुरी जिले की ग्राम पंचायत नेतवास के ग्रामीणों ने कुटीर योजना को लेकर पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के संबंध में उनसे ₹10 हजार की रिश्वत मांगी गई है। इसके अलावा, गांव में सड़कों की बेहद खराब हालत को लेकर भी स्थानीय लोगों ने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है।1
- साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग करने के उद्देश्य से विदिशा पुलिस ने 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक 15 दिवसीय विशेष साइबर जागरूकता अभियान `#SafeClick2.0` का शुभारंभ किया है। यह अभियान माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आदेश, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना के निर्देशन, तथा पुलिस महानिरीक्षक श्री संजय तिवारी, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री राजेश सिंह चंदेल के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी के नेतृत्व में पूरे जिले में चलाया जा रहा है। इसका प्रभावी क्रियान्वयन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) के मार्गदर्शन में होगा, जिसके तहत सभी थाना, चौकी और पुलिस इकाइयाँ अपने-अपने क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करेंगी। वर्ष 2025 में विदिशा पुलिस ने 01 फरवरी से 11 फरवरी तक 11 दिवसीय साइबर जागरूकता अभियान चलाया था, जिसमें 255 से अधिक स्थानों पर लगभग 1 लाख नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया था। इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा तैयार साइबर जागरूकता वीडियो सांग का लोकार्पण हुआ, इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, फर्जी लिंक से बचाव, ओटीपी, आधार नंबर व पासवर्ड साझा न करने, डिजिटल अरेस्ट, पॉलिसी फ्रॉड, गेमिंग फ्रॉड जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। स्कूल-कॉलेजों में क्विज, वाद-विवाद, रंगोली प्रतियोगिताएं हुईं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, साथ ही सोशल मीडिया पर स्लोगन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इस वर्ष के `#SafeClick2.0` अभियान को और अधिक जनभागीदारी आधारित एवं नवाचार पूर्ण स्वरूप दिया गया है, जिसमें साइबर चौपालें, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, साइबर सुरक्षा कवि गोष्ठी, पेंटिंग व पोस्टर प्रदर्शनी, बौद्धिक विमर्श, साइबर अपराध पीड़ितों की वास्तविक घटनाओं का प्रस्तुतीकरण, लोक कलाकारों द्वारा साइबर सुरक्षा लोकगीत और स्थानीय भाषाओं में संदेशों का प्रचार-प्रसार शामिल है। 15 दिवसीय अभियान के तहत पहले दिन (24 जून) शुभारंभ बैठकें, सोशल मीडिया संदेश प्रसारण और हेल्पलाइन 1930 व एनसीआरपी पोर्टल का प्रचार-प्रसार किया गया। दूसरे दिन (25 जून) शैक्षणिक संस्थानों में कार्यशालाएँ आयोजित हुईं, जबकि तीसरे दिन (26 जून) बैंकिंग व वित्तीय सुरक्षा पर केंद्रित कार्यक्रम हुए। चौथे दिन (27 जून) महिला एवं बाल सुरक्षा, पाँचवें दिन (28 जून) ग्राम पंचायतों में साइबर चौपालें, छठे दिन (29 जून) स्वास्थ्य व जनसेवा संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम और सातवें दिन (30 जून) नुक्कड़ नाटक तथा जनजागरूकता रैलियाँ आयोजित की गईं। जुलाई के पहले दिन (01 जुलाई) सोशल मीडिया एवं इंफ्लुएंसर जागरूकता पर जोर रहा, दूसरे दिन (02 जुलाई) व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जागरूक किया गया, और तीसरे दिन (03 जुलाई) धार्मिक व सामुदायिक जागरूकता पर काम हुआ। चौथे दिन (04 जुलाई) शासकीय कार्यालयों में कार्यशालाएँ, पाँचवें दिन (05 जुलाई) मुनादी एवं विशेष जागरूकता अभियान, छठे दिन (06 जुलाई) साइबर पोर्टल जागरूकता और सातवें दिन (07 जुलाई) साइबर सुरक्षा मैराथन का आयोजन किया जाएगा। आठवें और अंतिम दिन (08 जुलाई) जिला स्तर पर साइबर मेला व प्रदर्शनी के साथ अभियान का समापन होगा। पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी ने जिलेवासियों से किसी भी फर्जी लिंक, अज्ञात कॉल, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी मांगने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहने की अपील की है और साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या हेल्प डेस्क नंबर 7587637635 या निकटतम पुलिस थाना में सूचना देने को कहा है। अभियान का ध्येय है: "सोचिए, परखिए, फिर क्लिक कीजिए — एक सुरक्षित क्लिक, एक सुरक्षित भविष्य।"4
- लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी कड़ी में विदिशा में कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार प्रीति पंथी और राजस्व अमले ने शहर के कई कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इस जाँच के दौरान, अधिकांश कोचिंग सेंटरों में गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आईं, जिनमें संकरे रास्ते, अपर्याप्त निकासी व्यवस्था और पुराने अग्निशमन यंत्र शामिल थे। अधिकारियों ने कोचिंग संचालकों को तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्हें यह भी कहा गया है कि वे हर कक्षा के अनुसार अग्निशमन यंत्र लगाएं और आपातकालीन निकासी मार्ग सुनिश्चित करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित हादसे को रोकना और विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। इस प्रक्रिया में भवनों की संरचना, फायर सेफ्टी उपकरणों और आपदा की स्थिति में निकासी व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया गया, और जिन संस्थानों में कमियां पाई गईं उन्हें जल्द से जल्द सुधार करने की चेतावनी दी गई।4
- आगामी पल्स पोलियो अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया है। इस पहल के तहत, गाँव-गाँव में लाउडस्पीकर और प्रचार रथ के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है ताकि कोई भी बच्चा जिंदगी की दो बूंद से वंचित न रह जाए। इस अभियान की एक प्रमुख विशेषता 'मोबाइल मेडिकल यूनिट' रही, जो सीधे ग्रामीणों के घर-आँगन तक पहुँची। इस यूनिट ने न केवल पोलियो अभियान की जानकारी प्रदान की, बल्कि मौके पर ही बच्चों के स्वास्थ्य की जाँच कर उन्हें दवाइयाँ और अन्य स्वास्थ्य लाभ भी उपलब्ध कराए। दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए यह सेवा अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई है। मोबाइल मेडिकल यूनिट में तैनात स्टाफ ने ग्रामीणों को समझाया कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक पिलाना अनिवार्य है। लाउडस्पीकर से गूंजते जागरूकता संदेशों का सकारात्मक असर देखने को मिला है और ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की है। यूनिट के स्टाफ ने सभी माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों को नजदीकी बूथ या मोबाइल यूनिट पर लाकर पोलियो की दवा अवश्य पिलवाएं और देश को पोलियोमुक्त बनाए रखने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।1
- राजस्थान के छीपाबड़ौद में एक रैली के दौरान भारी भीड़ उमड़ी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इसी क्रम में 26 तारीख को ताज़िये निकाले जाएंगे।1
- कस्बाथाना क्षेत्र के मझोला स्थित प्राचीन सिद्ध स्थान तपोभूमि बगदे सरकार पर आयोजित श्रीरामकथा महोत्सव में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यह श्रीरामकथा महोत्सव 18 जून से शुरू होकर 27 जून तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक कथा का वाचन किया जा रहा है। इस दौरान राष्ट्रीय संत कथा प्रवक्ता बृजभूषण महाराज भगवान श्रीराम के जीवन के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन कर रहे हैं, जिसे सुनकर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे हैं। कथा के माध्यम से महाराज धर्म, आस्था और मानव जीवन के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए बता रहे हैं कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान अपने भक्तों के दुखों को दूर करने के लिए अवतार लेते हैं। कथा के बीच-बीच में सुंदर भजनों और बधाई गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों से पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु भजनों पर झूमते हुए नजर आ रहे हैं और पूरे परिसर में लगातार 'जय श्रीराम' के जयकारे गूंज रहे हैं। इस श्रीरामकथा का आयोजन समस्त क्षेत्रवासियों के सहयोग से किया जा रहा है, और स्थान के महंत गोविंद दास जी महाराज स्वयं यज्ञकर्ता के रूप में मौजूद हैं। महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल हो रहे हैं, जिससे बगदे सरकार तपोभूमि पर श्रद्धा का सागर उमड़ आया है।1
- शिवपुरी जिले में आगामी 28 जून से 30 जून तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अभियान के अंतर्गत, 0 से 5 साल तक की आयु वर्ग के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।1