साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग करने के उद्देश्य से विदिशा पुलिस ने 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक 15 दिवसीय विशेष साइबर जागरूकता अभियान `#SafeClick2.0` का शुभारंभ किया है। यह अभियान माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आदेश, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना के निर्देशन, तथा पुलिस महानिरीक्षक श्री संजय तिवारी, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री राजेश सिंह चंदेल के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी के नेतृत्व में पूरे जिले में चलाया जा रहा है। इसका प्रभावी क्रियान्वयन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) के मार्गदर्शन में होगा, जिसके तहत सभी थाना, चौकी और पुलिस इकाइयाँ अपने-अपने क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करेंगी। वर्ष 2025 में विदिशा पुलिस ने 01 फरवरी से 11 फरवरी तक 11 दिवसीय साइबर जागरूकता अभियान चलाया था, जिसमें 255 से अधिक स्थानों पर लगभग 1 लाख नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया था। इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा तैयार साइबर जागरूकता वीडियो सांग का लोकार्पण हुआ, इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, फर्जी लिंक से बचाव, ओटीपी, आधार नंबर व पासवर्ड साझा न करने, डिजिटल अरेस्ट, पॉलिसी फ्रॉड, गेमिंग फ्रॉड जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। स्कूल-कॉलेजों में क्विज, वाद-विवाद, रंगोली प्रतियोगिताएं हुईं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, साथ ही सोशल मीडिया पर स्लोगन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इस वर्ष के `#SafeClick2.0` अभियान को और अधिक जनभागीदारी आधारित एवं नवाचार पूर्ण स्वरूप दिया गया है, जिसमें साइबर चौपालें, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, साइबर सुरक्षा कवि गोष्ठी, पेंटिंग व पोस्टर प्रदर्शनी, बौद्धिक विमर्श, साइबर अपराध पीड़ितों की वास्तविक घटनाओं का प्रस्तुतीकरण, लोक कलाकारों द्वारा साइबर सुरक्षा लोकगीत और स्थानीय भाषाओं में संदेशों का प्रचार-प्रसार शामिल है। 15 दिवसीय अभियान के तहत पहले दिन (24 जून) शुभारंभ बैठकें, सोशल मीडिया संदेश प्रसारण और हेल्पलाइन 1930 व एनसीआरपी पोर्टल का प्रचार-प्रसार किया गया। दूसरे दिन (25 जून) शैक्षणिक संस्थानों में कार्यशालाएँ आयोजित हुईं, जबकि तीसरे दिन (26 जून) बैंकिंग व वित्तीय सुरक्षा पर केंद्रित कार्यक्रम हुए। चौथे दिन (27 जून) महिला एवं बाल सुरक्षा, पाँचवें दिन (28 जून) ग्राम पंचायतों में साइबर चौपालें, छठे दिन (29 जून) स्वास्थ्य व जनसेवा संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम और सातवें दिन (30 जून) नुक्कड़ नाटक तथा जनजागरूकता रैलियाँ आयोजित की गईं। जुलाई के पहले दिन (01 जुलाई) सोशल मीडिया एवं इंफ्लुएंसर जागरूकता पर जोर रहा, दूसरे दिन (02 जुलाई) व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जागरूक किया गया, और तीसरे दिन (03 जुलाई) धार्मिक व सामुदायिक जागरूकता पर काम हुआ। चौथे दिन (04 जुलाई) शासकीय कार्यालयों में कार्यशालाएँ, पाँचवें दिन (05 जुलाई) मुनादी एवं विशेष जागरूकता अभियान, छठे दिन (06 जुलाई) साइबर पोर्टल जागरूकता और सातवें दिन (07 जुलाई) साइबर सुरक्षा मैराथन का आयोजन किया जाएगा। आठवें और अंतिम दिन (08 जुलाई) जिला स्तर पर साइबर मेला व प्रदर्शनी के साथ अभियान का समापन होगा। पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी ने जिलेवासियों से किसी भी फर्जी लिंक, अज्ञात कॉल, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी मांगने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहने की अपील की है और साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या हेल्प डेस्क नंबर 7587637635 या निकटतम पुलिस थाना में सूचना देने को कहा है। अभियान का ध्येय है: "सोचिए, परखिए, फिर क्लिक कीजिए — एक सुरक्षित क्लिक, एक सुरक्षित भविष्य।"
साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग करने के उद्देश्य से विदिशा पुलिस ने 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक 15 दिवसीय विशेष साइबर जागरूकता अभियान `#SafeClick2.0` का शुभारंभ किया है। यह अभियान माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आदेश, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना के निर्देशन, तथा पुलिस महानिरीक्षक श्री संजय तिवारी, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री राजेश सिंह चंदेल के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी के नेतृत्व में पूरे जिले में चलाया जा रहा है। इसका प्रभावी क्रियान्वयन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) के मार्गदर्शन में होगा, जिसके तहत सभी थाना, चौकी और पुलिस इकाइयाँ अपने-अपने क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करेंगी। वर्ष 2025 में विदिशा पुलिस ने 01 फरवरी से 11 फरवरी तक 11 दिवसीय साइबर
जागरूकता अभियान चलाया था, जिसमें 255 से अधिक स्थानों पर लगभग 1 लाख नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया था। इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा तैयार साइबर जागरूकता वीडियो सांग का लोकार्पण हुआ, इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, फर्जी लिंक से बचाव, ओटीपी, आधार नंबर व पासवर्ड साझा न करने, डिजिटल अरेस्ट, पॉलिसी फ्रॉड, गेमिंग फ्रॉड जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। स्कूल-कॉलेजों में क्विज, वाद-विवाद, रंगोली प्रतियोगिताएं हुईं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, साथ ही सोशल मीडिया पर स्लोगन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इस वर्ष के `#SafeClick2.0` अभियान को और अधिक जनभागीदारी आधारित एवं नवाचार पूर्ण स्वरूप दिया गया है, जिसमें साइबर चौपालें, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, साइबर सुरक्षा कवि गोष्ठी, पेंटिंग व पोस्टर प्रदर्शनी, बौद्धिक विमर्श, साइबर अपराध पीड़ितों की वास्तविक
घटनाओं का प्रस्तुतीकरण, लोक कलाकारों द्वारा साइबर सुरक्षा लोकगीत और स्थानीय भाषाओं में संदेशों का प्रचार-प्रसार शामिल है। 15 दिवसीय अभियान के तहत पहले दिन (24 जून) शुभारंभ बैठकें, सोशल मीडिया संदेश प्रसारण और हेल्पलाइन 1930 व एनसीआरपी पोर्टल का प्रचार-प्रसार किया गया। दूसरे दिन (25 जून) शैक्षणिक संस्थानों में कार्यशालाएँ आयोजित हुईं, जबकि तीसरे दिन (26 जून) बैंकिंग व वित्तीय सुरक्षा पर केंद्रित कार्यक्रम हुए। चौथे दिन (27 जून) महिला एवं बाल सुरक्षा, पाँचवें दिन (28 जून) ग्राम पंचायतों में साइबर चौपालें, छठे दिन (29 जून) स्वास्थ्य व जनसेवा संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम और सातवें दिन (30 जून) नुक्कड़ नाटक तथा जनजागरूकता रैलियाँ आयोजित की गईं। जुलाई के पहले दिन (01 जुलाई) सोशल मीडिया एवं इंफ्लुएंसर जागरूकता पर जोर रहा, दूसरे दिन (02 जुलाई) व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जागरूक किया गया, और तीसरे दिन (03 जुलाई)
धार्मिक व सामुदायिक जागरूकता पर काम हुआ। चौथे दिन (04 जुलाई) शासकीय कार्यालयों में कार्यशालाएँ, पाँचवें दिन (05 जुलाई) मुनादी एवं विशेष जागरूकता अभियान, छठे दिन (06 जुलाई) साइबर पोर्टल जागरूकता और सातवें दिन (07 जुलाई) साइबर सुरक्षा मैराथन का आयोजन किया जाएगा। आठवें और अंतिम दिन (08 जुलाई) जिला स्तर पर साइबर मेला व प्रदर्शनी के साथ अभियान का समापन होगा। पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी ने जिलेवासियों से किसी भी फर्जी लिंक, अज्ञात कॉल, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी मांगने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहने की अपील की है और साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या हेल्प डेस्क नंबर 7587637635 या निकटतम पुलिस थाना में सूचना देने को कहा है। अभियान का ध्येय है: "सोचिए, परखिए, फिर क्लिक कीजिए — एक सुरक्षित क्लिक, एक सुरक्षित भविष्य।"
- Reena BanjaraSironj, Vidisha👏2 hrs ago
- साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग करने के उद्देश्य से विदिशा पुलिस ने 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक 15 दिवसीय विशेष साइबर जागरूकता अभियान `#SafeClick2.0` का शुभारंभ किया है। यह अभियान माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आदेश, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना के निर्देशन, तथा पुलिस महानिरीक्षक श्री संजय तिवारी, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री राजेश सिंह चंदेल के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी के नेतृत्व में पूरे जिले में चलाया जा रहा है। इसका प्रभावी क्रियान्वयन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) के मार्गदर्शन में होगा, जिसके तहत सभी थाना, चौकी और पुलिस इकाइयाँ अपने-अपने क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करेंगी। वर्ष 2025 में विदिशा पुलिस ने 01 फरवरी से 11 फरवरी तक 11 दिवसीय साइबर जागरूकता अभियान चलाया था, जिसमें 255 से अधिक स्थानों पर लगभग 1 लाख नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया था। इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा तैयार साइबर जागरूकता वीडियो सांग का लोकार्पण हुआ, इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, फर्जी लिंक से बचाव, ओटीपी, आधार नंबर व पासवर्ड साझा न करने, डिजिटल अरेस्ट, पॉलिसी फ्रॉड, गेमिंग फ्रॉड जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। स्कूल-कॉलेजों में क्विज, वाद-विवाद, रंगोली प्रतियोगिताएं हुईं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, साथ ही सोशल मीडिया पर स्लोगन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इस वर्ष के `#SafeClick2.0` अभियान को और अधिक जनभागीदारी आधारित एवं नवाचार पूर्ण स्वरूप दिया गया है, जिसमें साइबर चौपालें, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, साइबर सुरक्षा कवि गोष्ठी, पेंटिंग व पोस्टर प्रदर्शनी, बौद्धिक विमर्श, साइबर अपराध पीड़ितों की वास्तविक घटनाओं का प्रस्तुतीकरण, लोक कलाकारों द्वारा साइबर सुरक्षा लोकगीत और स्थानीय भाषाओं में संदेशों का प्रचार-प्रसार शामिल है। 15 दिवसीय अभियान के तहत पहले दिन (24 जून) शुभारंभ बैठकें, सोशल मीडिया संदेश प्रसारण और हेल्पलाइन 1930 व एनसीआरपी पोर्टल का प्रचार-प्रसार किया गया। दूसरे दिन (25 जून) शैक्षणिक संस्थानों में कार्यशालाएँ आयोजित हुईं, जबकि तीसरे दिन (26 जून) बैंकिंग व वित्तीय सुरक्षा पर केंद्रित कार्यक्रम हुए। चौथे दिन (27 जून) महिला एवं बाल सुरक्षा, पाँचवें दिन (28 जून) ग्राम पंचायतों में साइबर चौपालें, छठे दिन (29 जून) स्वास्थ्य व जनसेवा संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम और सातवें दिन (30 जून) नुक्कड़ नाटक तथा जनजागरूकता रैलियाँ आयोजित की गईं। जुलाई के पहले दिन (01 जुलाई) सोशल मीडिया एवं इंफ्लुएंसर जागरूकता पर जोर रहा, दूसरे दिन (02 जुलाई) व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जागरूक किया गया, और तीसरे दिन (03 जुलाई) धार्मिक व सामुदायिक जागरूकता पर काम हुआ। चौथे दिन (04 जुलाई) शासकीय कार्यालयों में कार्यशालाएँ, पाँचवें दिन (05 जुलाई) मुनादी एवं विशेष जागरूकता अभियान, छठे दिन (06 जुलाई) साइबर पोर्टल जागरूकता और सातवें दिन (07 जुलाई) साइबर सुरक्षा मैराथन का आयोजन किया जाएगा। आठवें और अंतिम दिन (08 जुलाई) जिला स्तर पर साइबर मेला व प्रदर्शनी के साथ अभियान का समापन होगा। पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी ने जिलेवासियों से किसी भी फर्जी लिंक, अज्ञात कॉल, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी मांगने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहने की अपील की है और साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या हेल्प डेस्क नंबर 7587637635 या निकटतम पुलिस थाना में सूचना देने को कहा है। अभियान का ध्येय है: "सोचिए, परखिए, फिर क्लिक कीजिए — एक सुरक्षित क्लिक, एक सुरक्षित भविष्य।"4
- लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी कड़ी में विदिशा में कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार प्रीति पंथी और राजस्व अमले ने शहर के कई कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इस जाँच के दौरान, अधिकांश कोचिंग सेंटरों में गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आईं, जिनमें संकरे रास्ते, अपर्याप्त निकासी व्यवस्था और पुराने अग्निशमन यंत्र शामिल थे। अधिकारियों ने कोचिंग संचालकों को तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्हें यह भी कहा गया है कि वे हर कक्षा के अनुसार अग्निशमन यंत्र लगाएं और आपातकालीन निकासी मार्ग सुनिश्चित करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित हादसे को रोकना और विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। इस प्रक्रिया में भवनों की संरचना, फायर सेफ्टी उपकरणों और आपदा की स्थिति में निकासी व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया गया, और जिन संस्थानों में कमियां पाई गईं उन्हें जल्द से जल्द सुधार करने की चेतावनी दी गई।4
- लटेरी नगर में अतिक्रमण की समस्या बेकाबू हो चुकी है, जिसके कारण मुख्य सड़कें ही दुकानों में तब्दील हो गई हैं और यहाँ घंटों लंबा जाम लगना एक आम बात हो गई है। सिरोंज चौराहे से लेकर मकसूदानगढ़ रोड तक का पूरा क्षेत्र इस अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। शहर की मुख्य सड़कों के किनारे स्थायी टीनशेड लगाकर दुकानें सज गई हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 'बहनों वाले सड़क' पर दुकानदार अपना सामान और वाहन सड़क पर ही खड़ा कर देते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है। इस बेलगाम अतिक्रमण के कारण सुबह-शाम लंबा जाम लगता है, जिसमें स्कूल की बसें, एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन भी फंस जाते हैं। पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ पूरी तरह से गायब हो गए हैं, जिसके चलते आम लोग सड़क पर चलने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने अतिक्रमण की समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद और प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शहरवासियों ने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है। साथ ही, उनका कहना है कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण को रोकने के लिए नियमित निगरानी भी रखी जाए, ताकि लटेरी की सड़कें नागरिकों के लिए चलने लायक बन सकें।2
- गंजबासौदा रेलवे स्टेशन और भोपाल-बीना मेमू एक्सप्रेस का उल्लेख है।1
- गंजबासौदा नगर में आज माननीय मुख्यमंत्री जल गंगा संवर्धन योजना के तहत 'बावड़ी उत्सव' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य कुओं, तालाबों और बावड़ियों को सुरक्षित करना है, जिसके अंतर्गत बावड़ियों की साफ-सफाई का कार्य प्रारंभ किया गया। इस पहल का लक्ष्य आम जनता को समय-समय पर नदियों, तालाबों और बावड़ियों की साफ-सफाई के लिए श्रमदान हेतु प्रेरित करना है। चूंकि हम इन जल स्रोतों से पानी पीते हैं, इसलिए इन्हें सुरक्षित रखना हमारा दायित्व बनता है, ताकि बारिश के मौसम में जल स्तर बना रहे और हमें साफ पानी पीने को मिल सके। कार्यक्रम के तहत आज विशेष रूप से गणगौर वाली बावड़ी की साफ-सफाई की गई।1
- मध्यप्रदेश पुलिस ने शाढ़ौरा में साइबर ठगी के खिलाफ एक बड़ा जागरूकता अभियान शुरू किया है। "सेफ क्लिक 2.0" नामक इस अभियान के तहत, शाढ़ौरा के सदर बाजार चौक पर एक जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। थाना प्रभारी सुनील सिकरवार ने लोगों को साइबर ठगी के नए-नए तरीकों से अवगत कराया और अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक तथा लालच भरे ऑफरों से बचने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर लॉटरी, इनाम और विभिन्न प्रलोभनों के माध्यम से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। इस कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिकों ने भी उपस्थित लोगों से सतर्क रहने की अपील की। पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान अगले 15 दिनों तक शाढ़ौरा के विभिन्न स्थानों पर जारी रहेगा।1
- बुधवार को श्री गायत्री जयंती के पावन अवसर पर बीना स्थित श्री गायत्री शक्ति पीठ, स्टेशन रोड पर भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक रंग में रंग गया। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व दिवस से चल रहे श्री गायत्री महामंत्र अखंड जप के समापन के साथ हुई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री गायत्री सहस्त्रनाम महाभिषेक संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। तत्पश्चात गायत्री मंत्र दीक्षा एवं पंच कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा, और उपस्थित श्रद्धालुओं ने राष्ट्र, समाज तथा विश्व कल्याण की मंगल कामना की। धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत सभी श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद वितरित किया गया। शाम को दीप यज्ञ एवं संध्या नीरांजना का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गायत्री जयंती को माता गायत्री के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें वेदों की जननी और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। इस दिन जप, तप, यज्ञ और साधना का विशेष महत्व बताया गया है। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा।1
- विदिशा पुलिस ने 18 जून को हुई चैन स्नेचिंग की एक सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए व्यापक अभियान चलाया, जिसमें 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और 1000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। इस ऑपरेशन के लिए 5 विशेष टीमें गठित की गई थीं और करीब एक हफ्ते की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को सफलता मिली। 18 जून की सुबह होमगार्ड कार्यालय के पास एक महिला से सोने की चैन लूटकर बदमाश फरार हो गए थे, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने आरोपियों पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और साइबर विश्लेषण की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और भोपाल के ऐशबाग व जहांगीराबाद क्षेत्रों में दबिश देकर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो नाबालिगों को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई सोने की चैन, 15 हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और स्कूटी बरामद की है। बरामद की गई कुल मशरूका की कीमत करीब 2 लाख 5 हजार रुपये बताई जा रही है। इस खुलासे के संबंध में पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने जानकारी दी।4