विदिशा पुलिस ने 18 जून को हुई चैन स्नेचिंग की एक सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए व्यापक अभियान चलाया, जिसमें 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और 1000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। इस ऑपरेशन के लिए 5 विशेष टीमें गठित की गई थीं और करीब एक हफ्ते की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को सफलता मिली। 18 जून की सुबह होमगार्ड कार्यालय के पास एक महिला से सोने की चैन लूटकर बदमाश फरार हो गए थे, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने आरोपियों पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और साइबर विश्लेषण की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और भोपाल के ऐशबाग व जहांगीराबाद क्षेत्रों में दबिश देकर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो नाबालिगों को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई सोने की चैन, 15 हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और स्कूटी बरामद की है। बरामद की गई कुल मशरूका की कीमत करीब 2 लाख 5 हजार रुपये बताई जा रही है। इस खुलासे के संबंध में पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने जानकारी दी।
विदिशा पुलिस ने 18 जून को हुई चैन स्नेचिंग की एक सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए व्यापक अभियान चलाया, जिसमें 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और 1000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। इस ऑपरेशन
के लिए 5 विशेष टीमें गठित की गई थीं और करीब एक हफ्ते की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को सफलता मिली। 18 जून की सुबह होमगार्ड कार्यालय के पास एक महिला से सोने की चैन लूटकर बदमाश फरार हो गए थे, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक
रोहित काशवानी ने आरोपियों पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और साइबर विश्लेषण की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और भोपाल के ऐशबाग व जहांगीराबाद क्षेत्रों में दबिश देकर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो नाबालिगों को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने
आरोपियों के कब्जे से लूटी गई सोने की चैन, 15 हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और स्कूटी बरामद की है। बरामद की गई कुल मशरूका की कीमत करीब 2 लाख 5 हजार रुपये बताई जा रही है। इस खुलासे के संबंध में पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने जानकारी दी।
- गंजबासौदा रेलवे स्टेशन पर भोपाल-बीना मेमू एक्सप्रेस देखी गई है।1
- लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद, बीना नगरपालिका भी सतर्क हो गई है और उसने शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। नगरपालिका सीएमओ के नेतृत्व में की गई इस जांच में, अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास, विद्युत व्यवस्था और विद्यार्थियों की समग्र सुरक्षा से जुड़े इंतजामों का आकलन किया गया। अधिकारियों ने सभी संचालकों को सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के कड़े निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान, नगरपालिका की टीम ने कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास द्वार की स्थिति, भवन की सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत फिटिंग का गहनता से जायजा लिया। अधिकारियों ने संचालकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु आवश्यक सुरक्षा उपकरण संस्थान में हर समय उपलब्ध रहें और उनका नियमित रखरखाव किया जाए। टीम ने भवनों में विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और जो भी संस्थान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते पाए जाएँगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- आगामी पल्स पोलियो अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया है। इस पहल के तहत, गाँव-गाँव में लाउडस्पीकर और प्रचार रथ के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है ताकि कोई भी बच्चा जिंदगी की दो बूंद से वंचित न रह जाए। इस अभियान की एक प्रमुख विशेषता 'मोबाइल मेडिकल यूनिट' रही, जो सीधे ग्रामीणों के घर-आँगन तक पहुँची। इस यूनिट ने न केवल पोलियो अभियान की जानकारी प्रदान की, बल्कि मौके पर ही बच्चों के स्वास्थ्य की जाँच कर उन्हें दवाइयाँ और अन्य स्वास्थ्य लाभ भी उपलब्ध कराए। दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए यह सेवा अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई है। मोबाइल मेडिकल यूनिट में तैनात स्टाफ ने ग्रामीणों को समझाया कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक पिलाना अनिवार्य है। लाउडस्पीकर से गूंजते जागरूकता संदेशों का सकारात्मक असर देखने को मिला है और ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की है। यूनिट के स्टाफ ने सभी माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों को नजदीकी बूथ या मोबाइल यूनिट पर लाकर पोलियो की दवा अवश्य पिलवाएं और देश को पोलियोमुक्त बनाए रखने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।1
- रघुनाथ बड़ा मंदिर इंग्लिश मीडियम द्वारा बचाया गया है सोशल मीडिया को1
- अशोकनगर में चंदेरी विधायक के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। विधायक के गांव अजलेश्वर निवासी राम सिंह रघुवंशी ने मंगलवार दोपहर 1 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने विधायक के भाई और भतीजे पर अपने घर पर गुंडे भेजने का आरोप लगाया है। राम सिंह रघुवंशी के मुताबिक, उनकी गैरमौजूदगी में कुछ लोग उनके घर पहुंचे और पत्थर फेंके। उन्होंने यह भी दावा किया कि इन लोगों ने उनकी पत्नी और बेटी के साथ अभद्रता की, और साथ ही उन्होंने फायरिंग जैसी आवाजें भी सुनने की बात कही है। दूसरी ओर, विधायक के भतीजे शिव रघुवंशी ने सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए उन्हें मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताया है।1
- मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में गंजबासौदा रेलवे स्टेशन और भोपाल-बीना मेमू एक्सप्रेस का उल्लेख किया गया है।1
- आदिवासी उत्थान और विकास के सरकारी दावों पर बीना से सामने आई एक तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है, जहाँ एक आदिवासी परिवार पिछले सत्रह सालों से बेघर है और अब उन्हें मुहासा गाँव में भी बेदखली का डर सता रहा है। अपनी इस दुर्दशा और परिवार के भविष्य की चिंता को लेकर एक बुजुर्ग आदिवासी महिला बीना तहसील कार्यालय पहुँची और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। यह परिवार सत्रह साल पहले बलारखेड़ी में अपनी झोपड़ियों के जल जाने के बाद से ही स्थायी आशियाने की तलाश में भटक रहा है। बलारखेड़ी से उजड़ने के बाद इन परिवारों ने मुहासा गाँव में टपरे बनाकर अपना जीवन फिर से शुरू किया और जैसे-तैसे वहाँ पानी की टंकी के निर्माण कार्य में लगे रहे। हालाँकि, काम पूरा होते ही वन विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें मुहासा से भी हटने पर मजबूर कर दिया। इसके चलते उनके घर फिर से उजड़ गए, राशन और पीने के पानी की कोई सुविधा नहीं है, और बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बुजुर्ग आदिवासी महिला का कहना है कि उनके परिवार के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं और बार-बार विस्थापन के कारण उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है। वर्षों से भटक रहे इन आदिवासी परिवारों की मुख्य मांग है कि उन्हें स्थायी आवास के साथ-साथ राशन, पीने का पानी और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। आदिवासी कल्याण की विभिन्न योजनाओं के बावजूद यह गंभीर सवाल बना हुआ है कि आखिर कब तक ये आदिवासी परिवार अपने अस्तित्व और आशियाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते रहेंगे, और कब उन्हें सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिल पाएगा।1
- रूठियाई के रामघाट मंदिर में एक पावन धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा का पाठ चल रहा है, जिसके साथ ही श्री कृष्ण जन्म दिन का पर्व भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिला अस्पताल से एक हैरान कर देने वाला वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक मरीज को दवा की जगह शराब पीते हुए देखा गया। वायरल वीडियो में यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि कुछ ही देर पहले मरीज को बोतल (संभवतः ड्रिप) लगी हुई थी, जिसके निशान उसके हाथ पर साफ मौजूद हैं। नर्स द्वारा बार-बार मना किए जाने के बावजूद भी मरीज शराब पीता रहा।1