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आदिवासी उत्थान और विकास के सरकारी दावों पर बीना से सामने आई एक तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है, जहाँ एक आदिवासी परिवार पिछले सत्रह सालों से बेघर है और अब उन्हें मुहासा गाँव में भी बेदखली का डर सता रहा है। अपनी इस दुर्दशा और परिवार के भविष्य की चिंता को लेकर एक बुजुर्ग आदिवासी महिला बीना तहसील कार्यालय पहुँची और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। यह परिवार सत्रह साल पहले बलारखेड़ी में अपनी झोपड़ियों के जल जाने के बाद से ही स्थायी आशियाने की तलाश में भटक रहा है। बलारखेड़ी से उजड़ने के बाद इन परिवारों ने मुहासा गाँव में टपरे बनाकर अपना जीवन फिर से शुरू किया और जैसे-तैसे वहाँ पानी की टंकी के निर्माण कार्य में लगे रहे। हालाँकि, काम पूरा होते ही वन विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें मुहासा से भी हटने पर मजबूर कर दिया। इसके चलते उनके घर फिर से उजड़ गए, राशन और पीने के पानी की कोई सुविधा नहीं है, और बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बुजुर्ग आदिवासी महिला का कहना है कि उनके परिवार के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं और बार-बार विस्थापन के कारण उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है। वर्षों से भटक रहे इन आदिवासी परिवारों की मुख्य मांग है कि उन्हें स्थायी आवास के साथ-साथ राशन, पीने का पानी और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। आदिवासी कल्याण की विभिन्न योजनाओं के बावजूद यह गंभीर सवाल बना हुआ है कि आखिर कब तक ये आदिवासी परिवार अपने अस्तित्व और आशियाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते रहेंगे, और कब उन्हें सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिल पाएगा।

5 hrs ago
user_Mp news 24live
Mp news 24live
पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

आदिवासी उत्थान और विकास के सरकारी दावों पर बीना से सामने आई एक तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है, जहाँ एक आदिवासी परिवार पिछले सत्रह सालों से बेघर है और अब उन्हें मुहासा गाँव में भी बेदखली का डर सता रहा है। अपनी इस दुर्दशा और परिवार के भविष्य की चिंता को लेकर एक बुजुर्ग आदिवासी महिला बीना तहसील कार्यालय पहुँची और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। यह परिवार सत्रह साल पहले बलारखेड़ी में अपनी झोपड़ियों के जल जाने के बाद से ही स्थायी आशियाने की तलाश में भटक रहा है। बलारखेड़ी से उजड़ने के बाद इन परिवारों ने मुहासा गाँव में टपरे बनाकर अपना जीवन फिर से शुरू किया और जैसे-तैसे वहाँ पानी की टंकी के निर्माण कार्य में लगे रहे। हालाँकि, काम पूरा होते ही वन विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें मुहासा से भी हटने पर मजबूर कर दिया। इसके चलते उनके घर फिर से उजड़ गए, राशन और पीने के पानी की कोई सुविधा नहीं है, और बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बुजुर्ग आदिवासी महिला का कहना है कि उनके परिवार के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं और बार-बार विस्थापन के कारण उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है। वर्षों से भटक रहे इन आदिवासी परिवारों की मुख्य मांग है कि उन्हें स्थायी आवास के साथ-साथ राशन, पीने का पानी और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। आदिवासी कल्याण की विभिन्न योजनाओं के बावजूद यह गंभीर सवाल बना हुआ है कि आखिर कब तक ये आदिवासी परिवार अपने अस्तित्व और आशियाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते रहेंगे, और कब उन्हें सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिल पाएगा।

More news from Vidisha and nearby areas
  • गंजबासौदा रेलवे स्टेशन और भोपाल-बीना मेमू एक्सप्रेस का उल्लेख है।
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    गंजबासौदा रेलवे स्टेशन और भोपाल-बीना मेमू एक्सप्रेस का उल्लेख है।
    user_Rajkapur
    Rajkapur
    Artist Basoda, Vidisha•
    8 hrs ago
  • विदिशा पुलिस ने 18 जून को हुई चैन स्नेचिंग की एक सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए व्यापक अभियान चलाया, जिसमें 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और 1000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। इस ऑपरेशन के लिए 5 विशेष टीमें गठित की गई थीं और करीब एक हफ्ते की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को सफलता मिली। 18 जून की सुबह होमगार्ड कार्यालय के पास एक महिला से सोने की चैन लूटकर बदमाश फरार हो गए थे, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने आरोपियों पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और साइबर विश्लेषण की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और भोपाल के ऐशबाग व जहांगीराबाद क्षेत्रों में दबिश देकर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो नाबालिगों को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई सोने की चैन, 15 हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और स्कूटी बरामद की है। बरामद की गई कुल मशरूका की कीमत करीब 2 लाख 5 हजार रुपये बताई जा रही है। इस खुलासे के संबंध में पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने जानकारी दी।
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    विदिशा पुलिस ने 18 जून को हुई चैन स्नेचिंग की एक सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए व्यापक अभियान चलाया, जिसमें 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और 1000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। इस ऑपरेशन के लिए 5 विशेष टीमें गठित की गई थीं और करीब एक हफ्ते की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को सफलता मिली।

18 जून की सुबह होमगार्ड कार्यालय के पास एक महिला से सोने की चैन लूटकर बदमाश फरार हो गए थे, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने आरोपियों पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और साइबर विश्लेषण की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और भोपाल के ऐशबाग व जहांगीराबाद क्षेत्रों में दबिश देकर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो नाबालिगों को अभिरक्षा में लिया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई सोने की चैन, 15 हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और स्कूटी बरामद की है। बरामद की गई कुल मशरूका की कीमत करीब 2 लाख 5 हजार रुपये बताई जा रही है। इस खुलासे के संबंध में पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने जानकारी दी।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सागर जिले में साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं से नागरिकों को बचाने और उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया है।
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    सागर जिले में साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं से नागरिकों को बचाने और उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया है।
    user_Adarsh Katare
    Adarsh Katare
    Artist सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बीना में गौ सेवकों और हिंदू संगठनों ने अनुविभागीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपे, जिसमें चार मुख्य विषयों पर ध्यान आकर्षित किया गया। इन संगठनों ने विशेष रूप से प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की, खासकर खुरई और बीना तहसील से जुड़े मामलों में। ज्ञापन में गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग प्रमुख थी। हरकिशन सेन खिमलासा ने बताया कि इस संबंध में 164 आवेदन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा क्रमांक OD003 का उल्लेख किया, जिसमें शासकीय और अशासकीय गौशालाओं व गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का साफ-साफ उल्लेख है, फिर भी सागर जिले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। साप्ताहिक जनसुनवाई में भी सैकड़ों आवेदन देने के बावजूद कोई बड़ी कार्रवाई नहीं दिखी। गौ सेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो खिमलासा के पास ग्राम गाडौली जवाहर के पुल पर चक्का जाम किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मालथोन तहसील के ग्राम खेराई में 30 अहिरवार परिवारों की जमीनों पर मुस्लिम समुदाय द्वारा अवैध अतिक्रमण और ग्राम भेलैया में शासकीय जमीनों पर अवैध अतिक्रमण कर मकान बनाने का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामवासियों द्वारा माननीय कलेक्टर से लेकर तहसीलदार और एसडीएम तक को कई बार लिखित में सूचित करने के बावजूद, आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण दोनों गांवों के लोग चक्का जाम करने को विवश हैं, और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अन्य विषयों में, संगठनों ने मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा पर महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम से आवेदन देकर पुनर्विचार की मांग की। वहीं, पूर्व खुरई एसडीएम रमेश श्रीवास्तव को एक आभार/धन्यवाद पत्र भी सौंपा गया, जिसमें उल्लेख किया गया कि उनके कार्यकाल में हटाए गए अतिक्रमण के कारण आज गाय माताएं अपना जीवन यापन कर पा रही हैं और उन्हें खाने-पीने की उचित व्यवस्था मिल रही है। गौ सेवकों का कहना है कि लोगों द्वारा बनवाई गई पानी की टंकियां गर्मियों में बहुत सहायक हैं और ऐसे अधिकारी हर तहसील और जिले में होने चाहिए।
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    बीना में गौ सेवकों और हिंदू संगठनों ने अनुविभागीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपे, जिसमें चार मुख्य विषयों पर ध्यान आकर्षित किया गया। इन संगठनों ने विशेष रूप से प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की, खासकर खुरई और बीना तहसील से जुड़े मामलों में।

ज्ञापन में गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग प्रमुख थी। हरकिशन सेन खिमलासा ने बताया कि इस संबंध में 164 आवेदन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा क्रमांक OD003 का उल्लेख किया, जिसमें शासकीय और अशासकीय गौशालाओं व गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का साफ-साफ उल्लेख है, फिर भी सागर जिले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। साप्ताहिक जनसुनवाई में भी सैकड़ों आवेदन देने के बावजूद कोई बड़ी कार्रवाई नहीं दिखी। गौ सेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो खिमलासा के पास ग्राम गाडौली जवाहर के पुल पर चक्का जाम किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मालथोन तहसील के ग्राम खेराई में 30 अहिरवार परिवारों की जमीनों पर मुस्लिम समुदाय द्वारा अवैध अतिक्रमण और ग्राम भेलैया में शासकीय जमीनों पर अवैध अतिक्रमण कर मकान बनाने का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामवासियों द्वारा माननीय कलेक्टर से लेकर तहसीलदार और एसडीएम तक को कई बार लिखित में सूचित करने के बावजूद, आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण दोनों गांवों के लोग चक्का जाम करने को विवश हैं, और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

अन्य विषयों में, संगठनों ने मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा पर महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम से आवेदन देकर पुनर्विचार की मांग की। वहीं, पूर्व खुरई एसडीएम रमेश श्रीवास्तव को एक आभार/धन्यवाद पत्र भी सौंपा गया, जिसमें उल्लेख किया गया कि उनके कार्यकाल में हटाए गए अतिक्रमण के कारण आज गाय माताएं अपना जीवन यापन कर पा रही हैं और उन्हें खाने-पीने की उचित व्यवस्था मिल रही है। गौ सेवकों का कहना है कि लोगों द्वारा बनवाई गई पानी की टंकियां गर्मियों में बहुत सहायक हैं और ऐसे अधिकारी हर तहसील और जिले में होने चाहिए।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • ललितपुर जनपद के युवाओं में भारतीय सेना में सेवा देने का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में, ग्राम अनौरा के दो होनहार युवाओं का भारतीय सेना की अग्निवीर योजना के तहत चयन हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्राम अनौरा निवासी ओम प्रताप सिंह, जो राजेश सिंह के पुत्र हैं, और अनुज राजा, जो छत्रपाल सिंह के पुत्र हैं, का अग्निवीर योजना में चयन हुआ है। ट्रेनिंग के लिए रवाना होते समय, ग्रामवासियों, परिजनों और शुभचिंतकों ने इन दोनों युवाओं को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानपूर्वक विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों युवाओं की सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी भारतीय सेना में शामिल होने की प्रेरणा देगी।
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    ललितपुर जनपद के युवाओं में भारतीय सेना में सेवा देने का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में, ग्राम अनौरा के दो होनहार युवाओं का भारतीय सेना की अग्निवीर योजना के तहत चयन हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

ग्राम अनौरा निवासी ओम प्रताप सिंह, जो राजेश सिंह के पुत्र हैं, और अनुज राजा, जो छत्रपाल सिंह के पुत्र हैं, का अग्निवीर योजना में चयन हुआ है। ट्रेनिंग के लिए रवाना होते समय, ग्रामवासियों, परिजनों और शुभचिंतकों ने इन दोनों युवाओं को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानपूर्वक विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों युवाओं की सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी भारतीय सेना में शामिल होने की प्रेरणा देगी।
    user_पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
    पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
    Media house ललितपुर, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आदिवासी उत्थान और विकास के सरकारी दावों पर बीना से सामने आई एक तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है, जहाँ एक आदिवासी परिवार पिछले सत्रह सालों से बेघर है और अब उन्हें मुहासा गाँव में भी बेदखली का डर सता रहा है। अपनी इस दुर्दशा और परिवार के भविष्य की चिंता को लेकर एक बुजुर्ग आदिवासी महिला बीना तहसील कार्यालय पहुँची और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। यह परिवार सत्रह साल पहले बलारखेड़ी में अपनी झोपड़ियों के जल जाने के बाद से ही स्थायी आशियाने की तलाश में भटक रहा है। बलारखेड़ी से उजड़ने के बाद इन परिवारों ने मुहासा गाँव में टपरे बनाकर अपना जीवन फिर से शुरू किया और जैसे-तैसे वहाँ पानी की टंकी के निर्माण कार्य में लगे रहे। हालाँकि, काम पूरा होते ही वन विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें मुहासा से भी हटने पर मजबूर कर दिया। इसके चलते उनके घर फिर से उजड़ गए, राशन और पीने के पानी की कोई सुविधा नहीं है, और बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बुजुर्ग आदिवासी महिला का कहना है कि उनके परिवार के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं और बार-बार विस्थापन के कारण उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है। वर्षों से भटक रहे इन आदिवासी परिवारों की मुख्य मांग है कि उन्हें स्थायी आवास के साथ-साथ राशन, पीने का पानी और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। आदिवासी कल्याण की विभिन्न योजनाओं के बावजूद यह गंभीर सवाल बना हुआ है कि आखिर कब तक ये आदिवासी परिवार अपने अस्तित्व और आशियाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते रहेंगे, और कब उन्हें सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिल पाएगा।
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    आदिवासी उत्थान और विकास के सरकारी दावों पर बीना से सामने आई एक तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है, जहाँ एक आदिवासी परिवार पिछले सत्रह सालों से बेघर है और अब उन्हें मुहासा गाँव में भी बेदखली का डर सता रहा है। अपनी इस दुर्दशा और परिवार के भविष्य की चिंता को लेकर एक बुजुर्ग आदिवासी महिला बीना तहसील कार्यालय पहुँची और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। यह परिवार सत्रह साल पहले बलारखेड़ी में अपनी झोपड़ियों के जल जाने के बाद से ही स्थायी आशियाने की तलाश में भटक रहा है।

बलारखेड़ी से उजड़ने के बाद इन परिवारों ने मुहासा गाँव में टपरे बनाकर अपना जीवन फिर से शुरू किया और जैसे-तैसे वहाँ पानी की टंकी के निर्माण कार्य में लगे रहे। हालाँकि, काम पूरा होते ही वन विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें मुहासा से भी हटने पर मजबूर कर दिया। इसके चलते उनके घर फिर से उजड़ गए, राशन और पीने के पानी की कोई सुविधा नहीं है, और बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बुजुर्ग आदिवासी महिला का कहना है कि उनके परिवार के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं और बार-बार विस्थापन के कारण उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है।

वर्षों से भटक रहे इन आदिवासी परिवारों की मुख्य मांग है कि उन्हें स्थायी आवास के साथ-साथ राशन, पीने का पानी और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। आदिवासी कल्याण की विभिन्न योजनाओं के बावजूद यह गंभीर सवाल बना हुआ है कि आखिर कब तक ये आदिवासी परिवार अपने अस्तित्व और आशियाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते रहेंगे, और कब उन्हें सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिल पाएगा।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • गंजबासौदा रेलवे स्टेशन पर भोपाल-बीना मेमू एक्सप्रेस देखी गई है।
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    गंजबासौदा रेलवे स्टेशन पर भोपाल-बीना मेमू एक्सप्रेस देखी गई है।
    user_Rajkapur
    Rajkapur
    Artist Basoda, Vidisha•
    8 hrs ago
  • बीना के स्टेशन रोड स्थित श्री गायत्री शक्ति पीठ में बुधवार को श्री गायत्री जयंती का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ मनाया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु शक्ति पीठ पहुंचने लगे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से ओतप्रोत हो गया। गायत्री मंत्रों की गूंज और वैदिक अनुष्ठानों के बीच भक्तों ने माता गायत्री का पूजन कर सुख, शांति और विश्व कल्याण की कामना की। इस अवसर पर, पिछले दिन से जारी श्री गायत्री महामंत्र अखंड जप बुधवार को विधिवत संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का उच्चारण कर आध्यात्मिक साधना में भागीदारी की। प्रातःकाल में वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ श्री गायत्री सहस्त्रनाम महाभिषेक सम्पन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और समाज में मंगल की कामना की। इस महाभिषेक में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ श्रद्धालुओं की विशेष सहभागिता देखने को मिली। इसके बाद आयोजित गायत्री मंत्र दीक्षा एवं पंचकुंडीय यज्ञ में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञीय सुगंध से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने राष्ट्र की समृद्धि, विश्व शांति और मानव कल्याण की भावना से आहुतियां अर्पित कीं, और कई लोगों ने गायत्री मंत्र की दीक्षा ग्रहण कर आध्यात्मिक जीवन की नई शुरुआत की। धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत भक्तों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई, जिसे बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने ग्रहण कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। सेवा व्यवस्था में गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। शाम को दीप यज्ञ एवं संध्या नीरांजना का आयोजन किया गया, जिसमें भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए। दीपों की अलौकिक आभा और सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हुआ। गायत्री जयंती को माता गायत्री के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें शास्त्रों में वेदों की जननी और ज्ञान, विवेक व सद्बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। इस दिन जप, तप, यज्ञ और साधना का विशेष महत्व है, और माना जाता है कि इस पावन अवसर पर किए गए धार्मिक अनुष्ठान मानव जीवन में सकारात्मक ऊर्जा व आध्यात्मिक उन्नति लाते हैं। स्थानीय गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं, परिजनों और श्रद्धालुओं के विशेष सहयोग से यह पूरा आयोजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ।
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    बीना के स्टेशन रोड स्थित श्री गायत्री शक्ति पीठ में बुधवार को श्री गायत्री जयंती का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ मनाया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु शक्ति पीठ पहुंचने लगे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से ओतप्रोत हो गया। गायत्री मंत्रों की गूंज और वैदिक अनुष्ठानों के बीच भक्तों ने माता गायत्री का पूजन कर सुख, शांति और विश्व कल्याण की कामना की।

इस अवसर पर, पिछले दिन से जारी श्री गायत्री महामंत्र अखंड जप बुधवार को विधिवत संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का उच्चारण कर आध्यात्मिक साधना में भागीदारी की। प्रातःकाल में वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ श्री गायत्री सहस्त्रनाम महाभिषेक सम्पन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और समाज में मंगल की कामना की। इस महाभिषेक में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ श्रद्धालुओं की विशेष सहभागिता देखने को मिली। इसके बाद आयोजित गायत्री मंत्र दीक्षा एवं पंचकुंडीय यज्ञ में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञीय सुगंध से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने राष्ट्र की समृद्धि, विश्व शांति और मानव कल्याण की भावना से आहुतियां अर्पित कीं, और कई लोगों ने गायत्री मंत्र की दीक्षा ग्रहण कर आध्यात्मिक जीवन की नई शुरुआत की।

धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत भक्तों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई, जिसे बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने ग्रहण कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। सेवा व्यवस्था में गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। शाम को दीप यज्ञ एवं संध्या नीरांजना का आयोजन किया गया, जिसमें भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए। दीपों की अलौकिक आभा और सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हुआ। गायत्री जयंती को माता गायत्री के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें शास्त्रों में वेदों की जननी और ज्ञान, विवेक व सद्बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। इस दिन जप, तप, यज्ञ और साधना का विशेष महत्व है, और माना जाता है कि इस पावन अवसर पर किए गए धार्मिक अनुष्ठान मानव जीवन में सकारात्मक ऊर्जा व आध्यात्मिक उन्नति लाते हैं। स्थानीय गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं, परिजनों और श्रद्धालुओं के विशेष सहयोग से यह पूरा आयोजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • ललितपुर जनपद के चढ़रऊ गांव में एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कुएं में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सुबह ग्रामीणों द्वारा कुएं में शव उतराता देखे जाने के बाद गांव में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकलवाकर उसकी पहचान कराई। शव की पहचान होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों ने इस मौत को संदिग्ध बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिससे यह प्रकरण और भी संवेदनशील हो गया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए फिलहाल सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के आधार पर ही आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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    ललितपुर जनपद के चढ़रऊ गांव में एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कुएं में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सुबह ग्रामीणों द्वारा कुएं में शव उतराता देखे जाने के बाद गांव में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकलवाकर उसकी पहचान कराई। शव की पहचान होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों ने इस मौत को संदिग्ध बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिससे यह प्रकरण और भी संवेदनशील हो गया है।

पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए फिलहाल सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के आधार पर ही आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
    user_सच के साथ पूरी खबर मेरे साथ
    सच के साथ पूरी खबर मेरे साथ
    Media house मड़ावरा, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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