बीना के स्टेशन रोड स्थित श्री गायत्री शक्ति पीठ में बुधवार को श्री गायत्री जयंती का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ मनाया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु शक्ति पीठ पहुंचने लगे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से ओतप्रोत हो गया। गायत्री मंत्रों की गूंज और वैदिक अनुष्ठानों के बीच भक्तों ने माता गायत्री का पूजन कर सुख, शांति और विश्व कल्याण की कामना की। इस अवसर पर, पिछले दिन से जारी श्री गायत्री महामंत्र अखंड जप बुधवार को विधिवत संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का उच्चारण कर आध्यात्मिक साधना में भागीदारी की। प्रातःकाल में वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ श्री गायत्री सहस्त्रनाम महाभिषेक सम्पन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और समाज में मंगल की कामना की। इस महाभिषेक में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ श्रद्धालुओं की विशेष सहभागिता देखने को मिली। इसके बाद आयोजित गायत्री मंत्र दीक्षा एवं पंचकुंडीय यज्ञ में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञीय सुगंध से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने राष्ट्र की समृद्धि, विश्व शांति और मानव कल्याण की भावना से आहुतियां अर्पित कीं, और कई लोगों ने गायत्री मंत्र की दीक्षा ग्रहण कर आध्यात्मिक जीवन की नई शुरुआत की। धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत भक्तों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई, जिसे बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने ग्रहण कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। सेवा व्यवस्था में गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। शाम को दीप यज्ञ एवं संध्या नीरांजना का आयोजन किया गया, जिसमें भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए। दीपों की अलौकिक आभा और सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हुआ। गायत्री जयंती को माता गायत्री के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें शास्त्रों में वेदों की जननी और ज्ञान, विवेक व सद्बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। इस दिन जप, तप, यज्ञ और साधना का विशेष महत्व है, और माना जाता है कि इस पावन अवसर पर किए गए धार्मिक अनुष्ठान मानव जीवन में सकारात्मक ऊर्जा व आध्यात्मिक उन्नति लाते हैं। स्थानीय गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं, परिजनों और श्रद्धालुओं के विशेष सहयोग से यह पूरा आयोजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ।
बीना के स्टेशन रोड स्थित श्री गायत्री शक्ति पीठ में बुधवार को श्री गायत्री जयंती का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ मनाया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु शक्ति पीठ पहुंचने लगे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से ओतप्रोत हो गया। गायत्री मंत्रों की गूंज और वैदिक अनुष्ठानों के बीच भक्तों ने माता गायत्री का पूजन कर सुख, शांति और विश्व कल्याण की कामना की। इस अवसर पर, पिछले दिन से जारी श्री गायत्री महामंत्र अखंड जप बुधवार को विधिवत संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से
गायत्री मंत्र का उच्चारण कर आध्यात्मिक साधना में भागीदारी की। प्रातःकाल में वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ श्री गायत्री सहस्त्रनाम महाभिषेक सम्पन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और समाज में मंगल की कामना की। इस महाभिषेक में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ श्रद्धालुओं की विशेष सहभागिता देखने को मिली। इसके बाद आयोजित गायत्री मंत्र दीक्षा एवं पंचकुंडीय यज्ञ में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञीय सुगंध से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने राष्ट्र की समृद्धि, विश्व शांति और मानव कल्याण की भावना से
आहुतियां अर्पित कीं, और कई लोगों ने गायत्री मंत्र की दीक्षा ग्रहण कर आध्यात्मिक जीवन की नई शुरुआत की। धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत भक्तों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई, जिसे बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने ग्रहण कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। सेवा व्यवस्था में गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। शाम को दीप यज्ञ एवं संध्या नीरांजना का आयोजन किया गया, जिसमें भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए। दीपों की अलौकिक आभा और सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हुआ। गायत्री
जयंती को माता गायत्री के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें शास्त्रों में वेदों की जननी और ज्ञान, विवेक व सद्बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। इस दिन जप, तप, यज्ञ और साधना का विशेष महत्व है, और माना जाता है कि इस पावन अवसर पर किए गए धार्मिक अनुष्ठान मानव जीवन में सकारात्मक ऊर्जा व आध्यात्मिक उन्नति लाते हैं। स्थानीय गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं, परिजनों और श्रद्धालुओं के विशेष सहयोग से यह पूरा आयोजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ।
- सागर जिले में साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं से नागरिकों को बचाने और उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया है।1
- बीना में गौ सेवकों और हिंदू संगठनों ने अनुविभागीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपे, जिसमें चार मुख्य विषयों पर ध्यान आकर्षित किया गया। इन संगठनों ने विशेष रूप से प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की, खासकर खुरई और बीना तहसील से जुड़े मामलों में। ज्ञापन में गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग प्रमुख थी। हरकिशन सेन खिमलासा ने बताया कि इस संबंध में 164 आवेदन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा क्रमांक OD003 का उल्लेख किया, जिसमें शासकीय और अशासकीय गौशालाओं व गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का साफ-साफ उल्लेख है, फिर भी सागर जिले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। साप्ताहिक जनसुनवाई में भी सैकड़ों आवेदन देने के बावजूद कोई बड़ी कार्रवाई नहीं दिखी। गौ सेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो खिमलासा के पास ग्राम गाडौली जवाहर के पुल पर चक्का जाम किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मालथोन तहसील के ग्राम खेराई में 30 अहिरवार परिवारों की जमीनों पर मुस्लिम समुदाय द्वारा अवैध अतिक्रमण और ग्राम भेलैया में शासकीय जमीनों पर अवैध अतिक्रमण कर मकान बनाने का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामवासियों द्वारा माननीय कलेक्टर से लेकर तहसीलदार और एसडीएम तक को कई बार लिखित में सूचित करने के बावजूद, आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण दोनों गांवों के लोग चक्का जाम करने को विवश हैं, और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अन्य विषयों में, संगठनों ने मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा पर महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम से आवेदन देकर पुनर्विचार की मांग की। वहीं, पूर्व खुरई एसडीएम रमेश श्रीवास्तव को एक आभार/धन्यवाद पत्र भी सौंपा गया, जिसमें उल्लेख किया गया कि उनके कार्यकाल में हटाए गए अतिक्रमण के कारण आज गाय माताएं अपना जीवन यापन कर पा रही हैं और उन्हें खाने-पीने की उचित व्यवस्था मिल रही है। गौ सेवकों का कहना है कि लोगों द्वारा बनवाई गई पानी की टंकियां गर्मियों में बहुत सहायक हैं और ऐसे अधिकारी हर तहसील और जिले में होने चाहिए।4
- संगीता साहू ने अपने मित्रों को 'सुप्रभात' और 'राधे राधे' कहते हुए एक पोस्टर वीडियो साझा किया है। इस वीडियो को साझा करते हुए उन्होंने अपने स्नेह और शुभकामनाओं को व्यक्त किया है।4
- नाराज जैन समाज ने मेनका गांधी द्वारा दिए गए एक मनगढ़ंत और विवादित बयान पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। समाज ने मेनका गांधी से मांग की है कि वह या तो अपने बयान को सिद्ध करें या उसके लिए माफी मांगें। जानकारी के अनुसार, मेनका गांधी ने एक बार फिर जैन संत परंपरा पर मनगढ़ंत विवादित टिप्पणी करके एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस विवादित बयान के संबंध में आचार्य भगवंत समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी के एक पुराने वीडियो का भी संदर्भ दिया गया है।1
- ग्राम पंचायत नाहर मऊ ग्राम में पिछले कई वर्षों से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसके कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि आज दिनांक तक पीने के पानी की कोई भी स्थाई व्यवस्था नहीं की गई है। इस समस्या के चलते, उन्हें पीने का पानी 1 से 2 किलोमीटर दूर से लाना पड़ता है।1
- ललितपुर के नाराहट थाना क्षेत्र अंतर्गत गदौरा गाँव में एक युवक ने अज्ञात कारणों से कीटनाशक का सेवन कर लिया, जिससे उसकी तबियत अचानक बिगड़ गई। बुधवार रात करीब 8:30 बजे परिजनों ने युवक को अचेत अवस्था में देखा, जिसके बाद तत्काल एंबुलेंस 102 की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा ले जाया गया। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद युवक को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।1
- बीना के स्टेशन रोड स्थित श्री गायत्री शक्ति पीठ में बुधवार को श्री गायत्री जयंती का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ मनाया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु शक्ति पीठ पहुंचने लगे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से ओतप्रोत हो गया। गायत्री मंत्रों की गूंज और वैदिक अनुष्ठानों के बीच भक्तों ने माता गायत्री का पूजन कर सुख, शांति और विश्व कल्याण की कामना की। इस अवसर पर, पिछले दिन से जारी श्री गायत्री महामंत्र अखंड जप बुधवार को विधिवत संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का उच्चारण कर आध्यात्मिक साधना में भागीदारी की। प्रातःकाल में वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ श्री गायत्री सहस्त्रनाम महाभिषेक सम्पन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और समाज में मंगल की कामना की। इस महाभिषेक में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ श्रद्धालुओं की विशेष सहभागिता देखने को मिली। इसके बाद आयोजित गायत्री मंत्र दीक्षा एवं पंचकुंडीय यज्ञ में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञीय सुगंध से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने राष्ट्र की समृद्धि, विश्व शांति और मानव कल्याण की भावना से आहुतियां अर्पित कीं, और कई लोगों ने गायत्री मंत्र की दीक्षा ग्रहण कर आध्यात्मिक जीवन की नई शुरुआत की। धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत भक्तों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई, जिसे बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने ग्रहण कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। सेवा व्यवस्था में गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। शाम को दीप यज्ञ एवं संध्या नीरांजना का आयोजन किया गया, जिसमें भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए। दीपों की अलौकिक आभा और सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हुआ। गायत्री जयंती को माता गायत्री के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें शास्त्रों में वेदों की जननी और ज्ञान, विवेक व सद्बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। इस दिन जप, तप, यज्ञ और साधना का विशेष महत्व है, और माना जाता है कि इस पावन अवसर पर किए गए धार्मिक अनुष्ठान मानव जीवन में सकारात्मक ऊर्जा व आध्यात्मिक उन्नति लाते हैं। स्थानीय गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं, परिजनों और श्रद्धालुओं के विशेष सहयोग से यह पूरा आयोजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ।4
- मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी क्षेत्र के महाराजपुर थाना अंतर्गत ग्राम सरईवन में 45 वर्षीय कुंजन यादव का शव एक कुएं में मिलने से हड़कंप मच गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से शव को कुएं से बाहर निकाला। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के परिजनों ने इस घटना में हत्या की आशंका जताई है और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, कुंजन यादव मंगलवार रात अपने खेत पर ट्रैक्टर चालक के लिए भोजन लेकर घर से निकले थे। हालांकि, वे देर रात तक खेत नहीं पहुंचे, जिसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान, खेत के आसपास संदिग्ध परिस्थितियां मिलीं, जहां पत्थर पड़े थे और जमीन पर घसीटने जैसे निशान भी दिखाई दिए। इन निशानों का पीछा करते हुए परिजन लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित एक कुएं तक पहुंचे, जहां कुंजन यादव का शव पड़ा मिला। मृतक के चचेरे भाई महेश यादव ने सीधे तौर पर हत्या की आशंका जताते हुए आरोप लगाया कि खेत के पास चार से छह लोगों ने मिलकर कुंजन यादव पर हमला किया था। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले गांव के मदन आदिवासी के साथ कुंजन यादव का जमीन को लेकर विवाद हुआ था। महेश यादव के अनुसार, घटना वाली रात भी खेत में ट्रैक्टर चल रहा था, और कुंजन यादव भोजन लेकर निकले थे, लेकिन रास्ते में ही उनके साथ वारदात हो गई। वहीं, मृतक के पुत्र मयंक यादव ने बताया कि जमीन विवाद को लेकर पहले से ही तनाव की स्थिति थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान मदन की बेटी के पति ने धमकी भी दी थी। मयंक को रात करीब 2 बजे अपने पिता के कुएं में शव पड़े होने की सूचना मिली। परिजनों का यह भी कहना है कि शव की पीठ पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका और भी गहरी हो गई है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।1