कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (कुशलगढ़,, अज्ञात वास के समय ज़हां पांडवों ने की तपस्या उन पांच डुंगरी पर भक्तो ने बनाई कुटीया ,जल्द ही पांच डुंगरियो पर बिराजे गे पांच पांडव संग माता कुंती व पांचाली द्रोपदी) राजस्थान के बांसवाड़ा जिले को लोड़ी काशी यानी लघु काशी कहां जाता है महाभारत काल में कौरवों ने पाण्डवों को सकुनी की चालों से हरा कर पांडवों को अज्ञात वास तक बिताना पड़ा, अज्ञात वास के समय पांचों पांडवों ने घोटीया आंबा में भगवान शिव की पुजा अर्चना आराधना धार्मिक अनुष्ठान की वंहा से पांडव राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र की ग्राम पंचायत वरसाला में आएं जंहा उस समय घना जंगल हुआ करता था जंहा एक साथ पांच डुंगरीया पास पास थी तथा दो डुंगरिया अलग थी जंहा पांडवों ने मातारानी 64जोगनिया सरोना धाम की इन डुंगरीयो पर घौर जप-तप यज्ञ हवन अनुष्ठान पुजा अर्चना कर यहा से पांचों पांडव अपनी मां व पांचाली संग माता रानी 64जोगनिया सरोना धाम गए किदवंती अनुसार यह द्वापरयुग का एक पांडवों का तपस्वी स्थल है आज भी सभी डुंगरिया विधिमान है इस बार वहां के भक्तों ने पांच डुंगरी के सोंदरिय करण को लेकर पांच डुंगरी पर भक्तो ने कुटीया का निर्माण किया है तथा यहां पर पांचों पांडवों माता कुंती व पांचाली द्रोपदी की मुर्तीयो को लगाने की बात सामने आई है
कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (कुशलगढ़,, अज्ञात वास के समय ज़हां पांडवों ने की तपस्या उन पांच डुंगरी पर भक्तो ने बनाई कुटीया ,जल्द ही पांच डुंगरियो पर बिराजे गे पांच पांडव संग माता कुंती व पांचाली द्रोपदी) राजस्थान के बांसवाड़ा जिले को लोड़ी काशी यानी लघु काशी कहां जाता है महाभारत काल में कौरवों ने पाण्डवों को सकुनी की चालों से हरा कर पांडवों को अज्ञात वास तक बिताना पड़ा, अज्ञात वास के समय पांचों पांडवों ने घोटीया आंबा में भगवान शिव की पुजा अर्चना आराधना धार्मिक अनुष्ठान की वंहा से पांडव राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र की ग्राम पंचायत वरसाला में आएं जंहा उस समय घना जंगल हुआ करता था जंहा एक साथ पांच डुंगरीया पास पास थी तथा दो डुंगरिया अलग थी जंहा पांडवों ने मातारानी 64जोगनिया सरोना धाम की इन डुंगरीयो पर घौर जप-तप यज्ञ हवन अनुष्ठान पुजा अर्चना कर यहा से पांचों पांडव अपनी मां व पांचाली संग माता रानी 64जोगनिया सरोना धाम गए किदवंती अनुसार यह द्वापरयुग का एक पांडवों का तपस्वी स्थल है आज भी सभी डुंगरिया विधिमान है इस बार वहां के भक्तों ने पांच डुंगरी के सोंदरिय करण को लेकर पांच डुंगरी पर भक्तो ने कुटीया का निर्माण किया है तथा यहां पर पांचों पांडवों माता कुंती व पांचाली द्रोपदी की मुर्तीयो को लगाने की बात सामने आई है
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (कुशलगढ़,, अज्ञात वास के समय ज़हां पांडवों ने की तपस्या उन पांच डुंगरी पर भक्तो ने बनाई कुटीया ,जल्द ही पांच डुंगरियो पर बिराजे गे पांच पांडव संग माता कुंती व पांचाली द्रोपदी) राजस्थान के बांसवाड़ा जिले को लोड़ी काशी यानी लघु काशी कहां जाता है महाभारत काल में कौरवों ने पाण्डवों को सकुनी की चालों से हरा कर पांडवों को अज्ञात वास तक बिताना पड़ा, अज्ञात वास के समय पांचों पांडवों ने घोटीया आंबा में भगवान शिव की पुजा अर्चना आराधना धार्मिक अनुष्ठान की वंहा से पांडव राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र की ग्राम पंचायत वरसाला में आएं जंहा उस समय घना जंगल हुआ करता था जंहा एक साथ पांच डुंगरीया पास पास थी तथा दो डुंगरिया अलग थी जंहा पांडवों ने मातारानी 64जोगनिया सरोना धाम की इन डुंगरीयो पर घौर जप-तप यज्ञ हवन अनुष्ठान पुजा अर्चना कर यहा से पांचों पांडव अपनी मां व पांचाली संग माता रानी 64जोगनिया सरोना धाम गए किदवंती अनुसार यह द्वापरयुग का एक पांडवों का तपस्वी स्थल है आज भी सभी डुंगरिया विधिमान है इस बार वहां के भक्तों ने पांच डुंगरी के सोंदरिय करण को लेकर पांच डुंगरी पर भक्तो ने कुटीया का निर्माण किया है तथा यहां पर पांचों पांडवों माता कुंती व पांचाली द्रोपदी की मुर्तीयो को लगाने की बात सामने आई है1
- करूडा नया गांव के पास डंपर ने टक्कर मार दी हमारे मोटरसाइकिल के से सरवानिया जा रहे थे डंपर फुल स्पीड पैसे आ रहा था4
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- Post by Hardik yadav1
- बांसवाड़ा, राजस्थान on Aprilबांसवाड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज त्रिपुरा सुंदरी मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने माता के दरबार में विधिवत पूजा-आ की बांसवाड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज त्रिपुरा सुंदरी मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने माता के दरबार में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की। योग गुरु बाबा रामदेव के कार्यक्रम से रवाना होने के बाद राजे मंदिर पहुंचीं। मंदिर पहुंचते ही भाजपा पदाधिकारियों और मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। राजे ने माता त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन कर मत्था टेका और विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने आरती का भी लाभ लिया और श्रद्धा भाव से पूजा संपन्न की। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी उनके साथ दर्शन किए। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में वसुंधरा राजे ने कहा कि महीने में एक बार उपवास रखना चाहिए, इससे मन और तन में संतुलन बना रहता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता से जुड़ने से व्यक्ति को आंतरिक शांति मिलती है। इस अवसर पर मंदिर1
- गुजरी गांव में घुसा तेंदुआ, महिला सहित चार घायल, फॉरेस्ट विभाग और पुलिस विभाग की टीम मौके पर।धार जिले के धामनोद वन परिक्षेत्र अंतर्गत, ग्राम गुजरी डेहरिया बस्ती में, उस समय हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुआ, अचानक बस्ती क्षेत्र में घुस आया। तेंदुए के हमले में , एक महिला सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान महेश वास्केल, ग्यारसी लाल सोलंकी, कांताबाई राठौड़ और विकास पिता गोकुल डावर निवासी बडवेल के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही फॉरेस्ट विभाग और पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। फिलहाल सभी घायलों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुजरी में उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि, तेंदुआ अभी भी बस्ती के आसपास ही मौजूद है, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। वन विभाग की टीम, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से घरों में सुरक्षित रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की है।2
- Post by Alpesh Bhuriya1