कांकेर जिला पुलिस लाइन में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP) के तहत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय तनाव प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. सी. ठाकुर तथा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, कांकेर के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विमल चंद्र भगत के निर्देशन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का संचालन जिला नोडल अधिकारी डॉ. किशोर ध्रुव, डॉ. योगेश प्रजापति और जिला कार्यक्रम प्रबंधक के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव के कारणों, उसके प्रभाव तथा तनाव से बचाव और प्रबंधन के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही प्रतिभागियों की मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और व्यक्तिगत काउंसलिंग भी की गई, जिससे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान और उचित उपचार के लिए प्रेरित किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस आयोजन की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे शिविरों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। शिविर को संचालित करने वाली टीम में मनोरोग नर्स आशीष जैन, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट उमाशंकर सोनकर, मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री गर्गी वर्मा, कम्युनिटी नर्स सुश्री दीक्षा साहू और DMHP टीम कांकेर के योगेश ध्रुव शामिल रहे। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक रोगों की शीघ्र पहचान करना और प्रत्येक व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है। पुलिस जैसे तनावपूर्ण कार्यक्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में यह शिविर अत्यंत उपयोगी और सफल रहा।
कांकेर जिला पुलिस लाइन में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP) के तहत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय तनाव प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. सी. ठाकुर तथा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, कांकेर के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विमल चंद्र भगत के निर्देशन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का संचालन जिला नोडल अधिकारी डॉ. किशोर ध्रुव, डॉ. योगेश प्रजापति और जिला कार्यक्रम प्रबंधक के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव के कारणों, उसके प्रभाव तथा तनाव से बचाव और प्रबंधन के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही प्रतिभागियों की मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और व्यक्तिगत काउंसलिंग भी की गई, जिससे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान और उचित उपचार के लिए प्रेरित किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस आयोजन की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे शिविरों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। शिविर को संचालित करने वाली टीम में मनोरोग नर्स आशीष जैन, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट उमाशंकर सोनकर, मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री गर्गी वर्मा, कम्युनिटी नर्स सुश्री दीक्षा साहू और DMHP टीम कांकेर के योगेश ध्रुव शामिल रहे। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक रोगों की शीघ्र पहचान करना और प्रत्येक व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है। पुलिस जैसे तनावपूर्ण कार्यक्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में यह शिविर अत्यंत उपयोगी और सफल रहा।
- कांकेर जिला पुलिस लाइन में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP) के तहत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय तनाव प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. सी. ठाकुर तथा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, कांकेर के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विमल चंद्र भगत के निर्देशन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का संचालन जिला नोडल अधिकारी डॉ. किशोर ध्रुव, डॉ. योगेश प्रजापति और जिला कार्यक्रम प्रबंधक के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव के कारणों, उसके प्रभाव तथा तनाव से बचाव और प्रबंधन के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही प्रतिभागियों की मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और व्यक्तिगत काउंसलिंग भी की गई, जिससे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान और उचित उपचार के लिए प्रेरित किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस आयोजन की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे शिविरों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। शिविर को संचालित करने वाली टीम में मनोरोग नर्स आशीष जैन, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट उमाशंकर सोनकर, मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री गर्गी वर्मा, कम्युनिटी नर्स सुश्री दीक्षा साहू और DMHP टीम कांकेर के योगेश ध्रुव शामिल रहे। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक रोगों की शीघ्र पहचान करना और प्रत्येक व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है। पुलिस जैसे तनावपूर्ण कार्यक्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में यह शिविर अत्यंत उपयोगी और सफल रहा।1
- कांकेर के भानुप्रतापपुर में डाकघर अब अपने पुराने भवन से नए स्थान पर स्थानांतरित हो गया है। लगभग पांच दशक तक पुराने भवन से संचालित होने के बाद आज से पोस्ट ऑफिस नए भवन में अपनी सेवाएं दे रहा है।1
- कांकेर जिले के चारामा में एक सूने मकान में हुई बड़ी चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने पड़ोसी 25 वर्षीय पवन सोनकर को गिरफ्तार किया है। 22 जुलाई की शाम जिला पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पंकज मेश्राम के घर से करीब 8 लाख 45 हजार रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और नगदी चोरी हुई थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी गई पूरी संपत्ति की शत-प्रतिशत बरामदगी कर ली है। वारदात को सुलझाने के लिए पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली, जिससे आरोपी की पहचान हो सकी। पुलिस की पूछताछ में आरोपी पवन सोनकर ने अपनी निजी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए चोरी करने की बात स्वीकार की है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार राठौर के नेतृत्व में उप निरीक्षक रूपेन्द्र पटेल, उप निरीक्षक (प्रशिक्षु) हेमंत कुमार, सहायक उप निरीक्षक दुष्यंत दीवान, आरक्षक तरुण सिन्हा, अनिल जैन, हिरामन यादव तथा साइबर सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम के इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक ने सभी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।1
- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिला अंतर्गत पखांजूर क्षेत्र में सुरजो घर के पास आमदनी क्षेत्र से भारी वाहन और ट्रक गुजर रहे हैं। इस इलाके के मार्ग से भारी ट्रकों की आवाजाही हो रही है।1
- 'किसान, मजदूर बचाओ अभियान' के फेस-3 को लेकर 'AnnaPurna Muhim' यूट्यूब चैनल पर वीडियो देखने की अपील की गई है। इस अभियान के तहत दर्शकों से आग्रह किया गया है कि वे पूरी वीडियो को चैनल पर जाकर अवश्य देखें।1
- छत्तीसगढ़ के धमतरी स्थित विवेकानंद वार्ड और जोधापुर वार्ड के अटल आवास गृहों में औचक निरीक्षण के दौरान एक ब्लॉक की जर्जर कंक्रीट की सीढ़ी अचानक ढह गई। जिला कांग्रेस कमेटी धमतरी की अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर और धमतरी विधायक ओंकार साहू की मौजूदगी में हुए इस हादसे में कुछ कार्यकर्ताओं को हल्की चोटें आई हैं। इस घटना से प्रशासन और नगर निगम द्वारा गरीबों के आवासों की जा रही अनदेखी उजागर हो गई है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पूरा अटल आवास परिसर खंडहर में तब्दील हो चुका है और लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। छतों से पानी टपकने के कारण दीवारों में हमेशा नमी रहती है, जिससे बिजली के बोर्ड और दीवारों में करंट उतरने की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। मकानों की दीवारों में चौड़ी दरारें आ चुकी हैं और अधिकांश सीढ़ियां सड़ चुकी हैं। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि पूरे अटल आवास को ढहाकर चरणबद्ध तरीके से नए सिरे से इसका निर्माण कराया जाए। मामले पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने कहा कि यह बदहाली प्रशासनिक उदासीनता की पराकाष्ठा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आवासों को तत्काल खाली कराकर पुनः निर्माण शुरू नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। विधायक ओंकार साहू ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन गरीबों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं और कांग्रेस सदन से लेकर सड़क तक इनके हक की आवाज उठाएगी। इस निरीक्षण के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष योगेश शर्मा, नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर और उप नेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन समेत कई कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- दिल्ली के जंतर-मंतर से उठे नीट पेपर लीक विवाद के विरोध में धमतरी के गांधी मैदान के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका तथा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुतला दहन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प और नोकझोंक भी देखने को मिली। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने सीधा आरोप लगाया कि छात्रों से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर केंद्र सरकार जवाब देने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।2