Shuru
Apke Nagar Ki App…
राजस्थान के सिरोही जिले के अबु रोड से प्राप्त एक संदेश में, आचार्य लब्धिवल्लभसूरीजी ने यह महत्वपूर्ण बात कही है कि मनुष्य को सच्चा सुख केवल संतोष से ही प्राप्त हो सकता है।
Etv9 national news
राजस्थान के सिरोही जिले के अबु रोड से प्राप्त एक संदेश में, आचार्य लब्धिवल्लभसूरीजी ने यह महत्वपूर्ण बात कही है कि मनुष्य को सच्चा सुख केवल संतोष से ही प्राप्त हो सकता है।
More news from Rajasthan and nearby areas
- कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा सवाई माधोपुर पहुंचे, जहाँ उन्होंने एक वैवाहिक कार्यक्रम में शिरकत की। यह विवाह समारोह भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल के परिवार में आयोजित किया जा रहा था। इस अवसर पर, पूर्व राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का स्वागत किया। रणथंभौर रोड स्थित एक होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में, डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने वर और वधू को अपना आशीर्वाद दिया।1
- चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र की बलरिया ग्राम पंचायत के रूपनगर गांव में सड़कों पर जलभराव और कीचड़ की समस्या से ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में सड़कों की हालत और भी खराब हो जाती है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों का निकलना लगभग असंभव हो जाता है। ग्रामीण विजेंद्र सैन ने बताया कि मार्ग पर इतना अधिक कीचड़ जम गया है कि पैदल चलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। इस गंभीर समस्या के चलते, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत सड़क निर्माण और उचित जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि उन्हें इस परेशानी से निजात मिल सके।1
- आषाढ़ माह की चतुर्थी के पावन अवसर पर शुक्रवार को चौथ का बरवाड़ा स्थित प्रसिद्ध चौथ माता मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने माँ चौथ भवानी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए, कई सामाजिक संगठनों और भामाशाहों ने भक्तों के लिए जगह-जगह शीतल पेयजल और शरबत की व्यवस्था की। श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण बस स्टैंड सहित प्रमुख मार्गों पर कई बार यातायात प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति बनी रही। यातायात को सुचारु बनाए रखने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन तथा मंदिर प्रबंधन के कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला। सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के चलते दर्शन व्यवस्था शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल और माँ चौथ भवानी के जयकारों से गूंजता रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह से धार्मिक रंग में रंग गया।1
- कोटा के सांगोद क्षेत्र की ग्राम पंचायत बोरीना कलां के अंतर्गत आने वाले बोरीना खुर्द गांव में मुख्य रास्ते पर लंबे समय से चले आ रहे गंभीर जलभराव की समस्या का 3 जुलाई को स्थायी समाधान कर दिया गया है। यह कार्रवाई ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के कड़े निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर सुनिश्चित की गई। प्रशासन ने गांव के मुख्य मार्ग पर फैले अतिक्रमण को पूरी तरह हटाते हुए जल निकासी के लिए एक नए नाले का निर्माण करवाया, जिससे ग्रामीणों को कई फीट भरे गंदे पानी और कीचड़ की समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है। दरअसल, बोरीना खुर्द गांव के मुख्य रास्ते पर कई फीट तक गंदा और बरसाती पानी जमा होने के कारण स्थानीय निवासियों की स्थिति अत्यंत नारकीय बनी हुई थी। इस जलभराव से पूरी सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और उसमें गहरे व खतरनाक गड्ढे बन गए थे, जिसके कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल होते थे और ग्रामीणों का पैदल चलना भी दूभर हो चुका था। लंबे समय से जमा इस पानी के कारण क्षेत्र में मच्छरों का भयंकर प्रकोप बढ़ रहा था, जिससे गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया था। ग्रामीणों ने इस समस्या से ऊर्जा मंत्री को अवगत कराया था। जब इस गंभीर जनसमस्या की जानकारी ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को मिली, तो उन्होंने अत्यंत संवेदनशीलता दिखाते हुए इसे तुरंत संज्ञान में लिया। मंत्री नागर ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से मौके पर पहुंचने तथा समस्या का त्वरित निस्तारण करने के सख्त निर्देश जारी किए। मंत्री के आदेश मिलते ही पूरा प्रशासनिक अमला भारी मशीनरी और जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचा। मार्ग को अवरुद्ध करने वाली मिट्टी और अतिक्रमण को पूरी तरह से ध्वस्त किया गया तथा त्वरित रूप से एक गहरे नाले की खुदाई की गई। नाला बनते ही सड़क पर जमा सारा पानी सुगमता से बाहर निकल गया। इस त्वरित और प्रभावी प्रशासनिक कार्रवाई से बोरीना खुर्द सहित आस-पास के ग्रामीणों में भारी हर्ष का माहौल है। वर्षों से लंबित इस बड़ी समस्या का चंद घंटों में समाधान होने पर पूरे गांव ने राहत की सांस ली है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने आमजन की पीड़ा को समझने और त्वरित राहत प्रदान करने के लिए लोकप्रिय ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर एवं जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया है।1
- आकाश इंस्टीट्यूट कोटा को NEET, JEE मेन और एडवांस्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान बताया गया है।1
- राजस्थान के सिरोही जिले के अबु रोड से प्राप्त एक संदेश में, आचार्य लब्धिवल्लभसूरीजी ने यह महत्वपूर्ण बात कही है कि मनुष्य को सच्चा सुख केवल संतोष से ही प्राप्त हो सकता है।1
- राज्य सरकार के निर्देशों के तहत, सवाई माधोपुर जिले में जुलाई माह को 'एंटी डेंगू माह' के रूप में मनाया जा रहा है। इस पूरे माह के दौरान डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए जन जागरूकता बढ़ाने, मच्छरों के पनपने वाले स्रोतों को नष्ट करने तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने हेतु एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने बताया कि मानसून के दौरान डेंगू के मामलों में संभावित वृद्धि को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग बड़े पैमाने पर तैयारियां कर रहा है। अभियान के अंतर्गत, स्वास्थ्य विभाग अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से डेंगू की रोकथाम के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित करेगा। आम जनता को "जांच करें, सफाई करें और ढककर रखें" (चेक, क्लीन एंड कवर) का संदेश देकर अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में मच्छरों के पनपने वाले स्रोतों को खत्म करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) द्वारा घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा की जांच की जाएगी, और जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, विद्यालयों में निबंध, चित्रकला, पोस्टर और जागरूकता प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, तथा सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं स्थानीय माध्यमों से डेंगू से बचाव संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। डॉ. जेमिनी ने यह भी बताया कि जिले में रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को सतर्क रखा गया है, और किसी भी संभावित स्थिति में तत्काल व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक जांच, दवाइयों तथा अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, टंकियों, गमलों तथा अन्य जल पात्रों की नियमित सफाई करें और उन्हें ढककर रखें, तथा इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभागीय गतिविधियों में पूरा सहयोग दें।1
- सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा कस्बे में स्थित प्रसिद्ध चौथ माता मंदिर में आषाढ़ माह की चतुर्थी पर भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां चौथ भवानी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मनौती मांगी। सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जिसके कारण पूरे दिन कस्बे में रौनक बनी रही। ग्रामीण महिलाओं ने विशेष रूप से माता को परंपरागत पूरे पापड़ी का भोग लगाया, मंदिर की परिक्रमा की और करवा चौथ की कहानी भी सुनी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए चौथ माता मंदिर प्रशासन ने यात्रियों की सुविधाओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं, फिर भी मंदिर में भक्तों की अधिकता के कारण उन्हें अपनी बारी का इंतजार करने के लिए कतारों में खड़ा रहना पड़ा। भीड़ की अधिकता के चलते कस्बे में बार-बार जाम लगने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से बस स्टैंड के पास वाहनों की अधिकता के कारण बार-बार जाम की स्थिति बनी रही, जिसे हटाने के लिए पुलिसकर्मियों को दिनभर मशक्कत करनी पड़ी।1
- राजस्थान के बालोतरा में पचपदरा रिफाइनरी के 4 जुलाई को होने वाले उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले एक बड़े अंधड़ ने कार्यक्रम की सभी तैयारियों को तहस-नहस कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इसका उद्घाटन करने वाले हैं, लेकिन उद्घाटन से ठीक पहले आए अंधड़ के कारण लगे होर्डिंग, झंडे और बैनर सभी हवा में बिखर गए और ध्वस्त हो गए। यह दूसरी बार है जब रिफाइनरी के उद्घाटन से ठीक पहले कोई बड़ी बाधा आई है। इससे पहले, इस रिफाइनरी का उद्घाटन 21 अप्रैल को होना तय हुआ था। हालांकि, उस समय भी उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले यानी 20 अप्रैल को क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट में अचानक आग लग जाने के कारण कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा था। 79,459 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह रिफाइनरी 487 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से जुड़ी हुई है। इन सभी बाधाओं के बावजूद, राजस्थान के बालोतरा में पचपदरा स्थित इस रिफाइनरी का उद्घाटन आज होना है।1