*सुलतानगंज से देवघर तक छा गया भगवा , 105 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ पर उमड़ा आस्था का सैलाब* *देवघर :* करीब 105 किलोमीटर लंबी यह कांवर यात्रा केवल धर्म और आस्था का ही नहीं, सामाजिक अनुशासन और समरसता का अद्भुत संगम है. लोक संस्कृति का भी. इसमें अमीर-गरीब, जाति-धर्म और भाषा का भेद मिट जाता है. इसे भारत की नंगे पांव वाली बड़ी धार्मिक यात्राओं में एक माना जाता है. *105 किलोमीटर लंबे कांवर पथ पर आस्था का सैलाब* सावन माह शुरू होते ही बिहार के सुलतानगंज से झारखंड के देवघर तक का कांवरिया पथ ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गूंजने लगा है. सुलतानगंज वह स्थान है जहां गंगा उत्तरवाहिनी है. सनातन धर्म की मान्यता के मुताबिक असंख्य शिवभक्त पवित्र पात्र में वहां से गंगाजल भरकर पांव पैदल देवघर पहुंच बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक करते हैं. करीब 105 किलोमीटर लंबी यह कांवर यात्रा केवल धर्म और आस्था का ही नहीं, सामाजिक अनुशासन और समरसता का अद्भुत संगम है. लोक संस्कृति का भी. इसमें अमीर-गरीब, जाति-धर्म और भाषा का भेद मिट जाता है. इसे भारत (India) की नंगे पांव वाली बड़ी धार्मिक यात्राओं में एक माना जाता है.इतिहास *अर्थव्यवस्था को गति* श्रावणी मेला में बिहार और झारखंड की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है. हजारों अस्थायी रोजगार पैदा होते हैं. सरकार ने इस बार श्रावणी मेला में कई नयी व्यवस्थाएं की हैं. मसलन एआई आधारित भीड़ प्रबंधन, क्यूआर कोड आधारित सुविधाएं, वीआईपी और आउट-ऑफ-टर्न दर्शन पर रोक, सुरक्षा, चिकित्सा और सफाई की व्यापक व्यवस्था आदि. शिव और शक्ति की नगरी देवघर में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का उद्घाटन बुधवार को हुआ. झारखंड के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार तथा ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया. *दुम्मा कांवरिया पथ में आयोजन* बिहार – झारखण्ड सीमा पर अवस्थित दुम्मा कांवरिया पथ में 11 वैदिक पुरोहितों द्वारा विधि-विधान पूर्वक पूजा के साथ श्रावणी मेला शुरू हो गया. उद्घाटन समारोह में देवघर के विधायक सुरेश पासवान, सारठ के विधायक उदय शंकर सिंह, जरमुण्डी के विधायक देवेन्द्र कुंवर, देवघर नगर निगम के महापौर, उपमहापौर, देवघर जिला परिषद के अध्यक्ष, बीस सूत्री के उपाध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे. देवघर के उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने उद्घाटन मंच पर उपस्थित मंत्रियों एवं विधायकों का अभिनंदन व स्वागत किया. उपविकास आयुक्त पियुष सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया.हिंदू धर्म *सुल्तानगंज में उद्घाटन* इस वर्ष श्रावणी मेला का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक होगा. देवघर में उद्घाटन से एक दिन पहले मंगलवार को सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर श्रावणी मेला का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया. इस अवसर पर उन्होंने कांवरियों की सुविधा के लिए ‘श्रावणी मेला 2026 ऐप’ का लोकार्पण भी किया. इस ऐप से शिवभक्तों को श्रावणी मेला से जुड़ी तमाम सरकारी सुविधाओं की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल जायेगी.
*सुलतानगंज से देवघर तक छा गया भगवा , 105 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ पर उमड़ा आस्था का सैलाब* *देवघर :* करीब 105 किलोमीटर लंबी यह कांवर यात्रा केवल धर्म और आस्था का ही नहीं, सामाजिक अनुशासन और समरसता का अद्भुत संगम है. लोक संस्कृति का भी. इसमें अमीर-गरीब, जाति-धर्म और भाषा का भेद मिट जाता है. इसे भारत की नंगे पांव वाली बड़ी धार्मिक यात्राओं में एक माना जाता है. *105 किलोमीटर लंबे कांवर पथ पर आस्था का सैलाब* सावन माह शुरू होते ही बिहार के सुलतानगंज से झारखंड के देवघर तक का कांवरिया पथ ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गूंजने लगा है. सुलतानगंज वह स्थान है जहां गंगा उत्तरवाहिनी है. सनातन धर्म की मान्यता के मुताबिक असंख्य शिवभक्त पवित्र पात्र में वहां से गंगाजल भरकर पांव पैदल देवघर पहुंच बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक करते हैं. करीब 105 किलोमीटर लंबी यह कांवर यात्रा केवल धर्म और आस्था का ही नहीं, सामाजिक अनुशासन और समरसता का अद्भुत संगम है. लोक संस्कृति का भी. इसमें अमीर-गरीब, जाति-धर्म और भाषा का भेद मिट जाता है. इसे भारत (India) की नंगे पांव वाली बड़ी धार्मिक यात्राओं में एक माना जाता है.इतिहास *अर्थव्यवस्था को गति* श्रावणी मेला में बिहार और झारखंड की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है. हजारों अस्थायी रोजगार पैदा होते हैं. सरकार ने इस बार श्रावणी मेला में कई नयी व्यवस्थाएं की हैं. मसलन एआई आधारित भीड़ प्रबंधन, क्यूआर कोड आधारित सुविधाएं, वीआईपी और आउट-ऑफ-टर्न दर्शन पर रोक, सुरक्षा, चिकित्सा और सफाई की व्यापक व्यवस्था आदि. शिव और शक्ति की नगरी देवघर में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का उद्घाटन बुधवार को हुआ. झारखंड के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार तथा ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया. *दुम्मा कांवरिया पथ में आयोजन* बिहार – झारखण्ड सीमा पर अवस्थित दुम्मा कांवरिया पथ में 11 वैदिक पुरोहितों द्वारा विधि-विधान पूर्वक पूजा के साथ श्रावणी मेला शुरू हो गया. उद्घाटन समारोह में देवघर के विधायक सुरेश पासवान, सारठ के विधायक उदय शंकर सिंह, जरमुण्डी के विधायक देवेन्द्र कुंवर, देवघर नगर निगम के महापौर, उपमहापौर, देवघर जिला परिषद के अध्यक्ष, बीस सूत्री के उपाध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे. देवघर के उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने उद्घाटन मंच पर उपस्थित मंत्रियों एवं विधायकों का अभिनंदन व स्वागत किया. उपविकास आयुक्त पियुष सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया.हिंदू धर्म *सुल्तानगंज में उद्घाटन* इस वर्ष श्रावणी मेला का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक होगा. देवघर में उद्घाटन से एक दिन पहले मंगलवार को सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर श्रावणी मेला का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया. इस अवसर पर उन्होंने कांवरियों की सुविधा के लिए ‘श्रावणी मेला 2026 ऐप’ का लोकार्पण भी किया. इस ऐप से शिवभक्तों को श्रावणी मेला से जुड़ी तमाम सरकारी सुविधाओं की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल जायेगी.
- *उप विकास आयुक्त, हजारीबाग श्रीमती रिया सिंह की अपील।*1
- हज़ारीबाग में गूंजेगी शास्त्रीय सुरों की दिव्य धुन स्वर भारती का 19वां वार्षिकोत्सव 2 अगस्त को, देश-विदेश के नामचीन कलाकारों संग 100 से अधिक बाल-युवा साधक बिखेरेंगे संगीत का जादू हज़ारीबाग, 29 जुलाई। झारखंड का हज़ारीबाग एक बार फिर भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुरमयी परंपरा का साक्षी बनने जा रहा है। स्वर भारती म्यूजिक एकेडमी अपने 19वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर 2 अगस्त को भव्य संगीत संध्या आयोजित करेगी। द पैराडाइज रिज़ॉर्ट में होने वाले इस विशेष आयोजन में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ संस्था के 100 से अधिक बाल एवं युवा साधक अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करेंगे। भारतीय शास्त्रीय संगीत को समर्पित इस आयोजन में सितार, सरोद, तबला और शास्त्रीय गायन की मनमोहक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहेंगी। पांच अंतरराष्ट्रीय कलाकार अपनी कला से संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध करेंगे। वहीं युवा साधकों की प्रस्तुतियां गुरु-शिष्य परंपरा और नई पीढ़ी में संगीत के प्रति बढ़ते लगाव को दर्शाएंगी। यह वार्षिकोत्सव संस्था के दिवंगत पिता एवं राष्ट्रीय रंगकर्मी स्वर्गीय निशी कांत सिंह की स्मृति को समर्पित है। पिछले करीब दो दशकों से स्वर भारती म्यूजिक एकेडमी हज़ारीबाग में भारतीय संगीत संस्कृति को समृद्ध करने और उभरती प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संस्था के निदेशक ने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि संस्कार, साधना और आत्मिक उन्नति का माध्यम है। यह वार्षिकोत्सव भारतीय सांस्कृतिक विरासत, गुरु-शिष्य परंपरा और युवा प्रतिभाओं के सुंदर संगम का प्रतीक है। कार्यक्रम एक नजर में दिनांक: 2 अगस्त 2026, रविवार समय: अपराह्न 1:00 बजे स्थान: द पैराडाइज रिज़ॉर्ट, हज़ारीबाग स्वर भारती म्यूजिक एकेडमी ने शहरवासियों, अभिभावकों और संगीत प्रेमियों से इस भव्य संगीत संध्या में सपरिवार शामिल होकर कलाकारों एवं युवा प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।4
- बंदूक से हुनर तक: हजारीबाग में आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए नई शुरुआत 80 दिनों के प्रशिक्षण में पोल्ट्री फार्मिंग और सिलाई-कटिंग सीखेंगे 60 बंदी, रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की जिला प्रशासन की पहल।1
- bhurkunda Manali saaf karne ki Yojana Bhavan Karmali Thekedar Ne Karai saaf Safai reports by shabanm ara1
- ⚠️ जान जोखिम में डालकर उफनती नहर पार कर रहे लोग! sach Tak Jharkhand News बेड़म और हुरलुंग क्षेत्र की यह जमीनी हकीकत देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे। सवाल एक ही है—प्रशासन आखिर कब जागेगा? पूरी रिपोर्ट देखने के लिए वीडियो को अंत तक देखें और शेयर करें। 🔁1
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- हजारीबाग में पुलिस-प्रिंस खान गैंग के बीच मुठभेड़, एक बदमाश घायल हजारीबाग में पुलिस-प्रिंस खान गैंग के बीच मुठभेड़, एक बदमाश घायल1