तहसीलदार से बदसलूकी और सरकारी फाइलें फाड़ने वाले गुंडे पर एफआईआर: मड़वास तहसील में भारी बवाल! दबंगई की सारी हदें पार: मड़वास तहसील कार्यालय में घुसकर तहसीलदार राजेश पारस के साथ की झूमा-झपटी और गाली-गलौच कलेक्टर और एसपी के कड़े निर्देश: सरकारी काम में बाधा डालने वाले उमेश गुप्ता पर बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट के तहत संगीन धाराओं में केस दर्ज मड़वास (सीधी)। शासकीय कार्यालय अब जनसेवा के केंद्र नहीं, बल्कि दबंगों की गुंडागर्दी का अखाड़ा बनते जा रहे हैं। मड़वास तहसील कार्यालय में 24 अप्रैल को एक ऐसी ही सनसनीखेज वारदात हुई, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को हिला कर रख दिया है। पनिहा निवासी उमेष गुप्ता ने कानून को ठेंगे पर रखते हुए तहसील कार्यालय में तांडव मचाया और ड्यूटी पर तैनात तहसीलदार राजेश पारस के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उनके साथ मारपीट की कोशिश भी की। सरकारी दस्तावेजों की धज्जियां उड़ाई, दी जान से मारने की धमकी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी उमेश गुप्ता कार्यालय में किसी फिल्मी विलेन की तरह दाखिल हुआ। उसने तहसीलदार राजेश पारस को सरेआम भद्दी-भद्दी गालियां दीं और उनके साथ झूमा-झपटी की। इतना ही नहीं, आरोपी ने शासन की महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों को फाड़कर फेंक दिया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। जाते-जाते आरोपी ने तहसीलदार को जान से मारने की धमकी भी दी। जातिसूचक गालियों ने बढ़ाई आरोपी की मुश्किलें इस पूरे विवाद में आरोपी ने तहसीलदार की गरिमा को ठेस पहुंचाते हुए सार्वजनिक रूप से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। शासकीय कार्य में बाधा डालने के साथ-साथ इस अपमानजनक व्यवहार ने मामले को और गंभीर बना दिया है। कानून का शिकंजा: इन धाराओं में फंसा आरोपी पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। थाना मड़वास में आरोपी उमेश गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 296(b), 115(2), 132, 121(1), 324(4), 351(3) के साथ-साथ SC/ST (नृशंसता निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। ब्यूरो रिपोर्ट: विंध्य बलराम न्यूज़ #Sidhi #BreakingNews #MadhyaPradesh #Action
तहसीलदार से बदसलूकी और सरकारी फाइलें फाड़ने वाले गुंडे पर एफआईआर: मड़वास तहसील में भारी बवाल! दबंगई की सारी हदें पार: मड़वास तहसील कार्यालय में घुसकर तहसीलदार राजेश पारस के साथ की झूमा-झपटी और गाली-गलौच कलेक्टर और एसपी के कड़े निर्देश: सरकारी काम में बाधा डालने वाले उमेश गुप्ता पर बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट के तहत संगीन धाराओं में केस दर्ज मड़वास (सीधी)। शासकीय कार्यालय अब जनसेवा के केंद्र नहीं, बल्कि दबंगों की गुंडागर्दी का अखाड़ा बनते जा रहे हैं। मड़वास तहसील कार्यालय में 24 अप्रैल को एक ऐसी ही सनसनीखेज वारदात हुई, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को हिला कर रख दिया है। पनिहा निवासी उमेष गुप्ता ने
कानून को ठेंगे पर रखते हुए तहसील कार्यालय में तांडव मचाया और ड्यूटी पर तैनात तहसीलदार राजेश पारस के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उनके साथ मारपीट की कोशिश भी की। सरकारी दस्तावेजों की धज्जियां उड़ाई, दी जान से मारने की धमकी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी उमेश गुप्ता कार्यालय में किसी फिल्मी विलेन की तरह दाखिल हुआ। उसने तहसीलदार राजेश पारस को सरेआम भद्दी-भद्दी गालियां दीं और उनके साथ झूमा-झपटी की। इतना ही नहीं, आरोपी ने शासन की महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों को फाड़कर फेंक दिया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। जाते-जाते आरोपी ने तहसीलदार को जान से मारने की धमकी भी दी। जातिसूचक गालियों
ने बढ़ाई आरोपी की मुश्किलें इस पूरे विवाद में आरोपी ने तहसीलदार की गरिमा को ठेस पहुंचाते हुए सार्वजनिक रूप से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। शासकीय कार्य में बाधा डालने के साथ-साथ इस अपमानजनक व्यवहार ने मामले को और गंभीर बना दिया है। कानून का शिकंजा: इन धाराओं में फंसा आरोपी पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। थाना मड़वास में आरोपी उमेश गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 296(b), 115(2), 132, 121(1), 324(4), 351(3) के साथ-साथ SC/ST (नृशंसता निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। ब्यूरो रिपोर्ट: विंध्य बलराम न्यूज़ #Sidhi #BreakingNews #MadhyaPradesh #Action
- सीधी जिले के कलेक्टर विकास मिश्रा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया और झगरहा पंचायत का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने जल्द ही सेमरिया और झगरहा में जनचौपाल आयोजित कर लोगों की समस्याएं सुनने की बात कही।1
- मड़वास (सीधी)। शासकीय कार्यालय अब जनसेवा के केंद्र नहीं, बल्कि दबंगों की गुंडागर्दी का अखाड़ा बनते जा रहे हैं। मड़वास तहसील कार्यालय में 24 अप्रैल को एक ऐसी ही सनसनीखेज वारदात हुई, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को हिला कर रख दिया है। पनिहा निवासी उमेष गुप्ता ने कानून को ठेंगे पर रखते हुए तहसील कार्यालय में तांडव मचाया और ड्यूटी पर तैनात तहसीलदार राजेश पारस के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उनके साथ मारपीट की कोशिश भी की। सरकारी दस्तावेजों की धज्जियां उड़ाई, दी जान से मारने की धमकी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी उमेश गुप्ता कार्यालय में किसी फिल्मी विलेन की तरह दाखिल हुआ। उसने तहसीलदार राजेश पारस को सरेआम भद्दी-भद्दी गालियां दीं और उनके साथ झूमा-झपटी की। इतना ही नहीं, आरोपी ने शासन की महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों को फाड़कर फेंक दिया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। जाते-जाते आरोपी ने तहसीलदार को जान से मारने की धमकी भी दी। जातिसूचक गालियों ने बढ़ाई आरोपी की मुश्किलें इस पूरे विवाद में आरोपी ने तहसीलदार की गरिमा को ठेस पहुंचाते हुए सार्वजनिक रूप से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। शासकीय कार्य में बाधा डालने के साथ-साथ इस अपमानजनक व्यवहार ने मामले को और गंभीर बना दिया है। कानून का शिकंजा: इन धाराओं में फंसा आरोपी पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। थाना मड़वास में आरोपी उमेश गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 296(b), 115(2), 132, 121(1), 324(4), 351(3) के साथ-साथ SC/ST (नृशंसता निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। ब्यूरो रिपोर्ट: विंध्य बलराम न्यूज़ #Sidhi #BreakingNews #MadhyaPradesh #Action3
- रीवा जिला अधिवक्ता संघ के लगातार सातवीं बार अध्यक्ष बने राजेंद्र पांडे.रीवा देश का ऐसा पहला अधिवक्ता संघ, जहां लगातार 14 साल से चुनाव के द्वारा अध्यक्ष के पद पर आसीन हैं,एक ही व्यक्ति, जिला अधिवक्ता संघ का चुनाव हार 2 साल में होता है.पिछली बार के मुकाबले इस बार 100 वोट ज्यादा मिले हैं, राजेंद्र पांडे को. चुनाव जीतने के बाद जब उनसे एनडीटीवी ने सवाल किया अधिवक्ताओं पर क्या जादू किया तो उनका कहना था, यह तो आप उनसे पूछिए ,जिन पर जादू हुआ है. अधिवक्ताओं की समस्याएं सीमित है, लेकिन जरूरी है ,समय पर उनका निराकरण करना बेहद जरूरी होता है. और मैं यही करता हूं. राजेंद्र पांडे को इस बार 829 वोट मिले हैं, हारने वाले अशोक शुक्ला को 551, इस तरीके से राजेंद्र पांडे 278 वोटो से चुनाव जीत गए. रीवा में बहुचर्चित जिला अधिवक्ता संघ का चुनाव संपन्न हुआ, जिसमें पिछले लगातार 6चुनाव जीतने वाले राजेंद्र पांडे सातवें बार भी अधिवक्ताओं के संघ के अध्यक्ष का चुनाव जीत गए हैं. रीवा देश का एकमात्र ऐसा अधिवक्ता संघ हो सकता है, जहां पर चुनाव के द्वारा इतने लंबे समय तक कोई अध्यक्ष रहा हो, इस बारे में जब अध्यक्ष का चुनाव जीतने वाले राजेंद्र पांडे से पूछा गया, आपने क्या जादू किया है तो उनका कहना था, जिस पर जादू हुआ है ,जवाब तो वही देगा. मैंने तो अपना काम किया है, लगातार वकीलों की समस्याओं का समाधान, वकीलों की समस्याएं बेहद छोटी होती है, लेकिन बहुत ज्यादा जरूरी होती है. बस समय सीमा पर उनका निराकरण करना मेरा काम है, और मैं यही करता हूं. उपाध्यक्ष पद पर कमलेश्वर तिवारी मानवेंद्र द्विवेदी से 152 वोट से जीते हैं. सचिव पद पर सुलभ पांडे 60 वोट से चुनाव जीते हैं. अनिल तिवारी सहसचिव पर 132 वोट से चुनाव जीते है.नीलम चतुर्वेदी कोषाध्यक्ष पद पर 57 वोट से चुनाव जीती हैं. राममाणी मिश्रा ग्रंथपाल पद पर 118 वोट से चुनाव जीते हैं. बाइट--राजेंद्र पांडे अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ लगातार सातवां चुनाव जीतने के बाद1
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- Post by Mithilesh Kumar Yadav1
- Singrauli जब समाज बना सहारा: आर्थिक तंगी में बेटी की शादी कराई सफल, CA Manorama Shahwal1
- Post by Durgesh Kumar Gupta1
- जालौन में शादी समारोह बना रणक्षेत्र, दबंगों ने बारात पर हमला कर जमकर की मारपीट जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र में एक शादी समारोह उस समय हिंसा की भेंट चढ़ गया, जब द्वारचार की रस्म के दौरान बारात पर अचानक हमला कर दिया गया। इस हमले में दूल्हे, उसके पिता, भाई समेत कई बाराती घायल हो गए। देखते ही देखते खुशियों का माहौल अफरा-तफरी और तनाव में बदल गया। घटना गेस्ट हाउस में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। यह मामला उरई कोतवाली क्षेत्र के करमेर रोड स्थित अष्टिका गेस्ट हाउस का है, जहां तिरही निवासी परिवार की बारात आई थी। शादी की तैयारियां चल रही थीं और द्वारचार की रस्म शुरू होने वाली थी। इसी दौरान अचानक 10 से 20 युवक मौके पर पहुंचे और दूल्हा पक्ष के लोगों पर हमला बोल दिया। पीड़ित पक्ष के मुताबिक, हमलावरों ने पहले दूल्हे के पिता और भाई को पकड़कर पीटना शुरू किया। इसके बाद बीच-बचाव करने पहुंचे अन्य बारातियों को भी निशाना बनाया गया। मारपीट में करीब 4 से 5 लोग घायल हो गए। शादी समारोह में मौजूद लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और महिलाएं व बच्चे भी सहम गए। दूल्हे के भाई प्रदीप कुमार पाल ने आरोप लगाया कि हमला करने वाले लोग दुल्हन पक्ष की बुआ के लड़के थे। उन्होंने कुछ आरोपियों के नाम अवधेश, मलखान, संतोष, संदीप, काशीराम, लालू और मुन्ना बताए हैं। उनका कहना है कि शादी में पहले कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ था, फिर भी अचानक हमला कर दिया गया। घटना के बाद दूल्हा पक्ष ने शादी की रस्में रोक दीं। इससे दुल्हन पूरी रात मंडप में बैठी शादी होने का इंतजार करती रही। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत भी बंद हो गई। दूल्हा पक्ष ने साफ कहा कि जब तक घायलों का इलाज नहीं होगा और आरोपियों पर कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलेगा, तब तक शादी नहीं होगी। बताया गया कि तिलक समारोह के समय बारातियों और रिश्तेदारों के सम्मानजनक स्वागत और व्यवस्था को लेकर कुछ बातचीत हुई थी। इसी बात को लेकर बाद में नाराजगी बढ़ी और मामला मारपीट तक पहुंच गया। सूचना मिलने पर उरई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने दोनों पक्षों से पूछताछ की और हालात को नियंत्रण में लिया। स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों की समझाने के बाद सुबह शादी की बाकी रस्में संपन्न कराई गईं। वही पुलिस का कहना है कि घायलों का इलाज कराया गया है और सीसीटीवी फुटेज व तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाइट:- धर्मेन्द्र पाल--लड़का पक्ष के रिस्तेदार बाइट:- प्रदीप कुमार पाल--दूल्हे का भाई3