भीलवाड़ा में जिला अभिभाषक संस्था ने 22 जून को न्यायालय परिसर में पशु-पक्षियों के लिए जलपात्र रखवाकर 'गौ सेवा का संकल्प' अभियान शुरू किया। जिला अभिभाषक संस्था के अध्यक्ष उम्मेदसिंह राठौड़ के निर्देशन में उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राणावत, महासचिव पंकज दाधीच, रेवेन्यू महासचिव मनोहर लला बुनकर, कोषाध्य रवि गोरानी, सह सचिव आदित्यसिंह चौहान, पुस्तकालय सचिव प्रताप तेली और मनोनीत सदस्य पंकज पंचोली, राघवेंद्रनाथ व्यास, ओमप्रकाश तेली, वंदना आमेटा, पीरू सिंह गौड़ तथा आनंद शर्मा ने इस पहल में सक्रिय भागीदारी की। इस कार्य में मुस्कान फाउंडेशन के रामचंद्र खोतानी का भी सहयोग रहा। उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राणावत ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच जीव-जंतुओं की प्यास बुझाने के उद्देश्य से बार एसोसिएशन ने यह सराहनीय पहल की है। संस्था के सदस्यों ने कोर्ट परिसर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर विशेष रूप से गायों के लिए जलपात्र रखवाए, जबकि पक्षियों के लिए पेड़ों और सार्वजनिक स्थलों पर परिंडे भी बांधे गए। अधिवक्ताओं ने इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आमजन से भी अपील की है कि वे अपने घरों व आसपास के क्षेत्रों में पशु-पक्षियों के लिए पानी की उचित व्यवस्था करें, क्योंकि गर्मी के मौसम में जल की कमी के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वक्ताओं ने जोर दिया कि यह छोटा सा प्रयास उनके जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राणावत ने यह भी जानकारी दी कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक स्थानों पर जलपात्र और परिंडे स्थापित किए जा सकें। इस मानवीय पहल को लेकर शहरवासियों में भी खासा उत्साह देखा गया और कई लोगों ने स्वेच्छा से इस मुहिम से जुड़ने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मनोहर लालवानी, भारत सिंह कानावत, सूर्यप्रकाश सरगरा, नरेंद्र सिंह राठौड़, दीपक गुरनानी, विनोद राव, नारायण लाल कुमावत, दिनेश कुमावत, कमलेश शर्मा, नवीन निम्बार्क, विजय जीनगर, बनवारी लाल व्यास, दीपक चतुर्वेदी सहित कई अधिवक्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस कार्य की प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
भीलवाड़ा में जिला अभिभाषक संस्था ने 22 जून को न्यायालय परिसर में पशु-पक्षियों के लिए जलपात्र रखवाकर 'गौ सेवा का संकल्प' अभियान शुरू किया। जिला अभिभाषक संस्था के अध्यक्ष उम्मेदसिंह राठौड़ के निर्देशन में उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राणावत, महासचिव पंकज दाधीच, रेवेन्यू महासचिव मनोहर लला बुनकर, कोषाध्य रवि गोरानी, सह सचिव आदित्यसिंह चौहान, पुस्तकालय सचिव प्रताप तेली और मनोनीत सदस्य पंकज पंचोली, राघवेंद्रनाथ व्यास, ओमप्रकाश तेली, वंदना आमेटा, पीरू सिंह गौड़ तथा आनंद शर्मा ने इस पहल में सक्रिय भागीदारी की। इस कार्य में मुस्कान फाउंडेशन के रामचंद्र खोतानी का भी सहयोग रहा। उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राणावत ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच जीव-जंतुओं की प्यास बुझाने के उद्देश्य से बार एसोसिएशन ने यह सराहनीय पहल की है। संस्था के सदस्यों ने कोर्ट परिसर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर विशेष रूप से गायों के लिए जलपात्र रखवाए, जबकि पक्षियों के लिए पेड़ों और सार्वजनिक स्थलों पर परिंडे भी बांधे गए। अधिवक्ताओं ने इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आमजन से भी अपील की
है कि वे अपने घरों व आसपास के क्षेत्रों में पशु-पक्षियों के लिए पानी की उचित व्यवस्था करें, क्योंकि गर्मी के मौसम में जल की कमी के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वक्ताओं ने जोर दिया कि यह छोटा सा प्रयास उनके जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राणावत ने यह भी जानकारी दी कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक स्थानों पर जलपात्र और परिंडे स्थापित किए जा सकें। इस मानवीय पहल को लेकर शहरवासियों में भी खासा उत्साह देखा गया और कई लोगों ने स्वेच्छा से इस मुहिम से जुड़ने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मनोहर लालवानी, भारत सिंह कानावत, सूर्यप्रकाश सरगरा, नरेंद्र सिंह राठौड़, दीपक गुरनानी, विनोद राव, नारायण लाल कुमावत, दिनेश कुमावत, कमलेश शर्मा, नवीन निम्बार्क, विजय जीनगर, बनवारी लाल व्यास, दीपक चतुर्वेदी सहित कई अधिवक्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस कार्य की प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
- भीलवाड़ा जिले में संगठित अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत सदर थाना पुलिस ने सुवाणा स्थित एक फार्म हाउस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए जुए के एक बड़े अड्डे का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से ₹62,900 नकद राशि, ताश के पत्ते और 11 वाहन जब्त किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन और पुलिस उप अधीक्षक नेमीचंद चौधरी के सुपरविजन में, सदर थाना प्रभारी गजेन्द्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में एक टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, उप निरीक्षक भरत कुमार शर्मा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुवाणा कोर्ट के पीछे स्थित रॉयल फार्म हाउस में एक बंद कमरे में ताश के पत्तों पर रुपए का दांव लगाकर जुआ खेला जा रहा है। सूचना मिलते ही, पुलिस टीम सर्च वारंट लेकर फार्म हाउस पर पहुंची और दबिश दी। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने 14 जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ा। मौके से ₹62,900 नकद राशि और ताश के पत्ते बरामद करने के साथ ही, परिसर में खड़ी 8 मोटरसाइकिल, 2 स्कूटी और एक आई-20 कार भी जब्त की गईं। पुलिस ने बताया कि आरोपी अक्सर सुनसान स्थानों पर एकत्रित होकर संगठित तरीके से जुआ खेलते थे। इस संबंध में सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सदर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह जानकारी सदर पुलिस ने सोमवार शाम करीब 4:30 बजे जारी की। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मोहम्मद हुसैन पुत्र मोहम्मद शरीफ (गुलमंडी), शरफुदीन पुत्र फकरूदीन नीलगर (न्यू पटेल नगर), साजिद हुसैन पुत्र गुलाम रसूल (गुलमंडी), मोहम्मद अकरम पुत्र फतेह मोहम्मद (गुलमंडी), अशफाक पुत्र मोहम्मद असलम (गुलमंडी), ताहिर हुसैन पुत्र अब्दुल कदीर (गुलमंडी), नौशाद अली पुत्र अख्तर हुसैन (मोहम्मदी कॉलोनी), मोहम्मद रमजान पुत्र रूस्तम अली शेख (पुरानी धानमंडी), वसीम अंसारी पुत्र अब्दुल गफूर अंसारी (गुलअली नगरी), मोहम्मद उमर पुत्र मोहम्मद मुख्तार (मोहम्मदी कॉलोनी), मोहम्मद हुसैन पुत्र गुलाम मोहम्मद (गुलमंडी), कयूम मोहम्मद लुहार पुत्र सिराजुद्दीन लुहार (गुलमंडी), मोहम्मद आरिफ पुत्र मोहम्मद सलीम (गुलमंडी), और दिनेश कुमार पुत्र रोडूलाल जीनगर (न्यू कोटा रोड, ईरास) शामिल हैं।1
- भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने 22 जून, सोमवार को एक संयुक्त समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इसमें जल संसाधन विभाग, नगर निगम, नगर विकास न्यास, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। विधायक कोठारी ने अधिकारियों से शहर में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि बारिश से पूर्व सभी विकास एवं सफाई कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। बैठक में शहर की प्रमुख जल निकासी व्यवस्थाओं, मेजा बांध से निकलने वाली नहरों की मरम्मत और निर्माण कार्यों, मानसरोवर झील, गांधी सागर तालाब एवं नेहरू तलाई सहित विभिन्न छोटे-बड़े नालों एवं नालियों की स्थिति की समीक्षा की गई। विधायक कोठारी ने अधिकारियों को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि बारिश से पहले सभी नालों और नालियों की उचित सफाई की जाए, तथा गंदे पानी के निकास मार्गों को अवरोधमुक्त रखा जाए। उन्होंने जलभराव संभावित क्षेत्रों में चल रहे सफाई कार्यों की प्रगति पर चर्चा करते हुए सभी कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लंबित सड़कों, नालियों और नई कॉलोनियों में स्वीकृत विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। विधायक ने संबंधित विभागों को सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को राहत मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ भी नालों की सफाई, निर्माण कार्य या क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों के रखरखाव की आवश्यकता हो, वहाँ संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। विधायक ने सभी अधिकारियों को बारिश से पूर्व आवश्यक कार्यों का निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता हितेश कुमार मेघवाल और सहायक अभियंता जगदीश डांगी, नगर विकास न्यास के अधिशासी अभियंता रामप्रसाद जाट, राजू बढ़ेरिया और कनिष्ठ अभियंता रोहन जैन, नगर निगम के अधिशासी अभियंता अखेराम बगडोदिया, पवन नुवाल और शंभूलाल, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशासी अभियंता किशन खोईवाल तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता साहिल शर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण डाड, एडवोकेट अर्पित कोठारी, गजेन्द्र सिंह राठौड़, संजय राठी, सुभाष बाहेती, भगवान सिंह चौहान एवं बाबूलाल टाक भी मौजूद थे।3
- मांडल में योग दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक उदयलाल भड़ाना, तहसीलदार, एसडीएम और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।1
- भीलवाड़ा जिले के मांडल स्थित मलगानी गांव में रविवार देर रात सरकारी चरागाह भूमि से कथित अवैध मिट्टी दोहन को लेकर भारी हंगामा हो गया, जिसके बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रात के अंधेरे में जेसीबी मशीन और डंपरों की मदद से चरागाह भूमि से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जा रही थी। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर खनन कार्य में लगे वाहनों को घेर लिया, जिसमें डंपर संख्या RJ 09 GC 4001 सहित अन्य वाहन शामिल थे। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि उनके विरोध के दौरान खनन कार्य से जुड़े लोग दबाव बनाकर वाहनों को मौके से छुड़ाकर ले गए। ग्रामीणों के अनुसार, चरागाह भूमि से मिट्टी दोहन का यह “खेल” काफी समय से चल रहा है। ग्रामीणों, जिनमें ओमप्रकाश, बालूराम, राहुल, रतनलाल जाट, हनुमान जाट, बालूलाल जाट, सूरजमल और जगदीश शामिल हैं, ने आरोप लगाया है कि इस अवैध गतिविधि की शिकायत कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को की जा चुकी है। इसके बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण इन अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लग पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद कुछ समय के लिए काम रुक जाता है, लेकिन फिर से मिट्टी निकालने का कार्य शुरू हो जाता है, जिससे उनमें गहरा रोष है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि निकाली गई मिट्टी का उपयोग स्थानीय ईंट भट्ठे पर किया जा रहा है, और उन्होंने भट्ठे के आसपास मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर होने का दावा किया है। उन्होंने चिंता जताई कि चरागाह भूमि, जो पशुओं के लिए चारागाह का मुख्य स्रोत है, पर लगातार मिट्टी खनन से गहरे गड्ढे बन रहे हैं, जिससे भविष्य में पशुपालकों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर मिट्टी के स्रोत की पुष्टि करने, खनन में प्रयुक्त जेसीबी और डंपरों को जब्त करने, भूमि को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, और मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। यह समस्त जानकारी ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायतों पर आधारित है।2
- भीषण गर्मी को देखते हुए, भीलवाड़ा जिला कलेक्टर श्री जसमीत सिंह संधू ने 22 जून, सोमवार को पीएचईडी कार्यालय में एक विशेष समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पीएचईडी, स्वास्थ्य विभाग और एवीवीएनएल के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि आम जनता को पेयजल, बिजली और चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिला कलेक्टर श्री संधू ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समय पर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और खराब हैंडपंप व ट्यूबवेल की मरम्मत के काम में तेज़ी लाने को कहा। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि वे अस्पतालों में पेयजल, दवाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें, साथ ही विद्युत वायरिंग की जांच और फायर सेफ्टी के उपायों को तुरंत लागू करें। एवीवीएनएल के अधिकारियों को संपर्क पोर्टल पर दर्ज उच्च प्राथमिकता वाली शिकायतों का तुरंत समाधान कर निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया। श्री संधू ने सभी विभागों से गर्मी के मौसम में समन्वय बनाकर काम करने और जनता को राहत पहुँचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री धनपत राज सोनी, परियोजना अधीक्षण अभियंता श्री विनोद कुमार गर्ग, अधिशाषी अभियंता श्री मयंक शर्मा, एवीवीएनएल अधीक्षण अभियंता श्री खटोड और सीएमएचओ डॉ. संजीव शर्मा सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।1
- हरमैन शरीफैन से लौटे हाजियों का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर खान परिवार ने शहर क़ाज़ी, पेश इमामों और विभिन्न धार्मिक तंजीमों के साथ मिलकर मोहब्बत व अकीदत की एक विशेष महफिल सजाई।1
- आज भरत तिवारी के निधन पर लाखों लोग एकजुट होकर 'भरत तिवारी अमर रहे' के नारे लगा रहे हैं। इस जनसैलाब के बीच यह सवाल उठाया गया है कि यदि यही भीड़, यही समर्थन और यही एकजुटता उनके जीवित रहते उनके साथ खड़ी होती, तो क्या हालात यहाँ तक पहुँचते? यह समाज की सबसे बड़ी विडंबना है कि हम अपने लोगों को उनके संघर्ष के समय अकेला छोड़ देते हैं, और उनके जाने के बाद उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़ते हैं। जो व्यक्ति सामाजिक मुद्दों की बात करे, अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाए, परिवार और समाज के हितों के लिए संघर्ष करे, या भारतीय संस्कृति और मूल्यों की रक्षा की बात करे, उसका साथ उसके जीवित रहते ही देना चाहिए। क्योंकि किसी के जाने के बाद आँसू बहाना आसान है, लेकिन उसके संघर्ष के दिनों में उसके साथ खड़ा होना ही सच्ची मित्रता, सच्चा समाज और सच्चा समर्थन है। कंधा देने वालों की भीड़ से कहीं अधिक ज़रूरी संघर्ष के समय कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने वाले लोग होते हैं। सिर्फ 'अमर रहे' के नारे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जीवित रहते हुए भी समर्थन चाहिए। समाज तभी मजबूत होगा जब सच, न्याय और अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वालों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी श्रद्धांजलि उसके जाने के बाद फूल चढ़ाना नहीं, बल्कि उसके जीवित रहते उसके संघर्ष में उसका साथ निभाना है।1
- शाहपुरा स्थित जाट छात्रावास के निर्विरोध अध्यक्ष के रूप में राजकुमार खीखड़ेल को चुना गया है। जाट छात्रावास अध्यक्ष चुनाव संचालन समिति ने एक लंबे सदस्यता अभियान के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए इस चुनाव को संपन्न कराया। जाट छात्रावास के विधिक सलाहकार और प्रवक्ता एडवोकेट रामप्रसाद जाट के अनुसार, अध्यक्ष पद को लेकर वरिष्ठ और युवा दोनों वर्गों में अत्यधिक उत्साह देखा गया। नामांकन प्रक्रिया से पहले, सर्वसम्मति से चुनाव कराने का प्रयास किया गया था। हालांकि, निर्विरोध निर्वाचन की मांग उठने के बाद इच्छुक व्यक्तियों से विधिवत नामांकन पत्र जमा कराए गए। इसमें कार्यकारी अध्यक्ष रामधन थरोदा, एडवोकेट रामलाल जाट, एडवोकेट रामेश्वर लाल जाट और पूर्व सरपंच ठिठोडी राजकुमार जाट ने अपना नामांकन दाखिल किया था। बाद में, रामधन जाट, रामेश्वर जाट और रामलाल जाट ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप चुनाव संचालन समिति ने राजकुमार जाट को दो साल के कार्यकाल के लिए जाट छात्रावास का निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया। निर्वाचन के बाद की योजना के अनुसार, आगामी 28 जून को राजकुमार जाट समाज के वरिष्ठ जनों से राय-मशविरा करने के बाद अपनी कार्यकारिणी की घोषणा करेंगे। इसके बाद, 5 जुलाई 2026 को वे नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के साथ औपचारिक रूप से अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालेंगे। राजकुमार जाट के निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने पर जाट समाज के सभी लोगों ने गहरी खुशी व्यक्त की है। इस अवसर पर चुनाव संचालन समिति के जगदीश जाट, रतनलाल जाट, ओम प्रकाश जाट, सुवालाल जाट, बेनाथ जाट, चांदमल जाट और मोती जाट सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे। उपस्थित वरिष्ठ जनों में जहाजपुर से रतनलाल जाट, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी रामनिवास जाट, शिवराज जाट, शोकरण जाट, रामप्रसाद गोरा, जिला परिषद सदस्य सीताराम जाट, विवाह सम्मेलन के महामंत्री शंकर लाल कुड़ी और शोभाराम तोगड़ा शामिल रहे। वहीं, युवा समाज जनों में प्रधान चड्ढा राजाराम जाट, कैलाश गोरा, अर्जुन गोरा, अनिल गोरा, सरपंच सत्यनारायण जाट, सांवरलाल गोरा, रामदयाल जाट, गजराज जाट, शंकर लाल जाट, नारायण जाट, सुखपाल जाट और शंकर लाल नागा सहित सैकड़ों वरिष्ठ और युवा समाज के सदस्य मौजूद रहे।3