कोरिया जिले के गांजा डीलर के यहाँ छापेमारी,जामपारा निवासी लक्ष्मण को लगभग 3 किलो गांजे के साथ आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा टीम ने किया गिरफ्तार कोरिया। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा टीम की नशे के सौदागरों पर लगातार कार्रवाई जारी है। कोरिया जिले के नशे के सौदागर पर आबकारी उड़नदस्ता टीम का गाज गिरा है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि आज कोरिया जिले में उनकी टीम बैकुंठपुर में मदिरा दुकान जाँच करने गई हुई थी तभी मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि जामपारा निवासी लक्ष्मण अपने घर से भारी मात्रा में गांजा रखकर बिक्री कर रहा है। तत्काल सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने अपनी टीम के साथ जामपारा निवासी लक्ष्मण के घर दबिश दी। लक्ष्मण के घर की तलाशी में उसके शयन कक्ष से एक झोले में 2.883 किलोग्राम लगभग तीन किलो मादक पदार्थ गांजा जब्त कर आरोपी लक्ष्मण को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 बी के तहत गिरफ्तार कर बैकुंठपुर न्यायालय में रिमाण्ड हेतु प्रस्तुत किया जहां से जेल दाखिले का आदेश प्राप्त हुआ। उक्त कार्रवाई सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता मुख्य आरक्षक अशोक सोनी, नगर सैनिक गणेश पांडे, रणविजय सिंह, महिला सैनिक राजकुमारी सिंह एवं नीरज चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि हमारी उड़नदस्ता टीम सरगुजा संभाग के सभी जिलों में नशे के सौदागरों पर कार्रवाई कर रही है और आगे भी करेगी। पूरे सरगुजा संभाग को सूखे नशे से मुक्त करने की दिशा में हम प्रयासरत हैं।
कोरिया जिले के गांजा डीलर के यहाँ छापेमारी,जामपारा निवासी लक्ष्मण को लगभग 3 किलो गांजे के साथ आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा टीम ने किया गिरफ्तार कोरिया। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा टीम की नशे के सौदागरों पर लगातार कार्रवाई जारी है। कोरिया जिले के नशे के सौदागर पर आबकारी उड़नदस्ता टीम का गाज गिरा है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि आज कोरिया जिले में उनकी टीम बैकुंठपुर में मदिरा दुकान जाँच करने गई हुई थी तभी मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि जामपारा निवासी लक्ष्मण अपने घर से भारी मात्रा में गांजा रखकर बिक्री कर रहा है। तत्काल सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने अपनी टीम के साथ जामपारा निवासी लक्ष्मण के घर दबिश दी। लक्ष्मण के घर की
तलाशी में उसके शयन कक्ष से एक झोले में 2.883 किलोग्राम लगभग तीन किलो मादक पदार्थ गांजा जब्त कर आरोपी लक्ष्मण को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 बी के तहत गिरफ्तार कर बैकुंठपुर न्यायालय में रिमाण्ड हेतु प्रस्तुत किया जहां से जेल दाखिले का आदेश प्राप्त हुआ। उक्त कार्रवाई सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता मुख्य आरक्षक अशोक सोनी, नगर सैनिक गणेश पांडे, रणविजय सिंह, महिला सैनिक राजकुमारी सिंह एवं नीरज चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि हमारी उड़नदस्ता टीम सरगुजा संभाग के सभी जिलों में नशे के सौदागरों पर कार्रवाई कर रही है और आगे भी करेगी। पूरे सरगुजा संभाग को सूखे नशे से मुक्त करने की दिशा में हम प्रयासरत हैं।
- छत्तीसगढ़ की धरती पर पहली बार आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का समापन सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं रहा… बल्कि यह आदिवासी प्रतिभाओं के उभार और सांस्कृतिक गौरव का उत्सव बन गया। जहां कर्नाटक ओवरऑल चैंपियन बना… वहीं मेजबान छत्तीसगढ़ ने अपने पारंपरिक खेल मलखंब में ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरे देश में उसकी गूंज सुनाई दे रही है। बस्तर के अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों से निकलकर आए युवा खिलाड़ियों ने मलखंब के खंभों पर जो अद्भुत संतुलन, ताकत और कला दिखाई… उसने खेल जगत को चौंका दिया। नारायणपुर की अबूझमाड़ मलखंब एकेडमी के खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में अपनी छाप छोड़ते हुए पुरुष वर्ग में देशभर की 14 टीमों को पछाड़ दिया। 124.35 अंकों के साथ छत्तीसगढ़ ने प्रथम स्थान हासिल कर न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे अबूझमाड़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। वहीं बालिक वर्ग में 80.15 अंक के साथ प्रथम स्थान हासिल किया है। इस ऐतिहासिक जीत के नायक बने— मानू ध्रुव, मोनू नेताम, मंगडू पोडियाम, राजेश कोर्राम, राकेश कुमार बड़दा और आयुष सिदार। ये सभी खिलाड़ी उसी अबूझमाड़ क्षेत्र से आते हैं, जिसे कभी देश का सबसे दुर्गम इलाका माना जाता था। वहीं बालिका वर्ग में भी छत्तीसगढ़ की बेटियों ने कमाल कर दिखाया। मोनिका पोटाई, संताय पोटाई, सरिता पोयाम, अनिता गोटा, दुर्गेश्वरी कुमेटी और डिपी सिंह ने स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। खेल विशेषज्ञों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार मलखंब प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का प्रदर्शन तकनीकी रूप से बेहद मजबूत और संतुलित रहा, जिसने निर्णायकों और दर्शकों दोनों को प्रभावित किया। इस सफलता के पीछे कोच मनोज प्रसाद का मार्गदर्शन सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा। उनके अनुशासन, समर्पण और वर्षों की मेहनत ने इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच पर खड़ा कर दिया। पूरे आयोजन के दौरान रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा खेल भावना से सराबोर नजर आए। 10 दिनों तक चले इस महाकुंभ में 30 राज्यों के करीब 3800 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ ने कुल 19 पदक— 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य जीतकर पदक तालिका में 9वां स्थान हासिल किया। हालांकि, सरगुजा में आयोजित मलखंब प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का दबदबा सबसे अलग नजर आया… जहां अबूझमाड़ के खिलाड़ियों ने अपनी कला से पूरे देश को प्रभावित किया। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा— "बस्तर और सरगुजा के प्रतिभावान युवाओं ने मलखंब में अद्भुत प्रदर्शन किया है… यह सिर्फ खेल नहीं, हमारी संस्कृति का गौरव है।" उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इन प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर और ओलंपिक तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अबूझमाड़ जो कभी नक्सल प्रभाव और दुर्गमता के लिए जाना जाता था आज वही क्षेत्र देश को प्रतिभा, संघर्ष और सफलता की नई कहानी सुना रहा है। मलखंब में छत्तीसगढ़ की यह जीत सिर्फ पदकों तक सीमित नहीं है, यह जीत है आत्मविश्वास की, अवसर की, और उस बदलाव की, जो बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ रहा है। अगर इसी तरह प्रशिक्षण, संसाधन और समर्थन मिलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब अबूझमाड़ के ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराते नजर आएंगे।1
- डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जोगीभाट में शीतला मंदिर में आयोजित एक ग्रामीण बैठक उस वक्त खूनी संघर्ष में बदल गई, जब मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में 20 वर्षीय युवक कुणाल देशमुख की निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर ही मुख्य आरोपी सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 2 अप्रैल 2026 की रात करीब 10 बजे गांव के शीतला मंदिर में ग्रामीणों की बैठक चल रही थी। बैठक में गांव की समस्याओं और मंदिर में ताला लगाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान बातचीत विवाद में बदल गई और कुछ ग्रामीणों ने उपसरपंच डोमेन्द्र देशमुख के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने एकजुट होकर हमला कर दिया। इसी बीच अपने चाचा को बचाने पहुंचे कुणाल देशमुख पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया गया। चाकू से ताबड़तोड़ हमला, मौके पर मची अफरा-तफरी मुख्य आरोपी सोहन कुमार साहू ने अपने पास रखे धारदार चाकू से कुणाल देशमुख के सीने और पेट पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन तत्काल उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।1
- *_"Glorious 4th Week"_* *"Dhurandhar The Revenge (Part 2)"* *12.00 PM, 04.15 PM, 08.45 PM* *_Daimond=150/- & Gold=100/-_* *RAJ TALKIES RAIPUR* ☎️- 0771-2229223 *_Book Online Ticket from Book My Show_* https://in.bookmyshow.com/cinemas/raipur/raj-talkies-raipur/buytickets/RTSR/20251207 *_हमारे व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ने के लिए नीचे दिए लिंक में क्लिक करे। किसी और को जोड़ने के लिए यह लिंक उन्हें भेजे🙏_* https://chat.whatsapp.com/BPpMQLgJrtjDsPO4VHm0i8?mode=hqrt31
- द बिरनपुर फाइल्स एक छत्तीसगढ़ी फिल्म है, जो 2023 में बेमेतरा जिले के बिरनपुर में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर आधारित है। इस हिंसा में विधायक ईश्वर साहू के बेटे भुनेश्वर साहू की मौत हो गई थी। फिल्म का उद्देश्य इस घटना के पीछे की सच्चाई को उजागर करना और समाज में संदेश देना है कि सत्य की जीत होती है । फिल्म के निर्माता हेमलाल चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने इस फिल्म को बनाने के लिए विधायक ईश्वर साहू और उनके परिवार से अनुमति ली थी। फिल्म में मुख्य भूमिका बालोद जिले के प्रतिभाशाली अभिनेता पवन गांधी ने निभाई है, जो विधायक ईश्वर साहू का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म की रिलीज से पहले ही विवाद हो गया था, और फिल्म के कलाकारों और निर्देशक को धमकियां मिली थीं। लेकिन फिल्म 3 अप्रैल 2026 को रिलीज हो गई है, और इसे 16 वर्ष से अधिक आयु के दर्शकों के लिए ही प्रदर्शित किया जा रहा है ।1
- Post by Rani Kasyap1
- छेरकापुर। क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले युवक को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी घटना के समय पूरी तरह शराब के नशे में था और हाथ में तलवार व सब्बल लेकर गली-गली घूमते हुए लोगों को डराता-धमकाता रहा। ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी ने गांव के एक युवक के साथ मारपीट की और महिलाओं के साथ गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद गांव में भय का माहौल बन गया था और खासकर महिलाएं व बच्चे सहमे हुए थे। घटना से आक्रोशित ग्रामीण **शुक्रवार रात पलारी थाना पहुंचे थे**। सरपंच पंकज साहू के नेतृत्व में सुकबती साहू, सोहद्रा साहू, आशा साहू, रेणुका यादव, दुकलहीन साहू, कोमल साहू, दीपक, देवानंद, ओमप्रकाश फेकर, मंतराम साहू सहित करीब 25-30 लोगों ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह नशे की हालत में वारदात को अंजाम दे रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।2
- बालोद में रौंद दिया ट्राला ने! NH-930 पर ट्रक की ठोकर से 20 वर्षीय बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक और सड़क हादसा ने परिवार को रोने पर मजबूर कर दिया है। कुसुमकसा NH-930 मुख्य मार्ग पर ग्राम गुजरा के पास ट्राला वाहन की जोरदार ठोकर से बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 20 वर्षीय भूपेंद्र कुमार भुआर्य के रूप में हुई है, जो ग्राम भैंसबोड़ का निवासी था। हादसा इतना भीषण था कि युवक की जान बचाने का कोई मौका ही नहीं मिल सका। धटना के बाद ट्राला चालक वाहन लेकर फरार हो गया, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। कोतवाली थाना बालोद की पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और फरार चालक की तलाश तेज कर दी गई है। “सड़कें मौत का खेल बनती जा रही हैं। परिवार की उम्मीदें, सपने और एक जवान जीवन पल भर में खत्म… भूपेंद्र जैसे युवाओं की मौत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं? प्रशासन से अपील- ऐसे फरार चालकों पर सख्त कार्रवाई हो और NH-930 जैसे व्यस्त मार्गों पर गश्त बढ़ाई जाए, ताकि मासूम जिंदगियां बच सकें।” द छत्तीसगढ़ हमेशा की तरह आपके साथ है। ऐसे हादसों पर नजर रखे हुए हैं। अगर आपके पास इस मामले से जुड़ी कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस या हमारे चैनल से संपर्क करें। सड़क पर चलते वक्त सावधानी बरतें… जिंदगी एक बार मिलती है!1
- नारायणपुर जिले के दूरस्थ ग्राम बेनूर में आयोजित ओरमाखाईन माता मेले ने इस बार आस्था के साथ-साथ विकास का भी नया अध्याय लिख दिया। प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने यहां 10 करोड़ 51 लाख से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन कर क्षेत्र को बड़ी सौगात दी।1
- जोगीभाट गांव में मंदिर से जुड़े मुद्दे पर बुलाई गई एक साधारण बैठक ने अचानक ऐसा खौफनाक मोड़ ले लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। गुरुवार रात चल रही इस सभा में चर्चा के बीच ही विवाद भड़क उठा और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। शुक्रवार मिली जानकारी अनुसार बैठक के दौरान उपसरपंच डोमेंद्र देशमुख। —जो मृतक कुणाल देशमुख के चाचा हैं—और गांव के कुछ लोगों के बीच कहासुनी शुरू हुई। बात इतनी बढ़ी कि विवाद हाथापाई में बदल गया। इसी बीच 20 वर्षीय कुणाल देशमुख अपने चाचा को बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचा। लेकिन हालात बेकाबू हो चुके थे। विवाद में शामिल कुछ लोगों ने कुणाल पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।1