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उत्तराखंड: बदला मौसम, 14 मार्च तक बारिश बर्फबारी का अलर्ट
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उत्तराखंड: बदला मौसम, 14 मार्च तक बारिश बर्फबारी का अलर्ट
More news from उत्तराखंड and nearby areas
- चंपावत:*मां पूर्णागिरि मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम,1
- चम्पावत जिला कार्यालय सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं। इस दौरान कुल 83 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनके समाधान के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य शिकायतों पर जल्द कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।1
- comedy 🤣🤣🤣🤣🤣1
- अल्मोड़ा। सोमेश्वर क्षेत्र के रनमन के पास कोसी नदी में नहाने के दौरान एक युवक गहरे पानी में डूब गया। स्थानीय लोगों ने युवक को नदी से बाहर निकालकर निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान गोकुल नेगी (20) पुत्र हेम सिंह, निवासी ग्राम उटिया थाना धौलछीना के रूप में हुई है। बताया गया है कि वह बीएसएनएल में फाइबर लाइन बिछाने का काम करता था। मंगलवार को वह अपने तीन अन्य साथियों के साथ रनमन के पास कोसी नदी में नहाने गया था। बताया जा रहा है कि गोकुल नदी में नहाते समय गहरे पानी की ओर चला गया, जबकि उसके अन्य तीन साथी तैरना नहीं जानते थे और नदी किनारे ही नहा रहे थे। इसी दौरान गोकुल अचानक गहरे पानी में डूबने लगा। साथियों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी प्रयासों के बाद युवक को नदी के गहरे पानी से बाहर निकाला। इसके बाद उसे निजी वाहन से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यदि साथियों को तैरना आता तो संभवतः युवक को बचाया जा सकता था, लेकिन जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे तब तक काफी देर हो चुकी थी।1
- Post by नवीन चन्द्र आर्य1
- अगर हम सोच रहे हैं कि धरती एक सुरक्षित ग्रह है तो यह गलतफहमी मन मस्तिष्क से निकाल दीजिए। वर्तमान भले ही सुरक्षित नजर आ रहा हो, लेकिन भविष्य की गारंटी नहीं की जा सकती है। जल, थल और नभ को लेकर पृथ्वी का अस्तित्व है और अतीत में इन्हीं तीन क्षेत्रों में कुछ कुछ ऐसा घटा है, जब पृथ्वी तबाह हुई है। एक ऐसी ही खतरनाक घटना की खोज हुई है। यह घटना ब्राज़ील की तबाही की है। जिसे वैज्ञानिकों ने हाल ही खोजा है। 63 लाख साल पहले ब्राज़ील के इलाके में एक बड़ा क्षुद्रग्रह (Asteroid) टकराया था। यह इतना भयंकर टकराव था कि इस टक्कर से पिघला देने वाली गर्मी के साथ इतना दबाव पैदा हुआ कि चट्टानें बर्फ की तरह पिघल गईं। साथ ही पिघलती चट्टानें हवा में उछलने लगीं और ठंडी होकर कांच जैसी (glass) की छोटी-छोटी बूंदों या टुकड़ों में बदल गईं। इन tektites कहते हैं। tektites को हिंदी में काचाभ उल्काश्म या प्राकृतिक काँच के पिंड कहा जाता है। प्राकृतिक काँच के ये टुकड़े ब्राजील पहले कभी नहीं देखे गए थे, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने पहली बार खोज निकाले हैं। यह एक विशाल क्षेत्र है। यह देखकर हैरानी होती है कि यह क्षेत्र 900 किमी क्षेत्र में फैला हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह एस्ट्रॉयड कितना बड़ा रहा होगा। जिसने 900 किमी भूभाग को तबाही में बदल दिया। वैज्ञानिकों ने अब तक 600 से ज्यादा प्राकृतिक कांच के टुकड़े ढूंढ निकाले हैं, जो आकार में छोटी छोटी बूंद, गोले या डंबल जैसी शक्ल में बने हुए हैं।1
- उत्तराखंड खेड़ा में अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन पर नहीं मिलेगी नमाज पढ़ने की परमिशन — रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा बोले, नमाज के लिए मुस्लिम समाज खुद करें वैकल्पिक व्यवस्था।1
- चम्पावत:*टनकपुर व पूर्णागिरि क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान1