उत्तर प्रदेश के हरपालपुर विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुर्चा रामनगर में विकास कार्यों में हुए घपलेबाजी की जांच के दौरान एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। भ्रष्टाचार पर सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के दावों के बावजूद, ग्राम प्रधान पति और उनके समर्थकों ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति की परवाह न करते हुए शिकायतकर्ताओं को खुलेआम गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। यह मामला तब प्रकाश में आया, जब मुर्चा रामनगर ग्राम पंचायत में भारी वित्तीय अनियमितताओं और घपलेबाजी की शिकायतों के बाद एक जांच टीम जमीनी हकीकत जानने पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जांच शुरू होते ही प्रधान पक्ष के हौसले बुलंद हो गए। ग्राम प्रधान पति और उनके दर्जनों समर्थकों ने शिकायतकर्ताओं को घेर लिया और अपनी कमियां उजागर होने के डर से बौखलाकर, अधिकारियों के सामने ही भद्दी-भद्दी गालियां दीं और अंजाम भुगतने की धमकी देना शुरू कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि इस पूरी गुंडागर्दी के दौरान जांच टीम के अधिकारी मूकदर्शक बने रहे, जिससे पीड़ित शिकायतकर्ताओं और उनके परिवारों में दहशत का माहौल है। भ्रष्टाचार और मौके पर मिली इस खुली धमकी के बाद, पीड़ित शिकायतकर्ताओं ने न्याय की गुहार लगाते हुए सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) को एक शिकायती पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने अपनी और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों के सामने अभद्रता और धमकी देने वाले ग्राम प्रधान पति व उनके समर्थकों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने और ग्राम पंचायत में हुए घपलेबाजी की निष्पक्ष जांच कराकर सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों का पर्दाफाश करने की भी मांग की है। अब यह देखना अहम होगा कि कानून को ठेंगे पर रखने वाले ऐसे दबंग जनप्रतिनिधि पतियों पर पुलिस प्रशासन क्या सख्त कार्रवाई करता है, या फिर 'सैंया भए कोतवाल, अब डर काहे का' का यह खेल यूं ही चलता रहेगा, जैसा कि कहावत बताती है।
उत्तर प्रदेश के हरपालपुर विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुर्चा रामनगर में विकास कार्यों में हुए घपलेबाजी की जांच के दौरान एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। भ्रष्टाचार पर सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के दावों के बावजूद, ग्राम प्रधान पति और उनके समर्थकों ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति की परवाह न करते हुए शिकायतकर्ताओं को खुलेआम गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। यह मामला तब प्रकाश में आया, जब मुर्चा रामनगर ग्राम पंचायत में भारी वित्तीय अनियमितताओं और घपलेबाजी की शिकायतों के बाद एक जांच टीम जमीनी हकीकत जानने पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जांच शुरू होते ही प्रधान पक्ष के हौसले बुलंद हो गए। ग्राम प्रधान पति और उनके दर्जनों समर्थकों ने शिकायतकर्ताओं को घेर लिया और अपनी कमियां उजागर होने के डर से बौखलाकर, अधिकारियों के सामने ही भद्दी-भद्दी गालियां दीं और अंजाम भुगतने की धमकी देना शुरू कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि इस
पूरी गुंडागर्दी के दौरान जांच टीम के अधिकारी मूकदर्शक बने रहे, जिससे पीड़ित शिकायतकर्ताओं और उनके परिवारों में दहशत का माहौल है। भ्रष्टाचार और मौके पर मिली इस खुली धमकी के बाद, पीड़ित शिकायतकर्ताओं ने न्याय की गुहार लगाते हुए सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) को एक शिकायती पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने अपनी और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों के सामने अभद्रता और धमकी देने वाले ग्राम प्रधान पति व उनके समर्थकों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने और ग्राम पंचायत में हुए घपलेबाजी की निष्पक्ष जांच कराकर सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों का पर्दाफाश करने की भी मांग की है। अब यह देखना अहम होगा कि कानून को ठेंगे पर रखने वाले ऐसे दबंग जनप्रतिनिधि पतियों पर पुलिस प्रशासन क्या सख्त कार्रवाई करता है, या फिर 'सैंया भए कोतवाल, अब डर काहे का' का यह खेल यूं ही चलता रहेगा, जैसा कि कहावत बताती है।
- एक रास्ते को साफ कराने की तत्काल आवश्यकता महसूस की जा रही है, क्योंकि उस पर विभिन्न वस्तुएं पड़ी हुई हैं। शिकायत है कि इस समस्या पर कोई भी जिम्मेदार पक्ष किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिसके कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर में चेन स्नैचिंग के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद भी, ये अपराधी पुलिस की मौजूदगी में बेखौफ अंदाज़ में अपनी मूंछों पर ताव देते हुए दिखाई दिए। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के हरपालपुर विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुर्चा रामनगर में विकास कार्यों में हुए घपलेबाजी की जांच के दौरान एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। भ्रष्टाचार पर सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के दावों के बावजूद, ग्राम प्रधान पति और उनके समर्थकों ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति की परवाह न करते हुए शिकायतकर्ताओं को खुलेआम गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। यह मामला तब प्रकाश में आया, जब मुर्चा रामनगर ग्राम पंचायत में भारी वित्तीय अनियमितताओं और घपलेबाजी की शिकायतों के बाद एक जांच टीम जमीनी हकीकत जानने पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जांच शुरू होते ही प्रधान पक्ष के हौसले बुलंद हो गए। ग्राम प्रधान पति और उनके दर्जनों समर्थकों ने शिकायतकर्ताओं को घेर लिया और अपनी कमियां उजागर होने के डर से बौखलाकर, अधिकारियों के सामने ही भद्दी-भद्दी गालियां दीं और अंजाम भुगतने की धमकी देना शुरू कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि इस पूरी गुंडागर्दी के दौरान जांच टीम के अधिकारी मूकदर्शक बने रहे, जिससे पीड़ित शिकायतकर्ताओं और उनके परिवारों में दहशत का माहौल है। भ्रष्टाचार और मौके पर मिली इस खुली धमकी के बाद, पीड़ित शिकायतकर्ताओं ने न्याय की गुहार लगाते हुए सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) को एक शिकायती पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने अपनी और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों के सामने अभद्रता और धमकी देने वाले ग्राम प्रधान पति व उनके समर्थकों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने और ग्राम पंचायत में हुए घपलेबाजी की निष्पक्ष जांच कराकर सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों का पर्दाफाश करने की भी मांग की है। अब यह देखना अहम होगा कि कानून को ठेंगे पर रखने वाले ऐसे दबंग जनप्रतिनिधि पतियों पर पुलिस प्रशासन क्या सख्त कार्रवाई करता है, या फिर 'सैंया भए कोतवाल, अब डर काहे का' का यह खेल यूं ही चलता रहेगा, जैसा कि कहावत बताती है।2
- फर्रुखाबाद जिले के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को उचित उपचार के बजाय लगातार रेफर किए जाने के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। महिला कांग्रेस की वरिष्ठ कार्यकर्ता अर्चना राठौर ने आरोप लगाया कि बार-बार मांग के बावजूद लोहिया अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को उपचार के लिए अन्य जनपदों के अस्पतालों में जाना पड़ता है। उन्होंने अस्पताल में ऐसी व्यवस्थाएँ स्थापित करने की माँग की जिससे मरीजों को रेफर करने की बजाय समय पर समुचित उपचार मिल सके। राठौर ने यह भी कहा कि अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ नहीं मिल पा रही हैं; गंभीर मरीजों को अक्सर इमरजेंसी से ही रेफर कर दिया जाता है। उन्होंने गरीब परिवारों की आर्थिक तंगी का जिक्र किया, जिसके कारण वे मरीजों को दूसरे शहर नहीं ले जा पाते और मजबूरन घर वापस ले जाना पड़ता है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि चिकित्सक अस्पताल की दवाएँ लिखने के बजाय बाहर के मेडिकल स्टोरों की दवाएँ लिख रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने लोहिया अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर, एक्स-रे, सीटी स्कैन, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू जैसी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की माँग की ताकि गरीब मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। साथ ही, उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों को निःशुल्क दवाएँ उपलब्ध कराने की भी मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि शासन-प्रशासन और जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा कई बार अस्पताल का निरीक्षण किए जाने के बावजूद व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में स्थायी विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति किए जाने पर जोर दिया। इस प्रदर्शन में प्रदेश सचिव अर्चना राठौर, जिलाध्यक्ष पीयूष सिंह, राजेश कुमार राठौर, जिला महासचिव उस्मान खान, सर्वेंद्र सिंह, शुभम तिवारी सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश भारतीय बजरंग दल के प्रदेश विधि प्रमुख पुष्कर व्रत अग्निहोत्री जी को फर्रुखाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके साथ 35 से 36 अन्य कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद सभी को थाने तहसील के लिए रवाना कर दिया गया।1
- ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार के अवसर पर पाली में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे का आयोजन मुलचंद बाजपेई द्वारा कराया गया, जिसका शुभारंभ सौरभ मिश्रा ने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर किया।1
- स्थानीय नाले की सफाई पिछले दो महीने से नहीं हुई है।1
- अधिक मास के कारण गिरिराज परिक्रमा में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है, जिसमें 5 लाख से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान श्रद्धालु 'गिरिराज महाराज' के जयकारे लगाते हुए भक्ति में पूरी तरह से डूबे हुए दिखाई दिए। कुछ श्रद्धालुओं से हुई बातचीत में पता चला कि वे एक महीने तक 84 कोस ब्रज यात्रा पूरी करने के बाद विशेष रूप से गिरिराज महाराज की परिक्रमा करने के लिए यहाँ पहुँचे हैं। सभी भक्तों ने 'गिरिराज महाराज' के जयकारों के साथ अपनी परिक्रमा शुरू की।1