दहशत में विधायक कहीं आजम जैसा हाल ना हो जाए इसलिए :खामोश कल ईद का दिन था। ईद-उल-फितर का मुबारक दिन। वो दिन जब मोमिन दिल अल्लाह की रहमतों से सरशार होते हैं, जब गरीब से गरीब इंसान भी खुशियों के लिबास में लिपटा होता है। लेकिन कल ईदगाह के बाहर जो मंजर देखने को मिला, वो हर उस इंसान के जज़्बात को लहूलुहान करने के लिए काफी था, जिसके सीने में जरा सी भी हयात है। लोग, हमारे भाई, हमारे बाप, हमारे बेटे—सजदे में जाने के लिए, अपने रब से मिलने के लिए ईदगाह की तरफ रवाना हुए। उनके दिलों में ईमान का नूर था, उनकी आँखों में ईद की चमक थी। मगर जैसे ही वो ईदगाह के बाहर सजदागाह बनाकर खड़े हुए, उन्हें रोक दिया गया। पुलिस ने रोका। एक मुसलमान को उसकी नमाज़ से रोका गया। ये सिर्फ नमाज़ रोकने का मामला नहीं है, ये किसी की रूह से उसकी पहचान छीनने की कोशिश है। जब एक मोमिन अल्लाहु अकबर कहता है, तो दुनिया की हर ताकत उसके सामने बेमानी हो जाती है। लेकिन यहाँ तो मानो हुकूमत की सर्दारियाँ ही खुदा बन बैठी हैं। और इस सबके दरमियान... सदर विधायक साहब! वो जिनके लिए अमरोहा कि अवाम ने वोट दिए, जिनके हाथों पर अपनी जान की हिफाजत की उम्मीद लगाई थी, जिनसे अमरोहा कि अवाम ने सोचा था कि मुसीबत की घड़ी में वो अमरोहा कि आवाज़ बनेंगे......... ज़ब अमरोहा कि अवाम को ईदगाह के बाहर रोका गया तब सदर विधायक साहब वहाँ अपने कैंप मै मौजूद थे वो खामोश थे ! मानो उनकी जुबान पर किसी ने ताला लगा दिया हो। एक विधायक को उस वक्त क्या कहना चाहिए? उसे कहना चाहिए था—"मेरी जनता नमाज़ पढ़ रही है, उसे रोकने वाला अगर कोई है, तो पहले मुझसे टकराए!" लेकिन उनकी खामोशी ने आज हमें दो-तरफा कर दिया। एक तरफ पुलिस की सख्ती, दूसरी तरफ अपने ही नुमाइंदे की चुप्पी। ऐसे वक़्त पर ज़ब ज़ब अमरोहा कि अवाम को ज़रूरत पढ़ी है जैसे CAA-NRC मै सदर विधायक साहब गायब थे अमरोहा कि अवाम को ज़ब ज़ब सदर विधायक साहब कि ज़रूरत पढ़ी है तब तब सदर विधायक साहब ने इसी तरह कि चुप्पी साध के गायब हो लिए है यह वीडियो इस बात का सबूत है कि एक सदर विधायक के मौजूद होते हुए यह सब होने पर अवाम का गुस्सा होना लाजिम है ईद मुबारक, लेकिन हक के लिए आवाज़ उठाना भी ईद की सुन्नत है। इमरान पाशा
दहशत में विधायक कहीं आजम जैसा हाल ना हो जाए इसलिए :खामोश कल ईद का दिन था। ईद-उल-फितर का मुबारक दिन। वो दिन जब मोमिन दिल अल्लाह की रहमतों से सरशार होते हैं, जब गरीब से गरीब इंसान भी खुशियों के लिबास में लिपटा होता है। लेकिन कल ईदगाह के बाहर जो मंजर देखने को मिला, वो हर उस इंसान के जज़्बात को लहूलुहान करने के लिए काफी था, जिसके सीने में जरा सी भी हयात है। लोग, हमारे भाई, हमारे बाप, हमारे बेटे—सजदे में जाने के लिए, अपने रब से मिलने के लिए ईदगाह की तरफ रवाना हुए। उनके दिलों में ईमान का नूर था, उनकी आँखों में ईद की चमक थी। मगर जैसे ही वो ईदगाह के बाहर सजदागाह बनाकर खड़े हुए, उन्हें रोक दिया गया। पुलिस ने रोका। एक मुसलमान को उसकी नमाज़ से रोका गया। ये सिर्फ नमाज़ रोकने का मामला नहीं है, ये किसी की रूह से उसकी पहचान छीनने की कोशिश है। जब एक मोमिन अल्लाहु अकबर कहता है, तो दुनिया की हर ताकत उसके सामने बेमानी हो जाती है। लेकिन यहाँ तो मानो हुकूमत की सर्दारियाँ ही खुदा बन बैठी हैं। और इस सबके दरमियान... सदर विधायक साहब! वो जिनके लिए अमरोहा कि अवाम ने वोट दिए, जिनके हाथों पर अपनी जान की हिफाजत की उम्मीद लगाई थी, जिनसे अमरोहा कि अवाम ने सोचा था कि मुसीबत की घड़ी में वो अमरोहा कि आवाज़ बनेंगे......... ज़ब अमरोहा कि अवाम को ईदगाह के बाहर रोका गया तब सदर विधायक साहब वहाँ अपने कैंप मै मौजूद थे वो खामोश थे ! मानो उनकी जुबान पर किसी ने ताला लगा दिया हो। एक विधायक को उस वक्त क्या कहना चाहिए? उसे कहना चाहिए था—"मेरी जनता नमाज़ पढ़ रही है, उसे रोकने वाला अगर कोई है, तो पहले मुझसे टकराए!" लेकिन उनकी खामोशी ने आज हमें दो-तरफा कर दिया। एक तरफ पुलिस की सख्ती, दूसरी तरफ अपने ही नुमाइंदे की चुप्पी। ऐसे वक़्त पर ज़ब ज़ब अमरोहा कि अवाम को ज़रूरत पढ़ी है जैसे CAA-NRC मै सदर विधायक साहब गायब थे अमरोहा कि अवाम को ज़ब ज़ब सदर विधायक साहब कि ज़रूरत पढ़ी है तब तब सदर विधायक साहब ने इसी तरह कि चुप्पी साध के गायब हो लिए है यह वीडियो इस बात का सबूत है कि एक सदर विधायक के मौजूद होते हुए यह सब होने पर अवाम का गुस्सा होना लाजिम है ईद मुबारक, लेकिन हक के लिए आवाज़ उठाना भी ईद की सुन्नत है। इमरान पाशा
- Post by India News1
- Post by Jpn7 News1
- अमरोहा जनपद के नौगावां सादात थाना क्षेत्र के नया गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब ईख के खेत में तेंदुए के शावक मिलने की खबर फैली। सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और इलाके में दहशत का माहौल बन गया। मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। टीम ने सावधानी बरतते हुए शावकों को अपने कब्जे में ले लिया है। वन अधिकारियों के मुताबिक आसपास मादा तेंदुए की मौजूदगी की आशंका भी जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तेंदुए की दहशत बनी हुई है और हमलों की घटनाओं के डर से ग्रामीणों में डर का माहौल है। हालात को देखते हुए वन विभाग ने कई स्थानों पर पिंजरे लगाए हैं और जल्द ही तेंदुए को पकड़ने का दावा किया है1
- यूपी के प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र के चंदापुर में स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज सोमवार दोपहर अचानक ढह गया, जिसमें अमोनिया गैस के रिसाव के कारण दीवार फटने और ब्लास्ट होने से कई मजदूर मलबे में फंस गए।** हादसे के वक्त एक मजदूर पानी पीने बाहर गया था, जिसने पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार को बताया, “जैसे ही मैं अंदर गया देखा एक दीवार फट रहा, गैस निकल रही, तभी मैं बाहर भागने लगा, गैस से कुछ दिख ही नहीं रहा था, एक ब्लास्ट हुआ और सब गिर गया। उस वक्त अंदर बहुत लोग थे, सब फंस गए।” पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई है।1
- Post by Aaina24news@gmail.com (Niraj Bhatnagar)1
- Post by वसीम खान संपादक1
- मुरादाबाद में मिशन शक्ति अभियान 5.0 के द्वितीय चरण के तहत 23 मार्च 2026 को पुलिस विभाग द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर स्कूटी रैली का आयोजन किया गया, जिसे पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आकाश सिंह ने पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस रैली का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना रहा, जिसमें शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए लोगों को महिला सुरक्षा, हेल्पलाइन सेवाओं 1090, 181, 112 और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने, महिला बीट पुलिसिंग को मजबूत करने और एंटी रोमियो स्क्वॉड की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया, वहीं सभी थानों पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन अभिनव द्विवेदी, सीओ कटघर अपराध वरण कुमार, सीओ हाईवे कुलदीप कुमार गुप्ता सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे और इस रैली को समाज में महिला सम्मान व सुरक्षा के संदेश के रूप में महत्वपूर्ण बताया गया।1
- अमरोहा जनपद के जोया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में कार्यरत कर्मचारी अंकुर की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतक की पत्नी गरिमा ने न्याय की गुहार लगाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। गरिमा का कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह भी आत्महत्या करने को मजबूर होंगी। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि मामले में नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं की गई है, जिससे परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है। बताया जा रहा है कि अंकुर ने 25 फरवरी को कथित प्रताड़ना से परेशान होकर सीएचसी जोया परिसर में ही आत्महत्या कर ली थी। यह मामला अमरोहा के डिडौली कोतवाली क्षेत्र का है। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की मांग को लेकर प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की अपील कर रहा है। वहीं, पुलिस पर इस मामले में लापरवाही के आरोप भी लग रहे हैं।1