अयोध्या के बीकापुर तहसील क्षेत्र में जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। एक पीड़ित किसान ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसकी खतौनी में दर्ज रकबा वास्तविक भूमि से कम होने के बावजूद प्रशासन जबरन उसकी खड़ी फसल के बीच से चकमार्ग निकलवाने का दबाव बना रहा है। किसान ने जिला प्रशासन पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ग्राम पातूपुर निवासी शीतला प्रसाद के अनुसार, उनकी खतौनी के गाटा संख्या 1763 एवं 1787 में कुल 192.197 रकबा दर्ज है, लेकिन नक्शा छोटा होने के कारण उन्हें पहले से ही लगभग 60 ईयर भूमि कम मिल रही है। इसके बावजूद प्रशासन उनकी जमीन से चकमार्ग निकालने की कार्रवाई कर रहा है। पीड़ित का आरोप है कि जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात कार्यदिवस अधिकारी रामअचल भारती अपने पद का दुरुपयोग करते हुए तहसील प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। किसान ने नक्शा दुरुस्तीकरण के लिए सीआरओ न्यायालय में वाद संख्या 1721/2026 दाखिल कर रखा है, और मामला लंबित होने के बावजूद चकमार्ग बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि तहसील प्रशासन इस पूरे मामले में जिम्मेदारी लेने से बच रहा है और कह रहा है कि "खतौनी में रकबा कम है या ज्यादा, इससे प्रशासन का कोई सरोकार नहीं।" पीड़ित किसान ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, पहले उनकी वास्तविक भूमि का निर्धारण किया जाए, और उसके बाद ही चकमार्ग का निर्माण किया जाए। साथ ही, जांच पूरी होने तक चकमार्ग निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई है। यह मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली और किसानों के अधिकारों को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह प्रशासन की निष्पक्षता और राजस्व व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न होगा। फिलहाल, इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अयोध्या के बीकापुर तहसील क्षेत्र में जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। एक पीड़ित किसान ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसकी खतौनी में दर्ज रकबा वास्तविक भूमि से कम होने के बावजूद प्रशासन जबरन उसकी खड़ी फसल के बीच से चकमार्ग निकलवाने का दबाव बना रहा है। किसान ने जिला प्रशासन पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ग्राम पातूपुर निवासी शीतला प्रसाद के अनुसार, उनकी खतौनी के गाटा संख्या 1763 एवं 1787 में कुल 192.197 रकबा दर्ज है, लेकिन नक्शा छोटा होने के कारण उन्हें पहले से ही लगभग 60 ईयर भूमि कम मिल रही है। इसके बावजूद प्रशासन उनकी जमीन से चकमार्ग निकालने की कार्रवाई कर रहा है। पीड़ित का आरोप है कि जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात कार्यदिवस अधिकारी रामअचल भारती अपने पद का दुरुपयोग करते हुए तहसील प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। किसान ने नक्शा दुरुस्तीकरण के लिए सीआरओ न्यायालय में वाद संख्या 1721/2026 दाखिल कर रखा है, और मामला लंबित होने के बावजूद चकमार्ग बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि तहसील प्रशासन इस पूरे मामले में जिम्मेदारी लेने से बच रहा है और कह रहा है कि "खतौनी में रकबा कम है या ज्यादा, इससे प्रशासन का कोई सरोकार नहीं।" पीड़ित किसान ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, पहले उनकी वास्तविक भूमि का निर्धारण किया जाए, और उसके बाद ही चकमार्ग का निर्माण किया जाए। साथ ही, जांच पूरी होने तक चकमार्ग निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई है। यह मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली और किसानों के अधिकारों को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह प्रशासन की निष्पक्षता और राजस्व व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न होगा। फिलहाल, इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
- रामनगरी अयोध्या में हाल ही में राजनीतिक हलचल देखने को मिली है, जहाँ आम आदमी पार्टी (आप) ने एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में लगाए गए आरोपों और प्रदर्शनकारियों के बयानों के संबंध में विस्तृत जानकारी, साथ ही प्रदर्शन की तस्वीरें, एक वीडियो में देखने को कही गई हैं।2
- आज संपूर्ण भारतवर्ष सहित पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर, सभी देशवासियों से यह विशेष आग्रह किया गया है कि वे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए योगाभ्यास को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएँ। यह रिपोर्ट 'आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ' के लिए लाल चंद सोनी द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
- अयोध्या की बीकापुर तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर और बीकापुर विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान ने मिलकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी का सख्त रुख देखने को मिला, जहाँ उन्होंने चार अधिकारियों का वेतन रोकने और अनुपस्थित कर्मचारियों व अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्यवाही के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 350 शिकायतें पंजीकृत की गईं, जिनमें से 42 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। गौरा निवासी राजेश कुमार पाण्डेय की चकमार्ग पटाई से संबंधित शिकायत पर जिलाधिकारी ने बीकापुर के एसडीएम और तारुन के बीडीओ को सोमवार तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, शिकायतकर्ता रजत पाण्डेय की शिकायत के आधार पर एडीओ पंचायत अवधेश प्रताप सिंह का वेतन रोकने के साथ ही जांच के आदेश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, बड़नपुर निवासी मीरा देवी की शिकायत पर कार्रवाई न करने के मामले में लेखपाल राकेश सिंह, अभिषेक भारती और अतुल सिंह का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस संबंधी शिकायतों की सुनवाई करते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए, जबकि विधायक ने अधिकारियों से जनहित के मामलों को प्राथमिकता देने की बात कही। इस चिलचिलाती धूप और गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, लेकिन कई फरियादियों को जिलाधिकारी से मिल न पाने का मलाल रहा और उन्हें उपजिलाधिकारी बीकापुर को शिकायत पत्र देकर संतोष करना पड़ा। तहसील दिवस से निकलने के बाद जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने लापरवाही पर चार का वेतन रोके जाने और अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश की जानकारी दी।3
- अयोध्या के कैंट थाना क्षेत्र स्थित माझा जमथरा में अवैध मिट्टी खनन का खेल खुलेआम जारी होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन माफिया दिनदहाड़े और रात-दिन जेसीबी और डंपरों के जरिए बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन कर रहे हैं, जिससे माझा जमथरा का सीना चीरा जा रहा है। आरोपों के अनुसार, जिम्मेदार विभाग इस पर आँखें मूंदे बैठा है और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नजूल विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के बावजूद अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता पूछ रही है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध खनन चल रहा है और खनन माफियाओं को किसका राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। लोगों का यह भी सवाल है कि सरकारी भूमि और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वालों पर कार्रवाई कब होगी, और कौन ईमानदार प्रशासनिक छवि वाले जिलाधिकारी व एसएसपी को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है? स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो माझा क्षेत्र का भूगोल ही बदल जाएगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और खनन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस अवैध खनन के खेल पर कब लगाम लगती है।1
- अयोध्या जिले के हैरिंग्टनगंज में थाना कोतवाली इनायतनगर क्षेत्र की सागर पट्टी ग्राम पंचायत के पूरे पहाड़ीपुर गांव में नाली के विवाद को लेकर एक महिला से मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर दो लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव निवासी शंकुतला पत्नी देव नारायण ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि सुबह करीब 6:30 बजे विनय कुमार पुत्र स्वर्गीय जगत नारायण और रोशनी पत्नी जगत नारायण लाठी-डंडा लेकर आए और गाली-गलौज करते हुए उनसे मारपीट करने लगे। पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद कथित आरोपित उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। शंकुतला ने बताया कि मारपीट में उन्हें शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक के निर्देश पर उपनिरीक्षक राणा दिग्विजय सिंह को विवेचना सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- आम आदमी पार्टी ने चंपत राय के विरोध में एक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने आम आदमी पार्टी द्वारा दिया गया ज्ञापन स्वीकार कर लिया।1
- अयोध्या के बीकापुर तहसील क्षेत्र में जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। एक पीड़ित किसान ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसकी खतौनी में दर्ज रकबा वास्तविक भूमि से कम होने के बावजूद प्रशासन जबरन उसकी खड़ी फसल के बीच से चकमार्ग निकलवाने का दबाव बना रहा है। किसान ने जिला प्रशासन पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ग्राम पातूपुर निवासी शीतला प्रसाद के अनुसार, उनकी खतौनी के गाटा संख्या 1763 एवं 1787 में कुल 192.197 रकबा दर्ज है, लेकिन नक्शा छोटा होने के कारण उन्हें पहले से ही लगभग 60 ईयर भूमि कम मिल रही है। इसके बावजूद प्रशासन उनकी जमीन से चकमार्ग निकालने की कार्रवाई कर रहा है। पीड़ित का आरोप है कि जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात कार्यदिवस अधिकारी रामअचल भारती अपने पद का दुरुपयोग करते हुए तहसील प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। किसान ने नक्शा दुरुस्तीकरण के लिए सीआरओ न्यायालय में वाद संख्या 1721/2026 दाखिल कर रखा है, और मामला लंबित होने के बावजूद चकमार्ग बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि तहसील प्रशासन इस पूरे मामले में जिम्मेदारी लेने से बच रहा है और कह रहा है कि "खतौनी में रकबा कम है या ज्यादा, इससे प्रशासन का कोई सरोकार नहीं।" पीड़ित किसान ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, पहले उनकी वास्तविक भूमि का निर्धारण किया जाए, और उसके बाद ही चकमार्ग का निर्माण किया जाए। साथ ही, जांच पूरी होने तक चकमार्ग निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई है। यह मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली और किसानों के अधिकारों को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह प्रशासन की निष्पक्षता और राजस्व व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न होगा। फिलहाल, इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- अयोध्या जनपद के रौनाही थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक दंपति पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया है। दिल्ली में रोजगार करने वाले जैनब और उनके पति अर्मान अपनी बुआ के घर अम्बरपुर, रौनाही थाना क्षेत्र में रिश्तेदारी निभाने आए थे, तभी कथित तौर पर दबंगों ने उन्हें घेरकर बेरहमी से पीटा। इस हमले में जैनब को चोटें आईं, जबकि अर्मान ने भी खुद के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। खंडासा थाना क्षेत्र के ग्राम कदई कला निवासी जैनब और अर्मान के अनुसार, टीपू उर्फ शफीक समेत अन्य लोगों ने पुरानी रंजिश को लेकर उन्हें निशाना बनाया और मारपीट शुरू कर दी। घटना के बाद दंपति रौनाही थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। रौनाही थाना प्रभारी रतन कुमार शर्मा ने बताया कि महिला को चोट आई है और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पीड़ित दंपति ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में किसी बड़ी वारदात से इंकार नहीं किया जा सकता। पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।1