गौरझामर में बैंक के चक्कर काट रहा 18 वर्ष से अधिक उम्र का दिव्यांग बालक, 4 साल बाद भी नहीं हुआ खाते का सुधार गौरझामर में बैंक के चक्कर काट रहा 18 वर्ष से अधिक उम्र का दिव्यांग बालक, 4 साल बाद भी नहीं हुआ खाते का सुधार आधार में दर्ज मोबाइल नंबर दूसरे खाताधारक के खाते से लिंक, KYC के अभाव में एक साल से रुकी विकलांग पेंशन गौरझामर। सेंट्रल बैंक शाखा गौरझामर से जुड़ा एक मामला बैंकिंग व्यवस्था और खाताधारक की परेशानियों पर सवाल खड़े कर रहा है। 18 वर्ष से अधिक उम्र का यह दिव्यांग बालक पिछले करीब चार वर्षों से अपने बैंक खाते में सुधार के लिए बैंक शाखा के चक्कर काट रहा है, लेकिन समस्या अब तक जस की तस बनी हुई है। बताया गया है कि आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर ही बैंक खाते से लिंक होना आवश्यक है, लेकिन इस बालक के मामले में आधार से संबंधित मोबाइल नंबर उसी बैंक में किसी अन्य प्रदेश के दूसरे खाताधारक के खाते से लिंक है। स्थिति यह है कि उस खाते में होने वाले लेनदेन के SMS भी इस मोबाइल नंबर पर प्राप्त हो रहे हैं। इस संबंध में वर्ष 2022 में लिखित रूप से तत्कालीन शाखा प्रबंधक को सूचना दिए जाने का दावा किया गया है, लेकिन वर्ष 2026 में भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। अब पेंशन पर पड़ा सीधा असर मामला उस समय और गंभीर हो गया जब इस बालक को मिलने वाली विकलांग पेंशन KYC पूरी नहीं होने के कारण पिछले वर्ष से रुक गई। KYC के लिए सामान्यतः दो विकल्प सामने आते हैं— 1. बायोमैट्रिक: फिंगर कैप्चर के माध्यम से 2. OTP: पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त कर प्रक्रिया पूरी करना। बालक के हाथ शारीरिक रूप से मुड़े होने के कारण बायोमैट्रिक मशीन पर फिंगर कैप्चर नहीं हो पा रहे हैं। वहीं OTP जिस मोबाइल नंबर पर आना चाहिए, वह नंबर किसी अन्य खाताधारक के खाते से लिंक होने के कारण बालक को OTP प्राप्त नहीं हो रही है। चार साल में समाधान नहीं, आखिर जवाबदारी किसकी? एक ओर दिव्यांग बालक बैंक की प्रक्रिया पूरी करने के लिए लगातार शाखा के चक्कर लगा रहा है, दूसरी ओर उसके खाते से जुड़ी तकनीकी समस्या का समाधान वर्षों से लंबित है। अब सवाल यह है कि यदि 2022 में लिखित सूचना दिए जाने के बावजूद 2026 तक बैंक खाते की स्थिति नहीं सुधरी, तो इस देरी की जवाबदारी किसकी है? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि KYC की वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद एक दिव्यांग खाताधारक को अपनी पेंशन के लिए इतने वर्षों तक बैंक के चक्कर क्यों लगाने पड़ रहे हैं? बैंक प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए खाते की मोबाइल लिंकिंग एवं KYC की समस्या का तत्काल निराकरण कर पेंशन संबंधी परेशानी दूर की जाए। GAG News | जनहित में सवाल संपादक – गौसेवक अखलेश गौरझामर
गौरझामर में बैंक के चक्कर काट रहा 18 वर्ष से अधिक उम्र का दिव्यांग बालक, 4 साल बाद भी नहीं हुआ खाते का सुधार गौरझामर में बैंक के चक्कर काट रहा 18 वर्ष से अधिक उम्र का दिव्यांग बालक, 4 साल बाद भी नहीं हुआ खाते का सुधार आधार में दर्ज मोबाइल नंबर दूसरे खाताधारक के खाते से लिंक, KYC के अभाव में एक साल से रुकी विकलांग पेंशन गौरझामर। सेंट्रल बैंक शाखा गौरझामर से जुड़ा एक मामला बैंकिंग व्यवस्था और खाताधारक की परेशानियों पर सवाल खड़े कर रहा है। 18 वर्ष से अधिक उम्र का यह दिव्यांग बालक पिछले करीब चार वर्षों से अपने बैंक खाते में सुधार के लिए बैंक शाखा के चक्कर काट रहा है, लेकिन समस्या अब तक जस की तस बनी हुई है। बताया गया है कि आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर ही बैंक खाते से लिंक होना आवश्यक है, लेकिन इस बालक के मामले में आधार से संबंधित मोबाइल नंबर उसी बैंक में किसी अन्य प्रदेश के दूसरे खाताधारक के खाते से लिंक है। स्थिति यह है कि उस खाते में होने वाले लेनदेन के SMS भी इस मोबाइल नंबर पर प्राप्त हो रहे हैं। इस संबंध में वर्ष 2022 में लिखित रूप से तत्कालीन शाखा प्रबंधक को सूचना दिए जाने का दावा किया गया है, लेकिन वर्ष 2026 में भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। अब पेंशन पर पड़ा सीधा असर मामला उस समय और गंभीर हो गया जब इस बालक को मिलने वाली विकलांग पेंशन KYC पूरी नहीं होने के कारण पिछले वर्ष से रुक गई। KYC के लिए सामान्यतः दो विकल्प सामने आते हैं— 1. बायोमैट्रिक: फिंगर कैप्चर के माध्यम से 2. OTP: पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त कर प्रक्रिया पूरी करना। बालक के हाथ शारीरिक रूप से मुड़े होने के कारण बायोमैट्रिक मशीन पर फिंगर कैप्चर नहीं हो पा रहे हैं। वहीं OTP जिस मोबाइल नंबर पर आना चाहिए, वह नंबर किसी अन्य खाताधारक के खाते से लिंक होने के कारण बालक को OTP प्राप्त नहीं हो रही है। चार साल में समाधान नहीं, आखिर जवाबदारी किसकी? एक ओर दिव्यांग बालक बैंक की प्रक्रिया पूरी करने के लिए लगातार शाखा के चक्कर लगा रहा है, दूसरी ओर उसके खाते से जुड़ी तकनीकी समस्या का समाधान वर्षों से लंबित है। अब सवाल यह है कि यदि 2022 में लिखित सूचना दिए जाने के बावजूद 2026 तक बैंक खाते की स्थिति नहीं सुधरी, तो इस देरी की जवाबदारी किसकी है? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि KYC की वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद एक दिव्यांग खाताधारक को अपनी पेंशन के लिए इतने वर्षों तक बैंक के चक्कर क्यों लगाने पड़ रहे हैं? बैंक प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए खाते की मोबाइल लिंकिंग एवं KYC की समस्या का तत्काल निराकरण कर पेंशन संबंधी परेशानी दूर की जाए। GAG News | जनहित में सवाल संपादक – गौसेवक अखलेश गौरझामर
- गौरझामर में बैंक के चक्कर काट रहा 18 वर्ष से अधिक उम्र का दिव्यांग बालक, 4 साल बाद भी नहीं हुआ खाते का सुधार गौरझामर में बैंक के चक्कर काट रहा 18 वर्ष से अधिक उम्र का दिव्यांग बालक, 4 साल बाद भी नहीं हुआ खाते का सुधार आधार में दर्ज मोबाइल नंबर दूसरे खाताधारक के खाते से लिंक, KYC के अभाव में एक साल से रुकी विकलांग पेंशन गौरझामर। सेंट्रल बैंक शाखा गौरझामर से जुड़ा एक मामला बैंकिंग व्यवस्था और खाताधारक की परेशानियों पर सवाल खड़े कर रहा है। 18 वर्ष से अधिक उम्र का यह दिव्यांग बालक पिछले करीब चार वर्षों से अपने बैंक खाते में सुधार के लिए बैंक शाखा के चक्कर काट रहा है, लेकिन समस्या अब तक जस की तस बनी हुई है। बताया गया है कि आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर ही बैंक खाते से लिंक होना आवश्यक है, लेकिन इस बालक के मामले में आधार से संबंधित मोबाइल नंबर उसी बैंक में किसी अन्य प्रदेश के दूसरे खाताधारक के खाते से लिंक है। स्थिति यह है कि उस खाते में होने वाले लेनदेन के SMS भी इस मोबाइल नंबर पर प्राप्त हो रहे हैं। इस संबंध में वर्ष 2022 में लिखित रूप से तत्कालीन शाखा प्रबंधक को सूचना दिए जाने का दावा किया गया है, लेकिन वर्ष 2026 में भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। अब पेंशन पर पड़ा सीधा असर मामला उस समय और गंभीर हो गया जब इस बालक को मिलने वाली विकलांग पेंशन KYC पूरी नहीं होने के कारण पिछले वर्ष से रुक गई। KYC के लिए सामान्यतः दो विकल्प सामने आते हैं— 1. बायोमैट्रिक: फिंगर कैप्चर के माध्यम से 2. OTP: पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त कर प्रक्रिया पूरी करना। बालक के हाथ शारीरिक रूप से मुड़े होने के कारण बायोमैट्रिक मशीन पर फिंगर कैप्चर नहीं हो पा रहे हैं। वहीं OTP जिस मोबाइल नंबर पर आना चाहिए, वह नंबर किसी अन्य खाताधारक के खाते से लिंक होने के कारण बालक को OTP प्राप्त नहीं हो रही है। चार साल में समाधान नहीं, आखिर जवाबदारी किसकी? एक ओर दिव्यांग बालक बैंक की प्रक्रिया पूरी करने के लिए लगातार शाखा के चक्कर लगा रहा है, दूसरी ओर उसके खाते से जुड़ी तकनीकी समस्या का समाधान वर्षों से लंबित है। अब सवाल यह है कि यदि 2022 में लिखित सूचना दिए जाने के बावजूद 2026 तक बैंक खाते की स्थिति नहीं सुधरी, तो इस देरी की जवाबदारी किसकी है? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि KYC की वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद एक दिव्यांग खाताधारक को अपनी पेंशन के लिए इतने वर्षों तक बैंक के चक्कर क्यों लगाने पड़ रहे हैं? बैंक प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए खाते की मोबाइल लिंकिंग एवं KYC की समस्या का तत्काल निराकरण कर पेंशन संबंधी परेशानी दूर की जाए। GAG News | जनहित में सवाल संपादक – गौसेवक अखलेश गौरझामर1
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- नरसिंहपुर जिले में तेंदूखेड़ा मंडी एवं गोटटोरिया मैं 1 सितंबर ड्राइवर दिवस मनाया और ड्राइवर को कानून व्यवस्था विधि व्यवस्था ट्रैफिक नियम और एक दूसरे को फूल मालाओं से सम्मानित किया गया राष्ट्रीय चालक दिवस संपूर्ण मध्य प्रदेश में संगठन के द्वारा मध्य प्रदेश के समस्त जिलों में बड़ी धूमधाम से मनाया गया नर्मदा पुरम पिपरिया में रघुवंशी गार्डन सिलारी चौराहा पहुंच कर कार्यक्रम का समापन किया जिसमें प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश पुरी गोस्वामी प्रदेश सचिव पतिराम दावरे जबलपुर संभाग अध्यक्ष रामकुमार यादव जबलपुर संभाग अध्यक्ष लिख राम शर्मा नरसिंहपुर जिला अध्यक्ष हनुमत कुशवाहा नर्मदा पुरम जिला अध्यक्ष राजा धाकड़ एवं समस्त टीम नरसिंहपुर जिला अधिकारी नर्मदा पुरम जिलाधिकारी सम्मिलित रहे संगठन के अधिकारियों ने बताया आजादी के 79 साल बीत जाने पर भी राष्ट्रीय चालक दिवस कैलेंडर में लागू नहीं हुआ और आज तक ड्राइवर आयोग का गठन नहीं हो पाया मध्य प्रदेश सरकार से निवेदन है इस पर जल्द से जल्द विचार कर ड्राइवर के लिए अपना जवाब अवश्य और जिसमें समस्त पत्रकार बांधों को भी संगठन के अधिकारियों ने बहुत-बहुत धन्यवाद किया जो हमारे देश के चौथे स्तंभ नर्मदा पुरम जिले में आदित्य पलिया जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और ड्राइवर जन जागरूकता एवं ड्राइवर सम्मान सभा का मान बढ़ाया जय हिंद जय भारत1
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