जायल में 132 केवी जीएसएस पर ‘एयर स्ट्राइक’ की सूचना से हड़कंप, मॉक ड्रिल में परखी प्रशासनिक तैयारियां नागौर, 23 अप्रैल। जायल उपखंड क्षेत्र में गुरुवार को 132 केवी जीएसएस पर हवाई हमले की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और आपातकालीन सेवाएं तुरंत सक्रिय हो गईं और कुछ ही मिनटों में पूरा अमला मौके पर पहुंच गया। बाद में स्पष्ट हुआ कि यह कार्रवाई एक पूर्व निर्धारित मॉक ड्रिल का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय की क्षमता को परखना था। जिला कलक्टर के निर्देश पर आयोजित इस अभ्यास में आगजनी और ब्लैक आउट जैसी परिस्थितियों को शामिल किया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बताया कि जैसे ही हमले की सूचना दी गई, पुलिस, सिविल डिफेंस, होमगार्ड, चिकित्सा दल, अग्निशमन विभाग और विद्युत विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और समन्वित तरीके से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। उपखंड अधिकारी के नेतृत्व में आग पर नियंत्रण, घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और ब्लैक आउट के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस उपाधीक्षक ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कराई। छत पर गिरे एक गंभीर घायल सहित तीन लोगों को एंबुलेंस के जरिए तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने घटनास्थल पर सुरक्षा घेरा बनाकर सभी प्रोटोकॉल का पालन किया। आगजनी की स्थिति से निपटने और विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर त्वरित बहाली की तैयारियों को भी बारीकी से परखा गया। अभ्यास के दौरान विभागों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित निर्णय क्षमता देखने को मिली। प्रशासन ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल समय-समय पर आयोजित की जाती हैं, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। आमजन से अपील की गई है कि ऐसी गतिविधियों के दौरान अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।
जायल में 132 केवी जीएसएस पर ‘एयर स्ट्राइक’ की सूचना से हड़कंप, मॉक ड्रिल में परखी प्रशासनिक तैयारियां नागौर, 23 अप्रैल। जायल उपखंड क्षेत्र में गुरुवार को 132 केवी जीएसएस पर हवाई हमले की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और आपातकालीन सेवाएं तुरंत सक्रिय हो गईं और कुछ ही मिनटों में पूरा अमला मौके पर पहुंच गया। बाद में स्पष्ट हुआ कि यह कार्रवाई एक पूर्व निर्धारित मॉक ड्रिल का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय की क्षमता को परखना था। जिला कलक्टर के निर्देश पर आयोजित इस अभ्यास में आगजनी और ब्लैक आउट जैसी परिस्थितियों को शामिल किया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बताया कि जैसे ही हमले की सूचना दी गई, पुलिस, सिविल डिफेंस, होमगार्ड, चिकित्सा दल, अग्निशमन विभाग और विद्युत विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और समन्वित तरीके से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। उपखंड अधिकारी के नेतृत्व में आग पर नियंत्रण, घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और ब्लैक आउट के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस उपाधीक्षक ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कराई। छत पर गिरे एक गंभीर घायल सहित तीन लोगों को एंबुलेंस के जरिए तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने घटनास्थल पर सुरक्षा घेरा बनाकर सभी प्रोटोकॉल का पालन किया। आगजनी की स्थिति से निपटने और विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर त्वरित बहाली की तैयारियों को भी बारीकी से परखा गया। अभ्यास के दौरान विभागों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित निर्णय क्षमता देखने को मिली। प्रशासन ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल समय-समय पर आयोजित की जाती हैं, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। आमजन से अपील की गई है कि ऐसी गतिविधियों के दौरान अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।
- रोहिसा में महादेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव: कलश यात्रा के साथ हवन, आज सुंदरकांड; कल पहुंचेंगे सांसद हनुमान बेनीवाल रोहिसा. कीरो की ढाणी स्थित महादेव मंदिर में चल रहे चार दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में बुधवार को धार्मिक उत्साह चरम पर रहा। विशेष कलश यात्रा के साथ विधिवत हवन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। गांव की गलियों से निकली कलश यात्रा में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भजन-कीर्तन करते हुए वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महोत्सव के तहत आज शाम सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार, कल यानी अगले दिन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा, जब नागौर सांसद Hanuman Beniwal प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शिरकत करेंगे। उनके साथ संत श्री Narayan Nath Ji Maharaj का भी सान्निध्य मिलने की संभावना है। गौरतलब है कि यह महोत्सव 21 से 24 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। पहले दिन सुंदरकांड पाठ से शुरुआत हुई थी, जबकि दूसरे दिन कलश यात्रा, मंडप प्रवेश व अग्नि स्थापना जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं। 23 अप्रैल को पूजन, हवन व मूर्ति वास के साथ रात्रि जागरण का आयोजन होगा। महोत्सव का समापन 24 अप्रैल को महाआरती एवं महाप्रसाद वितरण के साथ किया जाएगा। इसी दिन अभिजीत मुहूर्त में मूर्ति स्थापना की मुख्य रस्म अदा की जाएगी, जिसे लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए स्वयंसेवकों की टीम सक्रिय है। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी व बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से परिवार सहित पहुंचकर धर्मलाभ लेने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। पूरे गांव में सजावट, साफ-सफाई और स्वागत की विशेष तैयारियां देखने को मिल रही हैं, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।1
- रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान * अवैध खनन / परिवहन पर नागौर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, रोशन मीणा के निर्देशानुसार जिला नागौर में अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध नागौर पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम मे थाना जसनगर पुलिस ने दौराने गश्त सरहद भैंसड़ा कलां एवं किरों की ढाणी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बजरी परिवहन कर रहे 02 ट्रैक्टर मय ट्रॉली जब्त किए। पुलिस द्वारा जब्त वाहनों को थान मे खड़ा कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। नागौर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन एवं परिवहन की गतिविधियो पर पूर्णतः अंकुश लगाने हेतु अभियान निरंतर जारी रहेगा और नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।1
- रोशन मीणा के निर्देशानुसार जिला नागौर में अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध नागौर पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना जसनगर पुलिस ने दौराने गश्त सरहद भैंसड़ा कलां एवं किरों की ढाणी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बजरी परिवहन कर रहे 02 ट्रैक्टर मय ट्रॉली जब्त किए। पुलिस द्वारा जब्त वाहनों को थाने में खड़ा कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। नागौर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन एवं परिवहन की गतिविधियों पर पूर्णतः अंकुश लगाने हेतु अभियान निरंतर जारी रहेगा और नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।2
- नागौर जिले के जायल उपखंड क्षेत्र में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब 132 केवी जीएसएस पर हवाई हमले (एयर स्ट्राइक) और बम गिरने की सूचना फैली। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और सभी आपातकालीन सेवाएं तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं और मौके पर पहुंचकर हालात संभाले। जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार के निर्देश पर आयोजित इस मॉक ड्रिल में आगजनी और ब्लैकआउट जैसी स्थिति का वास्तविक अभ्यास किया गया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर चंपालाल जीनगर के अनुसार, ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया की जांच करना था। मौके पर पुलिस, सिविल डिफेंस, होमगार्ड, चिकित्सा टीम और अग्निशमन दल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए घायलों का रेस्क्यू किया। डीएसपी खेमाराम बीजारणिया द्वारा ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। ड्रिल के दौरान आग पर काबू पाने, बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था और घायलों को प्राथमिक उपचार देने का सफल अभ्यास किया गया। अधिकारियों ने सुरक्षा घेरा बनाकर पूरे ऑपरेशन को नियंत्रित रखा। बाद में स्पष्ट किया गया कि यह पूरी घटना एक पूर्व निर्धारित मॉक ड्रिल थी, जिसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखना और सुधारना है।3
- “गौ सम्मान की हुंकार: बाजारों से चौक तक जागा जनमानस, 27 अप्रैल को बड़ा जुटान”1
- *जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के संबंध में दिया प्रशिक्षण*1
- नागरिक सुरक्षा को सशक्त बनाने हेतु एयर स्ट्राइक व ब्लैकआउट मॉक ड्रिल 24 अप्रैल को सेन्दडा ब्यावर शीतल कुमारी प्रजापत मॉक ड्रिल के दौरान घबराएं नहीं, यह केवल अभ्यास है नागरिक प्रशासन का सहयोग करें, निर्देशों का पालन करें जागरूक रहें, सुरक्षित रहें—आपकी सतर्कता ही सुरक्षा है नागरिक सुरक्षा को सशक्त बनाने हेतु एयर स्ट्राइक व ब्लैकआउट मॉक ड्रिल 24 अप्रैल को ब्यावर, 23 अप्रैल। नागरिक सुरक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 24 अप्रैल 2026 को हवाई हमले (एयर स्ट्राइक) एवं ब्लैकआउट मॉक अभ्यास आयोजित किया जाएगा। यह अभ्यास राजकीय सनातन धर्म महाविद्यालय, ब्यावर में सायं 6:30 से 7:30 बजे तक होगा, जबकि रात्रि 8:00 से 8:20 बजे तक ओके प्लस रेसिडेंसी एवं आसपास के क्षेत्रों में ब्लैकआउट रहेगा। जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने बताया कि अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षा, गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप यह अभ्यास आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि अभ्यास के दौरान सायरन के माध्यम से चेतावनी, ब्लैकआउट प्रबंधन, सुरक्षित निकासी, खोज एवं बचाव सहित विभिन्न आपदा प्रबंधन गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक, होमगार्ड्स, एनसीसी कैडेट्स तथा अन्य स्थानीय संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी रहेगी। मॉक अभ्यास की तैयारियों के मद्देनजर एक समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह ने नागरिक सुरक्षा हवाई हमला (एयर रेड) एवं ब्लैकआउट अभ्यास को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित दायित्वों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अभ्यास सुचारु एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री ब्रह्म लाल जाट सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिला कलेक्टर ने आमजन से अपील की है कि इस दौरान घबराहट की स्थिति से बचें तथा इसे एक अभ्यास के रूप में समझते हुए प्रशासन का सहयोग करें। आयोजन से पूर्व व्यापक जनजागरूकता भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि नागरिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़े और किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।4
- नागौर, 23 अप्रैल। जायल उपखंड क्षेत्र में गुरुवार को 132 केवी जीएसएस पर हवाई हमले की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और आपातकालीन सेवाएं तुरंत सक्रिय हो गईं और कुछ ही मिनटों में पूरा अमला मौके पर पहुंच गया। बाद में स्पष्ट हुआ कि यह कार्रवाई एक पूर्व निर्धारित मॉक ड्रिल का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय की क्षमता को परखना था। जिला कलक्टर के निर्देश पर आयोजित इस अभ्यास में आगजनी और ब्लैक आउट जैसी परिस्थितियों को शामिल किया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बताया कि जैसे ही हमले की सूचना दी गई, पुलिस, सिविल डिफेंस, होमगार्ड, चिकित्सा दल, अग्निशमन विभाग और विद्युत विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और समन्वित तरीके से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। उपखंड अधिकारी के नेतृत्व में आग पर नियंत्रण, घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और ब्लैक आउट के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस उपाधीक्षक ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कराई। छत पर गिरे एक गंभीर घायल सहित तीन लोगों को एंबुलेंस के जरिए तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने घटनास्थल पर सुरक्षा घेरा बनाकर सभी प्रोटोकॉल का पालन किया। आगजनी की स्थिति से निपटने और विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर त्वरित बहाली की तैयारियों को भी बारीकी से परखा गया। अभ्यास के दौरान विभागों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित निर्णय क्षमता देखने को मिली। प्रशासन ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल समय-समय पर आयोजित की जाती हैं, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। आमजन से अपील की गई है कि ऐसी गतिविधियों के दौरान अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।1