कटनी में इंसानियत शर्मसार! गरीब दलित महिला के बेटे को झूठे बलात्कार केस में फँसाने की साजिश! सरपंच पर ₹1 लाख की अवैध वसूली, धमकी और षड्यंत्र के गंभीर आरोप कटनी। जिले के बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गैरतलाई से एक बेहद सनसनीखेज और लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक अनुसूचित जाति की गरीब माँ ने आरोप लगाया है कि उसके निर्दोष बेटे को योजनाबद्ध तरीके से झूठे और गंभीर आपराधिक प्रकरण—यहाँ तक कि बलात्कार जैसे अपराध में फँसाने की साजिश रची जा रही है। पीड़िता शीला चौधरी, पति प्रेमलाल चौधरी, निवासी ग्राम गैरतलाई ने पुलिस अधीक्षक कटनी को दिए शिकायती आवेदन में बताया कि 05 जनवरी 2026 को उनका पुत्र वकील चौधरी पंजाब नेशनल बैंक गैरतलाई के पास सब्जी खरीद रहा था। इसी दौरान सब्जी के दाम को लेकर मामूली कहासुनी हुई, जो बाद में झगड़े में बदल गई। महिला सब्जी विक्रेता द्वारा ही पहले मारपीट और पैसे छीनने का प्रयास किया गया, जिसे मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने शांत कराया। इसके बावजूद सब्जी विक्रेता द्वारा थाना बरही में केवल मारपीट का प्रकरण दर्ज कराया गया, जो वास्तविक और सीमित घटना थी। लेकिन यहीं से शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग और षड्यंत्र का खतरनाक खेल। ₹1 लाख दो, नहीं तो बेटे को जेल भेज देंगे! पीड़िता का आरोप है कि घटना के तीन दिन बाद ग्राम की सरपंच रमा कुमारी कोल, अपने साथियों सुजीत परौहा उर्फ कल्लू, अजय चतुर्वेदी और उमेश तिवारी के साथ उसके घर पहुँची और खुलेआम कहा गया— “₹1,00,000 खर्च कर दो, केस खत्म करवा देंगे, वरना तुम्हारे बेटे को ऐसे गंभीर केस में फँसा देंगे जिसमें जमानत भी नहीं होगी।” गरीबी का हवाला देने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी, गाली-गलौज और जातिसूचक अपमान झेलना पड़ा। आरोप है कि आरोपियों ने कहा कि “हम गवाही देंगे, तेरे लड़के को कहीं का नहीं छोड़ेंगे।” वीडियो बयान में महिला ने खुद माना—कोई गलत घटना नहीं सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि उसी महिला सब्जी विक्रेता ने कटनी में पुलिस के समक्ष वीडियोग्राफी में साफ कहा था कि उसके साथ कोई ऐसा कृत्य नहीं हुआ जिससे उसकी इज्जत पर आँच आई हो। यह भी सामने आया कि सरपंच और उसके साथी महिला पर झूठा बयान देने का दबाव बना रहे थे। पहले भी कई लोगों को SC/ST एक्ट में फँसाने के आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि सरपंच रमा कुमारी कोल द्वारा पहले भी कई ग्रामीणों को SC/ST एक्ट जैसे गंभीर कानूनों में फँसाकर समझौते के नाम पर लाखों रुपये वसूले गए हैं। जो पैसे दे पाए, वे बच गए और जो गरीब थे—वे आज भी मुकदमे झेल रहे हैं। सवालों के घेरे में व्यवस्था यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था, गरीबों की सुरक्षा और कानून के दुरुपयोग पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या अब गरीब होना ही सबसे बड़ा अपराध बन गया है? क्या जनप्रतिनिधि ही कानून का हथियार बनाकर लोगों को डराने लगें, तो आम आदमी कहाँ जाए? पीड़िता की मांग पीड़ित माँ ने हाथ जोड़कर मांग की है कि— उसके बेटे को झूठे मामलों में फँसाने की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो सरपंच व उसके साथियों पर धमकी, अवैध वसूली, षड्यंत्र, गाली-गलौज और जातिगत अपमान का प्रकरण दर्ज किया जाए गरीब और निर्दोष परिवार को न्याय और सुरक्षा दी जाए अब देखना यह है कि कटनी पुलिस और प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है, या फिर एक गरीब माँ की पुकार भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।
कटनी में इंसानियत शर्मसार! गरीब दलित महिला के बेटे को झूठे बलात्कार केस में फँसाने की साजिश! सरपंच पर ₹1 लाख की अवैध वसूली, धमकी और षड्यंत्र के गंभीर आरोप कटनी। जिले के बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गैरतलाई से एक बेहद सनसनीखेज और लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक अनुसूचित जाति की गरीब माँ ने आरोप लगाया है कि उसके निर्दोष बेटे को योजनाबद्ध तरीके से झूठे और गंभीर आपराधिक प्रकरण—यहाँ तक कि बलात्कार जैसे अपराध में फँसाने की साजिश रची जा रही है। पीड़िता शीला चौधरी, पति प्रेमलाल चौधरी, निवासी ग्राम गैरतलाई ने पुलिस अधीक्षक कटनी को दिए शिकायती आवेदन में बताया कि 05 जनवरी 2026 को उनका पुत्र वकील चौधरी पंजाब नेशनल बैंक गैरतलाई के पास सब्जी खरीद रहा था। इसी दौरान सब्जी के दाम को लेकर मामूली कहासुनी हुई, जो बाद में झगड़े में बदल गई। महिला सब्जी विक्रेता द्वारा ही पहले मारपीट और पैसे छीनने का प्रयास किया गया, जिसे मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने शांत कराया। इसके बावजूद सब्जी विक्रेता द्वारा थाना बरही में केवल मारपीट का प्रकरण दर्ज कराया गया, जो वास्तविक और सीमित घटना
थी। लेकिन यहीं से शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग और षड्यंत्र का खतरनाक खेल। ₹1 लाख दो, नहीं तो बेटे को जेल भेज देंगे! पीड़िता का आरोप है कि घटना के तीन दिन बाद ग्राम की सरपंच रमा कुमारी कोल, अपने साथियों सुजीत परौहा उर्फ कल्लू, अजय चतुर्वेदी और उमेश तिवारी के साथ उसके घर पहुँची और खुलेआम कहा गया— “₹1,00,000 खर्च कर दो, केस खत्म करवा देंगे, वरना तुम्हारे बेटे को ऐसे गंभीर केस में फँसा देंगे जिसमें जमानत भी नहीं होगी।” गरीबी का हवाला देने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी, गाली-गलौज और जातिसूचक अपमान झेलना पड़ा। आरोप है कि आरोपियों ने कहा कि “हम गवाही देंगे, तेरे लड़के को कहीं का नहीं छोड़ेंगे।” वीडियो बयान में महिला ने खुद माना—कोई गलत घटना नहीं सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि उसी महिला सब्जी विक्रेता ने कटनी में पुलिस के समक्ष वीडियोग्राफी में साफ कहा था कि उसके साथ कोई ऐसा कृत्य नहीं हुआ जिससे उसकी इज्जत पर आँच आई हो। यह भी सामने आया कि सरपंच और उसके साथी महिला पर झूठा बयान देने का दबाव बना रहे थे। पहले भी कई लोगों को SC/ST
एक्ट में फँसाने के आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि सरपंच रमा कुमारी कोल द्वारा पहले भी कई ग्रामीणों को SC/ST एक्ट जैसे गंभीर कानूनों में फँसाकर समझौते के नाम पर लाखों रुपये वसूले गए हैं। जो पैसे दे पाए, वे बच गए और जो गरीब थे—वे आज भी मुकदमे झेल रहे हैं। सवालों के घेरे में व्यवस्था यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था, गरीबों की सुरक्षा और कानून के दुरुपयोग पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या अब गरीब होना ही सबसे बड़ा अपराध बन गया है? क्या जनप्रतिनिधि ही कानून का हथियार बनाकर लोगों को डराने लगें, तो आम आदमी कहाँ जाए? पीड़िता की मांग पीड़ित माँ ने हाथ जोड़कर मांग की है कि— उसके बेटे को झूठे मामलों में फँसाने की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो सरपंच व उसके साथियों पर धमकी, अवैध वसूली, षड्यंत्र, गाली-गलौज और जातिगत अपमान का प्रकरण दर्ज किया जाए गरीब और निर्दोष परिवार को न्याय और सुरक्षा दी जाए अब देखना यह है कि कटनी पुलिस और प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है, या फिर एक गरीब माँ की पुकार भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।
- थाना बरही गैरतलाई निवासी ओम प्रकाश चौधरी वकील ने महिला द्वारा लगाये गए बलात्कार के आरोप को बताया निराधार कटनी एस पी से शिकायत कर की मामले की निष्पक्ष जाँच की मांग1
- लाड़ली बहनों के साथ बड़ा धोखा! 3000 की जगह 1500—सड़क पर उतरी महिलाएँ, भाजपा सरकार के खिलाफ फूटा आक्रोश 🔥 कटनी। जिस “लाड़ली बहना योजना” के नाम पर भाजपा सरकार सत्ता में आई, वही योजना आज लाखों महिलाओं के लिए छलावा बन चुकी है। तीन साल पहले किया गया 3000 रुपये प्रतिमाह का वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। बढ़ती महंगाई, रसोई गैस, दाल, सब्जी और बच्चों की पढ़ाई के खर्च के बीच 1500 रुपये में महिलाओं का गुजारा असंभव है—इसी अन्याय के खिलाफ कटनी की महिलाएँ सड़क पर उतर आईं। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया के निर्देश पर महिला कांग्रेस नेत्री सौम्या राँधेलिया के नेतृत्व में पुरानी कचहरी चौक पर सैकड़ों महिलाओं ने हाथों में तख्तियाँ लेकर भाजपा सरकार को खुली चुनौती दी। महिलाओं ने दो टूक कहा— “वादा निभाओ, 3000 दो!” ✊ पाँच लाख बहनों के नाम काटे—यह साजिश नहीं तो क्या? प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सौम्या राँधेलिया ने कहा कि सरकार ने न सिर्फ राशि बढ़ाने से इनकार किया, बल्कि हाल ही में करीब पाँच लाख महिलाओं के नाम योजना से काट दिए, जो सीधे-सीधे महिलाओं के हक पर डाका है। उन्होंने सवाल उठाया— जब महिलाएँ सबसे ज़्यादा जरूरतमंद हैं, तब उनके नाम क्यों हटाए जा रहे हैं? 📢 मांगें साफ—अब आर-पार की लड़ाई महिला कांग्रेस ने साफ शब्दों में मांग रखी कि— लाड़ली बहना की राशि तुरंत 3000 रुपये की जाए नए रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल खोला जाए हटाई गई सभी पात्र महिलाओं को फिर से योजना में जोड़ा जाए ⚠️ चेतावनी: बहनों के हक पर चुप्पी नहीं, आंदोलन तेज होगा महिला कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि फरवरी से राशि नहीं बढ़ाई गई और महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय को बंद नहीं किया गया, तो यह आंदोलन कटनी से प्रदेशभर में आग की तरह फैलेगा। प्रदर्शन के बाद महिला कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सरकार को अंतिम चेतावनी दी। इस दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष एड. अमित शुक्ला, पूर्व विधायक सुनील मिश्रा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष मोसूफ बिट्टू, युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष शुभम मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व सैकड़ों महिलाएँ मौजूद रहीं।2
- लोकेशन कटनी जिला कटनी *धान लदे ट्रक और बोलेरो में जोरदार भिड़ंत, बोलेरो से मिली संदिग्ध धान की बोरियां, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम* कटनी। बड़वारा थाना क्षेत्र के मझगवां गांव में रविवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक धान से लदे ट्रक और बोलेरो जीप के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे ने न केवल सड़क सुरक्षा, बल्कि धान के अवैध परिवहन से जुड़े कई संदिग्ध सवालों को भी जन्म दे दिया है। *हादसे के बाद बोलेरो सवार फरार* प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भिड़ंत सामान्य थी कि बोलेरो सामने से क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, हादसे के तुरंत बाद बोलेरो में सवार लोग गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गए। जब स्थानीय लोगों ने वाहन के पास जाकर देखा, तो बोलेरो के अंदर 3 से 4 बोरी सरकारी धान लोड पाई गई। संदिग्ध अवस्था में धान मिलने और सवारों के भागने से क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बन गया है। *ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, लगाया जाम* घटना से आक्रोशित ट्रक चालक और स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में इस तरह का संदिग्ध परिवहन लंबे समय से चल रहा है। सड़क पर वाहनों की कतारें लगने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। *पुलिस जांच में जुटी* सूचना मिलते ही बड़वारा पुलिस की टीम दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराकर रास्ता खुलवाने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा बोलेरो में मिली धान की बोरियों को जब्त कर जांच की जा रही है। फरार बोलेरो सवारों की तलाश जारी है। मामला पूरी तरह संदिग्ध है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि यह सरकारी धान कहां से आई और कहां ले जाई जा रही थी।1
- apni ray jarur de....1
- बरेला हादसे में घायल 5 वीं महिला ने तोड़ा दम, सिहोरा की निकली कार, इधर जबलपुर-मंडला मार्ग में परिजनों एवं आदिवासीयों ने लगाया जाम, शाम के 5:00 बजे तक लगा है लंबा जाम*1
- जन समस्या शिविर मे लाभान्वित हुये ग्रामीण पटेरा से अमर सेन की रीपोर्ट जिला कलेक्टर सुधीर कोचर के निर्देशन में जन समस्या शिविर का आयोजन ग्राम पंचायत गाड़ाघाट में हुआ वही शिविर का हाल जानने पहुंचे जिला पंचायत निर्वाचित जिला सदस्य साहिल सिंह जिन्होंने जनता की समस्याओं के प्रति जल्द से जल्द निराकृत होने को लेकर जन चर्चा की कलेक्टर ने घोघरा गांव के ग्रामीण जनों की समस्याओं को लेकर जन चौपाल लगाई गई थी समस्या शिविर में उपस्थित रहे अधिकारी और कर्मचारी जिनके द्वारा ग्रामीण जन के लिए समस्याओं से निजात दिलाने लगातार प्रयास किया गया पंचायत विभाग समग्र सामाजिक अधिकारी सुनील सेन, लिपिक तिलक चौहान, जहां पेंशन स्वीकृत समग्र आईडी, आधार, अपडेशन जिन में ग्रामीण लाभान्वित हुए शिक्षा विभाग से आई एल आठिया विकास खंड अधिकारी, बी आर सी दिलीप उपाध्याय अनूप श्रीवास्तव जन शिक्षक, शाला में शौचालय मरम्मत बाउंड्री वॉल निर्माण आदि को लेकर अभिभावकों ने जानकारी दी राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार मानसी अग्रवाल ने 20 बीपीएल पात्र लोगों के लिए राशन कार्ड के आदेश जारी किए कृषि विभाग डी के साहू, बलवंत अजवानी,चिकित्सा विभाग से डॉक्टर बसंत लोडकर दीपक तंतुवाय, करीब 50 लोगों को बीपी, शुगर,ब्लड टेस्ट आदि से जुड़ी हुई दवाइयां वितरित की पशु चिकित्सा से प्रिंसी राय सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी केसीसी के 7 फॉर्म और 10 लोगों के लिए दवाइयां वितरित की गई | नल जल जीवन मिशन से राहुल परिहार,अखिलेश शुक्ला, रविकांत राजपाल, मौजूद रहे जिन्होंने कहा जल कर राशि एकत्रित नहीं हो रही ग्रामीण जनों को जागरूकता दी गई प्रति उपभोक्ता ₹100 हर माह की राशि जमा करें विद्युत विभाग से राहुल साहू,मानसिंह, उपस्थित रहे जिन्होंने कहा बिल बाकी है उपभोक्ताओं को जमा करना है विभाग ने जन जागरूकता की बात कही कहा उपभोक्ता समय रहते हुए बिजली बिल का जमा करें और असुविधा होने से बचे वहीं सरपंच हजारी यादव,सचिव गनेश सेन,रोजगार सचिव वीरेंद्र चक्रवर्ती आदि ने व्यवस्थाएं संचालित करने में सहभागिता निभाई |1
- Post by Ankit Raikwar1
- कटनी में इंसानियत शर्मसार! गरीब दलित महिला के बेटे को झूठे बलात्कार केस में फँसाने की साजिश! सरपंच पर ₹1 लाख की अवैध वसूली, धमकी और षड्यंत्र के गंभीर आरोप कटनी। जिले के बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गैरतलाई से एक बेहद सनसनीखेज और लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक अनुसूचित जाति की गरीब माँ ने आरोप लगाया है कि उसके निर्दोष बेटे को योजनाबद्ध तरीके से झूठे और गंभीर आपराधिक प्रकरण—यहाँ तक कि बलात्कार जैसे अपराध में फँसाने की साजिश रची जा रही है। पीड़िता शीला चौधरी, पति प्रेमलाल चौधरी, निवासी ग्राम गैरतलाई ने पुलिस अधीक्षक कटनी को दिए शिकायती आवेदन में बताया कि 05 जनवरी 2026 को उनका पुत्र वकील चौधरी पंजाब नेशनल बैंक गैरतलाई के पास सब्जी खरीद रहा था। इसी दौरान सब्जी के दाम को लेकर मामूली कहासुनी हुई, जो बाद में झगड़े में बदल गई। महिला सब्जी विक्रेता द्वारा ही पहले मारपीट और पैसे छीनने का प्रयास किया गया, जिसे मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने शांत कराया। इसके बावजूद सब्जी विक्रेता द्वारा थाना बरही में केवल मारपीट का प्रकरण दर्ज कराया गया, जो वास्तविक और सीमित घटना थी। लेकिन यहीं से शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग और षड्यंत्र का खतरनाक खेल। ₹1 लाख दो, नहीं तो बेटे को जेल भेज देंगे! पीड़िता का आरोप है कि घटना के तीन दिन बाद ग्राम की सरपंच रमा कुमारी कोल, अपने साथियों सुजीत परौहा उर्फ कल्लू, अजय चतुर्वेदी और उमेश तिवारी के साथ उसके घर पहुँची और खुलेआम कहा गया— “₹1,00,000 खर्च कर दो, केस खत्म करवा देंगे, वरना तुम्हारे बेटे को ऐसे गंभीर केस में फँसा देंगे जिसमें जमानत भी नहीं होगी।” गरीबी का हवाला देने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी, गाली-गलौज और जातिसूचक अपमान झेलना पड़ा। आरोप है कि आरोपियों ने कहा कि “हम गवाही देंगे, तेरे लड़के को कहीं का नहीं छोड़ेंगे।” वीडियो बयान में महिला ने खुद माना—कोई गलत घटना नहीं सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि उसी महिला सब्जी विक्रेता ने कटनी में पुलिस के समक्ष वीडियोग्राफी में साफ कहा था कि उसके साथ कोई ऐसा कृत्य नहीं हुआ जिससे उसकी इज्जत पर आँच आई हो। यह भी सामने आया कि सरपंच और उसके साथी महिला पर झूठा बयान देने का दबाव बना रहे थे। पहले भी कई लोगों को SC/ST एक्ट में फँसाने के आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि सरपंच रमा कुमारी कोल द्वारा पहले भी कई ग्रामीणों को SC/ST एक्ट जैसे गंभीर कानूनों में फँसाकर समझौते के नाम पर लाखों रुपये वसूले गए हैं। जो पैसे दे पाए, वे बच गए और जो गरीब थे—वे आज भी मुकदमे झेल रहे हैं। सवालों के घेरे में व्यवस्था यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था, गरीबों की सुरक्षा और कानून के दुरुपयोग पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या अब गरीब होना ही सबसे बड़ा अपराध बन गया है? क्या जनप्रतिनिधि ही कानून का हथियार बनाकर लोगों को डराने लगें, तो आम आदमी कहाँ जाए? पीड़िता की मांग पीड़ित माँ ने हाथ जोड़कर मांग की है कि— उसके बेटे को झूठे मामलों में फँसाने की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो सरपंच व उसके साथियों पर धमकी, अवैध वसूली, षड्यंत्र, गाली-गलौज और जातिगत अपमान का प्रकरण दर्ज किया जाए गरीब और निर्दोष परिवार को न्याय और सुरक्षा दी जाए अब देखना यह है कि कटनी पुलिस और प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है, या फिर एक गरीब माँ की पुकार भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।3