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सोनभद्र जिले के मधुपुर और राबर्ट्सगंज क्षेत्रों में जल नल से संबंधित परेशानी सामने आई है। इस समस्या से निपटने के लिए स्थानीय लोग स्वयं अपने हाथों से आवश्यक सुधार कार्य कर रहे हैं।
Chandrma kumar Kumar
सोनभद्र जिले के मधुपुर और राबर्ट्सगंज क्षेत्रों में जल नल से संबंधित परेशानी सामने आई है। इस समस्या से निपटने के लिए स्थानीय लोग स्वयं अपने हाथों से आवश्यक सुधार कार्य कर रहे हैं।
More news from Sonbhadra and nearby areas
- सोनभद्र में अपना दल (एस) के कार्यकर्ताओं ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शिकायत लेकर पहुंचे उनके साथियों के साथ सीडीओ ने बदसलूकी की, जिसके बाद नाराज सीडीओ कार्यालय से बाहर निकल गईं। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि सीडीओ माफी मांगती हैं तो ही धरना समाप्त किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि माफी न मांगने की स्थिति में वे और भी अधिक उग्र प्रदर्शन करेंगे।2
- सोनभद्र जिले के मधुपुर और राबर्ट्सगंज क्षेत्रों में जल नल से संबंधित परेशानी सामने आई है। इस समस्या से निपटने के लिए स्थानीय लोग स्वयं अपने हाथों से आवश्यक सुधार कार्य कर रहे हैं।1
- सोनभद्र के ओबरा नगर पंचायत अंतर्गत गुलाब तिराहा के गजराज वार्ड नंबर 3 में सार्वजनिक सड़क पर नागेंद्र पांडे द्वारा एक चैंबर का निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। इस अवैध निर्माण के संबंध में नगर पंचायत ओबरा और आईजीआरएस को कई बार लिखित आवेदन दिए गए थे, लेकिन नगर पंचायत ओबरा ने इन शिकायतों को केवल ऊपर से मिट्टी और गिट्टी डालकर, फोटो खींचकर 'निस्तारित' कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह चैंबर नगर पंचायत ओबरा, नागेंद्र पांडे और ठेकेदार की मिलीभगत से बनाया गया है। इस कार्रवाई को 'फर्जी निस्तारीकरण' बताते हुए, शिकायतकर्ता ने नगर पंचायत ओबरा पर सार्वजनिक सड़क पर हुए इस निर्माण के मामले में सही ढंग से कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।4
- सोनभद्र के चोपन में मोहर्रम का त्योहार हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शुक्रवार को बड़े एहतेराम और अकीदत के साथ मनाया गया। इस दौरान झंडा जुलूस और ताजिया निकाली गई, जिसमें गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक खूबसूरत झलक देखने को मिली। नगर के बकरिदिया इस्लामिया स्कूल इमामबाड़ा से छोटी-बड़ी ताजिया आलम के साथ गौरव नगर से होते हुए वाराणसी-शक्तिनगर मुख्यमार्ग से बैरियर स्थित जामा मस्जिद के पूर्व सदर स्वर्गीय लल्लन कुरैशी के घर तक पहुँचीं। वहाँ से बस स्टैंड होते हुए प्रीतनगर के एस.आर. पेट्रोल पंप से वापस बकरिदिया इस्लामिया स्कूल इमामबाड़ा लौटकर सभी ताजियों को रखा गया। इमामबाड़ा में अखाड़ा कमेटी द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाए गए, जहाँ चेयरमैन उस्मान अली ने उपस्थित अतिथियों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। इसके बाद, देर शाम सभी ताजियों को इमामबाड़ा से उठाकर ईदगाह पर दफ्न किया गया। जुलूस के दौरान लोगों ने जगह-जगह हैरतअंगेज करतब भी प्रदर्शित किए, और छोटे बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्ग तक सभी ने हसन-हुसैन के नारे लगाकर कर्बला की दास्तान को याद किया और फूट-फूटकर रोए। इस नेक अवसर पर समाजसेवियों द्वारा नगर में जुलूस के लिए जगह-जगह पानी, शरबत और खिचड़े की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उप जिलाधिकारी विवेक सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी गुप्ता, और कस्बा इंचार्ज राम ज्ञान यादव भारी पुलिस बल के साथ चाक-चौबंद नज़र आए। इस मौके पर चेयरमैन उस्मान अली, जामा मस्जिद के सदर हाजी सरफराज अहमद, नाजिम खान, सेक्रेटरी महफूज आरिफ, हाजी गयासुद्दीन, शाकीब खान, शाहिद हुसैन, नागेंद्र यादव, रियाज अहमद, सभासद सलीम कुरैशी, रिजवान अहमद, ईदू भाई, बरकत अली, उमरान अहमद, नजमुद्दीन इदरीसी, सलीम खान, सोएब अहमद, इस्राइल अहमद, चिराग अली सहित सैकड़ों की संख्या में लोग और पर्दानशीन माँ-बहनें मौजूद रहीं।1
- जनपद चंदौली की तहसील नौगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरबसपुर में दस मुहर्रम का पर्व पूरी अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद (स.) के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनाए जाने वाले इस पर्व ने क्षेत्र में भाईचारे और आपसी सद्भाव का एक उत्कृष्ट प्रतीक प्रस्तुत किया। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, मुहर्रम की दसवीं तारीख (आशूरा) के दिन, बरबसपुर के स्थानीय निवासियों ने हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए गमजदा माहौल में मातमी जुलूस निकाला। इस दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। ग्रामीण क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चकरघट्टा थाना प्रभारी संतोष कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। उन्होंने स्वयं पूरे क्षेत्र में सुरक्षा का जायजा लिया। ग्राम पंचायत बरबसपुर के निवासियों ने इस दौरान पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया, जिससे धार्मिक जुलूस अपने निर्धारित रास्तों से होते हुए पूरी गरिमा के साथ संपन्न हुआ। गांव के कर्बला परिसर में ताजियों का मिलान किया गया, जहां बड़ी संख्या में समुदाय के लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर इमाम हुसैन के त्याग और बलिदान को याद करते हुए तकरीरें की गईं और उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया गया। स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को 'गंगा-जमुनी तहजीब' का उत्कृष्ट उदाहरण बताया, जहां सभी समुदायों ने एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया। बरबसपुर के नागरिकों ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि इमाम हुसैन की शहादत का संदेश केवल एक समुदाय का नहीं, बल्कि मानवता और सच्चाई के लिए खड़े होने का संदेश है। जैसा कि कहा गया है: "कुफ्र का इंकार नहीं मानते हैं / दुश्मन-ए-शाह को सरदार नहीं मानते हैं / एक प्यासे ने किया प्यास पर ऐसा हमला / लोग पानी को भी मेयार नहीं मानते हैं।"3
- मजहब-ए-इस्लाम के पहले महीने मोहर्रम की नौवीं तारीख की रात ओबरा नगर में अकीदत, ऐतिहासिक परंपरा और कौमी एकता का अनूठा दृश्य देखने को मिला। ओबरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुल आठ निर्धारित पारंपरिक स्थलों पर रखी गईं खूबसूरत ताजिया को देर रात पूरे एहतराम के साथ नगर भ्रमण के लिए निकाला गया। ढोल-ताशे की मातमी धुनों के बीच ये सभी ताजिया मुख्य मार्गों से होते हुए सामूहिक रूप से जामा मस्जिद चौक पर एकत्रित हुईं। यहाँ इस्लामी मान्यताओं के अनुरूप करबला के शहीदों की याद में विशेष दुआख्वानी, फातिहा और मजहबी रस्में शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गईं, जिसके बाद ताजिया पुनः अपने-अपने स्थानों के लिए रवाना हो गईं। इस बड़े धार्मिक और पारंपरिक आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में स्थानीय नगर पंचायत का पूरा तंत्र पूरी शिद्दत से जुटा रहा। नगर पंचायत द्वारा जुलूस के मुख्य मार्गों, संपर्क मार्गों और सभी आठ ताजिया स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाकर मार्ग को सुगम बनाया गया। इसके अतिरिक्त, पूरे जुलूस मार्ग और चौक-चौराहों पर भारी मात्रा में चूने का छिड़काव कर स्वच्छता सुनिश्चित की गई, साथ ही रात के समय सुरक्षा और सुविधा के मद्देनजर पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइटों और अतिरिक्त प्रकाश की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई, जिसकी नगरवासियों ने सराहना की। वहीं, ओबरा पुलिस प्रशासन भी पूरी रात सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जमीन पर मुस्तैद नजर आया। सभी ताजिया स्थलों और संवेदनशील पॉइंट पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, और क्षेत्राधिकारी प्रभात राय, थाना प्रभारी सदानंद राय, क्राइम इंस्पेक्टर शमशेर यादव तथा ओबरा चौकी प्रभारी सहित पूरी पुलिस टीम ने लगातार क्षेत्र में पैदल गश्त करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और शांति व्यवस्था बनाए रखी। नौवीं की रात को निकलने वाले इस पारंपरिक जुलूस को देखने के लिए ओबरा नगर में भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान बुजुर्ग, युवा, महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे बड़ी तादाद में ताजिया के दीदार के लिए सड़कों के किनारे और छतों पर मौजूद रहे। नगर की गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करते हुए हिंदू समाज के लोगों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर इस पारंपरिक आयोजन को देखा। जुलूस के दौरान विभिन्न ताजिया कमेटियों के युवाओं ने अखाड़े में लाठी-डंडों और पारंपरिक कलाबाजियों का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया, जो इमाम हुसैन और उनके साथियों की बहादुरी का प्रतीकात्मक सम्मान है। देर रात जामा मस्जिद पर सामूहिक मिलाप और दुआ के बाद सभी आठ ताजिया गरिमापूर्ण तरीके से अपने-अपने मूल स्थान पर वापस लौटीं, जिसके बाद अब अगले दिन (10वें रोज) अंतिम विदाई का जुलूस निकाला जाएगा।1
- जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अब एक अनशन शुरू होने जा रहा है, जिसकी वजह से ‘मोदी सरकार’ बुरी तरह मुश्किल में फंस गई है। ‘कॉकराच जनता पार्टी’ ने इस घटनाक्रम को ‘मोदी सरकार’ के लिए एक गंभीर स्थिति के रूप में उजागर किया है, यह दावा करते हुए कि सरकार अब बुरा फंस गई है।1
- ओबरा नगर पंचायत के गुलाब तिराहा गजराज वार्ड ३ में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ नागेंद्र पांडे द्वारा सार्वजनिक सड़क पर एक चैम्बर का निर्माण किया गया है। आरोप है कि ओबरा नगर पंचायत ने इस चैम्बर निर्माण के संबंध में फर्जी निस्तारीकरण किया है, और यह पूरा मामला चैम्बर के फर्जी निस्तारण तथा मिलीभगत से जुड़ा बताया जा रहा है। नगर पंचायत की ओर से कथित तौर पर यह भी कहा गया है कि "आई जी र स कुछ नहीं होता", जो उनके रवैये पर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि क्या इस सार्वजनिक सड़क पर बने चैम्बर को ध्वस्त किया जाएगा, या यह भी कथित भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा।4