रविवार को जालौन जिले में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें मजदूरों और उनके परिवारों को ले जा रहा एक डीसीएम वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया। इस भीषण हादसे में डीसीएम में सवार एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिससे दुर्घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह डीसीएम अलीगढ़ से महोबा की ओर जा रहा था, जिसमें ईंट भट्टों पर काम करने वाले श्रमिक अपने परिवार के सदस्यों के साथ सवार थे। बताया गया कि सभी लोग काम खत्म होने के बाद अपने गृह जनपद महोबा लौट रहे थे। दरअसल, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के 208 किलोमीटर के पास एक डंपर और ट्रक की टक्कर के कारण पहले से ही यातायात बाधित था। इस वजह से दोनों ओर के रूट को डायवर्ट कर एक मार्ग को 'वन-वे' बनाया गया था, जहाँ से दोनों दिशाओं के वाहनों को निकाला जा रहा था। इसी दौरान, अलीगढ़ से महोबा जा रहा यह डीसीएम तेज रफ्तार होने के कारण 208.5 किलोमीटर पर बालू भरे एक ट्रक से टकरा गया। टक्कर के बाद डीसीएम अनियंत्रित हो गया और आगे जा रहे एक अन्य वाहन को टक्कर मारकर ग्राम छिरिया सलेमपुर के समीप पलट गया। हादसा होते ही डीसीएम में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई, कई लोग वाहन के भीतर फंस गए जबकि कुछ को गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलते ही जालौन पुलिस और राहत दल तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और पुलिस कर्मियों ने घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जालौन पहुँचाया। इस लगातार दूसरे हादसे के बाद बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित हो गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
रविवार को जालौन जिले में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें मजदूरों और उनके परिवारों को ले जा रहा एक डीसीएम वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया। इस भीषण हादसे में डीसीएम में सवार एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिससे दुर्घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह डीसीएम अलीगढ़ से महोबा की ओर जा रहा था, जिसमें ईंट भट्टों पर काम करने वाले श्रमिक अपने परिवार के सदस्यों के साथ सवार थे। बताया गया कि सभी लोग काम खत्म होने के बाद अपने गृह जनपद महोबा लौट रहे थे। दरअसल, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के 208 किलोमीटर के पास एक डंपर और ट्रक की टक्कर के कारण पहले से ही यातायात बाधित था। इस वजह से दोनों ओर के रूट को डायवर्ट कर एक मार्ग को 'वन-वे' बनाया गया था, जहाँ से दोनों दिशाओं के वाहनों को निकाला जा रहा था। इसी दौरान, अलीगढ़ से महोबा जा रहा यह डीसीएम तेज रफ्तार होने के कारण 208.5 किलोमीटर पर बालू भरे एक ट्रक से टकरा गया। टक्कर के बाद डीसीएम अनियंत्रित हो गया और आगे जा रहे एक अन्य वाहन को टक्कर मारकर ग्राम छिरिया सलेमपुर के समीप पलट गया। हादसा होते ही डीसीएम में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई, कई लोग वाहन के भीतर फंस गए जबकि कुछ को गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलते ही जालौन पुलिस और राहत दल तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और पुलिस कर्मियों ने घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जालौन पहुँचाया। इस लगातार दूसरे हादसे के बाद बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित हो गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
- कोंच मुंसिफी बार भवन में विधायक मूलचन्द्र निरंजन का अधिवक्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने विधायक को क्षेत्र में विकास कार्यों से संबंधित मांग पत्र सौंपे। कार्यक्रम के दौरान अयोध्या के सीओ को भी सम्मानित किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में प्रभारी मंत्री ने रात्रि चौपाल का आयोजन किया। इस चौपाल के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। यह जानकारी जीशान राईन की एक रिपोर्ट के अनुसार सामने आई है।1
- जालौन नगर की सब्जी मंडी स्थित एक गोदाम में शनिवार को अचानक आग लग जाने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेज़ी से फैली कि देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया, जिससे गोदाम में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। इस घटना में हजारों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत मंडी परिसर में पड़े कूड़े के ढेर से हुई, जो धीरे-धीरे गोदाम तक जा पहुंची। आग की लपटें उठती देख आसपास के दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही उरई से दमकल वाहन मौके पर पहुंचा। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने स्थानीय दुकानदारों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझाने से आसपास की कई दुकानें भी इसकी चपेट में आने से बच गईं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद दुकानदारों ने मंडी परिसर में नियमित सफाई न होने और कूड़े के ढेर लगे रहने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है, साथ ही जिम्मेदार विभाग से व्यवस्था सुधारने की मांग की है। आग लगने की इस घटना के बाद मंडी क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुटी रही। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।1
- जालौन जनपद में साइबर थाना और स्थानीय थानों की पुलिस टीमों ने मिलकर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 210 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 35,70,000/- रुपये आंकी गई है। बरामद किए गए ये सभी मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सकुशल सुपुर्द कर दिए गए। अपने गुमशुदा मोबाइल वापस पाकर मोबाइल मालिकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक जालौन द्वारा भी बयान जारी किया गया है।1
- जालौन जिले से गुजरने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हुई एक घटना से जुड़ी खबर को शुरू ऐप ने प्रसारित किया था। इस खबर के सामने आते ही, प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल इसका संज्ञान लिया। परिणामस्वरूप, अधिकारी घायलों का हालचाल जानने के लिए मौके पर पहुंचे। यह घटनाक्रम शुरू ऐप पर प्रसारित हुई खबर के सीधे असर को दिखाता है, जिसके चलते प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हुई और घायलों तक सहायता पहुंची।1
- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र से गुजरने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर रविवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों से हड़कंप मच गया। इन घटनाक्रमों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पहला हादसा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर संख्या 208 पर हुआ, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक आगे खड़े दूसरे ट्रक में पीछे से जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे ट्रक के कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, दूसरा हादसा किलोमीटर संख्या 205 पर हुआ, जहां मजदूरों से भरी एक डीसीएम गाड़ी बालू से लदे ट्रक से टकरा गई। इस दुर्घटना में डीसीएम में सवार एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद राहगीरों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीम ने सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। घायलों में से आठ मजदूरों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर कर दिया गया है। इन घटनाओं की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और बाद में अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना। अधिकारियों ने चिकित्सकों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाओं के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और हादसों के कारणों की जांच की जा रही है।4
- जालौन के कोंच स्थित विकासखंड परिसर में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के लगातार 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक तीन दिवसीय समेकित जनकल्याण एवं जनजागरूकता अभियान तथा स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन दोपहर 12 बजे क्षेत्रीय विधायक मूलचंद्र निरंजन ने किया, जबकि मेले का औपचारिक शुभारंभ 1 बजे हुआ। इस मेले का मुख्य उद्देश्य केंद्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना और पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं से जोड़ना है। मेले के दौरान विकासखंड परिसर में कई विभागों द्वारा आकर्षक स्टॉल लगाए गए, जहाँ नागरिकों को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी और आवेदन प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इनमें प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, पशुपालन विभाग, होम्योपैथी विभाग, तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों के स्टॉल शामिल थे। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों को योजनाओं की पात्रता, लाभ और पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही, मेले में एक स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया, जहाँ लोगों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया गया और लाभार्थी पंजीकरण एवं जनजागरूकता संबंधी गतिविधियां भी संचालित की गईं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक मूलचंद्र निरंजन ने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम लोगों को योजनाओं की सही जानकारी प्रदान करते हैं, जिससे वे सीधे लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से बड़ी संख्या में मेले में पहुंचकर योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर विकासखंड अधिकारी प्रशांत कुमार, ब्लॉक प्रमुख रानी देवी, सुनील शर्मा, अवर अभियंता हरिश्चंद्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), आंगनबाड़ी विभाग और पंचायती राज विभाग के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने पहुंचकर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की, और इस दौरान विकास पटेल धनोरा, विपिन पटेल, सुनील शर्मा, प्रशांत श्रीवास्तव, कुसुम निरंजन सिंह, देवेंद्र निरंजन, देवीशरण, आंगनबाड़ी कार्यकत्री गीता, अंजली, ममता, रमा, संगीत, माधुरी, सुमन, तथा स्वास्थ्य विभाग से डॉ. रानी, वीरेंद्र सिंह एलटी, रज्जू पटेल, राजकुमारी, कौशल पटेल, अरविंद सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।1
- रविवार को जालौन जिले में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें मजदूरों और उनके परिवारों को ले जा रहा एक डीसीएम वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया। इस भीषण हादसे में डीसीएम में सवार एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिससे दुर्घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह डीसीएम अलीगढ़ से महोबा की ओर जा रहा था, जिसमें ईंट भट्टों पर काम करने वाले श्रमिक अपने परिवार के सदस्यों के साथ सवार थे। बताया गया कि सभी लोग काम खत्म होने के बाद अपने गृह जनपद महोबा लौट रहे थे। दरअसल, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के 208 किलोमीटर के पास एक डंपर और ट्रक की टक्कर के कारण पहले से ही यातायात बाधित था। इस वजह से दोनों ओर के रूट को डायवर्ट कर एक मार्ग को 'वन-वे' बनाया गया था, जहाँ से दोनों दिशाओं के वाहनों को निकाला जा रहा था। इसी दौरान, अलीगढ़ से महोबा जा रहा यह डीसीएम तेज रफ्तार होने के कारण 208.5 किलोमीटर पर बालू भरे एक ट्रक से टकरा गया। टक्कर के बाद डीसीएम अनियंत्रित हो गया और आगे जा रहे एक अन्य वाहन को टक्कर मारकर ग्राम छिरिया सलेमपुर के समीप पलट गया। हादसा होते ही डीसीएम में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई, कई लोग वाहन के भीतर फंस गए जबकि कुछ को गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलते ही जालौन पुलिस और राहत दल तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और पुलिस कर्मियों ने घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जालौन पहुँचाया। इस लगातार दूसरे हादसे के बाद बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित हो गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।1