उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में बीते शुक्रवार, 26 जून को मुंशी प्रेमचंद पार्क, बढ़ैयावीर में सुल्तानपुर खेल एवं शिक्षा परिषद द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय, राज्य, अंतरराष्ट्रीय और साउथ एशियन गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के सम्मान में रखा गया था। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी और अखिल भारतीय संत समाज कल्याण कमेटी (आरपीएम) के संरक्षक राम प्रकाश मिश्रा 'दधीचि' अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया, साथ ही यह भी कहा कि खेलों के माध्यम से जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाले इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ उनकी टीम हमेशा खड़ी रहेगी। मिश्रा ने भविष्य में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं या किसी भी अन्य आवश्यकता के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। सुल्तानपुर खेल एवं शिक्षा परिषद के महासचिव एवं ट्रेनिंग कोच शुभम धुरिया ने बताया कि परिषद के खिलाड़ियों ने लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का गौरव बढ़ाया है। परिषद के कई खिलाड़ियों ने साउथ एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक हासिल किए हैं, जबकि बॉक्सिंग समेत विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। हाल ही में मथुरा में आयोजित राज्य स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में परिषद के छह खिलाड़ियों ने पदक जीतकर सुल्तानपुर का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य, बेहतर प्रशिक्षण, शिक्षा और खेलों के समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। परिषद के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, महासचिव शुभम धुरिया और कोषाध्यक्ष रेखा देवी ने जोर दिया कि परिषद खेल और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही है और समाज के सहयोगी एवं प्रतिष्ठित लोगों को जोड़कर खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही है। उत्तर प्रदेश खेल एवं शिक्षा परिषद के महासचिव पंकज पांडे के निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग का भी इस अवसर पर विशेष उल्लेख किया गया। आयुष भैया ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए समाज के हर वर्ग से सहयोग की अपील की और उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि जिले की उभरती खेल प्रतिभाओं को नई ऊर्जा, प्रेरणा और बेहतर अवसर प्रदान करना भी था। सम्मान प्राप्त करने के बाद, खिलाड़ियों ने भविष्य में भी सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश और देश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने का संकल्प लिया।
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में बीते शुक्रवार, 26 जून को मुंशी प्रेमचंद पार्क, बढ़ैयावीर में सुल्तानपुर खेल एवं शिक्षा परिषद द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय, राज्य, अंतरराष्ट्रीय और साउथ एशियन गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के सम्मान में रखा गया था। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी और अखिल भारतीय संत समाज कल्याण कमेटी (आरपीएम) के संरक्षक राम प्रकाश मिश्रा 'दधीचि' अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया, साथ ही यह भी कहा कि खेलों के माध्यम से जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाले इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ उनकी टीम हमेशा खड़ी रहेगी। मिश्रा ने भविष्य में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं या किसी भी अन्य आवश्यकता के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। सुल्तानपुर खेल एवं शिक्षा परिषद के महासचिव एवं ट्रेनिंग कोच शुभम धुरिया ने बताया कि परिषद के खिलाड़ियों ने लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का गौरव बढ़ाया है। परिषद के कई खिलाड़ियों ने साउथ एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक हासिल किए हैं, जबकि बॉक्सिंग समेत विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त
की है। हाल ही में मथुरा में आयोजित राज्य स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में परिषद के छह खिलाड़ियों ने पदक जीतकर सुल्तानपुर का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य, बेहतर प्रशिक्षण, शिक्षा और खेलों के समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। परिषद के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, महासचिव शुभम धुरिया और कोषाध्यक्ष रेखा देवी ने जोर दिया कि परिषद खेल और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही है और समाज के सहयोगी एवं प्रतिष्ठित लोगों को जोड़कर खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही है। उत्तर प्रदेश खेल एवं शिक्षा परिषद के महासचिव पंकज पांडे के निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग का भी इस अवसर पर विशेष उल्लेख किया गया। आयुष भैया ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए समाज के हर वर्ग से सहयोग की अपील की और उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि जिले की उभरती खेल प्रतिभाओं को नई ऊर्जा, प्रेरणा और बेहतर अवसर प्रदान करना भी था। सम्मान प्राप्त करने के बाद, खिलाड़ियों ने भविष्य में भी सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश और देश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने का संकल्प लिया।
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- उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में बीते शुक्रवार, 26 जून को मुंशी प्रेमचंद पार्क, बढ़ैयावीर में सुल्तानपुर खेल एवं शिक्षा परिषद द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय, राज्य, अंतरराष्ट्रीय और साउथ एशियन गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के सम्मान में रखा गया था। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी और अखिल भारतीय संत समाज कल्याण कमेटी (आरपीएम) के संरक्षक राम प्रकाश मिश्रा 'दधीचि' अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया, साथ ही यह भी कहा कि खेलों के माध्यम से जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाले इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ उनकी टीम हमेशा खड़ी रहेगी। मिश्रा ने भविष्य में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं या किसी भी अन्य आवश्यकता के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। सुल्तानपुर खेल एवं शिक्षा परिषद के महासचिव एवं ट्रेनिंग कोच शुभम धुरिया ने बताया कि परिषद के खिलाड़ियों ने लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का गौरव बढ़ाया है। परिषद के कई खिलाड़ियों ने साउथ एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक हासिल किए हैं, जबकि बॉक्सिंग समेत विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। हाल ही में मथुरा में आयोजित राज्य स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में परिषद के छह खिलाड़ियों ने पदक जीतकर सुल्तानपुर का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य, बेहतर प्रशिक्षण, शिक्षा और खेलों के समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। परिषद के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, महासचिव शुभम धुरिया और कोषाध्यक्ष रेखा देवी ने जोर दिया कि परिषद खेल और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही है और समाज के सहयोगी एवं प्रतिष्ठित लोगों को जोड़कर खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही है। उत्तर प्रदेश खेल एवं शिक्षा परिषद के महासचिव पंकज पांडे के निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग का भी इस अवसर पर विशेष उल्लेख किया गया। आयुष भैया ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए समाज के हर वर्ग से सहयोग की अपील की और उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि जिले की उभरती खेल प्रतिभाओं को नई ऊर्जा, प्रेरणा और बेहतर अवसर प्रदान करना भी था। सम्मान प्राप्त करने के बाद, खिलाड़ियों ने भविष्य में भी सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश और देश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने का संकल्प लिया।2
- सुल्तानपुर जिले के लंभुआ कोतवाली थाना क्षेत्र के घाटमपुर उत्तरी गांव में सुबह लगभग पौने बारह बजे बिजली के खंभे पर पोस्टर लगाने को लेकर दो विजातीय पक्षों के बीच विवाद हो गया। इस घटना की सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा और त्वरित कार्रवाई करते हुए शांति व्यवस्था स्थापित की। पुलिस ने दोनों पक्षों से कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है और उनके विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। मौके पर फिलहाल शांति व्यवस्था बनी हुई है। क्षेत्राधिकारी लंभुआ ऋतिक कपूर ने सुल्तानपुर जिले के लंभुआ कोतवाली के अंतर्गत घाटमपुर उत्तरी में घटी इस घटना की पुष्टि की है।1
- समाजवादी पार्टी के नेता और शिक्षक श्यामलाल निषाद ने भाजपा पर तीखा तंज कसते हुए कहा है कि "यह घंटा कहां बंधा है इसका पता बीजेपी वालों को नहीं चलना चाहिए"।1
- अमेठी नगर क्षेत्र के सरायराजशाह ग्राम पंचायत स्थित बाईपास मार्ग पर शनिवार को जमीनी विवाद के चलते तनाव उत्पन्न हो गया, जब प्रशासन ने एक निर्माणाधीन मकान के गेट पर ताला लगवा दिया। शाम होते-होते दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच हंगामा शुरू हो गया, जिसके बाद मौके पर पहुंची अमेठी कोतवाली पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर शांति बहाल की। इस मामले में फौजी रामदेव मौर्य ने आरोप लगाया कि उन्होंने संबंधित भूमि का विधिवत बैनामा कराया है और उसी पर मकान का निर्माण करा रहे थे, जिसमें गेट भी लगाया जा चुका था। उनका दावा है कि प्रशासन ने बिना किसी नोटिस के अचानक भवन पर ताला लगवा दिया, जिससे उन्हें नुकसान हुआ। दूसरी ओर, राकेश वर्मा ने प्रशासन से शिकायत करते हुए उक्त भूमि को अपनी बताया था और निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की थी। राकेश वर्मा की शिकायत के बाद नायब तहसीलदार राजस्व और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच करते हुए निर्माणाधीन मकान के गेट पर ताला लगा दिया। प्रशासनिक कार्रवाई के उपरांत दोनों पक्षों के समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई, जिसके फलस्वरूप शनिवार शाम को काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और फिर हंगामा भड़क उठा। सूचना मिलने पर अमेठी कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेजा। प्रभारी निरीक्षक श्रीराम पांडेय ने बताया कि निर्माणाधीन मकान में ताला मजिस्ट्रेट के आदेश पर लगाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि विवाद की जांच राजस्व विभाग द्वारा की जा रही है और किसी भी व्यक्ति द्वारा शांति भंग करने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।4
- अमेठी के गोपालपुर, मौजा महमूदपुर निवासी बसंत लाल ने थाना दिवस में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि विकास, सुनील और राम प्यारे ने उनकी चक आउट संख्या 1483 की भूमि पर जबरन कब्जा कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। बसंत लाल का आरोप है कि शनिवार को थाना दिवस में भी उन्होंने इसी मामले को लेकर प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उनके भाई छेदीलाल और भतीजे हरिकेश को एकतरफा कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया और सुबह से थाने में बिठाए रखा। पीड़ित बसंत लाल का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है, पर उनकी शिकायतों पर प्रशासन और पुलिस की ओर से अब तक कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई है।1
- लखनऊ में पुलिस टीम के साथ हुई एक मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी और कुख्यात अपराधी संजय उर्फ संजीव मारा गया। अम्बेडकरनगर निवासी इस अपराधी को मुठभेड़ के दौरान गोली लगी, जिसके बाद उसे प्राथमिक उपचार हेतु डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना दिनांक 27.06.2026 को जनपद लखनऊ के इंदिरा कैनाल रोड पर अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में हुई। संजय उर्फ संजीव, पुत्र हरीराम, ग्राम चक कोदार, थाना अहिरौली, जनपद अम्बेडकरनगर का रहने वाला था। वह दिनांक 27-05-2026 को थानाक्षेत्र पीजीआई में चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था। इसके द्वारा अम्बेडकर, बस्ती और अयोध्या जनपद में भी कई सनसनीखेज हत्या की वारदातों को अंजाम दिया जा चुका था। वह अम्बेडकरनगर के कुख्यात बदमाश दिलीप वर्मा और खान मुबारक गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर कई जघन्य हत्या के अपराधों में शामिल था। पुलिस आयुक्त, लखनऊ द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर ₹1,00,000 का इनाम घोषित किया गया था। इस प्रकार लखनऊ और अम्बेडकरनगर का यह एक लाख का इनामी कुख्यात अपराधी अंततः मारा गया।1